bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Matthew 23
Matthew 23
Marwari Bible
← Chapter 22
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 24 →
1
तो यीसु नै भीड़ ऊं अर आपरै चेलौ ऊं कयौ,
2
“सास्तरी अर फरीसी मूसा रै नियमो नै सिखाणै रा अधिकारी है।
3
इण वास्तै वे थांनै जिकौ कैवै वो करणौ अर मानणौ, पण उणौरै करमो रौ अनुसरण नीं करौ, क्यूंकै वे कैवै तो है पण करै कोनीं।
4
वे एक ऐड़ै भारी बोझ नै जिणनै उठाणौ मुसकिल है, बांधेन वीनै मिनखौ रै कांधै ऊपर राखै है, पण खुद उणनै आपरी आंगळी ऊं भी मदद करणी कोनीं चावै।
5
“वे आपरै हैंग कांम लोगां नै दिखाणै रै वास्तै करै है। वे आपरै हाथ अर माथै ऊपर बांधियो जांणै वाळै ताबीज जेड़े डबै नै जिणमे पवितर सास्तर री किताबो राखी जावै उणौनै चौड़ा करै अर आपरै कपड़ो रै झब्बा लांबा कर दैवै है।
6
रैवणौ मे खास-खास जगा अर सभाओं मे खास-खास आसन पर विराजणो,
7
बजारौ में परणाम-परणाम सुणणौ, अर मिनखां मे गुरु कैवाणो ऐ हैंग उणौनै घणौ पसंद है।
8
“पण थै जिकौ म्हारा चेला हो खुद नै गुरु नीं कैलाणो, क्यूंकै थौरो एक ही गुरु है, अर थै सैंग भाई हो
9
धरती माथै किणी नै अपणौ पिता नीं कैवणौ, क्यूंकै थौरो एक ही पिता है, जिकौ सरग में है।
10
अर अपणै आप नै मालिक भी नीं कैलाणो, क्यूंकै थौरो एक ही मालिक है, वो है मसीह।
11
जिकौ थौरे मे मोटो होणौ चावै, वो थौरो सेवक बणै।
12
जिकौ कोई अपणै आप नै मोटो बणावैला, वो छोटौ कियो जावैला। अर जिकौ कोई अपणै आप नै छोटौ बणावैला, वो मोटो कियो जावैला।
13
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै मिनखौ रै वास्तै सरग रै राज रौ द्वार बंद करौ हो, नीं तो खुद उणमे परवेस करौ हो। अर नीं उण मे करणै वाळौ नै परवेस करणै दैवो हो।
14
अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै विधवाओं रै घरो नै खा जाओ हो, अर दिखाणे रै वास्तै घणी वैळा तांई पराथना करता रौ हो। इण वास्तै थांनै घणौ डंड मिळेला।
15
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै एक जन नै आपरै मत मे लाणै रै वास्तै सैंग जळ अर धरती मे फिरौ हो, अर जद वो मत मे आ जावै है तो उणनै आपरै ऊं बेवड़ो नरगीए बणा देवो हो।
16
“हे आंधौ नेताओं! थौरे माथै हाय! जिकौ कैवौ हो की जे कोई मिंदर री सौगन खाए तो कांई कोनीं, पण जे कोई मिंदर रै सोने री सौगन खाए तो उण ऊं बंद जावैला।
17
अरै मूरखौ अर आंधौ, कुण मोटो है, सोनो या वो मिंदर जिणमे सोनो पवितर होवै है?
18
पछै कैवौ हो की जे कोई वेदी री सौगन खाए तो कांई कोनीं, पण जिकौ भेट उण ऊपर है, जे कोई उणरी सौगन खाए तो बंद जावैला।
19
अरै आंधौ, कुण मोटो है, भेट या वेदी जिण ऊं भेट पवितर होवै है?
20
इण वास्तै जिकौ वेदी री सौगन खावै है, वो उणरी अर जे कांई उण ऊपर है, उणरी भी सौगन खावै है।
21
जिकौ मिंदर री सौगन खावै है, वो उणरी अर उणमे रैणैवाळौ परमेसर री भी सौगन खावै है।
22
जिकौ सरग री सौगन खावै है, वो परमेसर रै सिंहासण री अर उण ऊपर बैठनवाळा परमेसर री भी सौगन खावै है।
23
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै पोदीनै, अर सौंफ अर जीरै रौ दसमांस तो दो हो, पण थै व्यवस्था री गम्भीर बातां रौ न्याव, अर दया, अर विसवास नै छोड़ दियौ हो। चावै हो की इणनै भी करता रैता अर उणनै भी नीं छोड़ता।
24
अरै आंधौ नेताओं, थै माचर नै तो छांणी नोखो हो, पण ऊंट नै हाजो ई निगळ लौ हो।
25
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै कटोरे अर थाळी नै ऊपर ऊपर ऊं तो मांजो हो पण मांयनै ऊं लालच अर सवारथ ऊं भरयोड़ा हो।
26
ऐ आंधौ फरीसियों, पैला कटोरे अर थाळी नै मांयनै ऊं मांजो की वे बारै ऊं भी साफ हो जावै।
27
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै चूनो फेरियोड़ी कबरौ रै ज्यूं हो। जिकौ ऊपर ऊं तो बड़िया दिखाई दैवै है, पण मांयनै ऊं मुड़दा री हडियों अर हर तरैह री गंदगी ऊं भरयोड़ी है।
28
इण रीत ऊं थै भी ऊपर ऊं मिनखौ नै धरमी दिखो हो, पण मांयनै कपट अर अधरम ऊं भरयोड़ा हो।
29
“अरै ढ़ोगी सास्तरियों अर फरीसियों, थौरे माथै हाय! थै भविसयदाताओ री कबरौ बणाओ हो अर धरमियो री कबरौ सजावो हो,
30
अर कैवौ हो, ‘जे म्हौ म्हौरै बापदादों रै दिनां मे होता तो भविसयदाताओ री हत्या में उण रा भागीदार कोनीं होवता।’
31
इण ऊं तो थै थोरी आपरी गवाई दो हो की थै भविसयदाताओ रै हत्यारो री संतान हो।
32
तो, थौरे बापदादों री कसर पूरी कर लौ।
33
“अरै सांपो, अर सांपो रै बच्चौ, थै नरक रै डंड ऊं कीकर बचोला?
34
इण वास्तै देखौ, म्हैं थौरे खनै भविसयदाताओ अर हुंस्यारौ अर गुरुओं नै भेजूं हूं, अर थै उणमे ऊं कईको नै मार नोखोला अर कईको नै सूली माथै चढ़ाओला, अर कईको नै थै थौरे पराथना घर में कोड़ा ठोकोला अर एक सैहर ऊं दूजै सैहर में सताता रैवौला।
35
जीण ऊं धरमी हाबिल ऊं लेन बिरिक्याह रै बेटौ जकरयाह तांई, जीणनै थै मिंदर अर वेदी रै बीच में मार नोखियो हो, जितौ धरमियो रौ लोई धरती माथै चालयौ वो सैंग थौरे माथे ऊपर पड़ैला।
36
म्हैं थौरे ऊं साचौ कहूं, ऐ सैंग बातां इण वगत रै लोगां माथै आ पड़ैला।
37
“हे यरुसलेम, हे यरुसलेम! थूं भविसयदाता नै मारै नोखे है, अर जिकौ थौरे खनै भेजिया, उण ऊपर भाटा फेंको हो। किती बार म्हैं चायौ की ज्यूं कुंकड़ी आपरै बच्चौ नै आपरै पांखों रै नीचे भेळा करै है, वियो म्हैं भी थौरे टाबरौ नै भेळा कर दूं, पण थै नीं चायौ।
38
देखौ, थौरो घर थौरे वास्तै उजाड़ छोड़ दियौ जावैला।
39
क्यूंकै म्हैं थौरे ऊं कहूं की अबै ऊं थै म्हनै नीं देखौ ला, जैड़ी तांई थै ओ नीं कैवौ, ‘धन्य है वो, जिकौ परभु रै नाम ऊं आवै है।’ ”
← Chapter 22
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 24 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28