bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
John 7
John 7
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 8 →
1
यूं बातों का बाद यीशु गलील जिला मा घुमणा रैनी किलैकि यहूदियों का अगुवों ल ऊं तैं मरणै की कोशिश कना छा इलै यीशु यहूदिया प्रान्त मा घुमण नि चांणा छा।
2
यहूदियों कु झोपड़ियों का डेरा कु त्यौहार आंण वलो छो।
3
इलै यीशु का भयों ल ऊंमा बोलि, इख बट्टी यहूदिया प्रान्त कु जा कि जौं कामों तैं तु करली ऊं तैं तेरु चेला भि दिखा।
4
इलै उ चांदा छा की लोग तुमारा बारा मा जांणा, त त्वे तैं खुला तोर पर सब का संमणी कामों तैं कन चयणु च, जु तु यु काम करदो छै, त अफ तैं जगत मा प्रगट कैर।
5
किलैकि यीशु का भैय भि वे पर विश्वास नि करदा छा।
6
तब यीशु ल ऊंमा बोलि, मेरू बगत अभि तक नि ए, पर तुम कु कभि बगत ठिक च।
7
दुनिया का लोग तुम बट्टी बैर नि कैरी सकदींनि पर उ मि बट्टी बैर करदींनि किलैकि मि वेका विरोध मा ईं गव्है दींदु छौं कि वेका काम बुरा छिन।
8
तुम त्योहार मा जावा पर मि अभि यु त्योहार मा नि जांणु किलैकि अभि तक मेरू बगत पूरो नि हवे।
9
यीशु उ बट्टी यूं बातों तैं बोलि के गलील जिला मा ही रै गै।
10
पर जब यीशु का भैय त्योहार मा चलि गैनी, तब उ अफ भि प्रगट मा नि, पर बगैर कै तैं पता चल्यां गुप्त त्योहार मा चलि गै।
11
यहूदियों का त्योहार मा यीशु तैं यु बोलि के खुज्योंण बैठी गैनी कि उ कख च?
12
अर लुखुं का बीच यीशु का बारा मा चुप चुपिके भौत सी बात हवे गैनी: कुछ बुल्दा छा उ भलो मनिख च “अर कुछ बुल्दा छा न उ लुखुं तैं भरमांदु च”
13
यहूदियों का अगुवों का डौर का बाना कुई आदिम यीशु का बारा मा खुलि के नि बुल्दा छा।
14
जब त्योहार का अधा दिन बीति गैनी त यीशु यरूशलेम शहर का मन्दिर मा जै के उपदेश दींण बैठी गै।
15
तब यहूदियों ल चकित हवे के बोलि, यु तैं बगैर पैढ़ी कै परमेश्वर का वचन कु ज्ञान कख बट्टी मिली?
16
यीशु ल ऊं तैं जवाब दींनि मेरू उपदेश मेरू अपड़ा नि च पर यु परमेश्वर का तरपां बट्टी च जैल मि तैं भेजि।
17
इलै कुई वेकी इच्छा पर चलण चांदो उ जांणि ल्यो की मेरी शिक्षा परमेश्वर की तरपां बट्टी औंद या मेरा अपड़ा अधिकार बट्टी न, या मेरा अपड़ी तरपां बट्टी नि बुल्द।
18
जु अपड़ी तरपां बट्टी कुछ बोलु उ अपड़ी ही बड़ै चांद पर जु अपड़ा भिजण वला कि बड़ै चांद उ ही ईमानदार च अर वेमा बेमानी नि च।
19
क्य परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला मूसा ल व्यवस्था अफ दे? तब भि तुम मा बट्टी कुई मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था पर नि चलदो। तुम किलै मि तैं मरण चांणा छा?
20
लुखुं ल जवाब दे त्वे मा दुष्टात्मा च। कु त्वे तैं मरण चांणु च?
21
यीशु ल ऊं तैं जवाब दींनि यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन च मि एक चमत्कार कैरी अर तुम सब भैंचक्क छा।
22
इलै मूसा ल तुम तैं खतना कि आज्ञा दीं च इन नि च कि व मूसा कि तरपां बट्टी च पर बापदादों बट्टी चलदी औंणि च अर तुम यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन च मनिख्युं कु खतना करदां छा।
23
जब यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन च मनिख्युं को खतना करे जांदु किलैकि मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था कि आज्ञा टले नि जौं अर तुम मि पर किलै गुस्सा कना छा कि यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन च येल एक मनिख तैं पूरा ढंग से ठिक कैरी।
24
मुक देखि के न्याय नि करयां पर सचै देखि के न्याय कैरा।
25
तब कथग ही यरूशलेम शहर का रौंण वला बुल्ण लगि गैनी क्य यु हमारो अगुवा नि च जै तैं मरणै कि कोशिश किये जांणि च?
26
पर देखा उ त सभियूं का संमणी बात करदु अर कुई वेकु कुछ नि बुल्द क्य सम्भव च की ऊं सच-सच जांणेली छो कि यु ही मसीह च?
27
यु तैं त हम जंणदा छा कि यु कखौ च। पर मसीह जब आलो त कुई नि जंणुलो कि उ कखौ च।
28
तब यीशु ल यरूशलेम शहर का मन्दिर मा उपदेश दींण बगत धै लगै के बोलि, तुम जंणदा छा अर यु भि जंणदा छा कि मि कखौ छौं। मि त अफ बट्टी नि अयुं पर मेरा भिजण वलो विश्वासयोग्य च वे तैं तुम नि जंणदा।
29
पर मि परमेश्वर तैं जंणदु छौं किलैकि मि वेकी तरपां बट्टी छौं अर वेल मि तैं भेजि।
30
यां पर अगुवों ल वे तैं पकड़ण चै तब भि कैल भि वे तैं गिरफ्तार नि कैरी साकी किलैकि वेको मुरण कु ठिक बगत अभि नि ऐ छो।
31
तब भि भीड़ मा बट्टी भौत सी लुखुं ल वे पर विश्वास कैरी अर बुल्ण लगी गैनी कि मसीह जब आलो त क्य यांसे जादा चमत्कार दिखालो जु येल दिखेनि?
32
फरीसियों ल लुखुं तैं यीशु का बारा मा ईं बात तैं सुरुक-सुरुक करद सूंणि अर प्रधान याजक अर फरीसियों ल यीशु तैं पकड़णु कु मन्दिर का रखवला भिजिनि।
33
ईं बात पर यीशु ल बोलि मि जरा देर तक और तुम दगड़ी छौं तब भिजण वला मा लौटि जौलु।
34
तुम मि तैं ढुंडिलया पर नि पैल्या अर जख मि छौं उख तुम नि ऐ सकदां।
35
यहूदियों का अगुवों ल आपस मा, “बोलि यु कख जालो कि हम यु तैं नि पौला? क्य उ, ऊं यहूदी लुखुं का बारा मा बुल्दो छो अर क्य अन्यजाति छा जु इस्राएल भैर बिखरी के रौंदा छा अर यूनानी छा क्य उ तैं भि उपदेश दयालो?
36
वेको क्य मतलब च की तुम मि तैं ढुंडिलया, पर नि पैल्या अर जख मि छौं उख तुम नि ऐ सकदां?”
37
त्योहार का आखिर दिन जु मुख्य दिन छो यीशु खड़ो हवे गै अर धै लगै के बोलि, जु कुई तिसलो च त मि मा औ अर प्यो।
38
जु मि पर विश्वास करलो जन परमेश्वर का वचन लिख्युं च, वेका हृदय मा बट्टी जीवन का पांणी की गाड जु जीवन दींद निकलली।
39
यीशु ल यु वचन पवित्र आत्मा का बारा मा बोलि, जै तैं विश्वास कन वला पांण वला छा किलैकि पवित्र आत्मा अभि तक नि उतरी छो, परमेश्वर ल अब तक यीशु की बड़ै तैं प्रगट नि कैरी छो।
40
तब भीड़ मा बट्टी कै कैल यूं बातों तैं सूंणि के बोलि, “सचमुच यु उ परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो च जैकी हम जग्वाल कना छा।”
41
दुसरा लुखुं ल बोलि, कि यु मसीह च। पर कै कैल बोलि, किलै? क्य मसीह गलील जिला बट्टी आलो?
42
परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च कि मसीह राजा दाऊद का वंश बट्टी अर बैतलहम गौं बट्टी आलो जख राजा दाऊद रौंदु छो।
43
अर यीशु का कारण लुखुं का बीच मा फूट पोड़ि गै।
44
ऊंमा बट्टी कथग वे तैं पकड़ण चांदा छा जु अगुवा छा, तब भि कैल वे तैं गिरफ्तार नि कैरी।
45
तब सिपै प्रधान याजक अर फरीसियों का संमणी ऐ, अर ऊंल ऊंमा बोलि, तुम वे तैं किलै नि ल्या?
46
सिपैयूं ल जवाब दींनि कै मनिख ल कभि इन बात नि बोलि?
47
तब फरीसियों ल ऊंकु बोलि, “क्य तुम भि भड़कै त नि ग्यां।
48
क्य शासक या फरीसियों मा बट्टी कैल भि वे पर विश्वास कैरी?
49
पर यु लोग जु मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था नि जणदींनि परमेश्वर का द्वारा श्रापित छिन।”
50
नीकुदेमुस ल, जु पैली यीशु का संमणी ऐ छो अर ऊंमा बट्टी एक छो वेल बोलि,
51
क्य हमारी व्यवस्था कै मनिख तैं तब तक भंगारी ठैरांदी जब तक कि पैली वे तैं सुणै नि जौ कि उ क्य करद।
52
ऊंल वे तैं जवाब दींनि, “क्य तू भि गलील जिला कु छै? परमेश्वर का वचन मा ढूँढ़ अर तू जंणिली कि गलील बट्टी कुई परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो प्रगट नि हवे सकदु।”
53
तब सभि अपड़ा-अपड़ा घौर कु चली गैनी।
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 8 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21