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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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John 12
John 12
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु फसह का त्यौहार बट्टी छै दिन पैली बैतनिय्याह मा ऐ जख वेल लाजर तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो कैरी छो।
2
उख ऊंल वेको खांणु तैयार कैरी अर मार्था सेवा कनि छै, अर लाजर ऊंमा बट्टी एक छो जु यीशु दगड़ी खांणा खांणु कु बैठयूं छो।
3
तब मार्था की बैंण मरियम जटामांसी कु अधा लीटर का लगभग बहुमूल्य इत्र लेकै यीशु का खुट्टा मा डाली, अर अपड़ा लटुलों ल ऊंका खुट्टा पोंछैंनि, अर इत्र कि खुशबु ल घौर मैहकंण लगि गै।
4
पर ऊंका चेलों मा बट्टी यहूदा इस्करियोती जु वे तैं पकड़वौंण चांदु छो उ बुल्ण लगि गै।
5
यु इत्र त तीन सौ दिन की मजदूरी मा बेचि के वांका पैसा गरीब गरबों तैं किलै नि दिये गै?
6
वेल या बात इलै नि बोलि छै कि वे तैं गरीबों कि चिंता छै पर इलै की उ चोर छो अर वेमा ऊं सभियूं कि रुप्यों कि थैलि रांदि छै वीं थैलि मा जु कुछ भि डलेंदु छो उ निकाली दींदु छो।
7
यीशु ल बोलि, “वे तैं रैंण द्या। वे तैं मेरा दफनौंण का दिनौ कु रैंण द्या।
8
किलैकि गरीब त तुमारा दगड़ा मा सदनी रौदींनि पर मि तुम दगड़ी सदनी नि रांण।”
9
जब यहूदी लुखुं कि बड़ी भीड़ जांणि गै कि यीशु उख छिनी त उ उख यीशु का बानु नि गैनी पर उ लाजर तैं दिखण चांणा छा जै तैं ऊंल ज्यूँदो कैरी छो।
10
तब प्रधान याजक लाजर तैं खत्म कनु प्रपंच रचि।
11
किलैकि लाजर का कारण भौत सा यहूदी लोग ऊं तैं अस्वीकार कन लगी गैनी, अर ऊंल यीशु पर विश्वास कैरी।
12
दुसरा दिन उख फसह कु त्यौहार मा अयां भौत सा लुखुं ल सूंणि कि यीशु यरूशलेम शहर आंणु च।
13
इलै ऊंल खजूर कि फौंकि हथ मा रखिनि अर ऊंका दगड़ा भेंट कनु कु चलि गैनी अर बुल्ण लगि गैनी “होशाना” धन्य च उ जु इस्राएल का लुखुं का घराना जु परमेश्वर की सामर्थ से औंदु
14
जब यीशु तैं गधा कु एक बच्चा मिली तब उ वे पर बैठी के यरूशलेम शहर मा ऐ जन लिख्युं च उन ही हवे
15
“हे सिय्योन की नौंनि नि डैर देख तेरु राजा गधा का बच्चा पर बैठी के औंणु च।”
16
यीशु का चेला यु बातों तैं पैली नि समझी छा पर जब यीशु की बड़ै प्रगट हवे त ऊं तैं याद ऐ की जु कुछ भि यीशु का दगड़ी हवे उ ठिक उन ही छो जन कि परमेश्वर का वचन मा बुलै गै छो।
17
तब भीड़ का लुखुं ल जु वे बगत यीशु का दगड़ी छा उ दूसरो तैं बतांण लगि गैनी की वेल लाजर तैं कब्र मा बट्टी बुलै वे तैं ज्यूँदो कैरी।
18
इलै भौत सा लोग यीशु बट्टी मिलणु कु ऐनी किलैकि ऊंल यु चमत्कार का बारा मा सूंणि छो।
19
तब फरीसियों ल आपस मा बोलि, “सोचा, हम कुछ नि कैर सकदा छा देखा पूरो दुनिया वेका पिछनै हवे गै।”
20
उख कुछ अन्यजाति यूनानी छा जु फसह का त्यौहार का दौरान आराधना कनु कु यरूशलेम मा ऐ छा
21
ऊं गलील जिला का बैतसैदा नगर का रांण वला फिलिप्पुस का संमणी ऐ के बिनती कैरी, “कि श्रीमान जि हम यीशु का दगड़ा भेंट कन चांणा छा।”
22
फिलिप्पुस ल अन्द्रियास मा बोलि तब अन्द्रियास अर फिलिप्पुस ल यीशु मा बोलि।
23
ईं बात पर यीशु ल ऊंमा बोलि, मि मनिख कु नौंनो कि बड़ै कु बगत ऐ गै।
24
मि तुम मा सच-सच बुल्णु छौं जब तक ग्यूं का बीज जमींन का तौला मोरि नि जौं तब तक उ इखुली रौंदु पर जब मोरि जांदु त भौत फल लांदु।
25
किलैकि जु कुई अपड़ो जीवन बचौण चौ उ वे तैं गवांलू पर जु कुई मेरा बाना अर शुभ सन्देश का बाना अपड़ा आत्मा तैं गवांलू उ अनन्त जीवन तैं पालो।
26
जु कुई मेरी सेवा कैर, त उ मेरा चेला बण मेरा पिछनैं चलो, तब जख मि छों उख मेरा सेवक भि होलो जु कुई मेरी सेवा करद, त बुबा वेको आदर करलो।
27
अब मि भौत व्याकुल छों इलै अब मि क्य बोलु? हे बुबा, मि तैं पिड़ा का बगत बचै इलै मि दुनिया मा इलै अयुं कि कष्ट उठौ।
28
हे मेरा बुबा अपड़ा नौं कि बड़ै कैर “तब स्वर्ग बट्टी इन आकाशवाणी हवे मिल वेकी बड़ै कैरी अर फिर भि करुलु”
29
तब जु मनिख खड़ो हवे के सुनणा छा ऊंल बोलि, बादल धमकी दुसरों ल बोलि, कि स्वर्गदूतों न ऊं दगड़ी बात कैरी।
30
यां पर यीशु ल बोलि, “यु शब्द यु आवाज तुमारा लाभ कु छो मेरी न।
31
दुनिया मा लुखुं कु जांच के न्याय कनु कु परमेश्वर कु बगत अब यु दुनिया कु सरदार शैतान निकाले जालो।
32
अर जु मि ईं धरती बट्टी ऊंची जगह पर चड़ाये जौलु त सभियूं तैं अपड़ी तरपां खिंचलो।”
33
इन बोलि के ऊंल यु जतलै छो कि वेल कन के मुरण छो।
34
यां पर लुखुं ल वेमा बोलि, हम ल यु परमेश्वर की व्यवस्था मा नि सूंणि कि मसीह सदनी ज्यूँदो रालो फिर तु किलै बुल्णी छै, की मि मनिख कु नौंनो तैं मथि चढ़ै जांण जरूरी च यु मनिख नौंनो कु च?
35
यीशु ल ऊंमा बोलि उज्यलो अब जरा देर तक तुमारा बीच मा च जब तक उज्यलो तुम दगड़ी च तब तक हिटिल्या इन नि हो कि अंधेरो तुम तैं घेरि द्यो जु अंधेरा मा हिटदु उन ही जंणदु कि कना जांणु
36
जब तक उज्यलो तुम दगड़ी च उज्यला पर विश्वास कैरा इलै की तुम उज्यला कि सन्तान बंणिल्या यूं बातों तैं बोलि के यीशु उख बट्टी चलि गै अर खुद तैं छिपयूं रखि।
37
अर वेल वेका संमणी इथग चमत्कार दिखैनी, तब भि ऊंल वे पर विश्वास नि कैरी।
38
इलै की यशायाह परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला कु वचन पूरा हो जु वेल बोलि छा। “हे प्रभु, कैल हमारा संदेश पर विश्वास नि कैरी? अर कुई नि समझदु च की यु तेरी पराक्रमी सामर्थ छै? अर परमेश्वर की भुजबल कै पर प्रगट हवे
39
यु कारण से ऊंल विश्वास नि कैरी सैकी किलैकि यशायाह ल इन भि बोलि,
40
वेल ऊंका आंखा अंधा करिनि इलै कि उ देख नि साका वेका मन कठोर कयूँ च कखि इन नि हो कि उ आँखों ल दिखुनु अर मन से समझुनु अर फिरुनु अर मि ऊं तैं चंगा कैरु।”
41
यशायाह ल यु बात इलै बोलि, कि वेल यीशु की बगत से पैली वेकी महिमा देखि अर वेल वेका बारा मा बात कैरी।
42
तब भि अधिकारियों मा बट्टी भि भौत ल वे पर विश्वास कैरी पर फरीसियों का कारण प्रगट मा नि मणदा छा यु डैर बट्टी की ऊं तैं यहूदियों का मिलणा का भवन मा बट्टी भैर निकलै जालो।
43
मनिख्युं कि प्रशंसा वेकी परमेश्वर की प्रशंसा बट्टी जादा प्रिय लगदि छै।
44
यीशु ल भीड़ तैं पुकारी के बोलि, जु मि पर विश्वास करदु च उ मि पर न, मेरा भिजणवला परमेश्वर पर विश्वास करदु।
45
अर जु कुई मि दिखद उ मेरा भिजण वला तैं दिखद।
46
मि यु जगत मा उज्यलो बंणि के अयुं छौं इलै की जु कुई भि मि पर विश्वास करुलु उ अंधेरा मा नि रौ।
47
जु कुई मेरी बात सूंणि के वेकी मंणदु नि च त मि वे तैं भंगारी नि ठैरालो, किलैकि मि दुनिया का लुखुं तैं भंगारी ठैरांण कु नि, पर दुनिया का लुखुं तैं बचौणु कु अयुं छौं।
48
जु मि तैं तुच्छ जंणदु च अर मेरी बात स्वीकार नि करदु च इन कुछ नि च जु मि तैं अस्वीकार कन वलो कु न्याय करलो मतलब जु वचन मिल बोलि छो, वे अंतिम दिनों मा वे तैं भंगारी ठैरालो।
49
किलैकि मिल खुद अपड़ा अधिकार बट्टी पर बुबा जैल मि तैं भेजि वेल मि तैं या आज्ञा दींनि कि मिल क्य-क्य बुल्ण अर बतांण?
50
अर मि जंणदु छौं कि वेकी आज्ञा अनन्त जीवन की च। इलै, मि तुम तैं ऊई बतौंदु छों जु पिता परमेश्वर उ मि मा बुल्द च।
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