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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Corinthians 13
1 Corinthians 13
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
मि भले ही मनिख्युं अर स्वर्गदूतों की भाषाओं मा बोलु; पर जु मिल लुखुं बट्टी प्रेम नि कैरी, त ऊं भाषाओं तैं बुल्ण मि कु ठनठनांदु पीतल, अर झंझनांद ढपली जन च।
2
अर जु मि भविष्यवाणी कैर साको, अर सभि भेदों अर सभि प्रकार का ज्ञान तैं समझु, अर मि तैं यख तक पिता परमेश्वर पर पूरो विश्वास च, कि मि पौड़ तैं इनां बट्टी ऊना कैरी सकदु, पर दूसरों बट्टी प्रेम नि रखु, त मेरी कुई कीमत ही नि च।
3
अर जु मि अपड़ी सब धन-दौलत कंगालों तैं खिलांण मा खर्च कैरी द्यों, या यख तक की जु मि ऊं तैं मेरी देह तैं जलांणु कु दे द्या, अर दुसरो बट्टी प्रेम नि रखु त मि कु कुछ भि फैदा नि च।
4
जु लोग दुसरा बट्टी प्रेम करदींनि, उ धीरज ल अर दया का दगड़ी काम करदींनि, प्रेम जलन नि करद, अपड़ी बड़ै नि करद।
5
उ दुसरों का दगड़ी बुरो बरतौ नि करदींनि, प्रेम मतलबी नि हूंद, यु बल्कि खुद तैं खुश कना का बारा मा नि सुचदींनि, उ जल्दी गुस्सा नि हूंदींनि।
6
कुकर्म बट्टी आनन्दित नि हुंदा, पर सचै बट्टी आनन्दित हूंद।
7
उ सभि कुछ सै सकदींनि, प्रेम हम तैं हर हालत मा विश्वास रखणा का योग्य बणद, यु हम तैं पिता परमेश्वर मा अपड़ी आस बणै रखण मा लैक बणद, यु मुसिबतों अर पिड़ा का चलद भि धीरज रखण सिखांद।
8
उ बगत आलो जब लोग पिता परमेश्वर का शुभ संदेश कु प्रचार अजांण भाषाओं मा नि करला, अर पिता परमेश्वर का बारा मा गहरा ज्ञान की तब जरुरत नि होली, बल्कि प्रेम हमेशा कु बणयूं रालो।
9
किलैकि हमारो ज्ञान अधुरो च, अर हमारी भविष्यवाणी अधूरी।
10
पर जब सर्वसिद्ध आलो, त अधुरा भि पूरो हवे जालो।
11
यु मनिख का विकास का जन च; जब मि एक छुटो नौंनो छो, त मि एक छुटा बच्चों का जन बात करदु छों, सुचद छो अर विचार करदु छों। पर जब मि बड़ो हवे ग्यों त मिल अपड़ा बचपना बंद कैरी करदींनि।
12
यु जीवन मा हम सब कुछ पूरा ढंग से नि समझदां। यु कै चीज तैं अप्रत्यक्ष रूप मा शीशा मा दिखण जन च। पर जब हम स्वर्ग मा जौला, त हम सब कुछ स्पष्ट रूप मा समझुला। यु कै बट्टी अमणी-संमणी बात कन जन होलो। अब हम सब कुछ जंणदा छा जु पिता परमेश्वर हम तैं सिखांण चांद। तब हम सब कुछ पूरा ढंग से जांणि जौला, जन पिता परमेश्वर हम तैं पूरा ढंग से जंणदु च।
13
इलै, अब यु तीन काम छिनी जु हम तैं कन चयणु च; पिता परमेश्वर पर विश्वास कन, पिता परमेश्वर का वादों मा आस रखण, अर दूसरों बट्टी प्रेम कन; पर यु तिन्युं मा, एक-दूसरों बट्टी अर परमेश्वर बट्टी प्रेम कन बढ़ि के च।
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