bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
John 13
John 13
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 12
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 14 →
1
फसह कु त्यौहार से पैली जब यीशु ल जांणेली छो कि वेको जगत छोड़ी के बुबा मा लौटि जांणु कु उ बगत ऐ गै त अपड़ा अनुयायियों बट्टी जु जगत मा छा प्रेम रखदो छो उ अब ऊं तैं अपड़ा प्रेम की पूरी हद तक प्रेम करदो छो।
2
यीशु अर वेका चेला राती कु खांणु खांणा छा। शैतान ल पैली बट्टी ही यीशु तैं धोखा दींणु कु शमौन इस्करियोती का नौंना यहूदा इस्करियोती का मन मा डाली छो।
3
यीशु यु जंणदु छो कि बुबा ल हर चीज पर अधिकार वे तैं दियुं च अर यु की उ परमेश्वर मा बट्टी अयुं च अर परमेश्वर मा जांणु च अर मि परमेश्वर मा बट्टी अयुं छों अर परमेश्वर मा जांणु छों।
4
खांणा पर बट्टी उठि के यीशु ल अपड़ो चोला उतरी दींनि अर अँगोछा लैके अपड़ी कमर पर बंधि।
5
तब भांडा पर पांणी भोरि के अपड़ा चेलों का खुट्टा धूंण अर जै अँगोछा ल एक दास का जन वेकी कमर पर बंधि छै वे बट्टी फुंजंण लगि गै।
6
जब उ शमौन पतरस का संमणी ऐनी तब पतरस ल वेमा बोलि, “हे प्रभु, क्य तुम मेरा खुट्टा धूंणा छा?”
7
यीशु ल वे तैं जवाब दींनि, “जु मि कनु छौं तु अभि यांको मतलब नि जंणदा पर यांको बाद समझली।”
8
पतरस ल यीशु मा बोलि, “तुम मेरा खुट्टा कभि नि धूंण पैला” यु सूंणि के यीशु ल वेकु बोलि, जु मि तुमारा खुट्टा नि धूं त तुमारो मि दगड़ी कुई सम्बंध नि होलो।
9
शमौन पतरस ल ऊंमा बोलि, “हे प्रभु त मेरा खुट्टा ही न बल्कि मेरा हथ अर मुंड भि ध्वे द्या।”
10
यीशु ल वेमा बोलि, “एक आदिम जु नहे गै हो वे तैं भस अपड़ा खुट्टा तैं धुंणै की ही जरूरत च वेकी पूरो देह साफ च अर तुम सब शुद्ध छा, भस एक तैं छोड़ी के।”
11
उ अपड़ा पकड़वौंण वला तैं जंणदु छा इलै वेल इलै बोलि, अर तुम सब शुद्ध छा भस एक तैं छोड़ी के।
12
जब यीशु ल वेका खुट्टा ध्वे दींनि अर अपड़ा भैरा का कपड़ा पैरी के फिर बैठी गै त उ बुल्ण लगि गै, “क्य तुम समझयां कि मिल तुमारा दगड़ी क्य कैरी?
13
तुम मि कु गुरु अर प्रभु, बुल्दा अर जु तुम बुल्दा छा उ ठिक च किलैकि मि तुमारो गुरु अर प्रभु छों।
14
जु मि तुमारो गुरु अर प्रभु हवे के तुमारा खुट्टा ध्वे, त तुम तैं भि इन कन चयणु च अपड़ा आप तैं नम्र कैरी के एक दुसरा का खुट्टा धूंण चयणु च।
15
किलैकि मिल तुमारा संमणी एक मिसाल रखि कि जन मिल तुमारा दगड़ा मा कैरी तुम भि उन ही करयां।
16
मि तुम मा सच-सच बुल्णु छों, प्रेरित अपड़ा गुरु से बड़ी के नि हुंदू अर न ही कुई भिज्युं अपड़ा भिजणवला बट्टी।
17
अब जबकि तुम यूं बातों तैं जंणदा छा, त तुम इन कैरी के धन्य हवे जावा।
18
मि तुम सभियूं का बारा मा नि बुल्णु छौं जौं तैं मिल चुंणेलि ऊं तैं मि जंणदु छौं पर यु इलै हूंद कि परमेश्वर का वचन मा जु लिख्युं च उ सच हो जु मेरी रुट्टि खान्दो जैल मेरा दगड़ी खै वेल ही मि तैं धोखा द्ये।
19
अब मि वेका हूंण से पैली तुम तैं जतलै दींणु छौं कि जब यु हवे जौं त तुम विश्वास करयां कि मि उ ही छौं।
20
मि तुम मा सच-सच बुल्णु छौं कि जु मेरी भिजणै कि बात तैं मणदींनि अर मि तैं स्वीकार करद उ मेरा भिजण वला तैं स्वीकार करदो।”
21
या बात बुल्णा का बाद यीशु आत्मा मा व्याकुल हवे अर अपड़ा चेलों तैं बतै “मि तुम मा सच-सच बुल्णु छौं कि तुम मा बट्टी एक मि तैं पकड़वालो।”
22
चेला शंका मा पड़ि गैनी कि या बात कैका बारा मा बुल्णा छिनी अर उ एक हैंका जनै दिखण लगि गैनी।
23
ऊंका चेला मा बट्टी जै तैं यीशु भौत प्रेम करदां छा उ यीशु का बगल मा बैठयूं छो।
24
तब शमौन पतरस ल वेकी तरपां सनकै की पूछि “बतौ त, उ कैका बारा मा बुल्णु च?”
25
तब वेल यीशु कि तरपां झुकि के पूछि “हे प्रभु, उ को च?”
26
यीशु ल जवाब दींनि, जै तैं मि यु रुट्टि कु टुकड़ा तरी मा डुबै कै दयुलु उ ही च, अर वेल टुकड़ा तरी मा डुबै कै शमौन इस्करियोती का नौंना यहूदा इस्करियोती तैं दींनि।
27
जन ही यहूदा ल रुट्टि कु टुकड़ा खै यीशु ल वेकु बोलि, “तु जु कन चाणी छै, वे तैं तुरंत कैर, वे बगत शैतान वेमा समै गै।”
28
पर मेज पर बैठण वला अन्यों मा बट्टी कुई नि जंणदु छो की यीशु ल वेकु इन किलै बोलि।
29
यहूदा मा थैलि रांदि छै इलै कै कैल इन समझी यीशु वेकु बुल्णा छिनी जु कुछ हम तैं त्योहार कु चायेणु च उ मोल ली कै औ या इन कि गरीबों तैं कुछ दींद।
30
रुट्टि कु टुकड़ा खांण का बाद यहूदा तुरंत भैर चलि गै अर उ राती कु बगत छो।
31
जब उ भैर चलि गै त यीशु ल बोलि, “अब मि मनिख कु नौंनो कि बड़ै हवे गै अर परमेश्वर महिमा मि पर हवे
32
अर परमेश्वर भि अपड़ा मा नौंना की बड़ै करलो अर तुरंत करलो।
33
बालकों मि और थोड़ा देर तुमारा दगड़ा मा छौं फिर तुम मि तैं ढुंड़िल्या अर जन मिल यहूदियों कु बोलि, कि जख मि जांणु छौं उख तुम नि ऐ सकद्यां अर उन ही अब मि तुम मा भि बुल्णु छौं।
34
मि तुम तैं एक नई आज्ञा दींणु छौं कि तुम एक दुसरा बट्टी प्रेम रखा जन मि तुम बट्टी प्रेम रखदु छों उन ही तुम भि एक दुसरा बट्टी प्रेम रखा।
35
जु तुम एक दुसरा बट्टी प्रेम करिल्या, जु हर कुई जांणि ल्यालो कि तुम मेरा चेला छा।”
36
शमौन पतरस ल ऊंमा बोलि, हे प्रभु तुम कख जांणा छा? यीशु ल जवाब दींनि “जख मि जांणु छौं उख तू अभि मेरा पिछनै नि ऐ सकदी पर यांका बाद मेरा पिछनै ऐलि।”
37
पतरस ल यीशु कु बोलि, “हे प्रभु मि अभि तुमारा पिछनै किलै नि ऐ सकदु? मि त त्वे कु मुरण कु भि तैयार छों।”
38
यीशु ल जवाब दींनि “क्य तु मि कु मुरलि, मि त्वे मा सच-सच बुल्णु छौं कि मैर का बंसण से पैली तु तीन बार बुलली की तु मि तैं नि जंणदी।”
← Chapter 12
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 14 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21