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Mark 14
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1
फसे को अन बना हाज्या की रोट्याँ का तेवार के दो दन पेल्याँ की बात हे, मुक्य याजकाँ अन मूसा का नेमा ने हिकाबावाळा एक असी जाळ वसारिया हा। जींऊँ वे ईसू ने ईं जाळ में नाकन बंदी बणान मार सके।
2
पण वीं केता हा के, “ओ तेवार का दनाँ में ने करणो छावे। दूजाँ मनक लड़ई-जगड़ो कर देई।”
3
जदी बेतनियाँ में ईसू समोन ज्यो पेल्याँ कोड़ी हो, वींके घर में जीमणो जिमरिया हाँ, वीं टेम एक लुगई धोळा भाटा का ठामड़ा में हव वाना को खरो अन मेंगा मोल को अंतर लेन अई। वणी ठामड़ा ने फोड़्यो अन अंतर ईसू का माता पे ऊँदा दिदो।
4
ईं बात पे उटे बेटा तका थोड़ाक मनक एक-दूँजा ने केबा लागा, “अंतर को अस्यान काँ नकसाण किदो?
5
ओ अंतर तीन सो चान्दी का रिप्याऊँ भी हेला रिप्या में बेंच देती अन पछे वीं धन ने गरीबा में बाँट देती।” वाँ हारई वींकी घणी खोट्याँ खादी।
6
जदी ईसू क्यो, “वींने काँ तंग करिया हो? छोड़ दो। वे तो मारा वाते एक हव काम किदो हे।
7
गरीब मनक तो रोज थाँकी लारे रेवे। ईं वाते हर-कदी थें वाँकी मदत कर सको हो। पण, मूँ थाँकी लारे रोज ने रेऊँ।
8
अणी लुगई वो काम किदो हे, ज्यो वा कर सके। अणी टेमऊँ पेल्याँई मारा सरीर ने गाड़बा वाते हव वाना को अंतर नाकन ईंने त्यार कर दिदो हे।
9
मूँ थाँने हाँची बात केऊँ, ईं हारी दनियाँ में जटे भी हव हमच्यार को परच्यार किदो जाई, वटे अणी लुगई ज्यो काम किदो हे, वीं बारा में बात-बच्यार करता तका आद कररिया करी।”
10
जदी यहूदो इसकरियोती, ज्यो ईसू का बारई चेला में एक हो। ज्यो मुक्य याजकाँ नके ईसू ने धोकाऊँ पकड़ाबा का वाते ग्यो।
11
वींकी बात हुणन वीं घणा राजी व्या अन वाँकाणी वाँने घणा रिप्या देबा को बचन दिदो। ईं वाते पछे यहूदो ईसू ने धोकाऊँ पकड़ाबा को मोको होदबा लागो।
12
बना हाज्या की रोट्याँ का तेवारऊँ पेलो दन जदी गारा का उनन्या ने फसे खाबा की बली चड़ावे, वीं दन चेला ईसू ने पूँछ्यो, “थूँ कई छावे हे, आपाणी कटे जान खाबा के वाते फसे को जीमणो बणावा।”
13
तद्याँ ईसू आपणाँ दो चेला ने ओ केन खन्दाया हाँ, “नगर में जावो, वटे थाँने एक मनक पाणी की कळी लेन मेली, थाँ वींका पाच्छे जाज्यो।
14
पछे जटे भी वो घर मयने जावे, वीं घर का मालिक ने केज्यो, ‘गरुजी क्यो हे जीमणा वाते माँको ओवरो कटे हे, जटे मूँ आपणाँ चेला की लारे फसे का तेवार को जीमणो कर सकूँ।’
15
पछे वो थाँने मेड़ी ऊपरे एक मोटो सज्यो अन त्यार किदो तको ओवरो बताई, वटे आपणाँ वाते जीमणो त्यार करो।”
16
जदी वींका चेला नगर दिने चाल्या, वटे हारी बात वस्यानीस मली, जस्यान ईसू वाँने की ही। तद्याँ वाँकाणी फसे का तेवार को जीमणो त्यार किदो।
17
जद्याँ हाँज वीं, तो ईसू आपणाँ बाराई चेला के लारे वटे आग्या।
18
जदी वे हारई जणा बेटन जीमणो जिमरिया हा, तद्याँ ईसू क्यो, “मूँ हाँची केऊँ के, थाँकामूँ एक जणो, ज्यो मारा हाते जीमरियो हे। वो मने धोकाऊँ पकड़ा देई।”
19
ईं बात पे वीं दकी व्या अन एक का पछे एक ईसुऊँ पूँछबा लागा, “कई वो मूँ तो ने हूँ?”
20
ईसू वाँने क्यो, “वो थाँ बारा चेला मूँ एक हे, ज्यो मारी लारे प्याला में रोटी डबोकरियो हे।
21
मनक का पूत ने तो मरणोइस हे, जस्यान वाँका वाते लिक्यो हे, पण ज्यो मनक का पूत ने पकड़ाई, वींका वाँते घणी दुक बात वेई। वीं मनक के वाते आ बात घणी हव वेती, जदी वो जनमई ने लेतो।”
22
जदी वे जीमणो जिमरिया हा, ईसू रोटी हात में लिदी अन धन्नेवाद की परातना किदी। रोटी ने तोड़ी अन वाँ चेला ने देता तका क्यो, “लो, ओ मारो डील हे।”
23
पछे वणा प्यालो लिदो, परमेसर ने धन्नेवाद दिदो अन वो चेला ने दिदो अन वणा हारई पिदो।
24
जदी ईसू क्यो, “ओ मारो लुई हे, यो परमेसर का नवा करार की हेन्याणी हे, ज्यो घणा जणा के वाते वेवाड़्यो ग्यो हे।
25
थाँने हाँची केऊँ के, अबे मूँ वीं दन तईं अंगूरा को रस ने छाकूँ, जदी परमेसर का राज में नवा अंगूरा को रस ने पीऊँ।”
26
तद्याँ एक भजन गान वीं हाराई जेतुन का मंगरा पे पराग्या।
27
ईसू वाँने क्यो, “थें हारई मने छोड़न भाग जावो। काँके परमेसर का बचना में लिक्यो हे, ‘मूँ गारा की रुकाळी करबावाळा ने मार नाकूँ अन गारा बकर जाई।’
28
पण, जीवतो वेबा के केड़े मूँ थाँकाऊँ पेल्याँई गलील परो जाऊँ।”
29
जदी पतरस बोल्यो, “ईं हारई थने छोड़ देई। पण, मूँ थने कदी ने छोड़ूँ।”
30
ईं बात पे ईसू वींने क्यो, “मूँ थने हाँची केऊँ, आज राते कूकड़ा के दो दाण बोलबाऊँ पेल्याँ थूँ मने तीन दाण ओळकबाऊँ नट जाई।”
31
ईं बात पे पतरस ओरी कल्ड़ो बोल्यो, “यद्याँ मने थाँरा हाते मरणो भी पड़े, तो भी मूँ थने ने नटूँ।” अन दूजाँ हाराई चेला भी अस्यानीस क्यो।
32
पछे वे एक असी जगाँ पे आया, जिंने गतसमने को बाग केता हा। वटे ईसू आपणाँ चेलाऊँ क्यो, “जतरे मूँ परातना करूँ, थें अटेईस बेटो।”
33
पतरस, याकूब अन यहुन्ना ने भी वो आपणी लारे लेग्यो। वो घणो दकी अन परेसान वेरियो हो।
34
वे वाँने क्यो, “मारा मन में घणो दुक हे, जींऊँ मारो जीव निकळबा में हे। थें अटे रुको अन जागता रेवो।”
35
पछे थोड़ाक आगे जान वे धरती पे उन्दो पड़न परातना किदी के, यद्याँ वे सके तो यो दुक को टेम ने मारापूँ टळ जावे।
36
पछे वो बोल्यो, “बापू, ओ मारा बापू! थाँरा वाते हारोई काम होरो हे। ईं दुक का प्याला ने माराऊँ छेटी कर दे। पण ज्यो मूँ छाऊँ वो ने, पण ज्यो थूँ छावे वोईस कर।”
37
पछे वो पाछो आयो, तो आपणाँ चेला ने हुता देकन पतरसऊँ क्यो, “समोन, थूँ हूँरियो हे? कई थूँ एक घड़ी भी ने जाग सक्यो?
38
जागता रेवो अन परातना करो, जींऊँ थाँ कस्यी भी जाँच-परक में ने पड़ो। आत्मा तो त्यार हे, पण सरीर घणो दुबळो हे।”
39
अन ईसू पाछो परोग्यो अन वईस बात लेन परातना करबा लागो।
40
जदी वो दूजी दाण पाछो आयो, तो वे वाँने पाच्छा हूँता तका देक्या। वाँकी आक्याँ में नींद भरी ही। वाँने कई ने हुजरियो हो, वे कई जबाव देवे?
41
वो तीजी दाण पाछो आन वाँने क्यो, “कई, थें अबाणू भी हुता अन रियाम्बो लेरिया हो? बेस, वा घड़ी आ पूगी हे, जदी मनक को पूत(ईसू) धोकाऊँ पकड़ान पाप्याँ का हाताँ में हूँप्यो जाई।
42
ऊबा वे जावो, आवो चाला। देको, मने धोकाऊँ पकड़बावाळा आरिया हे।”
43
ईसू अस्यान बोलरियो हो के, वींका बारई चेला मूँ एक यहूदो वटे आयो। वींका लारे लाट्याँ-तलवाराँ लिदी तकी एक टोळी ही। जिंने मुक्य याजकाँ, मूसा का नेमा ने हिकाबावाळा अन दाना यहूदी नेता खन्दई ही।
44
धोकाऊँ पकड़बावाळे वाँने ओ इसारो किदो, “मूँ जिंके गळे मलूँ, वोईस ईसू हे। वींने बन्दी बणा लिज्यो अन पकड़न पूरा हेंचेतऊँ ले जाज्यो।”
45
जस्यानी यहूदो वटे आयो, वो ईसू का नके जान क्यो, “गरुजी” अन वाँके गळे मल्यो।
46
पछे वाँकाणी ईसू ने पकड़न बन्दी बणा दिदा।
47
तो ईसू को एक चेलो, ज्यो वाँका नके ऊबो हो, आपणी तरवार निकाळन मायाजक का एक नोकर पे चला दिदी, जींऊँ वींको कान्दड़ो कटग्यो।
48
पछे ईसू वाँने क्यो, “कई, मूँ अपरादी हूँ? ज्यो थाँ मने लाट्याँ-तलवाराँ लेन पकड़बा आया हो।
49
रोज मन्दर में उपदेस देतो तको मूँ थाँकी लारे हो, पण थाँ मने ने पकड़्यो। अबे अस्यान, ईं वाते व्यो के, परमेसर का सास्तर को बचन पूरो वे सके।”
50
पछे वींका हारई चेला वींने छोड़न भागग्या।
51
बना गाबा पेरियाँ अन चादरो ओड़या तको एक मोट्यार वाँका पाछे-पाछे आयो, तो मनक वींने पकड़बा लागा।
52
पण, वो आपणो चादरो छोड़न उगाड़ो-पुगाड़ो भागग्यो।
53
वे ईसू ने मायाजक का नके लेग्या। पछे हारई मुक्य याजकाँ, दाना यहूदी नेता अन मूसा का नेमा ने हिकाबावाळा अगेटा व्या।
54
पतरस वाँऊँ छेटी रेतो तको वाँका पाच्छे मायाजक की गवाड़ी का मयने पराग्यो अन वटे पेरादारा का हाते बेटन तापबा लागो।
55
हारई मुक्य याजकाँ अन यहूदियाँ की पुरी महासबा ईसू ने मोत की सजा देबा के वाते वाँका विरोद में सबूत होदरी ही, पण वे होद ने सक्या।
56
कतरई जणा वींका विरोद में गवई दिदी, पण वाँकी गवई जूटी ही अन एक हरीकी ने ही।
57
पछे कुई मनक ऊबा व्या अन वींका विरोद में जूटी गवई देता तका केबा लागा,
58
“माँकाणी ईंने ओ केतो हुण्यो के, ‘मनक का हाताऊँ बण्या मन्दर ने मूँ हल्डा देऊँ अन पछे तीन दन में दूज्यो मन्दर बणा देऊँ, ज्यो मनकाऊँ बण्यो तको ने वेई।’”
59
पण, ईंमें वाँकी गवायाँ एक जस्यी कोयने ही।
60
जदी वाँका हामे मायाजक ऊबो वेन ईसू ने पूँछ्यो, “ईं मनक, थाँरा विरोद में ईं गवायाँ देरिया हे, थूँ खुद ने बंचाबा का वाते काँ ने बोलरियो हे?”
61
ईं बात पे ईसू छाना-माना रिया। कई जबाव ने दिदो। मायाजक वाँने पाछो पूँछ्यो, “कई, थूँ मेमामय परमेसर को पूत मसी हे?”
62
ईसू बोल्यो, “मूँ हूँ, थें मनक का पूत ने, वीं सगतीवान का जीमणा पाल्ड़े बेटो अन हरगऊँ आता तका बादळा में देको।”
63
मायाजक आपणी रीसऊँ जब्बो फाड़न क्यो, “माने ओरी गवई की जरूत ने हे।
64
थाँ ईंने परमेसर की नन्दयाँ करतो तको हुण्यो हे। अबे थाँको कई बच्यार हे?” वे हारई वाँने अपरादी केता तका क्यो, “ईंने मोत की सजा मलणी छावे।”
65
जदी मनक वींपे थूँक्यो अन वींको मुण्डो ढाँकन मुक्की ठोकी अन केबा लागा, “आगेवाणी करन बोल थारे कूण ठोकी?” अन पछे पेरादारा वींने पकड़न रेपटाँ मारी।
66
पतरस अबाणू रेटे गवाड़ी में बेटो हो मायाजक की एक दासी अई।
67
जदी वे पतरस ने वटे तापतो तको देक्यो, तो ध्यानऊँ वींने ओळकन बोली, “थूँ तो नासरत का ईसू का लारे रेतो हो?”
68
पण, पतरस नटग्यो अन केबा लागो, “मूँ ने जाणूँ हूँ अन थूँ कई केरी हे मारी हमज में ने अईरो हे।” ओ केता तका वो डेळी तक परोग्यो अन पछे कूकड़ो बोल्यो।
69
वाँ दासी जदी वींने दूजी दाण देक्यो, तो वा उटे ऊबा तका मनकाँऊँ पाच्छी केबा लागी, “ओ मनक वाँ मनकाँ मूँ एक हे।”
70
पतरस पाछो नटग्यो। पछे थोड़ीक देर केड़े उटे ऊबा मनक पतरस ने क्यो, “हाँची में थूँईस हे, वाँ मनकाँ मूँ एक, काँके थूँ गलील को हे।”
71
जदी पतरस बोल्यो, “मूँ होगन खान हाँची केरियो। यद्याँ मूँ हाँची ने केरियो हूँ, तो परमेसर मने दण्ड दे। जिंके बारा में थाँकाणी बात कररिया हो, वीं मनक ने मूँ ने जाणूँ।”
72
जट दूजी दाण कूकड़ो बोल्यो अन पतरस ने वीं टेम पे ईसू का सबद आद आग्या, ज्यो वाँकाणी क्या हा, “कूकड़ा के दो दाण बोलबाऊँ पेल्याँ थूँ मने तीन दाण ओळकबाऊँ नट जाई।” तो पतरस मन में ओ होचन कल्ड़ो-कल्ड़ो रोबा लागो।
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