bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
2 Chronicles 14
2 Chronicles 14
Awadhi
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 15 →
1
अबिय्याह अपने पुरखन क संग बिस्राम किहस। लोगन ओका दाऊद नगर मँ दफनाएन। तब अबिय्याह क पूत आसा अबिय्याह क जगह पइ नवा राजा भवा। आसा क समइ मँ देस मँ दस बरिस सान्ति रही।
2
आसा उहइ काम किहेस जउन यहोवा ओकर परमेस्सर क समन्वा अच्छा अउ ठीक रहा।
3
आसा ओन विचित्र वेदियन क हटाइ दिहस जेनकर उपयोग मूरतियन क पूजा क बरे होत रहा। आसा ऊँच जगहन क हटाइ दिहस अउर पवित्तर पाथरन क बर्बाद कइ दिहस अउर आसा असेरा खम्भन क तोर डाएस।
4
आसा यहूदा क लोगन क ओनकइ पुरखन क यहोवा परमेस्सर क अनुसरण करइ क आदेस दिहस। अउ आसा लोगन क यहोवा क नेमन अउ आदेसन क पालन करइ क आदेस दिहस।
5
आसा ऊँची जगहन क अउर सुगन्धि क वेदियन क यहूदा क सबहिं नगरन स हटाएस। इ तरह जब आसा राजा रहा, राज्ज सान्त रहा।
6
आसा यहूदा मँ सान्ति क समइ सक्तीसाली नगर बनाएस। आसा एन दिनन जुद्ध स मुक्त रहा काहेकि यहोवा ओका सान्ति दिहस।
7
आसा यहूदा क लोगन स कहेस, “हम पचन क नगरन क निर्माण अउ एनके चारिहुँ कइँती चरहदीवार बनावइ द्या। हम गुम्बद, दुआर अउ दुआरन मँ छड़न लगावइँ। हम पचन क तब तलक करइ द्या जब तलक इ देस हमार अहइ। इ हमार देस अहइ काहेकि हम लोग अपने यहोवा क अनुसरण किहा ह। उ हम लोगन क सब कइँती स सान्ति दिहस ह।” एह बरे उ पचे इ सबइ बनाएस अउर उ पचे सफल भएन।
8
आसा क लगे यहूदा क परिवार समूह स तीन लाख अउर बिन्यामीन क परिवार समूह स दुइ लाख अस्सी हजार फउज रही। यहूदा क मनइयन बड़ी ढारन अउर भालन लइके चलत रहेन। बिन्यामीन क मनइयन नान्ह ढारन अउ धनुस स चलइवाले बाण लइ चलत रहेन। उ पचे सबहिं बलवान अउर साहसी जोधा रहेन।
9
जब जेरह आसा क फउज क खिलाफ आवा। जेरह कूस द रहा। जेरह क फउज मँ दस लाख मनई अउर तीन सौ रथ रहेन। जेरह क फउज मारेसा नगर तलक गइ।
10
आसा जेरह क खिलाफ लड़इ बरे गवा। आसा क फउज मारेस क निअरे सापता घाटी मँ जुद्ध क बरे तइयार भइ।
11
आसा यहोवा परमेस्सर क गोहराएस अउर कहेस, “यहोवा, तू केवल तू ही बलवान लोगन क खिलाफ कमजोर लोगन क मदद कइ सकत ह। हे मोर यहोवा परमेस्सर हमार मदद करा। हम तोह पइ निर्भर अही। हम तोहरे नाउँ पइ इ बिसाल फउज स जुद्ध करित ह। हे यहोवा, तू हमार परमेस्सर अहा। अपने खिलाफ कउनो क जीतइ न द्या।”
12
तब यहोवा यहूदा कइँती स आसा क फउज क उपयोग कूस क फउज क पराजित करइ बरे किहस अउर कूस क फउज भाग खड़ी भइ।
13
आसा क फउज वूस क फउज क लगातार गरार नगर तलक पाछा किहस। एतने जियादा कूस क लोग मारे गएन कि उ पचे जुद्ध करइ बरे एक फउज क रूप मँ फुन बटुर न सकइँ। उ पचे यहोवा अउ ओकरी फउज क जरिये कूचर दीन्ह गएन। आसा अउर ओकर फउज दुस्मन स बहोत सारी लूट क माल लइ लिहन।
14
आसा अउर ओकर फउज गरार क नजिक क सबहिं नगरन क हराएस। ओन नगरन मँ रहइवाले लोग यहोवा स डरात रहेन। ओन नगरन मँ अनगिनत कीमती चिजियन रहिन। आसा क फउज ओन नगरन स एन कीमती चिजियन क संग लइ आइ।
15
आसा क फउज ओन डेरन पइ भी हमला किहस जेनमाँ गड़रियन रहत रहेन। उ पचे अनेक भेड़िन अउ ऊँट लूट लिहेन अउर ओनका लइ गएन। तब आसा क फउज यरूसलेम लउटि गइ।
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 15 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36