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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Mark 9
Mark 9
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु ल भीड़ अर अपड़ा चेलों मा बोलि, मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि जु इख म खड़ा छिन ऊंमा बट्टी कुई-कुई इन छिन कि जब तक परमेश्वर का राज्य तैं सामर्थ का दगड़ी आंण नि दिखला तब तक ऊंल नि मुरुला।
2
एक हफ्ता का बाद यीशु ल पतरस याकूब अर यूहन्ना तैं अफ दगड़ा मा लींनि अर सुनसान जगह मा जख उ यखुली छा ऊं दगड़ी एक डांडा पर चलि गैनी जब ऊंल वे जनै देखि त वेको रुप बदली गै।
3
अर इख तक की वेका कपड़ोंं कु भि एक अलग रूप छो उ चमकदार अर सफेद हवे गै छा अर इथग उज्यलो हवे गै कि धरती मा कुई भि धोबी वेकी बराबरी नि कैर सकदु।
4
तब यूं तीन चेलों ल ऊं द्वी परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो मूसा अर एलिय्याह तैं देखि जु भौत पैली छा अर यीशु का दगड़ा बातचित कना छा
5
यु देखि के पतरस ल यीशु कु बोलि, “हे गुरु हम इख छा यूं हम कु अच्छो च, हम इख तीन डेरा बणौला एक त्वे कु एक मूसा कु अर एक एलिय्याह कु।”
6
वेल बोलि कि, किलैकि उन ही जंणदा कि यूं तैं क्य जवाब द्यों अर क्य कैरा इलै कि उ भौत डौर गै छा।
7
तब एक बादल ल ऊं तैं घेरि कै ढकै दींनि, अर ऊंल बादल बट्टी परमेश्वर की आवाज सूंणि, “यु मेरू प्रिय नौंनो च यु जु भि बुल्द यु कि सूंणा।”
8
तब ऊंल चौतरफी नजर डाली पर ऊंल भस यीशु का अलावा अपड़ा दगड़ा मा कुई नि देखि किलैकि मुसा अर एलिय्याह चलि गै छा।
9
जब यीशु अर वेका तीन चेला डांडा बट्टी उंद आंदी बगत वेल ऊं तैं आज्ञा दींनि जब तक मि मनिख कु नौंनो मोरि कै जीवन मा वापिस नि ए जौं तब तक जु कुछ तुम ल डांडा मा देखि उ कै मा नि बुल्यां।
10
ऊंल डांडा मा जु हवे छो के तैं नि बतै की ऊंल क्य देखि पर उ आपस मा चर्चा कन लगि गैनी कि मोरि कै ज्यूँदो हूंण कु क्य मतलब च?
11
अर फिर चेलों ल वेमा पूछि, मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला किलै बुल्दींनि कि एलिय्याह को मसीह से पैली आंण जरूरी च?
12
वेल ऊं तैं जवाब दे एलिय्याह ल सचमुच मा पैली ऐ के सब कुछ सुधारेली, पर मि मनिख कु नौंनो का बारा मा परमेश्वर का वचन मा किलै इन लिख्युं च कि वेल भौत दुख उठांण अर तुच्छ समझे जांण?
13
पर मि तुम मा बुल्णु छौं कि एलिय्याह त ऐ गै अर जन वेका बारा मा परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च कि जन यहूदी अगुवों ल जु कुछ चै वेका दगड़ा कैरी।
14
जब यीशु अर वेका तीन चेला दुसरा और चेलों मा वापिस ऐनी त वेल देखि कि ऊंका चौतरफी बड़ी भीड़ लगिं च अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला लोग ऊंका दगड़ा मा बहस कना छिन।
15
जन ही सभि लुखुं ल यीशु तैं देखि त सभि भैचक मा पोड़ि गैनी अर वेका संमणी जै कै वे तैं प्रणाम कैरी।
16
यीशु ल ऊं तैं पूछि, तुम यूंका दगड़ा मा क्य बहस कना छा?
17
भीड़ मा बट्टी एक आदिम ल वे तैं जवाब दे “हे गुरु मि अपड़ा नौंना तैं जै पर दुष्टात्मा च अर वीं दुष्टात्मा का कारण उ गूंगो च वे तैं कुछ भि बुल्ण नि दीन्दु इलै मि अपड़ा नौंना तैं त्वे मा लै छो।”
18
जख कखि भि उ दुष्टात्मा वे पर हमला करद त उ उखि वे तैं भुयां पटगि दींदु अर वेका गिच्चा बट्टी झाग निकलण लगि जांदु अर उ दांत रमकौंदु अर सुखदि जांणु च, मिल तेरु चेलों कु बोलि छो कि उ वे दुष्टात्मा तैं निकाली दयूंनु पर ऊं नि निकाली सकिनि।
19
इन सूंणि कै यीशु ल ऊं तैं जवाब दे के बोलि, “हे अविश्वासी लुखुं, तु मि पर विश्वास कनु कु मिल कब तक तुमारो इन्तजार कन? अर कब तक तुमारा अविश्वास तैं सौंण, वे लड़का तैं मि मा लेकै आवा।”
20
तब उ लड़का तैं यीशु मा लेकै ऐनी अर जब दुष्टात्मा ल यीशु तैं देखि त वीं दुष्टात्मा ल वे तैं मड़कै अर उ भुयां धरती मा पोड़ि गै अर गिच्चा बट्टी झाग निकाली अर उ लफड़ाण लगि गै।
21
यीशु ल वे लड़का का बुबा मा पूछि, यु तैं यु सब कब बट्टी हूंणु च वेल बोलि, बचपन बट्टी जब उ भौत छुटो छो।
22
दुष्टात्मा यु तैं खत्म कनु कु कभि आग मा कभि पांणी मा डोल दींनि पर जु तु कुछ कैरी सकदी छै त हम पर दया कैरी कै हमारो भलो कैर।
23
यीशु ल वेकु बोलि, क्य तू बुल्णी छै कि, जु तुम कैरी सकदां; क्य त्वे तैं विश्वास नि च? विश्वास कनवळा कु सभि कुछ हवे सकदु।
24
वे लड़का का बुबा ल तुरंत गंगजै कै बोलि, “हे प्रभु मि विश्वास करदु मेरा अविश्वास तैं दूर कैर।”
25
जब यीशु ल देखि कि लोग दौड़ि कै भीड़ मा जुड़णा छिन त वेल वीं दुष्टात्मा तैं इन बोलि के घुड़कि, हे अशुद्ध आत्मा जु यु लड़का तैं गुंगु अर बहरो बनांणी छै मि त्वे तैं आज्ञा दींणु छौं वे तैं छोड़ी के निकली जा अर फिर कभि यु मा नि समै।
26
तब उ दुष्टात्मा चिल्लै कै अर वे नौंना तैं मरोड़ कै निकली गै अर उ नौंनो हिली तक नीच अर मुरयां जन लगि इख तक कि भौत लोग बुल्ण लगि गैनी कि उ मोरि गै।
27
पर यीशु ल वेको हथ पकड़ी के वे तैं उठै अर उ खड़ो हवे गै।
28
बाद मा जब यीशु अपड़ा चेलों दगड़ा मा घौर मा ऐ त तब ऊंल वे तैं पूछि हम ल व दुष्टात्मा किलै नि निकाली साकी?
29
फिर यीशु ल उत्तर दे, “पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना अर उपवास का अलावा यु जन दुष्टात्मा लुखुं बट्टी भैर नि ऐ सकदी।”
30
“फिर यीशु अर वेका चेलों, ल व जगह छोड़ी द्ये अर गलील जिला बट्टी हवे के जांणा छा यीशु नि चांदु छो कि कुई जांणु की उ ऊख च।”
31
किलैकि यीशु अपड़ा चेलों का दगड़ी मा और रांण चयणु छो अर ऊं तैं और शिक्षा दींण चांणु छो ऊंकु बुल्द छो कि “मि मनिख कु नौंनो मनिख्युं का हथ बट्टी पकड़वे जालो अर ऊंल मि तैं मारि दींण अर फिर मिल मौत का तीन दिन बाद ज्यूँदो हवे जांण।”
32
पर या बात चेलों की समझ मा नि ऐ कि वेल क्य बोलि, अर उ वे बट्टी पुछण से भि डरदा छा।
33
फिर यीशु अर वेका चेला कफरनहूम शहर वेका घौर मा ऐनी, यीशु ल ऊं तैं पूछि, बट्टा मा तुम की बात पर बहस कना छा
34
उ चुप हवे गैनी किलैकि बट्टा मा ऊंल आपस मा ईं बात पर बहस कैरी छै कि हम मा बट्टी बड़ो कु च?
35
तब यीशु ल अपड़ा बारह चेलों तैं बुलै के अपड़ा चौतरफी बैठे कै बोलि, जु कुई बढि के महान हूंण चौ त सबसे नम्र अर कम से कम अर सभियूं कि सेवा टहल कन वलो बणो।
36
तब यीशु ल एक बच्चा तैं जु ऊंका नजीक मा खड़ो छो वे तैं अपड़ा खुचल्या मा उठै कै ऊंकु बोलि।
37
जु कुई मनिख मि से प्रेम करदु अर मेरू सम्मान करद उ यूं बच्चों मा बट्टी कै भि एक तैं अपणांदु उ मि तैं न बल्कि परमेश्वर तैं जैल मि तैं भेजि अपणांदु।
38
तब यूहन्ना ल वेकु बोलि “हे गुरु हम ल एक मनिख तैं तेरु नौं की सामर्थ बट्टी दुष्टात्मा निकलण देखि अर हम वेको मना कना रां किलैकि उ हम जन तेरु चेला नि च।”
39
यीशु ल बोलि, “वेको मना नि कैरा किलैकि इन कुई नि च जु मेरा नौं से चमत्कार का काम नि कैर साको अर मि कु बुरो बोलि सैकु।”
40
किलैकि जु हमारा दुश्मन नि च उ हमारो दगड़िया ही च।
41
जु कुई एक गिलास पांणी तुम तैं इलै पिलालु किलैकि तुम मसीह का चेला कहलांदा छा त मि तुम मा सच बुल्ण छौं वेल अपड़ो प्रतिफल तैं जरुर पांण।
42
यु एक बड़ो दंड च की जु कुई यूं छुटों मा बट्टी जु मि पर विश्वास करदींनि ऊं तैं उतेडो लगौ त वेको त यु भलो च कि उ अपड़ा गौळा मा जंदरा को पाट लटकाये जौं अर उ समुद्र मा डाले जौं।
43
पाप का वे कारण तैं अफ बट्टी दूर कैरी के निकाली दे अर वे तैं स्वीकार कर जन जु तेरु हथ त्वे तैं ठोकर लगौ त वे तैं काटि दे बगैर हथ त्वे तैं स्वर्ग मा जांण यां बट्टी भलो च कि द्वी हथ हवे कै भि नरक कि आग मा डाले जौ ज्वा कभि बुझदि नि च।
44
अर नरक मा जख वेको कीड़ो नि मोरदु अर आग नि बुझदि।
45
पाप का वे कारण तैं अफ बट्टी दूर कैरी के निकाली दे अर वे तैं स्वीकार कर जन जु तेरु खुटा त्वे तैं ठोकर लगौ त वे तैं काटि दे बगैर खुट्टों त्वे तैं स्वर्ग मा जांण यां बट्टी भलो च कि द्वी खुट्टों हवे कै भि नरक कि आग मा डाले जै।
46
अर नरक मा जख ऊंकु कीड़ो नि मोरदु अर आग नि बुझदि।
47
पाप का वे कारण तैं अफ बट्टी दूर कैरी के निकाली दे अर वे तैं स्वीकार कर जन जु तेरु आँखों त्वे तैं उतेडो लगौ त वे तैं निकाली दे कांणो हवे कै परमेश्वर का राज्य मा जांण त्वे कु भलो होलो कि द्वी आँखा हवे कै भि तु नरक मा डाले जै।
48
अर नरक मा जख वेको कीड़ो नि मोरद अर आग नि बुझदि।
49
किलैकि हरेक मनिख आग ल शुद्ध करे जालो जन बलिदान तैं लूंण ल शुद्ध करदींनि।
50
लूंण त खूब च पर जु वेको स्वाद बितड़ि जौं त वे तैं क्य ल ल्युणणो करिल्या? अफ मा लूंण जन गुण रखा अर आपस मा मेल मिलाप से रावा।
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