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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 1
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
अति माननीय थियुफिलुस कु भौत लुखुं ल हमारा बीच मा हुईं घटनाओं का बारा मा एक चिठ्ठी लिखणै की कोशिश कैरी,
2
ऊंल ठिक उ ही लिखी जु हम तैं ऊं लुखुं बट्टी बतै गै छो जौं ल ऊं तैं प्रत्यक्ष रूप मा यीशु की सेवकाई की शुरुआत से देखि छो अर जु बाद मा परमेश्वर का वचन कु सेवक बंणि गै।
3
इलै हे श्रीमान थियुफिलुस मिल भि यूं सब बातों का ध्यान से अध्ययन कैरी अर मि तैं यु खूब लगि की मि तुम कु ईं घटनाओं तैं क्रमानुसार ठिक से लिख्युं।
4
किलैकि तु यु जांणि के मि यु इलै कनु छो कि तुम तैं हर उ बातों की पूरी सचै का बारा मा पता हो जु लुखुं का द्वारा तुम तैं बतै गै छो।
5
जब राजा हेरोदेस यहूदिया प्रान्त मा राज्य कनु छो, अबिय्याह का नौं पर बणयूं यहूदी याजक का दल मा जकर्याह नौं कु एक याजक छो अर वेकी जनन कु नौं एलीशिबा छो अर उ भि इस्राएल कु पैली याजक हारुन का वंश बट्टी छो।
6
अर उ द्वी परमेश्वर का संमणी धर्मी छा अर प्रभु कि सभि आज्ञा अर विधियों पर निर्दोष चलदा छा। अर ऊंकी कुई सन्तान नि छै
7
किलैकि एलीशिबा बांझ छै अर उ द्वी दाना छा।
8
एक दिन जब जकर्याह यरूशलेम मंदिर मा परमेश्वर का संमणी याजक का रूप मा सेवा कनु छो, किलैकि उ सप्ताह वेका दल का याजक सेवा बारी पर छा।
9
याजक चिठ्ठी डलण का अपड़ी रीति रिवाज कु पालन करदा छा यु निर्णय लिणु कु की यरूशलेम शहर का मन्दिर मा कु कै कर्तव्य कु पालन करलो कि परमेश्वर बट्टी मन्दिर मा जै के धूप जलौ।
10
अर धूप जलौंणा का बगत लुखुं कि सैरी मण्डलि मंदिर का चौका मा परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन छा।
11
वे बगत जकर्याह तैं परमेश्वर कु एक स्वर्गदूत धूप की वेदी की दैंणि तरपां खड़ो हुयुं दिखै।
12
जकर्याह वे देखि के घबरै गै अर वे तैं बिजां डैर लगि गै छै।
13
पर स्वर्गदूत ल वेकु बोलि, “हे जकर्याह भयभीत न हो किलैकि परमेश्वर ल तेरी प्रार्थना सूंणेलि अर तेरी जनन एलीशिबा एक नौंना तैं जन्म दयाली अर तु वेको नौं यूहन्ना रखि।”
14
अर त्वे तैं आनन्द अर हर्ष होलो; अर भौत लोग वेका जन्म से खुश होला।
15
किलैकि उ प्रभु का संमणी महान होलो अर दाखमधु कभि नि प्यालो अर अपड़ा जन्म का पैली बट्टी ही पवित्र आत्मा बट्टी भूरै जालो।
16
अर इस्राएल का लुखुं का घराना तैं ऊंका प्रभु परमेश्वर मा वापिस आलो।
17
उ एलिय्याह जन आत्मा अर सामर्थ मा हवे के वेका अगनैं-अगनैं हिटलो कि ब्वे-बुबा का मन तैं नौंना कि तरपां फिरालो अर आज्ञा नि मनण वलो तैं धर्मियों कि समझ पर लौ अर प्रभु कु एक लैखबर योग्य प्रजा तैयार कैर।
18
जकर्याह ल स्वर्गदूत बट्टी पूछि यु मि कनके जांणु की हम दगड़ी इन होलो? किलैकि मि त दानो छौं अर मेरी घरवलि भि दानी हवे गै।
19
स्वर्गदूत ल वे तैं जवाब दींनि, कि मि जिब्राएल छौं जु परमेश्वर का संमणी खड़ो रौंदु अर मि त्वे मा बात कनु कु अर त्वे तैं या शुभ सन्देश प्रचार सुंणौनु कु भिज्युं छौं।
20
अर देख जै दिन तक यु बात पूरी नि हवे जौं, वे दिन तक किलैकि तिल विश्वास नि कैरी इलै तु बोल नि सकली; मेरी बात जु अपड़ा बगत मा पूरी होलि, जब तक नौंनो पैदा नि होलो तब तक तु गूंगो रैलि।
21
अर लोग जकर्याह तैं जुगलणा रैनी अर भैंचक्क मा पड़ी गैनी कि वे तैं परमेश्वर का मन्दिर मा इथग बगत किलै लगि? ईं दौरान परमेश्वर बट्टी यरूशलेम शहर का मन्दिर का चौका मा जकर्याह कु इन्तेजार कना छा अर अचम्भो कन लगि गैनी की वे तैं परमेश्वर बट्टी मन्दिर मा इन देर किलै लगि
22
जब उ भैर ऐ त ऊं दगड़ी बचै नि सैकी अर उ जांणि गैनी कि वेल परमेश्वर बट्टी यरूशलेम शहर का मन्दिर मा कुई दर्शन पै अर उ, ऊं तैं संनकौंणु रै अर गूंगो हवे गै।
23
जब मंदिर मा जकर्याह याजक वेकी सेवा कु बगत पूरो हवे गै तब उ यरूशलेम शहर बट्टी अपड़ा घौर कु चलि गै।
24
कुछ बगत का बाद वेकी जनन एलीशिबा गर्भवती हवे अर पाँच मैना तक घौर बट्टी भैर नि निकली इलै उ हर बगत भितर की रै
25
वीं ल बोलि, प्रभु ल मेरा मथि कृपा कैरी के मि कु इन करयुं च अर प्रभु ल मि तैं सन्तान पैदा कन मा मदद कैरी च।
26
एलीशिबा की गर्भावस्था का छठ्वां मैना मा परमेश्वर की तरपां बट्टी जिब्राएल स्वर्गदूत गलील जिला का नासरत नगर मा
27
एक अणबिवाक नौंनि मा भिजे गै जैंकि मंगण राजा दाऊद का वंश का यूसुफ नौं का मनिख दगड़ी हुईं छै अर वीं अणबिवाक नौंनि को नौं मरियम छो।
28
अर स्वर्गदूत ल मरियम मा भितर ऐ के बोलि, आनन्द अर जै तेरी हवेलि त्वे पर परमेश्वर ल बहुतायत से आशीर्वाद दियुं च परमेश्वर त्वे दगड़ी च।
29
जब वेल वेका वचनों तैं सूंणि त उ भौत घबरै गै अर सुचण लगि गै कि ये अभिवादन कु मतलब क्य च?
30
स्वर्गदूत ल वीं मा बोलि, हे मरियम डैर न किलैकि परमेश्वर की कृपा त्वे पर हुईं च।
31
अर देख तु गर्भवती हवेलि अर तु एक नौंनो तैं जन्म दीलि तु वेको नौं यीशु रखि।
32
उ महान होलो अर वेको परमप्रधान परमेश्वर कु नौंनो बुलै जालो अर प्रभु परमेश्वर वेका पूर्वज राजा दाऊद का जन राजा बंणै दयालो।
33
अर याकूब का वंशजों पर सदनी राज्य करलो अर वेका राज्य कु अंत कभि नि होलो व हमेशा कु राजा का रूप मा राज्य करलो व हमेशा कु राजा का रूप मा राज्य करलो।
34
मरियम ल स्वर्गदूत मा बोलि, इन कनके होलो किलैकि मि अणबिवाक छो अर मेरा कभी वैवाहिक संबंध भि नि हवीनि।
35
स्वर्गदूत ल वीं तैं जवाब दींनि कि पवित्र आत्मा त्वे पर उतरलो अर परमप्रधान परमेश्वर कि सामर्थ त्वे पर छाया कैरेली इलै जन्म लींण वलो नौंनो पवित्र होलो अर परमेश्वर कु नौंनो जंणेली।
36
अर सुन तेरा कुटुमैं एलीशिबा कु भि बुढेन दौं गर्भवती हवे यु वीं कु छठवां मैना च ज्वा कि बांझ जंणेदी छै।
37
परमेश्वर सब कुछ कैर सकद।
38
मरियम ल बोलि, देख मि प्रभु कि दासी जन तिल बोली उन ही मि दगड़ी हो तब स्वर्गदूत वीं का संमणी बट्टी चलि गै।
39
ऊं दिनों मा मरियम उठि के तुरंत यहूदिया प्रान्त का पहाड़ी क्षेत्र का एक नगर मा चलि गै।
40
अर जकर्याह का घौर मा जै के एलीशिबा तैं प्रणाम कैरी।
41
जनि एलीशिबा ल मरियम कु प्रणाम सूंणि उन ही बच्चा वीं का पुटगा मा उछलि अर एलीशिबा पवित्र आत्मा बट्टी भूरै गै।
42
अर वीं ल ऊंची आवाज मा बोलि, कि तु जननों मा धन्य छै अर वे नौंना जै तैं तु जन्म दयाली धन्य च।
43
मि त्वे तैं इख पै केअपड़ा आप तैं भौत धन्य समझलु मेरा प्रभु कि ब्वे मि तैं मिलणु कु आईं च?
44
अर देख जब मिल तेरु प्रणाम कु शब्द सूंणि उन ही बच्चा मेरा पुटगा मा खुशी से उछलि।
45
तु धन्य छै किलैकि तिल विश्वास कैरी कि प्रभु ल जु ऊंमा बोलि कि उ पूरो हो।
46
तब मरियम ल बोलि, मेरू मन परमेश्वर की बड़ै कनु च।
47
अर मेरी आत्मा मेरा उद्धारकर्ता परमेश्वर से खुश च।
48
यांकि परमेश्वर ल मि तैं अपड़ी दासी पर दीनता की नजर च इलै देखा अब बट्टी सब जुग-जुग का लोग मि तैं धन्य बुलला।
49
किलैकि वे शक्तिमान प्रभु ल मि कु बड़ा-बड़ा काम करिनि अर वेको नौं पवित्र च।
50
अर वेकी दया जु वे बट्टी डरण वला लुखुं पर पीढ़ी से पीढ़ी तक बंणि रौंदी।
51
वेल अपड़ी सामर्थ से शक्तिशाली महान काम करयां छिनी अर जु अफ तैं बड़ो समझदा छा ऊं तैं हरै दींनि।
52
वेल शासकों तैं वे शासन कनु कु अधिकार ले दींनि अर दीनों तैं सम्मानित करद।
53
वेल भूखों तैं भलि चीजों से तृप्त कैरी अर धनवानों तैं खाली हथ निकाली दींनि।
54
वेल हमारा पूर्वजो का प्रति अपड़ा वादा तैं याद कैरी अर अपड़ा सेवक जु इस्राएल की मदद कनु कु अयुं छो इस्राएल का लुखुं तैं सम्भालि कि अपड़ी वीं दया तैं याद कैर
55
वें अब्राहम तैं अर वेका सारा वंशजों तैं हमेशा कु दया दिखांणु कु याद कैरी जन कि वेल हमारा पुरखों मा बोलि छो।
56
मरियम लगभग तीन मैना वीं दगड़ी रै की अपड़ा घौर वापिस चलि गै।
57
तब एलीशिबा कु प्रसव कु बगत पूरो हवे गै अर वीं ल नौंना तैं जन्म दींनि।
58
वीं का पड़ोसियों ल अर कुटुम्बियों ल यु सूंणि के कि प्रभु ल वीं पर दया कैरी अर वीं दगड़ी खुशी मणै।
59
अर इन हवे कि आठवां दिन उ वे नौंना कु खतना कनु कु ऐनी अर वेको नौं वेका बुबा का नौं पर जकर्याह रखण लगि गैनी।
60
अर वेकी ब्वे एलीशिबा ल जवाब दींनि, कि न बल्कि वेको नौं यूहन्ना रखे जालो।
61
अर ऊंल वीं मा बोलि, तेरा कुटुम्ब मा कैकु यु नौं नि च।
62
तब ऊंल वेका बुबा तैं संकेत कैरी के पूछि कि तु वेको नौं क्य रखण चाँदि छै।
63
अर वेल लिखणु कु एक तख्ती मांगि अर लिखी कि वेको नौं यूहन्ना च अर सभियूं ल अचम्भो कैरी।
64
तब फिर वेकी जीभ ठिक हवे गै और उ बुल्ण लगि गै और परमेश्वर की बड़ै कन लगि गै।
65
अर वेका अमणी-संमणी का सब रांण वला लोग डैर गैनी अर ऊं सभि बातों कि चर्चा यहूदिया प्रान्त का सैरा पहाड़ी देशों मा फैली गै।
66
अर सब सुणन वलो ल अपड़ा-अपड़ा मन मा विचार कैरी के बोलि, यु नौंनों कन होलो प्रभु की सामर्थ वे पर छै।
67
अर वेको बुबा जकर्याह पवित्र आत्मा से प्रेरित हवे कै भविष्यवाणी कन लगि गै।
68
धन्य च प्रभु परमेश्वर कि वेल इस्राएल का लुखुं का घराना की सुधि लै अर वेको उद्धार कैरी।
69
अर जु वेका सेवक राजा दाऊद का वंशज च कि वेल हम कु एक सामर्थशाली उद्धारकर्ता तैं भेजि।
70
जन भौत पैली परमेश्वर प्रभु ल अपड़ा पवित्र जन जु परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो छो का द्वारा बोलि, कि उ हमारा दुश्मनों से और उ सभि की शक्ति से बचालो जु हम बट्टी घृणा करदींनि।
71
जन कि हमारा दुश्मन बट्टी अर हमारा सब बैरियों का हथ बट्टी हमारो उद्धार कैरी।
72
कि हमारा पूर्वजों पर दया कैरी कै अपड़ी पवित्र करार तैं याद कैर।
73
अर वीं करार तैं जु वेल हमारा पूर्वज अब्राहम का दगड़ी भि खै छै।
74
कि उ हम दगड़ी इन करुलु कि हम अपड़ा बैरियों का हथ बट्टी बची जौला।
75
कि वेका संमणी पवित्र हवे के अर धर्मी हवे के अर जब तक हम जीवित छा निडर रै के वेकी सेवा करदी रावा।
76
अर तु हे नौंना परमप्रधान परमेश्वर कु परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो जंणेलि किलैकि तु प्रभु की सेवा कनु कु वेका अगनैं-अगनैं हिटिलि
77
उ अपड़ा लुखुं का पापों तैं माफ कन का द्वारा वेका लुखुं तैं उद्धार कु ज्ञान दे ऊं तैं उद्धार का बारा मा ज्ञान दयालो।
78
यु हमारा परमेश्वर कि वीं बड़ी दया से होलो ज्यां बट्टी घाम हम तैं उज्यलो दींणु कु चमकदो उ न ही मसीह भि हम मा स्वर्ग बट्टी आलो
79
अंधेरा मा (पाप मा जींण वलो) अर मृत्यु का छाला (अनन्त मृत्यु कु खतरा मा च) मा बैठण वलो पर उज्यलो दींणु कु यु उज्यलो हम वे तैं जीवन मा मार्गदर्शन करदो, जु हम परमेश्वर का दगड़ी शान्ति प्राप्त करदा छा।
80
अर उ नौंनो यूहन्ना बढ़दी रै अर आत्मा मा मजबूत हूंदी रै अर उ इस्राएल का लुखुं का बीच मा उपदेश दींण का दिन तक एकांत जंगलों मा रै।
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