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1
परमेसर का पूत ईसू मसी का हव हमच्यार की सरुआत।
2
जस्यान यसाया परमेसर का आड़ीऊँ बोलबावाळे लिक्यो हे, “देक, मूँ आपणाँ दूत ने थाँरा आगे खन्दाऊँ, ज्यो थाँरा वाते गेलो हुदो करी
3
हुन्ना काँकड़ में एक बोलबावाळा को हाको हुणारियो हो के, ‘परबू को गेलो त्यार करो अन वींकी हड़क हुदी करो।’”
4
यहुन्नो हुन्ना काँकड़ में बतिस्मा देतो अन परच्यार करतो तको आयो अन केतो हो के, “पापऊँ मन फेरो अन बतिस्मो लो, जणीऊँ परमेसर थाँका पाप माप करी।”
5
यहूदी परदेस अन यरूसलेम नगर का नरई मनक वींका नके उपदेस हुणबा वाते ग्या। जणा आपणाँ पाप ने मान लिदा वाँने वणी यरदन नंदी में बतिस्मो दिदो।
6
यहुन्नो ऊँट की ऊन का बण्या तका गाबा पेरतो अन कमर पे खालड़ा को पट्टो बंद्यो राकतो हो। वो हुन्ना काँकड़ में टिड़्या अन माक्याँ को हेंत खातो हो।
7
वो ईं बात को परच्यार करतो के, “मारा पाच्छे एक मनक आबावाळो हे, ज्यो माराऊँ भी घणो मोटो हे, मूँ वींके अतरो भी लायक कोयने के, वींकी पगरख्याँ खोल सकूँ।
8
मूँ थाँने पाणीऊँ बतिस्मो देऊँ, पण वो थाँने पुवितर आत्माऊँ बतिस्मो देई।”
9
वाँ दनाँ अस्यी बात वी के, ईसू गलील का नासरत नगरऊँ आया अन वणा यरदन नंदी में यहुन्ना नकूँ बतिस्मो लिदो।
10
जस्यानी पाणीऊँ बारणे निकळ्या तो, वणा देक्यो के, आकास खुल्यो तको अन परमेसर की आत्मा परेवड़ा की जस्यान वींका ऊपरे उतरी।
11
पछे हरगऊँ अवाज अई के, “थूँ मारो लाड़लो बेटो हे अन मूँ थाँराऊँ घणो राजी हूँ।”
12
पछे तरत परमेसर की आत्मा वींने हुन्ना काँकड़ में खन्दा दिदो,
13
जटे चाळी दनाँ तईं सेतान वींकी जाँच-परक करतो रियो। वटे वीं हुन्ना काँकड़ का जनावराँ का लारे हा अन हरग-दुत वाँकी सेवा-चाकरी करता हाँ।
14
ईंका केड़े जद्याँ यहुन्ना ने जेळ में बन्द कर नाक्यो हो, पछे ईसू गलील में आया अन वटे परमेसर का हव हमच्यार को परच्यार करबा लागा।
15
वाँकाणी क्यो, “अबे टेम पुरी वेगी हे अन परमेसर को राज आरियो हे। थाँ मन बदलो अन परमेसर का हव हमच्यार पे विस्वास करो।”
16
जद्याँ ईसू गलील समन्द के नके वेन निकळरया हाँ, तो वाँ समोन अन वींका भई अन्दरियास ने समन्द में आपणी जाळ बिछाता तका देक्या, काँके वीं दुई माछळ्याँ पकड़बावाळा हाँ।
17
तो ईसू वाँने क्यो, “थाँ मारी लारे आवो, मूँ थाँने परमेसर का राज में मनकाँ ने लाबावाळा बणा देऊँ।”
18
तो पगईं वीं दुई जणा आपणो जाळ छोड़न ईसू का लारे वेग्या।
19
पछे थोड़ाक आगे जान ईसू जब्दी का छोरा याकूब ने अन वींका भई यहुन्ना ने देक्यो। वीं दुई आपणी नाव में जाळाँ ने हळजारिया हा।
20
वाँकाणी तरत वाँने बलाया, तो वीं दुई आपणाँ बापू जब्दी ने दानक्याँ का हाते नाव मेंईस छोड़न ईसू का लारे ग्या।
21
अन वे हंगळा कफरनूम नगर में ग्या, पछे आगले आराम के दन ईसू यहूदियाँ का परातना घर में पूग्या अन मनकाँ ने उपदेस हुणाबा लागा।
22
वाँका उपदेस हुणन लोग-बाग घणा अचम्बा में पड़ग्या, काँके वे मूसा का नेमा ने हिकाबावाळा के जस्यान ने, पण हकऊँ उपदेस देरिया हा।
23
वटे वीं यहूदी परातना घर में एक अस्यो मनक भी हो, जिंमें हुगली आत्मा धस्यी तकी ही, तो वो जोरऊँ हाको करन बोल्यो,
24
“हे, नासरत का ईसू, थूँ मारा नकूँ कई छावे हे? कई, थूँ मारो नास करबा ने आयो हे? मूँ थाँने जाणूँ हूँ के, थूँ कूण हे, थूँ परमेसर को पुवितर मनक हे।”
25
तो ईसू वींने तापड़न क्यो, “छानी रे अन ईंमूँ बारणे निकळजा।”
26
पछे वा हुगली आत्मा वीं मनक ने धधूणियो अन जोरको हाको करन बारणे निकळगी।
27
हारई जणा अचम्बा में पड़ग्या अन अतरो अचम्बो व्यो के, वे एक-दूँजा ने पूँछबा लागा, “यो कई हे? यो कई नुवो उपदेस हे? वो हकऊँ हुगली आत्माने आदेस देवे अन वा आत्मा वींने भी माने हे।”
28
अणीऊँ गलील अन वींका अड़े-भड़े की हारी जगाँ में ईसू को नाम तरत फेलग्यो।
29
पछे ईसू अन वींका चेला परातना घरऊँ निकळन याकूब अन यहुन्ना की लारे समोन अन अन्दरियास का घरे ग्या।
30
समोन का हवजी हुता हा, काँके वाँने ताव आरियो हो। जद्याँ ईसू वटे आया तो वाँने वाँका बारा में बतायो ग्यो।
31
तो ईसू वाँका नके ग्या अन हात पकड़न वाँने बेटा किदा, तो तरत वाँको ताव उतरग्यो अन वीं वाँकी सेवा-चाकरी करबा लागग्या।
32
दन आत्याँ केड़े, जद्याँ हाँज पड़गी, तो वटा का मनक हंगळा हुगली आत्माऊँ दकी अन मान्दा मनकाँ ने वाँका नके लाया।
33
गाम का हारई मनक वाँका घर का बारणे आग्या।
34
वाँ घणा जणा ने नरी मांदकीऊँ हव किदा अन नरई जणा मूँ हुगली आत्माने बारणे काड़ी। ईसू वणा आत्माने कई ने केबा दिदो, काँके वी वाँने जाणती ही।
35
भाग-फाट्याँईं जद्याँ अन्दारो हो, ईसू उटन घरऊँ हून्नी जगाँ में पराग्या, जटे वणा परातना किदी।
36
पण, समोन अन वींकी लारे का हण्डाळ्याँ वींने हमाळबा निकळ्या
37
अन वाँने हमाळन क्यो, “हंगळा जणा थाँने होदरिया हे।”
38
पण ईसू वाँने क्यो, “आपाँने अड़े-भड़े का गामाँ में भी जाणो छावे, अन वटे भी परच्यार करा, काँके मूँ ईं काम वातेईस आयो हूँ।”
39
तो अस्यान वीं गलील में हंगळी जगाँ यहूदियाँ का परातना घर में परच्यार करता अन मनकाँऊँ हुगली आत्माने बारणे निकाळता रिया।
40
पछे एक कोड़यो मनक ईसू नके आयो। वो वाँका हामे धोग देन क्यो, “यद्याँ थाँ छावो, तो मने हव कर सको हो।”
41
वींने वींका पे दया अई अन वणा आपणो हात लाम्बो करन वींके अड़ायो अन क्यो, “मूँ छावूँ के, थूँ हव वेजा।”
42
अन वींने तरत कोड़ऊँ छुटकारो मलग्यो अन वो पुरी तरियाऊँ हव वेग्यो।
43
ईसू वींने कड़ी चेतावणी देन क्यो, “देक, ईं बात का बारा में थूँ दूजाँ ने मत बताज्ये, पण याजक का नके जा अन आपणे आप ने बतान मूसा का नेमाऊँ आपणे सुद वेबा की भेंट चड़ाज्ये, ताँके दूजाँ ने भी थारे हव वेबा को सबूत मल सके।” पछे ईसू वींने पगईं खन्दा दिदो।
45
पण, वो बारणे जान चोड़े-धाड़े ईं बात को परच्यार करबा लागो। ईं वाते ईसू कदी नगर में चोड़े-धाड़े ने जा सक्या, पण वीं हून्नी जगाँ में रेरिया हा अन मनक हर कटूँई वाँका नके आता रिया।
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