bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Maithili
/
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
/
Romans 16
Romans 16
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
1
एहि पत्र द्वारा किंख्रिया शहरक मण्डली-सेविका, अपना सभक बहिन फीबेक परिचय दैत
2
हम अहाँ सभ सँ निवेदन करैत छी जे, जाहि तरहेँ परमेश्वरक लोक केँ एक-दोसराक स्वागत करबाक चाही तहिना अहाँ सभ प्रभु मे हुनकर स्वागत करिऔन, आ जँ हुनका कोनो बात मे अहाँ सभक सहायताक आवश्यकता होनि तँ अहाँ सभ हुनकर सहायता करिऔन, कारण, ओ बहुतो लोकक, आ हमरो, बड्ड सहायता कयने छथि।
3
मसीह यीशुक काज मे हमर सहकर्मी प्रिस्किला आ अक्विला केँ हमर नमस्कार।
4
ओ सभ हमर प्राण बचयबाक लेल अपन जीवन संकट मे कऽ लेने छलाह। मात्र हमहीं नहि, बल्कि गैर-यहूदी लोकक सभ मण्डली अपना केँ हुनका सभक आभारी मानैत छथि।
5
हुनका सभक घर मे जमा होमऽ वला मण्डली केँ सेहो नमस्कार। हमर प्रिय मित्र इपैनितुस केँ, जे आसिया प्रदेश मे पहिल व्यक्ति छथि जे मसीहक विश्वासी भेलाह, तिनका हमर नमस्कार कहिऔन।
6
मरियम केँ सेहो हमर नमस्कार अछि, जे अहाँ सभक लेल बहुत परिश्रम कयने छथि।
7
अन्द्रोनिकुस आ यूनियास, जे हमर जाति-भाय सभ छथि और हमरा संग जहल मे छलाह, तिनका सभ केँ हमर नमस्कार कहू। ई सभ मसीह-दूत सभ मे प्रतिष्ठित लोक छथि आ हमरा सँ पहिने मसीहक विश्वासी भेलाह।
8
अम्पलियातुस केँ, जे प्रभु मे हमर प्रिय मित्र छथि, तिनका हमर नमस्कार।
9
मसीहक काज मे अपना सभक सहकर्मी उरबानुस आ हमर प्रिय मित्र इस्तखुस केँ हमर नमस्कार कहू।
10
अपिलेस केँ, जे परीक्षा मे स्थिर रहि मसीहक दृष्टि मे सुयोग्य सेवक निकललाह, हमर नमस्कार। अरिस्तुबुलुस आ हुनकर परिवारक लोक केँ हमर नमस्कार।
11
हमर जाति-भाय हेरोदियोन केँ, आ नरकिस्सुसक परिवार मे जे सभ प्रभुक लोक छथि, तिनका सभ केँ हमर नमस्कार कहू।
12
प्रभुक सेवा मे परिश्रम करऽ वाली त्रुफेना आ त्रुफोसा केँ हमर नमस्कार। प्रिय बहिन परसिस केँ, जे प्रभुक सेवा मे बहुत परिश्रम कयने छथि, हुनका हमर नमस्कार कहू।
13
प्रभुक कृपापात्र रूफुस आ हुनकर माय केँ, जे हमरो माये छथि, तिनका सभ केँ हमर नमस्कार अछि।
14
असुंक्रितुस, फिलेगोन, हिरमेस, पत्रुबास, हिर्मास आ हुनका सभक संग जे आओर भाय सभ छथि, तिनका सभ केँ हमर नमस्कार कहू।
15
फिलोलोगुस आ यूलिया, नेरियुस आ हुनकर बहिन, उलुम्पास और प्रभुक आरो सभ लोक जे हुनका सभक संग छथि, तिनका सभ केँ हमर नमस्कार।
16
पवित्र मोन सँ एक-दोसर केँ सस्नेह नमस्कार करू। मसीहक सभ मण्डलीक लोक अहाँ सभ केँ नमस्कार कहैत छथि।
17
यौ भाइ लोकनि, हम अहाँ सभ सँ आग्रहपूर्बक विनती करैत छी जे अहाँ सभ ओहन लोक सभ सँ सावधान रहू जे सभ अहाँ सभ जे शिक्षा पौने छी तकरा विरुद्ध बात सिखा कऽ अहाँ सभ मे फूट करबैत अछि आ अहाँ सभक विश्वास केँ बिगाड़बाक कोशिश करैत अछि। अहाँ सभ ओहन लोक सभ सँ दूरे रहू।
18
ओ सभ अपना सभक प्रभु मसीहक सेवा नहि, बल्कि अपन पेटक पूजा करैत अछि। ओ सभ फुसलाबऽ वला मिठगर-मिठगर बात कऽ कऽ सोझगर लोक सभ केँ भटका दैत अछि।
19
अहाँ सभक आज्ञा-पालनक चर्चा सभ ठाम पसरि गेल अछि। तेँ अहाँ सभक कारणेँ हमरा बहुत आनन्द अछि। मुदा तैयो हम चाहैत छी जे अहाँ सभ नीक काज करऽ मे बुद्धिमान बनू आ अधलाह काज सभ सँ दूर रहू।
20
शान्तिदाता परमेश्वर बहुत जल्दी शैतान केँ अहाँ सभक पयरक तर मे थुरबौताह। अपना सभक प्रभु यीशुक कृपा अहाँ सभ पर बनल रहय।
21
हमर सहकर्मी तिमुथियुस, आ जाति-भाय सभ लूकियुस, यासोन आ सोसिपात्रस अहाँ सभ केँ नमस्कार कहि रहल छथि।
22
हम, तेरतियुस, जे एहि पत्र केँ लिखबाक काज कयलहुँ, अहाँ सभ केँ प्रभु मे नमस्कार कऽ रहल छी।
23
गयुसक दिस सँ नमस्कार जे एहिठामक सम्पूर्ण मण्डलीक और हमरो अतिथि-सत्कार कयनिहार छथि। एहि नगरक कोषाध्यक्ष इरास्तुस आ अपना सभक भाय क्वारतुस सेहो अहाँ सभ केँ अपन नमस्कार पठा रहल छथि।
24
[अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक कृपा अहाँ सभ पर बनल रहय। आमीन।]
25
आब ओहि परमेश्वरक स्तुति होनि जे अहाँ सभ केँ यीशु मसीहक शुभ समाचार द्वारा, अर्थात् जे शुभ समाचार हम सुनबैत छी, ताहि शुभ समाचार द्वारा स्थिर राखऽ मे समर्थ छथि। ई शुभ समाचार ओहि रहस्यक उद्घाटन अछि जे युग-युग सँ गुप्त राखल गेल छल,
26
मुदा आब प्रगट भऽ गेल अछि। और आब युगानुयुग तक रहनिहार परमेश्वरक आदेशानुसार हुनकर प्रवक्ता सभक लेख सभक प्रचार द्वारा ई शुभ समाचार सुनाओल जा रहल अछि, जाहि सँ सभ जातिक लोक विश्वास कऽ हुनकर आज्ञाकारी बननि।
27
ओही एकमात्र ज्ञानमय परमेश्वरक स्तुति यीशु मसीहक द्वारा युगानुयुग होइत रहनि! आमीन।
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16