bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Mark 11
Mark 11
Marwari Bible
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 12 →
1
जद वे यरुसलेम हैर रै खनै, जैतून भाखर माथै बसयोड़ा बैतफगै अर बैतनिय्याह गांव री नजीक में आया तो वे आपरा दो चेलौ नै ओ कैहन भेज्या,
2
“सांमै वाळै गांव मे जाईजौ, अर उठै पूगते ही एक गधी रौ बचियो, जिण माथै कदैई कोई कोनीं चढ़यौ, बंधयोड़ौ थांनै मिळैला। उणनै खोलनै लाईजो।
3
जे थांरै ऊं कोई पूछै, ‘ओ क्यूं करौ?’ जद कहीजौ, ‘परभु यीसु नै इणरी जरुत है’ अर वो इणनै अठै वेगो भेज दैला।”
4
वे उठै जायनै गधी रै बचिये नै गळी रै बारै चौक मे किवाड़ रै खनै बंधयोड़ौ पायो, अर खोलण लाग्या।
5
अर उणमे ऊं जिकौ उठै ऊभा हा, कैवण लाग्या, “ओ कांई कर रिया हो, गधी रै बचिया नै क्यूं खोलो हो?”
6
जैड़ा यीसु कयौ हो, वैड़ौ ही उणौ ऊं कैह दियौ, तो उणौनै जावण दिया।
7
वे बचिया नै यीसु रै खनै लायनै उण माथै आपरा गाभा बिछाया अर यीसु उण माथै बैठग्या।
8
जद यीसु गधी रा बचिया माथै जावण लागा तो घणा जणा यीसु रा सवागत में आपरा गाभा मारग में बिछाया अर बाकी जणा खेतो मे ऊं डाळियो लायनै मारग में बिछाई ही।
9
जिकौ लोग उणरै आगै हा अर वे भी जिकौ लारै चाल रिया हा, सगळा लोग ओ नारो लगा रिया हा, “होसना! धन्य है, वो जिकौ परभु रै नाम ऊं आवै!
10
धन्य है, म्हारै पिता दाऊद रौ राज जिकौ आ रियौ है! सरग में परमेसर री होसना!”
11
यीसु यरुसलेम पूगनै मिंदर मे आयौ अर च्यांरूमेर सगळी चीजों नै देखनै वे बारैह चेलौ साथै बैतनिय्याह आयगा, क्यूंकै सिझ्या होयगी ही।
12
दूजा दिन जद वे बैतनिय्याह ऊं निकळिया तो, यीसु नै भूख लागी।
13
वो आगाऊं एक अंजीर रा लीला रुंखड़ा नै देखनै उणरै खनै गिया के, कांई ठाह इणमे फळ मिळ जावै। पण पता नै छोड़ नै उणमे कीं नीं मिळयो। क्यूंकै फळ री रूत नीं ही।
14
इण माथै वो रुंखड़ा नै कयौ, “अबै कोई थारौ फळ कदैई नीं खा सकै ला।” अर उणनै ओ चेला कैवता सुण्यौ।
15
पछै वे यरुसलेम में आया अर यीसु मिंदर में गिया अर जिकौ लेण-देण कर रिया हा उणौनै बारै निकाळ दिया अर रूपिया बदळ वाळौ रौ पीढ़ा अर कबूड़ा बेचनैवाळौ री चौकियां ऊंधी कर दी।
16
यीसु मिंदर री जगा मे ऊं किणी नै समान लेन आवण जावण नीं दिया।
17
पछै उणै सिकसा देते उण ऊं कयौ, “कांई ओ सास्तर मे लिख्योड़ौ कोनीं है, ‘म्हारौ घर सगळै देसो रै लोगां, रै वास्तै, पराथना रौ घर कैलावैला।’ पण थै उणनै ‘डाकूओ रौ अडो’ बणा दियौ है।”
18
ओ सुण नै परधान याजक अर सास्तरी उणरै नास करणै रौ मौकौ सौधण लागा। बल्कि लोगां नै यीसु रै उपदेस माथै अचूम्बो करता अर मानता देखनै वे डरण लागा।
19
सिंझ्या रै वगत यीसु अर उण रा चेला हेर रै बारै गिया परा।
20
पछै संवार रा वे उठै ऊं जावता हा तो उणौनै वो अंजीर रौ रुंखड़ौ जड़ तांई सूखयोड़ो देखियौ।
21
पतरस नै वा बात याद आई, अर वो यीसु नै कयौ, “हे गुरु, देख! ओ अंजीर रौ रुंखड़ौ जिणै थै सराप दियौ, सूखग्यौ है!”
22
यीसु उणनै जबाब दियौ, “परमेसर माथै विसवास राखौ।
23
म्हैं थौरे ऊं साचौ कैवूं की अगर कोई भी इण भाखर ऊं कैवै, ‘थूं उखड़ जा, अर समंदर मे जा पड़,’ अर अपणै मन मे भरम नीं करणौ, बल्कि ओ विसवास करौ की जो कैवूंला वो हो जावैला, तो उण वास्तै वो हो जावैला।
24
इण वास्तै म्हैं थौरे ऊं कैवूं की, जो कीं भी थै पराथना करण मांगोला, अर विसवास कर लौ की थांनै मिळ गियौ, अर थौरे वास्तै हो जावैला।
25
अर जद कदैई थै ऊभा होयनै पराथना करौ तो पछै थौरे मन मे किणरै वास्तै कीं विरोध हो, तो माफ करौ। इण वास्तै की थौरा सरगिए पिता भी थौरा पाप माफ करैला।
26
अर थै माफ नीं करौ तो थांरा पिता भी जो सरग मे है, थौरा पाप माफ नीं करैला।”
27
वे भळै पाछा यरुसलेम मे आया जद वो मिंदर रा चौक में फिर रियौ हो तो परधान याजकौ, सास्तरियों अर बुढ़िया उणरै खनै आन,
28
अर पूछण लाग्या, “थूं ओ कांम कीण अधिकार ऊं करै? अर ओ अधिकार थनै कुण दियौ की थूं ओ कांम कर?”
29
यीसु उणौनै कयौ, “म्हैं भी थौरे ऊं एक बात पूछूं, म्हनै जबाब देवो। तो म्हैं थांनै बताऊंला ओ कांम कीण अधिकार ऊं करूं।
30
यूहन्ना नै बतिस्मो देवण रौ अधिकार परमेसर दियौ के मिनखौ दियौ? म्हनै जबाब देवो।”
31
तो वे सगळा विचार करण लाग्या की, “जे अपां कैवौ, ‘परमेसर दियौ’, तो वो कैवैला, ‘पछै थै उणरौ विसवास क्यूं नीं कियो?’
32
अर जे अपां कैवौ, ‘मिनखौ दियौ’ तद मिनखौ रौ डर है, क्यूंकै घणा जणा मांनै हा, यूहन्ना हकीगत मे भविसयदाता हो।”
33
तो वे यीसु नै जबाब दियौ, “म्हैं कोनीं जांणौ।” यीसु उणौ ऊं कयौ, “म्हैं भी थांनै नीं बताऊं की ओ कांम कीण अधिकार ऊं करूं।”
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 12 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16