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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Mark 10
Mark 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु ल अपड़ा शिष्यों दगड़ी कपरनाहुम शहर छोड़ी दींनि, उख बट्टी उठि के उ यहूदिया प्रान्त बट्टी हवे के यरदन गाड का पल्या छाला पर ऐनी जख फिर एक बार एक भीड़ वेका नजदीक फिर कठा हवे गै अर उ फिर ऊं तैं अपड़ी रीत का अनुसार उपदेश दींण लगि गै।
2
तब फरीसियों ल वेकी अजमैश कनु कु वेमा पूछि क्य मूसा की व्यवस्था मा एक आदिम तैं अपड़ी घरवलि तैं छुड़णै की अनुमति छैं?
3
यीशु ल ऊं तैं जवाब दे, मूसा ल तुम तैं तलाक कु क्य व्यवस्था दियुं च?
4
ऊंल बोलि, “मूसा कु त त्यागपत्र कु चाम्रपत्र दे के जनन छोडणै की अनुमति दियुं च।”
5
यीशु ल ऊंकु बोलि, “तुमारा जिद्दी हूंण का कारण वेल तुम तैं या आज्ञा दींनि।
6
पर परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च कि धरती कि शुरुवात बट्टी परमेश्वर ल मर्द अर औरत बोलि के ऊं तैं बणै।
7
इलै मनिख अपड़ा ब्वे-बुबा बट्टी अलग हवे के ब्यो कैरी कै अपड़ी घरवलि का दगड़ा मा रालो
8
अर उ द्वी एक तन होला इलै उ अब द्वी न पर एक तन च।
9
इलै जै तैं परमेश्वर ल जोड़ेलि वे तैं मनिख अलग नि कैरो जूं तैं परमेश्वर कु एक करयूं च।”
10
बाद मा जब यीशु चेलों दगड़ी घौर मा यखुली छो, त चेलों ल वे तैं यांका बारा मा और जादा पूछि।
11
तब यीशु ल ऊंमा बोलि, “जु कुई आदिम अपड़ी घरवलि तैं तलाक दे के हैंकी जनन का दगड़ा मा ब्यो करलो त तब उ वीं पैली का खिलाफ व्यभिचार करदो
12
अर जु घरवलि अपड़ा आदिम तैं छोड़ी के हैंका आदिम का दगड़ा मा ब्यो कैर त व भि व्यभिचार करदी।”
13
फिर लोग नौन्याळु तैं वेमा लाणा रैनी कि यीशु ऊंका मुंड मा हथ रखि के आशीष द्यो पर चेलों ल लोग घुड़कि दींनि।
14
यीशु ल यु देखि त गुस्सा हवे कै ऊंकु बोलि, “बच्चों तैं मि मा आंण द्या ऊंकु मना नि कैरा किलैकि यु ही लोग जु बच्चों जन विश्वासयोग्य अर विनम्र छिनी परमेश्वर कु राज्य यूंको ही च।
15
मि तुम मा सच बुल्ण छौं कि जु कुई परमेश्वर का राज्य तैं बच्चों जन अपणालो वेल ही परमेश्वर का राज्य मा जै सकण।”
16
अर वेल बच्चों तैं खुचल्या मा उठै अर ऊंका मुंड मा हथ रखि कै आशीष दींनि।
17
जब यीशु अर वेका चेला उख बट्टी निकली के बट्टा लगयां छा त एक मनिख वेमा दौड़ि के ऐ अर वेका संमणी घुंडा टेकी के ऊंमा पूछि, “हे उत्तम गुरु जी अनन्त जीवन पर मेरू हक हो यांको मि तैं क्य कन चयणु च।”
18
यीशु ल वे तैं उत्तर दे के बोलि, “तु की बात कु मि कु अच्छो अर उत्तम बुल्णी छै? कुई उत्तम नि च भस परमेश्वर तैं छोड़ी के कुई भलो अर अच्छो नि च।”
19
तु परमेश्वर की आज्ञाओं तैं त जंणदी ही छै हत्या नि कन, व्यभिचार नि कन, चोरी नि कन, झूठी गव्है नि दींण, कै तैं अपड़ा फैदा कु धोखा नि दींण, अपड़ा बुबा अर ब्वे को आदरमान नि कन।
20
वेल बोलि, “गुरु जी यूं सभियूं आज्ञाओं तैं मि बचपन बट्टी मंणदी औंणु छौं।”
21
यीशु ल वे तैं प्यार से देखि अर वेकु बोलि, “एक काम च जु त्वे तैं अभि भि कन जरूरी च जु कुछ धन सम्पति तेरी च वे तैं बेचि के गरीबों तैं दे-दे अर त्वे तैं स्वर्ग का राज्य मा धन मिललो अर मेरू चेला बण के मेरा पिछनैं हवे जा।”
22
जब वेला यीशु की ई बात तैं सूंणि त वेका मुक पर उदासी छै गै अर उ दुखी हवे के चलि गै किलैकि उ भौत सेठ छो।
23
यीशु ल चौतरफी अपड़ा चेलों तैं देखि के बोलि “सेठ धनवान लुखुं कु परमेश्वर का राज्य मा जांण भौत मुश्किल च।”
24
चेला ऊंकी बात पर घंगतोळ मा पोड़ि गैनी यां पर यीशु ल फिर ऊंकु बोलि “हे भयों जु धन पर भरोसो रखदींनि ऊंको परमेश्वर का राज्य मा जांण भौत मुश्किल च।
25
परमेश्वर का राज्य मा सेठ शौकारुं कु जांण मुश्किल च, पर ऊंटो कु स्यूण का छेद बट्टी निकलण सौंगु च।”
26
जब चेलों ल यु सूंणि त उ भैचक हवे के आपस मा बुल्ण लगि गै की यांको मतलब च की कै तैं भि पापों का दंड बट्टी उद्धार नि मिल सकद।
27
यीशु ल ऊंकी तरपां देखि के बोलि, “यु मनिख्युं बट्टी त नि हवे सकदु पर परमेश्वर कु सब कुछ संभव च।”
28
पतरस ल यीशु म बोलि, “हमारो क्य होलो हम त तेरु चेला बंणि के सभि कुछ छोड़ी के तेरा पिछनै औंणा छा।”
29
यीशु ल चेलों म बोलि, “मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि तुम बट्टी कुछ लुखुं ल मेरा अर शुभ सन्देश का खातिर घौरबार भैय बैणा, ब्वे-बुबा, बाल बच्चा, पुंगड़ा तक छोड़ेनी।”
30
अर अब मि पर विश्वास रखण का कारण अर लुखुं द्वारा सताव का दगड़ा स्वर्गलोक मा सौ गुणा अनन्त जीवन पाला।
31
पर भौत सैरा लोग छिनी जु अभि महान छिन ऊं तैं तब नम्र बणये जालो अर जु नम्र छिन ऊं तैं महान बणये जाला।
32
उ यरूशलेम शहर जांदी बगत बट्टा मा छो अर यीशु ऊंका अगनैं-अगनैं जांणु छो चेला भौचक मा पुड़यां छा जु वेका पिछनै चलणां छा अर दुश्मनो का कारण डरयां छा एक बार फिर ऊं बारहों चेलों तैं एक तरपां लै के ऊं चीजों की बात तैं कन लगि गै जु ऊं पर बितण वली छै।
33
ध्यान से सूंणा हम यरूशलेम शहर का जनै जांणा छा अर मि मनिख कु नौंनो प्रधान याजक अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो का हथ पकड़वये जौलु अर उ मि तैं मौत का लैख ठैराला अर अन्यजातियों का हथ मा सौंपी द्याला।
34
उ मेरू मजाक करला मि पर थुकला मि पर कोड़ा मरला मि तैं खत्म कैरी द्याला अर तिसरा दिन का बाद मि ज्यूँदो हवे जौलु।
35
तब जब्दी का नौंना, जै को नौं याकूब अर यूहन्ना छो दुई भैय छ वेमा ऐ के बोलि, “गुरु जी हम चदयां कि जु कुछ हम तुम बट्टी मांगा उ तुम हम कु कैरा।”
36
यीशु ल ऊंकु बोलि, तुम “क्य चदयां कि मि तुम कु कैरु?”
37
ऊंल यीशु मा बोलि, “हम कु इन कैर कि तेरी बढ़ै का राज्य मा हम मा बट्टी एक तेरी दैंणि अर हैंको बैं तरपां शानदार सिंहासन पर बैठो।”
38
यीशु ल ऊंकु बोलि, तुम नि जंणदयां कि क्य मंगणा छा; जन मि मुरुलु लोग तुम तैं भि मरला किलैकि उ मि तैं मारि दयाला क्य तुम दुःख उठांण चांणा छा जन कि मिल दुःख उठांण?
39
ऊंल यीशु मा बोलि, हम बट्टी हवे सकदु च; यीशु ल ऊंकु बोलि, तुम हकीकत मा पीड़ित हवेला जन कि मिल भुगतण; जन ही मि मोरि जौलु तुम भि मोरि जैला।
40
पर जौं कु तैयार करयूं च ऊं छोड़ी के और कै तैं अपड़ा दैंणा अर अपड़ा बैं तरपां बिठांण मेरू काम नि च।
41
इन सूंणि के और दस का दस चेला याकूब अर यूहन्ना पर गुस्सा कन लगि गैनी।
42
तब यीशु ल ऊं तैं नजीक बुलै के ऊंकु बोलि, “तुम जंणदा छा कि जु कि गैर जातियों का राज्यपाल उ, ऊं पर अपड़ो अधिकार चलौंदींनि अर अपड़ी बात मनवाणु कु ऊं पर अपड़ो अधिकार कु इस्तेमाल करदींनि।”
43
पर तुम मा इन नि च जु कुई तुम्हरा बीच मा बढि के महान हूंण चौ त सबसे नम्र अर कम से कम अर सभियूं कि सेवा टहल कन वलो बणो।
44
अर जु कुई तुम मा प्रधान हूंण चौ उ सेवक बणु।
45
मि इन इलै बुल्द किलैकि मि मनिख कु नौंनो इलै नि अयुं कि दुसरा मेरी सेवा-टहल कैरा पर इलै अयुं की दूसरों की सेवा टहल कैरू, मि अपड़ी मौत की कीमत द्ये के भौत लुखुं तैं ऊंका पापों बट्टी ऊं तैं छुटकारा दींणु कु अयुं छौं।
46
यरूशलेम शहर जांण बगत यीशु अर वेका चेला यरीहो शहर मा ऐ अर जब यीशु अर वेका चेला अर लुखुं की बड़ी भीड़ यरीहो बट्टी जांणि छै तब तिमाई कु नौंनो बरतिमाई एक अंधा भीख मंगण वलो सड़क का किनारा बैठयूं छो।
47
जब वेल सूंणि कि यीशु नासरी जु नासरत गौं का रस्ता जांणु च त वेल धै लगै-लगै के बोलि, “हे यीशु दाऊद कि संतान मि पर दया कैर।”
48
भौत लुखुं ल उ घुड़कि कि चुप रौ पर उ और भि जादा चिल्लांण लगि गै “हे दाऊद कि संतान मि पर दया कैर”
49
जब यीशु ल वे कि आवाज तैं सूंणि त रुकि के अमणी-संमणी का लुखुं तैं बोलि, “वे तैं मि मा ल” अर लोग वे अंधा तैं वे मा लैनि अर वेकु बोलि, “ढाडस बांध उठ उ त्वे तैं बुलांणु च।”
50
वे अंधा ल अपड़ो चौला एक तरपां डोल अर उछलि कै यीशु मा ऐ।
51
यीशु ल वे तैं पूछि, “तु क्य चाँदि कि मि त्वे कु कैरु” अंधा ल वेकु बोलि, “गुरु जी यु कि मि दिखण लगि जौं।”
52
यीशु ल वेकु बोलि, “जा अपड़ा घौर चलि जा तेरु विश्वास ल जु तेरु मि पर च त्वे तैं बचैयेले अर उ तुरंत दिखण लगि गै अर उ तुरंत वेका पीछेने हवे गै।”
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