bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Ezekiel 23
Ezekiel 23
Chhattisgarhi
← Chapter 22
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 24 →
1
यहोवा के बचन ह मोर मेर आईस:
2
“हे मनखे के बेटा, दू झन माईलोगन रिहिन, जेमन एकेच दाई के बेटी रिहिन।
3
ओमन मिसर देस म बेस्या बन गीन अऊ अपन जवानी के समय ले बेस्या के काम करत रिहिन। ओ देस म ओमन के छाती मिंजे गीस अऊ ओमन के कुंवारी छातीमन ले मया करे गीस।
4
बड़े बहिनी के नांव ओहोला अऊ छोटे बहिनी के नांव ओहोलीबा रिहिस। ओमन मोर रिहिन अऊ ओमन बेटा-बेटीमन ला जनम दीन। ओहोला ह सामरिया अय, अऊ ओहोलीबा ह यरूसलेम अय।
5
“ओहोला ह मोर रिहिस, तभे बेस्या के काम करे लगिस; अऊ ओह अपन मया करइया अस्सूरीमन ऊपर मोहित रिहिस—जेमन सैनिक रिहिन,
6
जेमन नीला कपड़ा पहिरे रहंय, राजपाल अऊ सेनापतिमन, ये जम्मो के जम्मो सुघर जवान, अऊ घुड़सवार रिहिन।
7
ओह अपनआप ला बेस्या के रूप म सबले बने अस्सूरीमन ला दे दीस अऊ ओ हर एक मूरतीमन ले अपनआप ला असुध करिस, जेकर पाछू ओह मोहित रहय।
8
जऊन बेस्या के काम ओह मिसर देस म सुरू करे रिहिस, ओला ओह नइं छोंड़िस, जब ओकर जवानी के समय म आदमीमन ओकर संग सुतंय, ओकर कुंवारी छाती ला दुलारंय अऊ अपन काम-वासना ओकर ऊपर लुटावंय।
9
“एकरसेति मेंह ओला ओकर मयारू, अस्सूरीमन के हांथ म सऊंप देंव, जेमन ऊपर ओह मोहा गे रिहिस।
10
ओमन ओला नंगरी कर दीन, ओकर बेटा-बेटीमन ला ले लीन अऊ ओला तलवार ले मार डालिन। ओह माईलोगनमन के बीच एक कहावत बन गीस अऊ ओला दंड दिये गीस।
11
“ओकर बहिनी ओहोलीबा ह येला देखिस, तभो ले ओह काम-वासना अऊ बेस्या के काम म अपन बहिनी ले घलो जादा गिर गे रिहिस।
12
ओह घलो अस्सूरीमन के पाछू मोहा गे रिहिस—जेमा राजपाल अऊ सेनापति, पूरा पोसाक पहिरे योद्धा, घुड़सवार अऊ जम्मो सुघर जवान आदमीमन रिहिन।
13
मेंह देखेंव कि ओह घलो अपनआप ला असुध कर ले रिहिस; ओ दूनों बहिनी के चालचलन एक सहीं रिहिस।
14
“पर ओहोलीबा जादा बेभिचार करत गीस। ओह दीवारमन म आदमीमन के चित्र बने हुए देखिस, कसदीमन के चित्र लाल रंग म बने रहय,
15
चित्र म मनखेमन के कनिहां म पट्टा बंधे रहय अऊ ओमन के मुड़ म लहरावत पगड़ी रहय; ओ जम्मो के जम्मो कसदीया के रहइया बेबिलोनी रथ के अधिकारीमन सहीं दिखत रहंय।
16
ओह ओमन ला देखत ही ओमन के पाछू लालायित हो गीस अऊ कसदीया म ओमन करा संदेसियामन ला पठोईस।
17
तब बेबिलोनीमन मया म ओकर संग सुते बर आईन, अऊ अपन काम-वासना म ओला असुध करिन। ओमन के दुवारा असुध होय के बाद, ओह घिन म ओमन ले अलग हो गीस।
18
जब ओह खुलेआम बेस्या के काम करे लगिस अऊ अपन नंगरी देहें ला देखाय लगिस, त मेंह घिन करके ओकर ले दूरिहा हो गेंव, जइसे कि मेंह ओकर बहिनी ले दूरिहा हो गे रहेंव।
19
तभो ले ओह अऊ जादा दुराचारी होवत गीस, अपन जवानी के दिनमन ला सुरता करत, जब ओह मिसर देस म एक बेस्या रिहिस।
20
उहां ओह अपन ओ यारमन के पाछू काम-वासना बर लगे रहय, जेमन के जननांग गदहामन के जननांग सहीं अऊ ओमन के बीर्य घोड़ामन कस रहय।
21
ये किसम ले, तें अपन जवानी के कामुकता के लालसा करत रहय, जब मिसर म तोर छाती ला दुलारे जावय अऊ तोर जवान थन ले लाड़ करे जावय।
22
“एकरसेति हे ओहोलीबा, परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: मेंह तोर मयारूमन ला तोर बिरूध भड़काहूं, जेमन ले तें घिन करत दूरिहा हो गे रहय, अऊ में चारों कोति ले ओमन ला तोर बिरूध लानहूं—
23
बेबिलोनीमन अऊ जम्मो कसदीमन, पकोद, सोआ अऊ कोआ के आदमीमन, अऊ ओमन के संग जम्मो अस्सूरी सुघर जवान, ओमा जम्मो के जम्मो राजपाल अऊ सेनापति, रथ के अधिकारी अऊ बड़े अधिकारी, जम्मो के जम्मो घोड़ा म सवार हवंय।
24
ओमन तोर बिरूध हथियार, रथ अऊ चार पहिया गाड़ी लेके मनखेमन के भीड़ के संग आहीं; ओमन चारों कोति ले छोटे अऊ बड़े ढाल के संग मुड़ म टोपा पहिरके तोर बिरूध मोरचा बांधहीं। मेंह तोला सजा देय बर ओमन के हांथ म सऊंप दूहूं, अऊ ओमन अपन हिसाब से तोला सजा दीहीं।
25
मेंह तोर ऊपर अपन जलन ले भरे कोरोध देखाहूं, ओमन कोरोध म आके तोर ले बरताव करहीं। ओमन तोर नाक अऊ कान ला काट डारहीं, अऊ तुमन म जेमन बांच जाहीं, ओमन तलवार ले मारे जाहीं। ओमन तोर बेटा अऊ बेटीमन ला ले जाहीं, अऊ तोर म जेमन बांच जाहीं, ओमन आगी ले जलके नास हो जाहीं।
26
ओमन तोर ओनहा ला घलो उतार लीहीं अऊ तोर सुघर जेवर ला छीनके ले जाहीं।
27
ये किसम ले मेंह ओ काम-वासना अऊ बेस्या के काम ला बंद कर दूहूं, जेला तेंह मिसर देस म सुरू करे रहय। तेंह ये चीजमन के ईछा नइं करबे या मिसर देस ला फेर सुरता नइं करबे।
28
“काबरकि परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: मेंह तोला ओमन के हांथ म सऊंपनेच वाला हंव, जेमन ले तेंह घिन करथस अऊ घिन करे के कारन जेमन ले दूरिहा हो गे रहय।
29
ओमन तोर संग घिनौना बरताव करहीं अऊ तोर कमाय जम्मो चीज ला ले लीहीं। ओमन तोला एकदम नंगरी करके छोंड़ दीहीं, अऊ तोर बेस्या के काम के पाप ह परगट हो जाही। तोर नंगरीपन अऊ दुराचार के कारन
30
ये सब तोर संग होय हवय, काबरकि तेंह जाति-जाति के मनखेमन के पाछू काम-वासना बर भागे अऊ ओमन के मूरतीमन ले तेंह अपनआप ला असुध करे।
31
तेंह अपन बहिनी के चाल म चले हस; एकरसेति मेंह ओकर कटोरा ला तोर हांथ म दूहूं।
32
“परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: “तेंह अपन बहिनी के कटोरा ले पीबे, जऊन ह बड़े अऊ गहिला हवय; येह तोर ऊपर हंसी अऊ ठट्ठा के बात लानही काबरकि ये कटोरा म बहुंत कुछू धरे जाथे।
33
तेंह मतवारपन अऊ दुख ले भर जाबे, येह बिनास अऊ सुनापन के कटोरा ए, येह तोर बहिनी सामरिया के कटोरा ए।
34
तेंह येमा ले पीबे अऊ येला खाली कर देबे अऊ येकर टुकड़ामन ला चाबबे— अऊ अपन छाती ला घायल करबे। मेंह ये कहे हवंव, परमपरधान यहोवा ह घोसना करत हे।
35
“एकरसेति परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: जब तेंह मोला भुला गे हस अऊ मोर ले अपन मुहूं ला मोड़ ले हस, त जरूरी अय कि तेंह अपन काम-वासना अऊ बेस्या के काम के परतिफल ला भुगतबे।”
36
यहोवा ह मोर ले कहिस: “हे मनखे के बेटा, का तें ओहोला अऊ ओहोलीबा के नियाय करबे? त फेर ओमन के घिनौना काम ओमन ला बता दे,
37
काबरकि ओमन बेभिचार करे हवंय, अऊ ओमन के हांथ म खून लगे हवय। ओमन अपन मूरतीमन के संग म बेभिचार करिन; अऊ त अऊ ओमन अपन लइकामन ला जेवन के रूप म मूरतीमन बर बलिदान करिन, जेमन ला ओमन मोर बर जनमाय रिहिन।
38
ओमन मोर संग अइसने घलो करे हवंय: ओही समय म ओमन मोर पबितर-स्थान ला असुध करिन अऊ मोर बिसराम दिनमन ला अपबितर करे हवंय।
39
जऊन दिन ओमन अपन लइकामन ला अपन मूरतीमन के आघू म बलिदान करिन, ओहीच दिन ओमन मोर पबितर-स्थान म घुसरके ओला अपबितर करिन। ओमन ये किसम के काम मोर भवन म करिन।
40
“अऊ त अऊ ओमन आदमीमन ला बलाय बर दूतमन ला पठोईन, अऊ जब ओमन आ गीन, त तें नहा-धोके अपनआप ला ओमन बर साफ करय, आंखीमन म काजर आंजय अऊ जेवर पहिरय।
41
तें एक सुघर सोफा म बईठेय; जेकर आघू म एक मेज रखे रहय अऊ ओ मेज म तेंह धूप अऊ जैतून तेल ला धरे रहय, जऊन ह मोर रिहिस।
42
“ओकर चारों कोति बेफिकर मनखेमन के भीड़ के कोलाहल होवत रिहिस; मतवारमन के संग निरजन जगह के कोलाहल करइया भीड़ ले आदमीमन ला लाने गे रिहिस, अऊ ओमन ओ माईलोगन अऊ ओकर बहिनी के कलई म कंगन अऊ ओमन के मुड़ म सुघर मुकुट पहिराईन।
43
तब मेंह ओकर बारे म कहेंव, जऊन ह बेभिचार करत-करत बेहाल हो गे रिहिस, ‘ओमन ओ माईलोगन के उपयोग एक बेस्या के रूप म करंय, काबरकि ओह एक बेस्या ही तो अय।’
44
अऊ ओमन ओकर संग सुतिन। जइसने आदमीमन एक बेस्या के संग सुतथें, वइसने ओमन ओ बेभिचारी माईलोगन ओहोला अऊ ओहोलीबा के संग सुतिन।
45
पर धरमी नियायधीसमन ओमन ला ओ माईलोगनमन के दंड दीहीं, जेमन बेभिचार करथें अऊ खून बहाथें, काबरकि ओमन बेभिचारिन अंय अऊ ओमन के हांथ म खून लगे हवय।”
46
“परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: ओमन के बिरूध मनखेमन के एक भीड़ ला ले आवव अऊ ओमन ला आतंकित होय अऊ लूटे जाय बर भीड़ के हांथ म सऊंप दव।
47
ओ भीड़ के मनखेमन ओमन ऊपर पथरवाह करहीं अऊ ओमन ला अपन तलवार ले काट डारहीं; मनखेमन ओमन के बेटा-बेटीमन ला मार डारहीं अऊ ओमन के घरमन ला जला दीहीं।
48
“ये किसम ले मेंह बेभिचार के काम ला देस ले खतम कर दूहूं, ताकि जम्मो माईलोगनमन बर एक चेतउनी होवय अऊ ओमन तोर सहीं काम झन करंय।
49
तुमन ला तुम्हर बेभिचार के सजा मिलही अऊ तुमन ला मूरती-पूजा के पाप के परतिफल भुगतना पड़ही। तब तुमन जानहू कि मेंह परमपरधान यहोवा अंव।”
← Chapter 22
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 24 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48