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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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John 17
John 17
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यीशु ल अपड़ा चेलों मा यु बात बुल्ण का बाद, अर स्वर्ग की तरपां देखि के बोलि, “हे बुबा, उ बगत ऐ गै, अपड़ा नौंना कि बड़ै कैर, कि नौंना भि तेरी बड़ै कैर”
2
किलैकि तिल मि तैं सब लुखुं पर अधिकार दियूं च कि जै तैं तिल मि दियुं च ऊं सभियूं तैं मि अनन्त जीवन द्यों।
3
अनन्त जीवन यु च की लोग त्वे तैं पैछणदो बल्कि भस एकमात्र सच्चो परमेश्वर तैं, अर यु की उ मि तैं जंणदु पैछणदो, बल्कि, यीशु मसीह तैं जै तैं तिल भेजि।
4
जु काम तिल मि तैं कनु कु दे छा ऊं तैं पूरो कैरी कै मिल धरती मा तेरी बड़ै कैरी।
5
अब हे पिता परमेश्वर तु अपड़ी उपस्थिति मा मेरी बड़ै कैर, उ बड़ै मेरी छै, जु दुनिया की सृष्टि से पैली तुम दगड़ी छै।
6
मिल तेरु नौं ऊं चेलों पर प्रगट कैरी जु तिल दुनिया मा बट्टी मि तैं दींनि उ तेरा छा अर ऊंल तेरी शिक्षाओं तैं मांणी।
7
अब उ जांण गैनी, कि जु चमत्कार कनै की सामर्थ तिल मि तैं दींनि, सब तेरी तरपां बट्टी छिन
8
इलै जु संदेश तिल मि तैं दींनि, मिल ऊं तैं दे दींनि, अर ऊंल संदेश पर विश्वास कैरी अर सच-सच जांणि लील्या कि मि तेरा तरपां बट्टी अयुं छौं अर यु विश्वास कैरी कि तिल मि तैं भेजि।
9
मि ऊंकु परमेश्वर बट्टी प्रार्थना करदु जै तैं तिल मि तैं दियुं च किलैकि उ तेरा छिन पर मि ऊंकु बिनती नि करदु जु दुनिया बट्टी सम्बंध रखदु।
10
अर जु कुछ मेरू च उ सभि तेरु च अर जु तेरु च उ मेरू च अर यूं बट्टी मेरी महिमा प्रगट हवे।
11
अब मि दुनिया मा नि रौंण, मि तुम मा आंणु छों पर मेरा चेला अभि भि दुनिया मा छिन; “हे पवित्र बुबा, अपड़ा नौं की सामर्थ बट्टी वेकी रक्षा कैर, की वेको एक ही मन होलो।
12
जब मि ऊंका दगड़ा मा छो त मिल तेरु वे नौं से जु तिल मि दींनि ऊंकी राग जुगाल कैरी अर विनाश का नौंना तैं छोड़ वेमा बट्टी कुई नाश नि होलो इलै परमेश्वर का वचन मा लिखीं बात पूरी हवे।
13
पर अब मि त्वे मा आंणु छौं दुनिया मा रौंदु छों, की उ मेरा आनन्द तैं पूरी ढंग बट्टी पै साका।
14
मिल तेरु संदेश ऊं तैं दियुं च अर दुनिया का लुखुं बट्टी बैर कैरी, किलैकि जन मि दुनिया बट्टी जुड़यां छो, उ दुनिया बट्टी जुड़यां नि च।
15
मिल परमेश्वर बट्टी प्रार्थना नि कैरी, की तु ऊं तैं जगत बट्टी उठै येले, पर यु की तु ऊं तैं वे दुष्ट शैतान बट्टी ऊं की रक्षा कैर।
16
जन मि दुनिया को नि छौं उन ही उ भि दुनिया का नि छिनी।
17
तेरु वचन सच्चो च ऊंल सचै मा अफ तैं अलग कैरी।
18
जन तिल मि तैं जगत मा भेजि, मिल ऊं तैं जगत मा भेजि
19
इन कै लाभ कु मि अफ तैं पवित्र करदु छों कि उ भि सचै का द्वारा पवित्र किये जाला।
20
मि भस अपड़ा चेलों कु परमेश्वर बट्टी प्रार्थना नि करदु, पर जु यूं शिक्षा बट्टी मि पर विश्वास करदींनि ऊं कु भि बिनती करदु छों
21
कि उ सब एक छिन; जै तैं हे बुबा मि मा च, उन ही उ भि हम मा हो, इलै की यु दुनिया ल लुखुं को विश्वास कैरी, की तिल मि तैं भेजि।
22
अर उ महिमा जु तिल मि तैं दे, मिल ऊं तैं दीं च की उ एक दगड़ी हों, जन हम एक छा
23
मि ऊंमा अर तु मि मा कि उ सिद्ध हवे की एक हवे जौं अर दुनिया जांणु कि तिल मि तैं भेजि छो, अर जन तिल मि बट्टी प्रेम रखि, उन ही ऊं बट्टी प्रेम रखयां।
24
हे परमेश्वर, मि चांदु छों की जौं तैं तिल मि तैं दियुं च, जख मि छो, उखि उ भि मि दगड़ी हों की उ मेरा वे महिमा तैं देखा जु तिल मि तैं दीं च, किलैकि तिल दुनिया की उत्पत्ति बट्टी पैली मि बट्टी प्रेम रखि।
25
हे धर्मी बुबा, दुनिया ल त त्वे तैं नि जांणि, पर मि त्वे तैं जंणदु छों, अर यूं चेलों ल भि जांणि कि तिल मि तैं भेजि।
26
मिल तेरु नौं कु शुभ संदेश प्रचार ऊं पर प्रकट कैरी, अर प्रगट करदु रौलु की जु प्रेम तेरु मि बट्टी छों, उ मि मा राला अर मि ऊंमा रौलु।”
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