bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
2 Chronicles 3
2 Chronicles 3
Awadhi
1
सुलैमान यहोवा क मन्दिर मोरिय्याह पर्वत पइ यरूसलेम मँ बनाउब सुरु किहस। पर्वत मोरिय्याह उ जगह अहइ जहाँ यहोवा सुलैमान क बाप दाऊद क दर्सन दिहे रहा। सुलैमान उहइ जगह पइ मन्दिर बनाएस जेका दाऊद तइयार कइ चुका रहा। उ जगह उ खरिहाने मँ रही जउन ओर्नान क रहा। ओर्नान यबूसी लोगन मँ स एक रहा।
2
सुलैमान इस्राएल मँ अपनी हुकूमत क चउथे बरिस क दूसरे महीने मँ मन्दिर बनाउब सुरु किहस।
3
सुलैमान परमेस्सर क मन्दिर क नेवं क निर्माण क बरे जउने माप क उपयोग किहेस, इ उ अहइ: नेंव साठ हाथ लम्बी अउर बीस हाथ चउड़ी रही। सुलैमान पुराने हाथ क माप क ही उपयोग तब किहस जब उ मन्दिर क मापेस।
4
मन्दिर क सामने क दुआर मण्डप बीस हाथ लम्बा अउर बीस हाथ ऊँच रहा। सुलैमान दुआर मण्डप क भीतरी हींसा क निखालिस सोना स मढ़वाएस
5
सुलैमान बड़े कमरन क देवार पइ सनोवर लकड़ी क बनी चौकोर सिल्लियन धरेस। तब उ सनोवर क सिल्लियन क निखालिस सोना स मढ़ेस अउर उ निखालिस सोने पइ खजूरे क बृच्छ क चित्र अउ जंजीरन बनाएस।
6
सुलैमान मन्दिर क सुन्नरता क बरे ओहमाँ बहुमूल्य रतन लगाएस। जउने सोने क उपयोग सुलैमान किहस उ र्पैम स आवा रहा।
7
सुलैमान मन्दिर क भीतरी भवन क सोना स मढ़ दिहस। सुलैमान छते क कड़ियन चौखटन, देवारन अउर दरवाजन पइ सोना मढ़वाएस। सुलैमान देवारन पइ करूब सरगदूतन क खुदवाएस।
8
तब सुलैमान सब स जियादा पवित्तर जगहिया बनाएस। सब स जियादा पवित्तर जगहिया बीस हाथ लम्बी अउर बीस हाथ चउड़ी रही। इ ओतनी ही चउड़ी रही जेतना पूरा मन्दिर रहा। सुलैमान सब स जियादा पवित्तर जगहिया क देवारन पइ सोना मढ़वाएस। सोना क वजन लगभग बीस हजार चार सौ किलोग्राम रहा।
9
सोना क कीलन क वजन पाँच सौ पचहत्तर ग्राम रहा। सुलैमान ऊपरी कमरन क सोना स मढ़वाएस।
10
सुलैमान दुइ करूब सरगदूत सब स जियादा पवित्तर जगह पइ धरइ बरे बनाएस। कारीगरन करुब सरगदूतन क सोना स मढ़ दिहन।
11
करूब (सरगदूतन) क हर एक पखना पाँच हाथ लम्बा रहा। पखनन क पूरी लम्बाई बीस हाथ रही। पहिले करूब सरगदूत क एक पखना कमरा क एक कइँती क देवार क छुअत रहा। दूसर पखना दूसरे करूब सरगदूत क पखना क छुअत रहा।
12
दूसरे करूब सरगदूत क दूसर पखना कमरा क दूसरी कइँती क देवार क छुअत रहा।
13
करूब सरगदूत क पखना सब मिलाइके बीस हाथ फइले रहेन। करूब सरगदूत भीतर पवित्तर जगह कइँती लखत भए खड़े रहेन।
14
उ नीला, बैंगनी, लाल अउर कीमती ओढ़नन अउ कीमती सूती ओढ़नन स परदे क बनवाएस। परर्दे पइ करूबन क चित्र काढ़ दिहस।
15
सुलैमान मन्दिर क समन्वा दुइ खम्भन खड़ा किहस। खम्भन पैंतीस हाथ ऊँच रहेन। दुइनउँ खम्भन क सीर्स हींसा दुइ पाँच हाथ लम्बा रहा।
16
सुलैमान जंजीरन क हार बनाएस।। उ जंजीरन क खम्भन क सीर्स पइ धरेस। सुलैमान सौ अनार बनाएस अउर ओनका जंजीरन स लटकाएस।
17
तब सुलैमान मन्दिर क समन्वा खम्भन खड़े किहस। एक खम्भा दाईं कइँती रहा। दूसर खम्भा बाईं कइँती रहा। सुलैमान दाई कइँती क खम्भा क नाउँ “याकीन” अउर बाईं कइँती क खम्भा क नाउँ “बोअज” रखेस।
← Chapter 2
Chapter 4 →