bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Mewari
/
mewari
/
Revelation 8
Revelation 8
mewari
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 9 →
1
वींके केड़े जद्याँ उन्ये हातवी मोर खोली, तो आदा घण्टा तईं हरग में सनाटो वेग्यो।
2
में परमेसर का हामे हात हरग दुताँ ने देक्या। वाँने हात रणभेरियाँ दिदी गी ही।
3
ईंके केड़े एक ओरी हरग-दुत होना को धुपदान लेन आयो अन वेदी का नके ऊबो वेग्यो। वींने धरमिया की परातना का हाते होना की वेदी पे जो गादी का हामे ही, वींपे चड़ाबा का वाते नरोई धुप दिदो।
4
अन हरग दुताँ का हाताऊँ धुप को धूवो वणा धरमी मनकाँ की परातना का हाते परमेसर का हामे ग्यो।
5
हरग-दुत धुपदानऊँ वेदी की वादी लेन धरती पे फेंक दिदी, तो वादळा में गाजबा लागो अन विजळी चाली अन भूकम आयो।
6
तो वीं हरग-दुत ज्याँका नके हात रणभेरियाँ हा, वीं वाँने बजाबा का वाते त्यार वेग्या।
7
पेले हरग-दुत जस्यानी रणभेरी बजई, वस्यानई लुई वाळा गड़ा अन वादी दिकई दिदी अन वाँने धरती पे फेंक दिदा। जणीऊँ धरती को एक तीहाई भाग बळग्यो। एक तीहाई रूँकड़ा बळ ग्या अन हाराई लिलो चारो भी बळग्यो।
8
वींके केड़े दूजे हरग-दुत रणभेरी बजई, तो मानो एक बळता तका मंगरा ने समन्द का मयने फेंक दिदो ग्यो हो, जणीऊँ समन्द को एक तीहाई पाणी लुई बणग्यो।
9
जिंका वजेऊँ समन्द की एक तीहाई जीव-जनावर मरग्या अन एक तीहाई जाँज भी नास वेग्या।
10
जद्याँ तीजे हरग-दुत रणभेरी बजई तो आकास मेंऊँ एक मसाळ की जस्यान बळतो तको तारो नंद्याँ अन पाणी का जरणा पे पड़्यो।
11
ईं तारा को नाम नागदोना हो, जिंका वजेऊँ एक तीहाई पाणी नागदोना में बदलग्यो अन कड़वो वेग्यो, जिंने पिवाऊँ घणा मनक मरग्या।
12
जद्याँ चोते हरग-दुत रणभेरी बजई, तो एक तीहाई सुरज, चाँद अन तारा पे विपती आई। ईं वजेऊँ वाँको एक तीहाई भाग काळो पड़ग्यो। जिंका वजेऊँ एक तीहाई दन अन रात में अन्दारो वेग्यो।
13
तो में आकास में एक बाज ने उड़तो तको देक्यो अन वो जोरकी अवाज में बोलरियो हा के, “आलतरे तो तीन हरग दुताँ को रणभेरी बजाणी बाकी हे, ईं वाते धरती पे रेबावाळा मनकाँ ने कतरो दुक वेई, कतरो दुक वेई।”
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 9 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22