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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Corinthians 10
1 Corinthians 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
हे विश्वासी भयों, मि चांणु छों की तुम याद रखा, कि जंगल मा हमारा पुरणों का दगड़ी भौत पैली क्य हवे छो। पिता परमेश्वर ल ऊं सभियूं तैं एक बादल भेजि के बतै, जु ऊंका अगनैं-अगनैं, अर उ, ऊं सभियूं कु सूखी भूमि का जन लाल समुद्र का पांणी का बीच बट्टी बचै कै लै।
2
जन के प्रभु यीशु का चेला बनण कु बपतिस्मा लींणे की व्यवस्था च, उन ही के उ सभि भि बादल का छाया मा छा अर मूसा का चेला बनण कु लाल समुद्र बट्टी हवे के ग्यां।
3
सभि ल एक ही रुठी खै जु पिता परमेश्वर ल ऊंकु स्वर्ग बट्टी द्ये।
4
ऊं सभियूं ल उ ही पांणी पये जु पिता परमेश्वर ल ऊं तैं द्ये छो। ऊंल एक पोड बट्टी निकलण वला पांणी तैं पये, अर वे पोड की तुलना मसीह बट्टी किये जै सकद जै दगड़ी रै के ऊं तैं जीवन दिये गै।
5
पर पिता परमेश्वर ऊंमा बट्टी भौतों बट्टी खुश नि छो, इलै उ लोग एकांत जंगल मा ही मोरि गैनी।
6
भौत पैली हमारा पुरणो का दगड़ी किये गै यु बात हम कु चेतावनी छै कि जु हम ऊं दगड़ी बुरै कने की इच्छा रखदां त क्य होलो।
7
अर न तुम मूर्तियों का पुजण वला; जन कि ऊंमा बट्टी कथग ही बंणि गै छा, जन की पिता परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “लोग खांण पीण कु दावत मा बैठ गैनी अर फिर नचण अर ऐश कनु कु उठ गैनी।”
8
अर न हम व्यभिचार कैरा; जन कि ऊंमा बट्टी कथगों ल कैरी, अर एक दिन मा तेईस हजार मोरि गैनी।
9
अर न हम प्रभु मसीह तैं परखा; जन ऊंमा बट्टी कथगों ल कैरी, अर गुरो का द्वारा मरै गैनी।
10
अर न तुम बबड़ट कैरा, जन कै ऊंमा बट्टी कथग ही बबड़ट कन लगी गैनी, अर पिता परमेश्वर का एक स्वर्गदूत जै तैं परमेश्वर ल भेजि छो, वेल ऊं तैं मारि दींनि।
11
पर यु सब बात, जु ऊंल दगड़ी हवे, ऊं तैं चितांण की रीति पर हवे छै; अर उ हम तैं चितांण कु जु ईं दुनिया का अंत का बगत मा रौंणा छिनी लिखै गैनी।
12
इलै जु कुई आदिम जु बुल्द कि पिता परमेश्वर पर वेको विश्वास मजबूत च, त वे तैं चौकनों रौंण चयणु च कि इन नि हो कि उ अचानक अजमैश बट्टी प्रभावित हवे जां अर पाप कैरा।
13
पाप कनै की इच्छा हम सभियूं मा जरुर आंदी; पर पिता परमेश्वर विश्वासयोग्य च; किलैकि उ तुम तैं एक भि इन अजमैश मा नि पुडण दींद, कि तुम वीं अजमैश बट्टी लैड़ि नि साका, पर पिता परमेश्वर तुम तैं व तागत दयालो, कि तुम पाप बट्टी बचयां रा।
14
इलै तुम, हे मेरा प्रिय भयों मूर्तियों की आराधना कन बट्टी बचयां रावा।
15
मि तुम लुखुं तैं समझदार जांणि के, यु बुल्णु छो; इलै ध्यान से सोचा कि जु मि बुल्ण छो व ठिक च या न।
16
जब हम प्रभु भोज मा अंगूरों कु रस पिदयां, जै कु हम पिता परमेश्वर कु धन्यवाद करदां, तैं हम हक्कीकत मा मसीह का ल्वे मा एक करदां। अर जब हम प्रभु भोज की रुठी तैं तुड़दा और खंदियां, त हम हक्कीकत मा मसीह का देह मा एक हूंदा।
17
किलैकि रुठी ईं बात की निशानी च, कि हम मसीह मा एक देह छा, किलैकि हम सभि एक ही रुठी बट्टी खांदा।
18
इस्राएल का लुखुं का रीतियों तैं देखा, जब सभि लोग पिता परमेश्वर तैं चढ़यूं जांणवला बलिदान का खांणु तैं खंदींनि त पिता परमेश्वर की महिमा मा हिस्सादार हूंदींनि। इन ही जु लोग मूर्तियों तैं चढ़यूं बलिदान कु खांणु तैं खंदींनि, उ भि ऊं मूर्तियों की महिमा मा हिस्सादार हूंदींनि।
19
मि यु बुल्णु छों, कि मूर्तियों तैं चढयां बलि का खांणु की कुछ कीमत नि च अर यु भि की मूर्तियों की कुछ कीमत नि च।
20
भस यु ही न, कि अन्यजाति जीं चीज तैं मूर्तियों का संमणी बलि कैरी के चढौदींनि, उ पिता परमेश्वर कु न, पर दुष्टात्माओं कु बलिदान करदींनि अर मि नि चांदु, कि तुम दुष्टात्माओं का दगड़ी दगड़ो कैरा।
21
यु नि हवे सकद कि तुम प्रभु का कटोरा मा बट्टी अर दुष्टात्मा का कटोरा मा बट्टी पिया; इन ही के यु भि नि हवे सकद कि तुम प्रभु की मेज मा अर दुष्टात्मा की मेज मा बट्टी भि हिस्सादार हो।
22
जु हम ल इन कैरी त हम प्रभु तैं भौत गुस्सा दिलौंदियां; अर हम प्रभु बट्टी जादा ताकतवर नि छा।
23
तुम बुल्दियां, हम सभि कुछ कनु कु आजाद छा; हां, पर हम कु सभि कुछ अच्छो नि च; किलैकि सभि कुछ पिता परमेश्वर मा हमारा विश्वास तैं मजबूत नि करद; अर सभि चिज्युं बट्टी उन्नति नि हुंद।
24
कुई अपड़ी ही भलै तैं नि चौ, पर दुसरों की भलै का बारा मा भि ध्यान द्यो।
25
पर जब तुम बजार मा मीट खरीददां त वे तैं खा ल्या। पर यु नि पूछा कि यु मूर्तियों तैं चढ़यूं च या न, अर इन कन से तुम्हरो जमीर परेशान नि होलो।
26
“तुम खै सकदा छा, किलैकि पिता परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, कि धरती अर वेमा जु कुछ भि च, उ प्रभु कु ही च।”
27
अर जु अविश्वासियों मा बट्टी कुई तुम तैं न्यूतेर कैरी के बुलौ, अर तुम जांण चांणा छा, त जु कुछ भि तुम्हरा संमणी खांणु कु रखै जौं वे तैं ही खावा; अर तब तुम तैं यु नि पुछण चयणु च, कि यु बलि चणयु खांणु त नि च, कि जु सच मा उ बलि कु खांणु हो, त तुम अफ तैं भंगारी महसूस नि करीला।
28
पर जु कुई तुम बट्टी बुल्द, कि “मूर्तियों तैं बलि कु खांणु चढै गै छो” त वे तैं नि खा, अपड़ी अंतरात्मा का कारण न, पर वे आदिम का विवेक का कारण जैल तुम तैं बतै छो; किलैकि मेरी आजादी तैं कै हैंको आदिम का विवेक का द्वारा न्याय नि किये जांण चयणु च।
30
जु मि अपड़ो खांणु पिता परमेश्वर तैं धन्यवाद कना का बाद खांदु, त जै पर मि धन्यवाद करदु, वेका कारण मेरी बदनामी किलै हूंद?
31
आखिर मा, मि तुम बट्टी यु बुल्ण चांदु, कि तुम चै खावा, चै प्यावा, चै जु कुछ भि कैरा, सब कुछ पिता परमेश्वर की महिमा कु कैरा।
32
मि सभियूं तैं खुश कने की कोशिश करदु, मि अपड़ी भलै का बारा मा नि सुचणु छो, बल्कि सभियूं का भलै का बारा मा सुचणु छो, कि उ बची के उद्धार पै साका। उन ही के तुम भि इन के रा कि यहूदियों या यूनानी अन्यजाति या पिता परमेश्वर का विश्वासियों की मण्डलि कु कुई परेशानी या कुई ठेस पैदा नि हो।
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