bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
John 2
John 2
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 3 →
1
फिर तिसरा दिन गलील जिला का काना नगर मा कै को ब्यो छो अर यीशु की ब्वे भि ऊखी छै।
2
अर यीशु अर वेका चेला भि वे ब्यो मा बुलै गै छा।
3
जब मेहमानों ल सैरी दाखमधु पै दींनि त यीशु कि ब्वे ल वेमा बोलि, वेमा दाखरस नि रै गै।
4
यीशु ल वीं मा बोलि, “हे नारी, तु मि तैं किलै बतांणी छै मसीह कु रूप तैं पछणै जांणु कु” अभि मेरू बगत नि आई।
5
पर वेकी ब्वे ल चेलों मा बोलि, जु कुछ उ तुम मा बोलु उ ही करियां।
6
यहूदियों का अपड़ा धार्मिक रीति का अनुसार हथ धुणौं कु रिवाज छो इन कनु कु ऊंल ऊख ढुंगो का छै, मटका धरयां छा हरेक मटका मा लगभग सौ लीटर समाँद छो।
7
यीशु ल ऊंमा बोलि, मटकों मा पांणी भोरि द्या; त ऊंल ऊं तैं तुल बुल कै भोरि दींनि।
8
तब वेल ऊंमा बोलि, अब पांणी निकाली कै भोज का प्रधान का संमणी ली जा सेवकों ल उन ही कैरी जन वेल ऊं कु कनु कु बोलि छो।
9
जब भोज का प्रधान ल उ पांणी चखि जु दाखमधु बण गै छो अर नि जंणदु छो कि उ कख बट्टी ऐ च पर जौं चेलों ल पांणी निकाली छो उ जंणदा छा त भोज का प्रधान ल ब्योला तैं बुलै के वेमा बोलि।
10
हरेक मेज़बान पैली सबसे अच्छो दाखमधु दींदो अर लुखुं का पूरी रूप से छक हवे जांण पर खराब दाखरस दींदो पर तेरु अच्छो दाखरस अभि तक रखि के छुड़ैयूं च।
11
यीशु ल गलील जिला का काना नगर मा अपड़ो यु पैलो चमत्कार का चिन्ह दिखै के अपड़ी महिमा प्रगट कैरी अर वेका चेलों ल वे पर विश्वास कैरी कि उ मसीह च।
12
यांका बाद उ अर वेकी ब्वे अर वेका भैय अर वेका चेला कफरनहूम शहर मा ऐनी अर कुछ दिन रैनी।
13
यहूदियों कु फसह कु त्यौहार नजदीक छो यीशु यरूशलेम शहर कु गै।
14
वेल यरूशलेम शहर का मन्दिर मा बल्दों, ढिबरों अर कबूतर बिचण वलो कि चौकि तैं भि फरकै दींनि।
15
तब वेल जूडूं को कोड़ा बणै के सब ढिबरों अर बल्दों तैं यरूशलेम शहर का मन्दिर बट्टी निकाली दींनि अर सराफों का पैसा छिलारी दींनि अर पिड़ों तैं फरकै दींनि
16
अर कबूतर बिचण वलो मा बोलि, “यूं तैं इख बट्टी लिजा। मेरा बुबा का घौर तैं (यरूशलेम शहर का मन्दिर) तुम व्यापार कु घौर नि बणावा।”
17
तब वेका चेलों तैं याद ऐ की परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च “तेरु यरूशलेम शहर का मन्दिर की भक्ति मेरा भितर आग का जन जल्दी च”
18
यां पर यहूदियों ल वे बट्टी बोलि, “यु कामों पर अपड़ो अधिकार साबित कनु कु तुम हम तैं क्य चमत्कार का चिन्ह दिखै सकदा छा?”
19
यीशु ल ऊं तैं जवाब दे कि यु मन्दिर तैं ढोलि द्या अर मि वे दुबारा बणै दयुलु।
20
यहूदियों ल बोलि, यरूशलेम शहर का मन्दिर का बंणौण मा छियालिस साल लगि गैनी अर क्य तु वे तैं तीन दिन मा बणै दीलि?
21
पर यीशु जै मन्दिर का बारा मा बुल्णु छो उ देह च।
22
इलै जब यीशु मुर्दों म बट्टी ज्यूँदो हवे त वेका चेलों तैं याद आई कि वेल यु बोलि छो अर ऊंल परमेश्वर का वचन जु मसीह का पुनरुत्थान का बारा मा बतौंणु छो विश्वास कैरी।
23
जब यरूशलेम शहर मा फसह कु त्यौहार कु बगत छो त भौत लुखुं ल ऊं चमत्कार का चिन्हों तैं जु उ दिखांदु छो देखि कै वे पर विश्वास कैरी।
24
पर यीशु ल ऊं लुखुं पर विश्वास नि कैरी किलैकि यीशु आदिम का स्वभाव तैं जंणदु च।
25
अर वे तैं जरूरत नि छै कि लुखुं का बारा मा बतौ किलैकि उ जंणदु छो कि लुखुं का दिलों या इरादों मा क्य च?
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21