bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
John 11
John 11
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 12 →
1
बैतनिय्याह गौं मा लाजर नौं कु एक मनिख बिमार छो ज्वा मार्था की बैंण मरियम द्वीयूँ कु भैय छो।
2
या व मार्था की बैंण मरियम छै जैल प्रभु पर इत्र डाली के यीशु का खुट्टा तैं अपड़ा लटुलोंन ल फूंजी छो वीं कु भैय लाजर बिमार छो।
3
इलै वेकी बैंण ऊंकु रैबार भेजि “हे प्रभु देखा जै बट्टी तु प्रेम रखदि छै उ बिमार च”
4
यु सूंणि के यीशु ल बोलि, “या बिमारी मुरण वली नि च, पर परमेश्वर कि बड़ै कु च की वेका द्वारा मि परमेश्वर का नौंना कि बढ़ै हो”
5
यीशु मार्था अर वीं कि बैंण अर ऊंका भैय लाजर तैं प्रेम करदु छो।
6
पर वेल सूंणि कि उ बिमार च त जख उ छा द्वी दिनों तक उखि रै गैनी।
7
द्वी दिनों का बाद यीशु ल चेलों मा बोलि, “आवा हम फिर यहूदिया प्रान्त कु जौला”
8
चेलों ल ऊंमा बोलि, “हे गुरु, अभि त यहूदी अगुवा त्वे पर ढ़ुग्यों कन चांणा छिन क्य तु फिर भि उखि जांण छै?”
9
यीशु ल जवाब दींनि, क्य दिन का बारह घंटा नि हुंदा?जु कुई दिन कु चलो, त ठोकर नि खान्दो, ईं जगत कु उज्यालो घाम का उज्यालो तैं दिखांदु।
10
पर जु कुई राती कु चलो, त ठोकर खान्दो, किलैकि वेमा उज्यला नि च।
11
ऊंल यु बात बोलि, अर यांका बाद ऊंमा बुल्ण लगि गैनी “हमारो दगड़िया लाजर सियूं च पर मि वे तैं बिजलणु कु जांणु छौं।”
12
तब चेलों ल ऊंकु बोलि, “हे प्रभु जु उ सियूं च त खूब हवे जालो”
13
यीशु ल त वेकी मौत का बारा मा बोलि छो पर ऊंल समझी कि वेका निंद मा सींण का बारा मा बोलि
14
तब यीशु ल ऊंमा साफ-साफ बोलि दींनि “लाजर मोरि गै”
15
अर मि तुमारा कारण से आनन्द मा छौं कि मि उख नि छो इलै की तुम विश्वास करयां। पर अब आवा हम वेमा जौला।
16
तब थोमा ल जैकु दिदुमुस बुल्दा छा अपड़ा दगड़ा का चेलों कु बोलि, “आवा हम भि ऊंका दगड़ी मुरण कु चलदां।”
17
जब यीशु बैतनिय्याह गौं मा ऐ त वे तैं यु हवे की वे तैं चार दिन पैली ही दफनये गै।
18
बैतनिय्याह गौं यरूशलेम शहर का संमणी कुई तीन मील बट्टी कम दूरी पर छों।
19
अर भौत सा यहूदी लोग मार्था की बैंण मरियम मा ऊंका भैय का बारा मा शान्ति दींणु कु ऐ छा।
20
जब मार्था ल यीशु कि औंणै की खबर सूंणि त वे बट्टी भेंट कनु कु चलि गै पर मार्था की बैंण मरियम का घौर मा ही छै।
21
मार्था ल यीशु कु बोलि, “हे प्रभु, त्वे तैं इख हूंण चयणु छो तब मेरा भैय की मृत्यु नि हूंद
22
अर अभि भि मि जंणदु छौं कि जु तु परमेश्वर बट्टी मंगिल्या, परमेश्वर त्वे तैं दयालो।”
23
यीशु ल वेकु बोलि, “तेरु भैय फिर से जी उठलो।”
24
मार्था न ऊंमा बोलि, “मि जंणदु न्याय का दिन मा उ ज्यून्दो हवे जालो।
25
यीशु ल वीं मा बोलि, मि ऊई छों जु मुरयां लुखुं तैं जीवन मा वापिस लांदु छों अर जु कुई मि पर विश्वास करदु जु उ मोरि भि जालो तब भि ज्यून्दो रालो।
26
अर जु मि मा ज्यूँदो च अर मि पर विश्वास करदु च उ कभि नि मुरुलो क्य तु ईं बात पर विश्वास करदी छै?”
27
वीं ल यीशु मा बोलि, “हे प्रभु हां मि विश्वास करदु छौं कि परमेश्वर कु नौंनो मसीह जु जगत मा आंण वला छो उ तु ही छै।”
28
इन बोलि के मार्था चलि गै अर मार्था की बैंण मरियम तैं चुपचाप बुलै के बोलि, “गुरु इखि छिनी त्वे तैं बुलांणा छिन।”
29
इन सूंणि के व वे बगत उठि के ऊंमा ऐ।
30
यीशु अभि भि गौं से भैर छो पर वीं जगह मा छो जख मार्था ल वे बट्टी भेंट कैरी छै।
31
तब जथग भि यहूदी लोग वेका दगड़ी घौर मा छो अर मार्था की बैंण मरियम तैं शान्ति दींणा छा ऊं देखि के उठि के भैर चलि गै तब ऊंल समझी कि व रौंणु कु कब्र मा जांणि च तब उ भि वीं का पिछनै चलि गैनी।
32
“जब मार्था की बैंण मरियम उख पौंछि जख यीशु छो त उ यीशु तैं दिखद त वेका खुट्टा मा गिरी कै बोलि” हे प्रभु जु तु इख हूंदी त मेरा भैय ल नि मुरण छो।
33
जब यीशु ल वीं को अर ऊं यहूदियों कु जु वेका दगड़ी ऐ छा रूंण देखि, वेल गैरि आह भौरि उ भौत दुखी हवे
34
अर बोलि, तुमारो उ कख दफनये? ऊंल वेमा बोलि, हे प्रभु चलि के तु ही देखि ल्यावा।
35
यीशु रूंण लगि गै।
36
तब यहूदी लोग बुल्ण लगि गैनी देखा उ वे तैं कथना प्रेम करदु।
37
पर ऊंमा बट्टी कथगों ल बोलि, येल त वे अंधा आदिम की आंखों तैं खूब कैरी, उ लाजर तैं मुरण बट्टी बचै सकदु छो?
38
यीशु ल गहरी आह भौरि उ भौत दुखी हवे अर कब्र पर ऐ उ एक गुफा छै अर एक ढुंगों बट्टी गुफा कु मुक बंद कैरी के रख्युं छो।
39
यीशु ल बोलि, “तैं पठाल हटै द्या” वे लाजर की बैंण मार्था ऊंमा बुल्ण लगि गै हे प्रभु वे बट्टी अब त बाश औंणि च किलैकि वे तैं मुरयां चार दिन हवे गैनी।
40
यीशु ल वेमा बोलि, “क्य मिल त्वे मा नि बोलि छो कि जु तू विश्वास करिली त परमेश्वर की महिमा तैं दिखली।”
41
तब ऊंल वे ढुंगों तैं हठै। फिर यीशु ल स्वर्ग जनै देखि के बोलि, “हे पिता मि तेरु धन्यवाद करदु कि तिल मेरी सूंणेलि।
42
मि जंणदु छौं, कि तु सदनी मेरी सुंणदि छै, पर मिल ईं भीड़ का कारण अमणी-संमणी खड़ी च, वे कारण मिल यु बोलि, की उ सब विश्वास कैरा कि तिल मि तैं भेजि।”
43
इन बोलि, के ऊंल जोर से धै लगै के बोलि, “हे लाजर भैर निकली के औ।”
44
जु मोरि गै छो उ दफनयां ही कपड़ा की पट्टियां ल बंधि ही भैर ऐ अर वेको मुक अँगोछा ल लपेटियूं छो यीशु ल वेकु बोलि, वे तैं जांणि द्या।
45
तब जु यहूदी लोग जु मार्था की बैंण मरियम का दगड़ी ऐ छा अर वेकु यु काम देखि, वेमा बट्टी भौत लुखुं ल वे पर विश्वास कैरी।
46
पर ऊंमा बट्टी कथगों ल फरीसियों का संमणी जै के यीशु का कामों कु समाचार दींनि।
47
यां पर प्रधान याजक अर फरीसियों ल महासभा का लुखुं तैं कठ्ठा कैरी कै कि हम क्य करला? यु मनिख त भौत चमत्कार दिखांणु च।
48
जु हम वे तैं यु जन कन दींणै की अनुमति द्या त हर कुई मसीह का रूप मा वे पर विश्वास कन लगला अर रोमी ऐ के हमारी जगह अर जाति द्वीयूँ पर हमारा मंदिर अर देश पर बट्टी हमारो अधिकार तैं लै दयाला।
49
तब ऊंमा बट्टी कैफा नौं यहूदी सभा का सदस्यों मा बट्टी एक ल जु वे साल कु महायाजक कैफा कु ससुर छो वेमा बोलि, “तुम कुछ भि नि जंणदां,
50
अर न कुछ समझदां, कि तुम कु भलो च, कि लुखुं कु एक मनिख मोरि अर नि यु हमारा सभि लुखुं कु नाश हवे।”
51
या बात वेल अपड़ा तरपां बट्टी नि बोलि, वे साल का महायाजक का रूप मा, वेल यु भविष्यवाणी कैरी कि यीशु इस्राएल का लुखुं कु मुरुलो।
52
पर भस वे कु ही नि उ परमेश्वर की अन्य सन्तानों कु भि मुरलि जु यु धरती मा बिखरयां छिन कि ऊं तैं कठ्ठा कैर साका।
53
इलै वे दिन बट्टी यहूदी अगुवा वे तैं खत्म कनै की योजना कना छा।
54
ये षड्यंत्र का कारण यीशु वे बगत बट्टी यहूदियों मा प्रगट हवे के नि फिरा, पर उख बट्टी एकांत जंगल का नजीक का प्रदेश का इफ्राईम नौं, एक नगर कु चलि गै अर अपड़ा चेलों का दगड़ी ऊखी रौंण लगि गै।
55
यहूदियों कु फसह कु त्यौहार का बगत नजीक छो अर भौत सैरा लोग फसह से पैली अपड़ा गौं बट्टी यरूशलेम शहर कु गैनी कि मंदिर मा अपड़ा आप तैं शुद्ध कैरा।
56
अर तब उ यीशु तैं ढुंढण लगि गैनी अर यरूशलेम शहर का मन्दिर मा खड़ा हवे के आपस मा बुल्ण लगि गैनी “तुम क्य सुचद्यां? क्य वेल ये त्योहार मा नि आंण?”
57
प्रधान याजक अर फरीसियों ल भि आज्ञा दीं छै कि जु कुई जंणदु च की यीशु कख च त बतौ की वे तैं पकड़ी सका।
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 12 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21