bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Matthew 19
Matthew 19
Marwari Bible
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 20 →
1
जद यीसु ऐ सैंग कैह चुकया, तो गलील ऊं रवाना होया। अर यरदन नदी रै पार यहूदियो रै परदेस में आया।
2
सगळी भीड़ उणौरै लारै वहीर वेगी अर यीसु उणौनै उठैज सगळौ नै सावळ करया।
3
जद फरीसी यीसु नै परखणै वास्तै उणरै खनै आयनै कैवण लागा, “कांई हर एक कारण ऊं मिनख खुद री लुगाई नै छोड़णौ सही है की?”
4
यीसु जबाब दियौ, “कांई थै पढ़ियो कोनीं की परमेसर नै सरूआत ऊं ही मिनख अर लुगाई बणाया?
5
अर परमेसर कयौ, ‘इण कारण मिनख आपरै मां-बाप ऊं न्यारौ होयनै आपरी लुगाई रै साथै रैला अर वे दोनूं एक तन होई।’
6
अबै वो दो कोनीं पण एक तन है। इण वास्तै जिकौ परमेसर जोड़िया है उणनै मिनख अलग नीं करै।”
7
उणौ यीसु नै कयौ, “पछै मूसा नै क्यूं औ ठैरायौ की त्यागपत्र देयनै उणनै छोड़ दे?”
8
यीसु उणौनै जबाब दियौ, “मूसा थोरै मन री कठोरता नै जांणतौ हो इण कारण ही थोरै लुगाईयां नै छोड़ दैणै रौ हुकम दियौ हो, पण सरूआत में ऐड़ौ कोनीं होवतो।
9
म्हैं थौरे ऊं कहूं की व्यभिचार नै छोड़नै और कोई कारण ऊं आपरी लुगाई नै छोड़नै दूजी ऊं ब्याव करै, तो वो व्यभिचार करै है।”
10
चेलौ परभु यीसु नै कयौ, “जे मिनख रौ लुगाई रै साथै ऐड़ौ संबंध है तो ब्याव करणौ बड़िया कोनीं।”
11
यीसु उणौनै कयौ, “सगळा ऐ वचन हर कोई नीं समझ सकै है ऐ वो ही समझै जिकौ नै समझनै रौ वरदान दियोड़ो है।
12
क्यूंकै कईक मिनख ऐड़ा है जिकौ पैदाईसी हिंजड़ा है अर कईक मिनख ऐड़ा है जिकौ नै मिनखौ हिंजड़ा बणा दिया है अर कईक मिनख ऐड़ा है जिकौ सरग रै राज मे जांणै रै वास्तै ब्याव नीं करणै रौ फैसलो लियौ है, जिकौ समझ सकै वो समझ ले।”
13
उण वेळा लोग यीसु रै खनै टाबरां नै लावता हा, की वे उण माथै ऊपर हाथ राखै अर पराथना करै, पण चेला लोगां नै हाका करता हा।
14
यीसु कयौ, “टाबरां नै म्हारै खनै आवण दो रोको मती क्यूंकै सरग रौ राज ऐड़ौ रौ ही है।”
15
अर यीसु उण टाबरां रै ऊपर हाथ राखनै उठै ऊं जाता रिया।
16
एक मिनख यीसु रै खनै आयौ अर यीसु नै कयौ, “हे गुरु, म्हैं कुण सो भलौ कांम करूं की अनत जीवन पाऊं?”
17
यीसु उणनै कयौ, “थूं म्हारै ऊं भलाई रै बारै में क्यूं पूछै है? भलौ तो परमेसर एक इज है, पण जे थूं अनत जीवन में परवेस करणौ चावै, तो उणरी आग्याओं नै मानया कर।”
18
उणै यीसु नै कयौ, “की कैड़ी आग्या?” तो यीसु कयौ, “आ की हत्या नीं करणी, व्यभिचार नीं करणौ, चोरी नीं करणी, अर झूठी गवाई नीं दैणी।
19
अपणै बाप अर अपणी मां रौ कदर करणौ, अर अपणै पड़ोसी ऊं अपणै जैड़ौ परैम राखणौ।”
20
उण मोटियार यीसु ऊं कयौ, “की इण सैंग बातां नै तो म्हैं मांनतो आयौ हूं अबै म्हारै में कीण बात री कमी है?”
21
यीसु उणनै कयौ, “थूं सिद्ध होवणौ चावै है तो जा, थारी सगळी जायदाद बेचनै गरीबो नै दे दे, अर थनै सरग में साचौ धन मिळैला। अर आयनै म्हारै लारै वहीर हो जा।”
22
आ बात सुण नै मोटियार घणौ मौळौ पड़ियौ अर जातौ रियौ, क्यूंकै वो घणौ धनवान हो।
23
यीसु आपरै चेलौ नै कयौ, “म्हैं थौरे हूं साचौ कहूं की धनवान रौ सरग रै राज में परवेस करणौ मुसकिल है।
24
थौरे ऊं भळै कहूं की परमेसर रै राज में धनवान रै परवेस करणै ऊं तो ऊंट रौ सुई रै नाके में ऊं निकळ जांणौ घणौ सरल है।”
25
ऐ सुण नै चेला अचूम्बे में पड़ग्या अर कैवण लाग्या, “हे परभु तो किणरौ उद्धार हो सकै?”
26
यीसु उणौरै सांमै देखनै कयौ, “मिनखौ ऊं तो ओ कोनीं हो सकै, पण परमेसर ऊं ओ सगळौ हो सकै है।”
27
तो पतरस यीसु नै कयौ, “देख, म्हौ तो सगळौ छोड़नै थारै लारै आ गिया हो। तो म्हौ नै कांई मिळैला?”
28
यीसु उणौनै कयौ, “म्हैं थौरे ऊं साचौ कहूं की नये जगत में, जद म्हैं, मिनख रौ बेटौ अपणी महिमा रै सिंहासण माथै बैठूंला, तो थै ई जिकौ म्हारै लारै हो गिया हो, बारैह सिंहासणौ माथै बैठनै इजरायल रै बारैह गोत्रों रौ न्याव करौला।
29
अर जिकौ कोई नै घरो, या भाइयो, या बहिनों, या बाप, या मां, या बाल-टाबरों, या खेतो नै म्हारै नाम रै वास्तै छोड़ दिया है, उणौनै सौ गुणा मिळैला। अर वो अनत जीवन रा हकदार होवैला।
30
पण घणा लोग, जिकौ आगै है वो लारै हो जावैला। अर घणा लोग जिकौ लारै है वो आगै हो जावैला।”
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 20 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28