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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Mark 11
Mark 11
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
जब यीशु अर वेका चेला यरूशलेम शहर का नजीक पौंछिनी त उ जैतून डाला का डांडा का किनारा पर बैतफगै अर बैतनिय्याह का गौं मा ऐ, त वेल अपड़ा चेलों मा बट्टी द्वी चेलों तैं इन बोलि के भेजि,
2
“संमणी का गौं मा जावा अर उख पौंछि के तुम तैं एक गधा कु बच्चा जै पर अभि तक कैल भि सवारी नि कैरी तुम तैं बंधयूं मिललो वे तैं खोलि के इनै ल्यावा।”
3
जु तुम मा कुई पूछो कि इन किलै कना छा? त बुल्यां यीशु हमारा प्रभु तैं यु कि जरुरत च अर उ जल्दी ही वे तैं इख वापिस भेजि द्याला।
4
चेला उख गौं मा गैनी ऊं तैं एक घौर का द्वार का संमणी गधा कु बच्चा बंधयूं मिली अर उ वे तैं खुलण लगि गैनी।
5
उख जु लोग खड़ा छा ऊंमा बट्टी कै-कैन पूछि, “तुम यु क्य कना छा गधा का बच्चा तैं किलै खुलणां छा?”
6
जन यीशु ल ऊं कु बुल्युं छो चेलों ल उन ही ऊं लुखुं मा बोलि, तब ऊं लुखुं ल गधा तैं लिजांण दींनि।
7
ऊं द्वी चेला वे गधा का बच्चा तैं यीशु मा लै के ऐनी अर वे पर अपड़ा भैरा का कपड़ा डलिनि अर यीशु वेमा बैठी के जांण लगि गै।
8
जन ही यीशु गधा पर सवार हवे के यरूशलेम की तरपां ऐनी त भौत सारा लुखुं ल अपड़ा कपड़ा बट्टा मा बिछै कै वेको सम्मान कैरी अर भौतों ल खजूर की डाली काटि-काटि के बिछै वेको सम्मान कैरी।
9
जु वेका अगनैं-अगनैं अर पिछनै-पिछनै जांणा छा पुकारी-पुकारी के बुल्दी जांणा छा “होशाना” हो धन्य च उ जु परमेश्वर की सामर्थ से आंद।
10
हमारा पुरणों मा राजा दाऊद कु राज्य जु परमेश्वर की सामर्थ मा आंणु च परमेश्वर जु स्वर्ग मा रांदो वेकी होशाना हो।
11
जब यीशु यरूशलेम शहर मा पौंछि के यरूशलेम शहर का मन्दिर मा ऐ अर चौतरफी देखि की उख क्य चलणु च किलैकि रुमुक हवे गै छै इलै उ रात बितांणु कु अपड़ा बारह चेलों का दगड़ा मा बैतनिय्याह चलि गै।
12
हैंका दिन जब यीशु अर वेका चेला बैतनिय्याह गौं बट्टी यरूशलेम शहर गैनी त यीशु तैं भूख लगि।
13
वेल दूर एक पत्तों से भुर्युं बेडु को डालो देखि त तब उ वेका नजीक गै कि हवे सकदु वे पर कुछ फल हो पर पत्तों का सिवै वे पर वेल कुछ नि पै किलैकि फल लगणों को बगत नि छो।
14
यां पर यीशु ल वे डाला कु दंड दे के बोलि, “अब बट्टी त्वे पर कभि फल नि लगुनु” अर वेका चेला सुनणा छा।
15
फिर यांका बाद यीशु अर वेका चेला यरूशलेम शहर पौंछिंनी अर उ यरूशलेम शहर का मन्दिर म गै अर उख जु पैसों कु लींण दींण कना छा ऊं तैं भैर निकलण लगि गै अर सुनारु का ठिया अर कबूतर बिचण वलो कि चौकि तैं भि फरकै दींनि।
16
अर यीशु ल लुखुं तैं आज्ञा दींनि की उ यरूशलेम शहर का मन्दिर का अमणी-संमणी का क्षेत्र बट्टी चीजों तैं लिजांण बंद कैरी द्या।
17
अर ऊंकु बोलि “पिता परमेश्वर का वचन मा यु लिख्युं च कि मेरू घौर सभि जातियों का लुखुं कु पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कु मन्दिर बुलयालो? पर तुम ल यु तैं डकैतों को उडयार बणैयेलि।”
18
यु सूंणि के प्रधान याजक अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला, कि यीशु क्य बुल्णु च अर क्य कनु च, त उ यीशु तैं नाश कनु को मौका खुज्योंण लगि गैनी किलैकि उ वेकी लोकप्रियता से डरदा छा, अर जु उ सिखांदु छो भीड़ का लोग वे तैं पसंद करदां छा इलै अर हकदक रै जांदा छा।
19
जब रुमुक हवे त यीशु अर वेका चेला उ शहर छोड़ी के बैतनिय्याह गौं मा सींणु कु चलि गैनी।
20
फिर दुसरा दिन सबेर मा जब यीशु अर वेका चेला वापिस यरूशलेम शहर की तरपां जांण छा त ऊंल वे बेडु का डाला तैं जौड़ा तक सुख्युं देखि।
21
पतरस तैं व बात याद ऐ अर वेल यीशु मा बोलि, “गुरु जी देख यु बेडु कु डालो जै तैं तिल श्राप दे छो उ जौड़ा बट्टी सूखि गै।”
22
यीशु ल वे तैं जवाब दे “परमेश्वर पर विश्वास रखा की जु तुम ल मांगि वे तैं परमेश्वर ल पूरो कन।”
23
मि तुम मा सच-सच बुल्णु छौं जु कुई यु डांडा कु बुललो तु उखड़ि जा अर समुद्र मा पोड़ि जा अर अपड़ा मन मा शंका नि कैर बल्कि विश्वास कैर कि जु बुल्णु च उ हवे जालो त वेको उन ही हवे जालो।
24
इलै मि तुम मा बुल्णु छौं कि जु कुछ तुम पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरी के मांगिल्या त विश्वास कैरा कि उ तुम तैं मिली गै अर पिता परमेश्वर तुम तैं दयालो।
25
अर इन ही जब कभि तुम पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना करदा अर जु तुमारा दिल मा कैका खिलाफ कुई बैर हो त माफ कैरा इलै कि पिता परमेश्वर जु स्वर्ग मा रौंद तुमारा पापों तैं भि माफ करलो।
26
अर जु तुम दुसरो की गलतियों तैं माफ नि करिल्या त तुमारो बुबा भि जु स्वर्ग मा च तुमारी गलतियों तैं माफ नि करलो।
27
यीशु फिर एक बार यरूशलेम शहर मा ऐ अर जब उ यरूशलेम शहर का मन्दिर मा टैलणु छो त प्रधान याजक, दाना-सयाणों अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर यहूदी अगुवा वेमा ऐ के पुछण लगि गैनी।
28
ऊंल यीशु कु बोलि, “यूं कामों तैं कनु कु त्वे तैं क्य अधिकार च? अर यु अधिकार त्वे तैं कैल दींनि कि तु यु काम कैरी।”
29
यीशु ल ऊंमा बोलि, “जु तुम मि तैं जवाब द्या त मि भि तुम मा एक बात पुछणु छौं, त मि तुम तैं बतौलु कि यु काम मि कै अधिकार से करदु।”
30
यूहन्ना तैं बपतिस्मा दींण कु कैल भेजि? क्य स्वर्ग बट्टी परमेश्वर ल या मनिख्युं ल मि तैं जवाब द्या?
31
तब उ आपस मा बातचित कन लगि गैनी पर जु हम लुखुं मा बोलुला त क्य होलो कि, यूहन्ना परमेश्वर का अधिकार ल बपतिस्मा दींद त वेल पुछण कि फिर तुम ल वेको विश्वास किलै नि कैरी?
32
उ डरदा छा कि जु इन बोला कि, यूहन्ना कु अधिकार मनिख्युं की तरपां बट्टी च त लोग ऊं कु परेशानी खड़ी कैरी दयाला किलैकि सभि जंणदा छा कि यूहन्ना सचमुच मा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो छो।
33
त तब ऊंल यीशु तैं जवाब दे “हम नि जंणदा की कैल भेजि” यीशु ल ऊंमा बोलि, मि भि तुम तैं नि बतौंदु कि यु काम कनु कु अधिकार वे तैं कख बट्टी मिली।
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