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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Corinthians 16
1 Corinthians 16
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
अब यरूशलेम शहर मा पिता परमेश्वर का पवित्र लुखुं कु कठ्ठा करे जांणवला धन का बारा मा, जन आज्ञा मिल गलातिया प्रदेश की मण्डलियों तैं द्ये, उन ही तुम भि कैरा।
2
हफ्ता का पैला दिन तुम मा बट्टी हर आदिम अपड़ी तनखा का अनुसार कुछ अफ मा रखा कैरा, कि मेरा आंण पर तुम तैं चन्दा कठ्ठा नि कन पोडो।
3
फिर, जब मि उख रौलु त मि ऊं लुखुं तैं भिजलु, जौं तैं तुम ल विश्वासयोग्य आदिमों का रूप मा चुणि छो, कि उ धन तैं यरूशलेम शहर कु ली जां; मि ऊं दगड़ी एक चिठ्ठी भि भेजि दयुलु, कि उख का विश्वासियों बट्टी ऊंको परिचय किये साको।
4
जु तुम तैं लगद कि मि तैं जांण चयणु च, त उ मि दगड़ी चला।
5
मकिदुनिया प्रान्त मा जांणा का बाद, मि तुम तैं मिलणु कु औलु, किलैकि मि तैं मकिदुनिया प्रान्त हवे कै जांण ही पुड़लो।
6
पर हवे सकद कि मि तुम दगड़ी जादा बगत कु रौ, या हवे सकद कि ह्यूंद तक, अर फिर जख भि मि जौलु, तुम मि तैं मेरी यात्रा पर भेजि सकदां।
7
जु यु पिता परमेश्वर की इच्छा हो, पर मि तैं आस च कि मि अभि भस एक छुटी सी मुलाकात कु रुकणा का बजाय बाद मा जादा बगत तक रौंणु कु औलु।
8
पर मि पिन्तेकुस्त का त्यौहार तक इफिसुस शहर मा रौलु।
9
किलैकि अब भि इख भौत स लोग छिनी, जु पिता परमेश्वर कु वचन सुनण चयदींनि, अर मेरू इख रौंण भौत अच्छो च, जब की इख मेरा भौत सी दुश्मन छिनी।
10
जु तीमुथियुस तुम मा कुरिन्थुस शहर ओ, त वेको अपड़ा बीच मा स्वागत करयां; किलैकि उ मि जन प्रभु कु काम करद।
11
इलै कुई भि ऊंको अपमान नि कैरो, पर वे तैं सभि कुछ शान्ति दगड़ी द्या, जु वेकी यात्रा कु जरुरी च, कि उ मि मा ए जौं; किलैकि मि वेको इन्तेजार कनु छों, कि उ विश्वासी भयों का दगड़ी औ।
12
अर विश्वासी भयों, अपुल्लोस बट्टी मिल भौत बिनती कैरी, कि हैंका विश्वासियों का दगड़ी जु तुम बट्टी मिलणु कु औ; पर वेल वे बगत जांण ठिक नि समझी, पर ठिक बगत आंण पर ए जालो।
13
चौकस रावा, अर लगातार विश्वास मा भि बणयां रावा, हिम्मतवला बणा, अर पिता परमेश्वर का दगड़ी अपड़ा रिश्ता तैं मजबूत रखा।
14
तुम सभि कुछ प्रेम से कैरा।
15
हे विश्वासी भयों, तुम स्तिफनुस अर वेका परिवार तैं जंणदा छा, कि उ अखाया प्रान्त बट्टी पैला छा, जौं ल मसीह पर विश्वास कैरी, अर पिता परमेश्वर का पवित्र लुखुं की मदद कनु कु तैयार रौंदींनि।
16
इलै मि तुम बट्टी बिनती करदु, कि इन अगुवों की आज्ञाओं तैं मांणा कैरा बल्कि हर एक की जु इन सच्ची भक्ति का दगड़ी सेवा करदींनि।
17
अर मि स्तिफनुस अर फूरतूनातुस अर अखइकुस का औंण से खुश छों, किलैकि उ मेरी मदद कना छिनी, जु तुम नि कैरी सकणा छा।
18
अर ऊंल मि तैं प्रोत्साहित कैरी, जन उ तुम कु भि करला, जब उ तुम मा वापिस आला, इलै तुम तैं ऊंका जन लुखुं कु सामना कन चयणु च।
19
एशिया प्रान्त की मंडलियों का विश्वासी लुखुं तुम तैं प्रणाम; अक्विला अर वेकी जनन प्रिस्किल्ला अर मण्डलि ज्वा ऊंका घौर मा कठ्ठा हूंदी ऊंका तरपां बट्टी भि तुम तैं प्रभु मा प्रणाम।
20
इख का सभि विश्वासी लोग तुम तैं प्रणाम बुल्णा छिनी तुम तैं एक दुसरा तैं पवित्र चुम्बन का रूप मा प्रणाम कन चयणु च, कि तुम एक दुसरा बट्टी प्रेम करद्यां।
21
मि, पौलुस यह प्रणाम अपड़ी चिठ्ठी मा अपड़ा हाथ ल लिखणु छों;
22
जु कुई प्रभु बट्टी प्रेम नि रखो, त उ श्रापित च, हे हमारा प्रभु, औ।
23
मि प्रार्थना करदु कि प्रभु यीशु मसीह की कृपा तुम पर हूंदी रौ।
24
मि तुम सभियूं बट्टी प्रेम करदु जौको यीशु मसीह का दगड़ी मजबूत रिश्ता च; आमीन।
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