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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Corinthians 15
1 Corinthians 15
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
हे विश्वासी भयों, मि तुम तैं उ ही शुभ सन्देश प्रचार याद दिलांणु छों, जु तुम ल पैली सुणैयेलि, जै संदेश पर तुम ल विश्वास भि कैरी छो, अर वेमा तुम अर भि मजबूत हूंदी ग्यां।
2
पिता परमेश्वर तुम तैं वे शुभ सन्देश प्रचार का द्वारा बचांद, जु तुम वे शुभ संदेश पर विश्वास कना रैला, जैको मिल तुम्हरा बीच मा प्रचार कैरी; जु तुम विश्वास कन बंद कैरी द्या त तुम्हरी कुई कीमत नि च, अर यु बेकार च।
3
इलै मिल तुम तैं उ सबसे जरुरी शुभ संदेश बतै जु मि तैं प्रभु यीशु बट्टी मिली छो; उ शुभ संदेश यु च; कि परमेश्वर का वचन का अनुसार यीशु मसीह हमारा पापों कु मोरि।
4
अर खडै गै; अर परमेश्वर का वचन का अनुसार तिसरा दिन पिता परमेश्वर ल वे तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो कैर दींनि।
5
अर पतरस (कैफा) तब बारह चेलों तैं दिखै द्ये।
6
फिर पाँच सौ बट्टी भि जादा विश्वासी चेलों तैं एक दगड़ी दिखै, ज्यांमा बट्टी भौत सैरा अभि तक भि ज्यून्दा छिनी, अर कुछ मोरि गैनी।
7
फिर याकूब तैं दिखै, अर यांका बाद सभि प्रेरितों तैं दिखै।
8
अर सभियूं का बाद मि तैं भि दिखै, अर मि अचानक ही प्रभु यीशु कु प्रेरित बणु, ज्यां कि कुई उम्मीद भि नि छै, एक इन बच्चा का जन जु बगत पूरो हूंण से पैली ही पैदा हवे।
9
किलैकि मि प्रेरितों मा सभियूं मा सबसे कम खूबी रखदु, अर प्रेरित बुल्णा का लैक भि नि छौं, किलैकि मिल पिता परमेश्वर की मण्डलि मा विश्वासियों तैं सतै छो।
10
पर पिता परमेश्वर की कृपा ल मि प्रेरित छौं; अर वेकी दया मेरा जीवन मा प्रभावशाली च; पर मिल दुसरा कै भि प्रेरित बट्टी बढ़ि मेहनत भि कैरी तब भि य मेरी तरपां बट्टी नि हवे, पर पिता परमेश्वर की दया ल मि तैं वेको काम कना का लैक बणै।
11
इलै चाहे मि छो या हैंका प्रेरित, हम सभियूं ल मसीह का बारा मा एक ही संदेश कु प्रचार कैरी, अर यां पर ही तुम ल विश्वास भि कैरी।
12
इलै अब मि तुम बट्टी पुछण चांणु छों; किलैकि हम सभियूं ल तुम्हरा बीच मा यु प्रचार कैरी कि जब मसीह मोरि त, पिता परमेश्वर ल वे तैं ज्यून्दो कैरी दींनि, त तुम मा बट्टी कुई भि यु नि बोलु, कि पिता परमेश्वर का विश्वासियों का मुरणा का बाद फिर से ज्यून्दो नि करलो!
13
जु मुरयां लुखुं कु फिर से ज्यून्दो हूंण मुश्किल च, त मसीह भि फिर से ज्यूँदो नि हवे।
14
अर जु मसीह तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यून्दो नि किये गै, त जै संदेश कु हम प्रचार करदां अर मसीह मा तुम्हरा विश्वास कु कुई मतलब नि च।
15
जु मुर्दों तैं ज्यून्दो नि किये जांद, त हम परमेश्वर का झूठा गवाह ठैरदा; कि जु मुरयां हक्कीकत मा ज्यून्दा नि किये जांदा त परमेश्वर ल मसीह तैं भि जीवित नि कैरी।
16
जु मुरयां लोग मोरि कै ज्यून्दा नि हूंदींनि, त मसीह भि मोरि के ज्यून्दा नि हवे।
17
अर जु मसीह ज्यूँदो नि हवे, त तुम्हरा विश्वास कु कुई मतलब नि च; अर तुम अब भि अपड़ा पापों मा ही जीवन जींणा छा।
18
पर मसीह मा जु विश्वासी मोरि गैनी, उ बचै नि गैनी, बल्कि उ हरची गैनी, मतलब यु कि उ हमेशा कु पिता परमेश्वर बट्टी अलग हवे गैनी।
19
जु मसीह मा हमारी आस भस यु ही जीवन कु च, त हम पर दुनिया मा दुसरो की तुलना मा हमारी हालत और भि जादा बुरी च।
20
पर सच यो च, कि पिता परमेश्वर ल हक्कीकत मा मसीह तैं मौत बट्टी ज्यूँदो कैरी, त ऊं सभियूं तैं जु यीशु पर विश्वास करदींनि ऊं तैं दुबरा ज्यून्दा किये जालो।
21
पैला आदिम, आदम का कारण दुनिया मा मौत ए, अर इन ही के दुसरा आदिम मतलब यीशु मसीह का द्वारा मुरयां मा बट्टी ज्यून्दो हूंण भि ऐ, इलै ही जु लोग मसीह पर विश्वासी करदींनि, ऊं तैं मुर्दों मा बट्टी फिर ज्यून्दो किये जालो।
23
पर हर आदिम एक ठिक ढंग से ज्यूँदो किये जालो; मसीह पैलो आदिम छो, जै तैं ज्यूँदो किये गै; फिर जब मसीह वापिस आलो त उ सभि जु वे पर विश्वास करदींनि ऊं तैं दुबारा ज्यूँदो किये जालो।
24
फिर, जब मसीह पिता परमेश्वर कु विरोध कन वली सैरी बुरी सामर्थ कु नाश कैरी दयालो, वेका बाद दुनिया कु अन्त हवे जालो। तब मसीह अपड़ा पिता परमेश्वर तैं अपड़ो राज्य सौंपी दयालो कि उ वे पर पूरा ढंग से राज्य कैरो।
25
मसीह तैं वे राज्य पर तब तक राज्य कन चयणु च, जब तक कि पिता परमेश्वर वेका सभि दुश्मनों तैं नि हरै द्यो।
26
जै दुश्मन तैं आखिर मा लुप्त किये जालो, व मौत च।
27
परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, कि पिता परमेश्वर सब कुछ मसीह का अधिकार का अधीन कैरी दयालो; किलैकि पिता परमेश्वर ल ही मसीह तैं अधिकार द्ये।
28
जब सभि कुछ पिता परमेश्वर का नौंना का अधिकार मा हवे जालो, त मसीह अफ तैं पूरा ढंग ल पिता परमेश्वर का अधिकार का अधीन मा दे दयालो, जैल यीशु मसीह तैं यु अधिकार द्ये छो; फिर भस पिता परमेश्वर ही प्रभु च जु सभि कुछ अर सभि कामों तैं करद।
29
अब, जु मुर्दों तैं जीवित नि किये जांद, त जु लोग मौत कु बपतिस्मा लींदींनि, त उ क्य करला? जु मुर्दा ज्यून्दा ही नि हूंदींनि, त फिर किलै मुरयां लुखुं कु बपतिस्मा लिदींनि?
30
जख तक हमारी बात च, जु मुर्दों तैं फिर से ज्यूँदो नि किये जांद, त हम तैं अफ तैं जोखिम मा डलण एक मूर्खता च।
31
हे विश्वासी भयों, जन य बात सच च, कि मि तुम कु बढो मोन करदु, कि तुम हमारा प्रभु यीशु मसीह का दगड़ी एकजुट व, उन ही यु भि सच च, कि मि तैं हर दिन मुरण कु खतरा रौंदु।
32
इफिसुस शहर मा, मेरा दुश्मन भींगरियां जानवरों का जन छिनी, जु मि तैं नुकसान पौछांण चयदींनि; मि अभि भि यु सब किलै सैणु छों, जु मेरू प्रतिफल ईं दुनिया कु छै ही च, जु यु सच हूंदो, कि मि तैं आखरी दिनों मा फिर से ज्यूँदो नि किये जालो, त मि कु बढ़िया हूंद, कि मि मौज उड़ांदू, जन कि य मिसाल च, “आवा हम खां-पयां किलैकि शायद भोल हम मोरि जां अर हमारो अंत हवे जौं।”
33
जु लोग इन बात करदींनि, ऊंका द्वारा मूर्ख नि बणा, “बुरी संगति अच्छा चरित्र तैं भि बिगाड़ी दींदी।”
34
तुम तैं अपड़ी सुध-बुध मा ठिक ढंग से सुचण चयणु च, अर पाप कन बंद कैरी दींण चयणु च; किलैकि तुम मा बट्टी कुछ कु पिता परमेश्वर का दगड़ी सै रिश्ता नि च, मि तुम तैं शर्मिन्दा कनु कु यूं बुल्णु छो।
35
अर जु, उदाहरण द्ये के कुई कुछ पुछद, कि पिता परमेश्वर मुर्दों तैं कन कै ज्यूँदो करलो, अर उ कै देह मा आला?
36
जु भि यु ढंग का सवालों तैं पुछदो उ मूर्ख च। तुम जंणदा छा कि एक बीज जु धरती मा बुतै जांद, जब तक सैड़ी नि जौं तब तक अंकुरित नि हूंद।
37
जु तुम सठी कु या कुई और बीज लगौंदियां, त तुम पैली बट्टी ही जमयां डाला तैं नि लगौंदियां, बल्कि पैली बीज ही लगौंदियां चै उ ग्यूं हो या कुई और।
38
जब यु तैं लगै जांद तब पिता परमेश्वर यु तैं अपड़ी मर्जी का अनुसार बढांद, जब तक कि सठी या जु कुछ भि लगै वेकी एक डंठल नि दिखै जु तब बीज अपड़ा अनुसार बढ़द।
39
जु हम दुनिया मा रौंण वला सभि जानवरों का बारा मा भि सोचा त उ सभि भि एक जन नि छिनी; मनिख्युं कु अलग रूप च; चलखुडोंं कु दुसरो रूप हून्द; अर माछों कु एक हैंको ही रूप हून्द।
40
इलै आसमान की चीजों कु, जन सूर्य, जून अर गैणा, उ धरती पर की चीजों का समान नि छिनी, आकाश की चीजों मा एक अलग ही सुंदरता च, अर धरती की चीजों मा एक अलग ही सुंदरता च।
41
सूरज मा एक प्रकार कु तेज च, जबकि जून मा अर गैणों मा दुसरा ही प्रकार कु; अर इख तक कि गैणा भि एक-दुसरा बट्टी अलग छिनी।
42
त यु मुर्दों का फिर से ज्यून्दो हूंणा का बगत भि होलो; जीं देह तैं उ खडयोंदा छिनी व एक इन देह च, ज्वा सैड़ी जांदी, पर जब उ ज्यून्दा हूंदींनि, त य एक इन देह होली, जु कभी भि नि सड़लि।
43
जब हम मुरदियां, त देह कमजोर अर सैड़ी जांदी; पर जब दुबरा ज्यून्दा होला, त सामर्थी अर सुंदर होला।
44
एक आदिम की देह जै तैं खडये जांद, उ भस ईं दुनिया मा कै भि आदिम का जीवन का योग्य च। पर जब पिता परमेश्वर वे तैं ज्यूँदो करद, त वेको नयो देह स्वर्ग मा जीवन का योग्य होली। जु एक इन देह च जु भस दुनिया मा रौंणा का योग्य च, त एक इन देह भि होली जु स्वर्ग मा रौंणा का योग्य च।
45
परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “इन धरती कु पैलो आदिम, मतलब आदम, जीवित प्राणी बंणि” और आखरी आदिम जु मसीह च, जु अनन्त जीवन दींद।
46
उ जीवन जु स्वर्ग मा हमेशा कु च, पैली ही नि औंद; बल्कि ईं धरती कु जीवन पैली औंद, अर फिर वेका बाद, स्वर्ग कु जीवन औंद।
47
पैलो आदिम आदम छो, जु धरती मतलब की माटा ल बणयूँ छो मसीह जु कि दुसरो आदिम छो, स्वर्ग बट्टी ऐ।
48
जु लोग ईं धरती बट्टी जुड़यांं छिनी, उ धरती का पैला आदिम, आदम का जन छिनी; पर उ लोग जु स्वर्ग बट्टी जुड़यांं छिनी, उ स्वर्ग का आदिम, मसीह का जन छिनी
49
अर जन देह पिता परमेश्वर ल हम तैं दे, जन धरती का पैला आदिम की छै, उन ही हम विश्वासियों की मसीह का जन देह होली, जु अब स्वर्ग मा च।
50
हे विश्वासी भयों, मि यु बुल्दो, ईं धरती पर हमारी देह अर मांस अर ल्वे बट्टी बणयां छिनी; हम स्वर्ग मा पिता परमेश्वर का राज्य मा अपड़ी ईं देह का दगड़ी रै नि सकदियां जु मोरि जांद, किलैकि उख कुई मौत नि च।
51
सूंणा, मि तुम बट्टी भेद की बातों तैं बुल्दो, कि हम सभि विश्वासियों ल नि मुरण, पर हम सभियूं कु रूप बदली जालो।
52
यु अचानक होलो, इथग जल्दी जथग तेजी से कुई अपड़ी आँख तैं झपकांद; जब आखरी तुरै बजै जाली, त जु लोग मोरि गैनी उ हमेशा कु जीवन जींणु कु दुबारा ज्यून्दा किये जाला अर हम जु ज्यून्दा छा, हमारी देह बदली जाली।
53
किलैकि हमारो यु देह जु बड़ा आसानी ल मोरि जांद अर सैड़ी जांद, वे तैं एक इन देह मा बदली जांद जु न कभी मुरद अर न कभी सडद।
54
जब इन होलो, त उ पूरो हवे जालो, जु पिता परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “मौत तैं पूरा ढंग से हरै जालो अर वेको कुई नामो-निशान नि रालो।”
55
उन ही यु भि पूरो होलो, जु परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “हे मौत कख च तेरी जय? हे मौत कख रै तेरु डंक?” इन कै, पिता परमेश्वर का वचन मा जु लिख्युं च उ पूरो होलो।
56
किलैकि पाप इन डंक च, जैको नतीजा मौत च, अर व्यवस्था पाप तैं बढौंण मा सामर्थ दींद।
57
पर पिता परमेश्वर कु धन्यवाद हो, जु हमारा प्रभु यीशु मसीह ल हम कु कैरी वेका द्वारा पिता परमेश्वर ल हम तैं पाप अर मौत पर जीत द्ये।
58
इलै हे विश्वासी भयों, अपड़ा विश्वास मा मजबूत रावा अर गलत शिक्षाओं का द्वारा नि भटका, प्रभु कु जु काम तुम कना छा वेमा हमेशा बढ़णा रावा, अर यु जांणा, कि जु कुछ भि तुम प्रभु कु करीला वेको ईनाम तुम तैं जरुर मिललो।
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