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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 24
Luke 24
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन च सुबेर लै के जब उज्यलो हूंणु छो ऊं खुशबूदार तेल मोल लींनि अर यहूदियों की रीति का अनुसार ऐ के यीशु कि लांश पर मळी।
2
अर जब उ उख फूंजी, तब ऊंल देखि कि कब्र का द्वार बट्टी भौत बड़ो ढुंगो जु पैली ही हटियूं छों।
3
पर जब उ कब्र पर पौछिनी अर भितर जै कै देखि त प्रभु यीशु की लांश नि पैई।
4
जब उ इन बात बट्टी भौचक्की हूंणा छा त देखा, द्वी आदिम सफेद कपड़ा पैरियां खड़ा छा।
5
जब उ डौर गैनी अर धरती कि तरपां मुक झुकै कै खड़ी रैनी त ऊंल ऊंकु बोलि, “तुम ज्यूँदो तैं मुर्दों मा किलै खुज्योंण छा?”
6
उ इख नि च, उ मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो हवे गै, याद कैरा जब उ तुम दगड़ी गलील जिला मा रौंणा का बगत, वेल तुम मा बोलि छो।
7
जरूरी च, कि मि मनिख कु नौंनो पापी लुखुं का हथ मा पकड़वे जौं अर सूली पर चड़ैये जौं अर तिसरा दिन ज्यूँदो हवे जौं।
8
तब यीशु की बात ऊं जननयों तैं याद ऐनी
9
अर कब्र बट्टी लौटि कै ऊंल ग्यारहों अर हौरि सभियूं तैं यु बात बतै।
10
जौंन बारह प्रेरितों तैं यु बात बतै उ मरियम जु मगदल गौं की छै अर यूहन्ना अर याकूब कि ब्वे मरियम अर ऊंका दगड़ा कि अर जनन भि छै।
11
पर ऊंकी बात ऊं तैं मिसाल सी लगणी छै अर ऊंल वीं पर विश्वास नि कैरी।
12
तब पतरस उठि अर कब्र पर दौड़ि कै गै, अर झुकि कै भस कपड़ा पुड़यां दिखिनि, अर जु कुछ हवे छो, वीं बात पर भैचक हवे कै, अपड़ा घौर चलि गै।
13
वे दिन यीशु का द्वी चेला इम्माउस नौं का एक गौं जांणा छा, जु यरूशलेम शहर बट्टी कुई ग्यारा कि.मि. की दूरी पर छो।
14
उ यूं सभि बातों पर जु हवे छै, आपस मा बातचित करदी जांणा छा।
15
अर जब उ आपस मा बातचित अर पूछताछ करदी जांणा छा, त यीशु खुद ही नजीक ऐ के वेका दगड़ा चलण लगि गै।
16
पर परमेश्वर ल ऊं तैं वे पहचाण से रोकि रखि, कि उ ऊं तैं पच्छ्याणि नि सकिनि।
17
यीशु ल ऊं तैं पूछि, “यु क्य बात च जौं तैं तुम चलदा-चलदा आपस मा कना छा उ उदास हवे कै खड़ा रैनी।”
18
यु सूंणि कै, ऊंमा बट्टी क्लियोपस नौं का एक मनिख ल बोलि, “क्य तुम यरूशलेम शहर मा यखुली परदेशी छा जु नि पिछला कुछ दिनों मा इख क्य-क्य हवे”
19
यीशु ल ऊं तैं पूछि, क्य बात? ऊंल ऊंकु बोलि, नासरी गौं कु यीशु का बारा मा जु परमेश्वर अर सभि लुखुं का नजीक काम अर वचन मा सामर्थी परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो मा छा।
20
अर प्रधान याजक ल अर हमारा मुखियों वे तैं पकड़वे दींनि कि वे तैं मौत कि सजा दिये जौं अर सूली पर चढ़ै दींनि।
21
पर हम तैं आस छै कि रोमियों बट्टी इस्राएल का लुखुं का घराना तैं छुटकारो दयालो यूं सभि बातों का अलावा ई बात तैं हुयां तीन दिन हवे गैनी।
22
अर अब हमारा झुण्ड मा बट्टी कई जननों हम तैं घंघतोल मा डालेल जु आज सुबेर मा कब्र पर गै छै।
23
अर जब वेकी लांश नि पै त इन बुल्दी ऐनी कि हम ल स्वर्गदूतों कु दर्शन पै जौंन बोलि, कि यीशु ज्यूँदो च।
24
तब हमारा दगड़ियों मा बट्टी कब्र पर गैनी अर जन जननों ल बोलि, छो उन ही पै पर ऊं तैं यीशु नि दिखै।
25
तब यीशु ल द्वी चेलों कु बोलि, “हे कम समझ वलो अर परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो ल परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च तुम लुखुं तैं वे पर विश्वास कन भौत कठिन लगदो ”
26
यु जरूरी छा कि मसीह यु दुख तैं उठै अर फिर अपड़ी बढ़ै मा प्रवेश कैर,
27
यीशु ल ऊं तैं पूरा परमेश्वर का वचन मा, मूसा की व्यवस्था बट्टी शुरू कैरी सभि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो का द्वारा अपड़ा बारा मा दे गै उ बातों तैं समझै।
28
इथग मा उ सभि वे गौं का नजीक पौंछिनी जख उ जांणा छा अर ऊंका हो भौ इन लगण छ कि जन उ अगनैं बढ़ण चांणा होला।
29
पर ऊंल इन बोलि, कै ऊं तैं रोकि दींनि, “हमारा दगड़ा रावा किलैकि ब्यखुनि हवे गै अर दिन अब भौत ढलि गै तब उ ऊंका दगड़ा रौंणु कु भितर चलि गैनी।”
30
जब उ ऊंका दगड़ा खांणु-खांणु कु बैठिनि त ऊंल रुटि पकड़ी धन्यबाद दींनि, अर तोड़ी के ऊं तैं दींण लगि गैनी।
31
तब ऊंका आंखा खुलि गैनी अर ऊंल उ पच्छ्याणि दींनि अर यीशु ऊंकी नजर मा बट्टी छिपी गै।
32
ऊंल आपस मा बोलि, “जब उ हमारा दगड़ा बटा मा बातचित कना छा, अर परमेश्वर का वचन कु मतलब समझांणा छा त क्य हमारा मन मा उत्तेजना पैदा हवे गै छै”
33
तब उ बगत उठि के यरूशलेम शहर लौटि गैनी, अर ऊं ग्यारहों चेलों अर ऊंका दगड़ियों कठा देखि।
34
ग्यारहों जु कठ्ठा हवे के बुल्णा छा, “प्रभु सच मा ज्यूँदो हवे गैनी अर शमौन पतरस तैं दिखै छिन।”
35
तब ऊंल बट्टा कि बात वे तैं बतै दींनि अर यु भि कि जब उ रुटि तुड़नों छो त वे तैं वेल पच्छ्याणि येलि।
36
उ यूं बातों तैं कना ही छा कि उ अफी ऊंका बीच मा ऐ के प्रगट हवे गै अर ऊंकु बोलि, “तुम तैं शान्ति मिलो।”
37
पर उ घबरै गैनी अर डौर गैनी अर सुचण लगि गैनी कि हम कै दुष्टात्मा तैं दिखणा छा।
38
यीशु ल ऊंकु बोलि, “घबराणा किलै छा? अर तुमारा मन मा सन्देह किलै कनि छै?”
39
मेरा हथ अर मेरा खुटा देखा कि मि उ ही छौं। मि तैं छू कै देखा किलैकि दुष्टात्मा कु हड़का अर मांस नि हूंद जन तुम मि मा दिखणा छा।
40
इन बोलि के, यीशु ऊं तैं अपड़ा हथ अर खुटा दिखैनी।
41
जब आनन्द का कारण वे तैं विश्वास नि हूंणु छो की यीशु मुर्दों बट्टी ज्यूँदो हवे गै, अर आश्चर्य करदा छा, यीशु ल ऊं तैं पूछि, “क्य इख तुम मा कुछ खांणु च?”
42
ऊंल ऊं तैं भुरयां माछो का कतर दींनि।
43
यीशु ल, लै कि जबकि उ वे तैं दिखणी रै वेका संमणी खै।
44
फिर वेल ऊंकु बोलि, “यु मेरी उ बात छिन जु मिल जब मि तुमारा दगड़ा छो तुम मा बोलि छै कि जरूरी च कि जथग भि बात मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा अर परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो अर भजनौं कि किताबों मा मेरा बारा मा लिखीं छिन यु सब सच साबित हूंनु।”
45
तब यीशु ल परमेश्वर का वचन तैं जनणु कु ऊंकी समझ ऊं तैं समझण मा मदद कैरी।
46
तब यीशु ल ऊंकु बोलि, “परमेश्वर का वचन मा इन लिख्युं च कि मसीह कु दुख उठांण अर तिसरा दिन मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो हवे जांण। ”
47
अर यरूशलेम शहर बट्टी लै कि “तुम सैरा जातियों मा पापों की माफी कु पश्याताप कनु कु सुसमाचार प्रचार, वेका नौं बट्टी किये जालो।”
48
तुम सभियूं बातों का गवाह छयां।
49
अर मि स्वयं तुमारा मथि पवित्र आत्मा तैं भेजलो ज्यांको सौं मेरा पिता परमेश्वर लै छै, इलै तुम तब तक शहर मा जग्वाल कन रयां, जब तक तुम तैं स्वर्ग बट्टी सामर्थ नि दिये जालो।
50
तब यीशु ऊं तैं बैतनिय्याह गौं का नजिक तक शहर बट्टी भैर गैनी अर अपड़ा हथ उठै कै ऊं तैं आशीष दींनि।
51
अर आशीष दींद दौं उ ही ऊं बट्टी अलग हवे गै अर स्वर्ग मा उठै गै।
52
तब उ वे तैं दण्डवत कैरी के बड़ो आनन्द से यरूशलेम शहर मा लौटि गै।
53
अर चेला लगातार यरूशलेम शहर का मन्दिर मा हाजिर हवे कै परमेश्वर की बढ़ै करदां छा।
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