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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Corinthians 5
1 Corinthians 5
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
इख तक की कुछ लुखुं ल मि मा बोलि, कि तुम्हरी मण्डलि मा कुछ लोग व्यभिचार मा डुबयां छिनी, पर इन व्यभिचार त अन्यजाति लुखुं का बीच मा भि नि हूंद, जन कि एक आदिम अपड़ी सौतेली ब्वे तैं ही रखि लींद।
2
तुम तैं बल्कि दुःख बट्टी भुरे जांण चयणु च अर वे आदिम तैं जैल इन काम कैरी, वे तैं मण्डलि बट्टी भैर निकाली दींण चयणु च पर यांका बजाय तुम और भि जादा बड़ा मोन का हवे ग्यां।
3
जबकि, मि त तुम दगड़ी नि छो, पर मेरा विचार तुम दगड़ी छिनी, अर मि वे बुरा काम कन वला का विरुद्ध अपड़ो फैसला भि दियेले मांणा मि अफ भि उख मौजूद छो।
4
तुम तैं इन कन जरूरी च, कि तुम विश्वासियों का जन मसीह यीशु की सामर्थ मा कठ्ठा हवे जा, यु जांणि के भि कि तुम मा हमारा प्रभु यीशु मसीह कु अधिकार च; अर यु इन च कि जन मि भि तुम दगड़ी उख मा मौजूद छों; अर फिर प्रभु यीशु मसीह का अधिकार का द्वारा
5
उ आदिम जु पाप मा जीवन जींणु च, वे तैं अपड़ी मण्डलि बट्टी निकाली द्या, अर वे तैं शैतान की तागत मा वापिस दे द्या कि यु आस किये जा साक कि जु उ पापों बट्टी पश्चाताप कैरो, तब उ हक्कीकत मा जब प्रभु न्याय करलो वे दिन उ बचै जालो।
6
तुम्हरो बड़ो मोन कन ठिक नि च मण्डलि पूरा ढंग पर अनैतिकता तैं लै के दुःखी अर वे बट्टी दूर हूंणा का बजाय वे पर बड़ो मोन कनी च; जन जरा सी खमीर पूरा गूंदयां आटा तैं खमीर कैरी दींद उन ही, जु एक आदिम तैं पाप कने की मंजूरी मिलो, त जल्द ही सभि लोग भि उन ही कनु कु प्रभावित होला।
7
जन ही फसह कु त्यौहार मनांण से पैली यहूदी लोग अपड़ा घौरों बट्टी सभि खमीर तैं निकलदींनि, इलै तुम तैं यु अनैतिक आदिम तैं मण्डलि बट्टी भैर निकाली दींण चयणु च। फिर तुम रुठी जन हवे जांण ज्यांमा खमीर नि हूंद; ज्यांको मतलब च कि तुम एक विश्वासियों कु झुंड हवेला, जै झुंड मा पाप नि होलो किलैकि जब तुम ल मसीह पर विश्वास कैरी, तब पिता परमेश्वर ल तुम तैं भितर बट्टी शुद्ध कैरी। किलैकि मसीह ल हम तैं अपड़ा बलिदान का द्वारा हमारा पापों बट्टी छुटकारो द्ये।
8
इलै मि बुल्दो कि, हम तैं हमेशा पिता परमेश्वर का पवित्र लुखुं का जन बरतौ कन चयणु च; हम तैं बुरा ढंग ल अपड़ो जीवन नि जींण चयणु च, जन कि हम ल मसीह पर विश्वास कन से पैली कैरी छो, यांका बजाय, हम तैं पिता परमेश्वर की आज्ञाओं तैं मनण चयणु च अर हमेशा ईमानदार अर सचो हूंण चयणु च।
9
मिल अपड़ी चिट्ठी मा तुम कु लिख्युं च, कि व्यभिचारियों कु दगड़ी नि करयां।
10
इन नि च, कि तुम बिल्कुल भि ईं दुनिया का व्यभिचारियों, य लालचियों, य धोखा दींणवलों तैं, य मूर्तिपूजा कन वलो कु दगड़ो नि करयां; किलैकि इन कै त तुम तैं ईं दुनिया बट्टी निकली जांण ही पुड़दो।
11
पर मेरू बुल्ण इन च, कि जु कुई अपड़ा आप तैं विश्वासी बुल्ण वलो हो अर व्यभिचारी, य लोभि, य मूर्तियों तैं पुजण वलो, य गल्ली दींण वलो, य पियक्कड़, य धोखा दींण वलो हो त वेको दगड़ो नि करयां बल्कि इन मनिख का दगड़ा मा खांणु भि नि खैयां।
12
किलैकि जु लोग विश्वास नि करदींनि ऊं की निंदा कन मेरू काम नि च पर तुम तैं पूरा ढंग से अपड़ा ऊं लुखुं तैं डंटण चयणु च जु तुम्हरा मण्डलि का हिस्सादार छिनी।
13
पर जु लोग विश्वासी नि छिनी ऊंको न्याय पिता परमेश्वर करदो। पर जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, वे अनैतिक आदिम तैं अपड़ी मण्डलि का दगड़ी नि जुड़ण द्या।
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