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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Ezekiel 42
Ezekiel 42
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1
फिर वह मुझे भीतरी आंगन में, उत्तर की ओर ले गया। मन्दिर के आसपास के आंगन और पश्चिमी भवन के सामने, उत्तर की ओर कमरे बने हुए थे। वह मुझे इन कमरों में ले गया।
2
कमरों के क्षेत्र की लम्बाई पचास मीटर थी, और चौड़ाई पच्चीस मीटर।
3
मन्दिर के आसपास दस मीटर चौड़े आंगन के सामने तथा बाहरी आंगन के फर्श के सामने तीन मंजिलों के छज्जे थे।
4
उन कमरों के सामने एक मार्ग था, जो भीतर की ओर गया था। वह पांच मीटर चौड़ा और पचास मीटर लम्बा था। कमरों के द्वार उत्तर की ओर थे।
5
ऊपर के कमरे छोटे थे। छज्जों के कारण ऊपर के कमरे, बीच वाले और निचले कमरों से क्रमश: कम चौड़े होते गए थे।
6
कमरे तीनों मंजिलों पर थे, लेकिन बाहरी आंगन के भवनों के समान उनके खम्भे नहीं थे। इसलिए ऊपर के कमरे निचली और मध्यवर्ती मंजिलों के कमरों से छोटे थे, और पीछे हटकर बने थे।
7
बाहर की ओर एक दीवार थी, जो निचले कमरों के समानान्तर बनी थी। उसकी लम्बाई पच्चीस मीटर तक थी। यह दीवार उन निचले कमरों के सामने बाहरी आंगन की ओर थी।
8
बाहरी आंगन के सामने शेष कमरे पच्चीस मीटर लम्बे थे, जबकि मन्दिर के सामने कमरों की लम्बाई पचास मीटर ही थी।
9
इन कमरों के नीचे, पूर्व की ओर एक प्रवेश-मार्ग था, जहां से लोग बाहरी आंगन से इनमें चढ़ सकते थे।
10
यहीं, बाहरी आंगन से, दीवार शुरू होती थी। मन्दिर के आसपास के आंगन और पश्चिमी भवन के सामने, दक्षिण की ओर भी कमरे थे।
11
उनके सामने भी एक मार्ग था। वे उत्तर के कमरों की तरह थे। उनके बराबर ही उनकी लम्बाई-चौड़ाई थी। उनमें भी वैसे ही निकास-मार्ग था। उनके द्वार भी वैसे थे। उनका प्रबन्ध भी उत्तर के कमरों के समान था।
12
दक्षिणी कमरों के नीचे, पूर्व की ओर भी प्रवेश-मार्ग था, जहां से लोग कमरों के सामनेवाले मार्ग पर चढ़ते थे। सामने एक विभाजक-दीवार थी।
13
उसने मुझे बताया, ‘आंगन के सामने के ये उत्तरी और दक्षिणी कमरे पवित्र कक्ष हैं। प्रभु की सेवा में संलग्न पुरोहित परम पवित्र वस्तुएं इन्हीं कक्षों में खाया करेंगे। यह स्थान पवित्र है, इसलिए वे बलि में चढ़ाई गई ये वस्तुएं यहां रखेंगे: अन्न-बलि, पाप-बलि और दोष-बलि में चढ़ाई गई वस्तुएं।
14
‘पवित्र स्थान से निकलकर पुरोहित सीधे बाहर आंगन में नहीं जाएंगे। पहले वे यहां अपने उन वस्त्रों को उतारेंगे, जिन्हें पहिन कर उन्होंने पुरोहित का सेवा-कार्य किया था। पुरोहित के ये वस्त्र पवित्र हैं। जन-साधारण के लिए नियुक्त स्थान में जाने के पूर्व पुरोहित अपने पवित्र वस्त्र उतार कर दुसरे वस्त्र पहिन लेंगे।’
15
मन्दिर के भीतरी क्षेत्र को नापने के पश्चात् वह मुझे पूर्वी फाटक से बाहर ले गया। वह वहां चारों ओर मन्दिर का बाहरी क्षेत्र नापने लगा।
16
उसने नापनेवाले बांस से पूर्वी सीमा को नापा। उस बांस के अनुसार उसकी लम्बाई अढ़ाई सौ मीटर निकली।
17
फिर वह मुड़ा। उसने उत्तरी सीमा को नापा। नापने के बांस के अनुसार वह भी अढ़ाई सौ मीटर निकली।
18
वह फिर मुड़ा। उसने दक्षिणी सीमा को नापा। नापने के बांस के अनुसार वह भी अढ़ाई सौ मीटर निकली।
19
वह फिर मुड़ा। उसने पश्चिम की सीमा को नापा। वह भी नापने के बांस के अनुसार अढ़ाई सौ मीटर निकली।
20
इस प्रकार उसने चारों ओर की सीमाएं नापीं। उसके चारों ओर एक वर्गाकार दीवार थी। यह दीवार पवित्र स्थान को जन-साधारण के क्षेत्र से अलग करती थी। उसकी लम्बाई अढ़ाई सौ मीटर और चौड़ाई अढ़ाई सौ मीटर थी।
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