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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 21
Luke 21
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर वेल नजर उठै के सेठ शौकरों तैं अपड़ा-अपड़ा पैसों तैं दान भंडार मा डल्द देखि।
2
अर यीशु ल एक कंगाल विधवा तैं द्वी तांबा का सिक्का डल्द देखि, जुंकि कीमत भौत कम छै।
3
त यीशु ल बोलि, “मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि ई कंगाल विधवा ल सबसे जादा अर बड़ी के डाली।”
4
किलैकि सभि लोग जु धनवान छा, अपड़ा धन कि बढ़ती मा बट्टी कम डाली पर वीं ल अपड़ी घटति मा बट्टी जु कुछ वीं मा जींणु कु छो, उ सब वीं ल डाली दींनि।
5
जब कुछ लोग यरूशलेम शहर का मन्दिर का बारा मा बात कना छा कि उ कथग सुन्दर ढुंगों बट्टी अर भेंट कि चीजों ल सजायूं च
6
यीशु ल ऊंकु बोलि, उ दिन आला जब यु सब कुछ जु तुम दिखणा छा ऊंमा बट्टी कै भि ढुंगा मा ढुंगो नि रौंण जु ढोळे नि जालो।
7
ऊंल यीशु तैं पूछि, “हम तैं बतौ कि यूं बातों ल कब हूंण? अर जब यु बात पूरी हूंण वली हवेलि वेको क्य चिन्ह होलो?”
8
यीशु ल ऊं तैं जवाब दींनि, “सचेत रावा कुई तुम तैं भरमै नि साको” भौत सा लोग मेरा नौं बट्टी ऐ के बुलला, “मि मसीह छो” अर बगत भि नजीक च, अर भौत तैं विश्वास बट्टी भरमै दयाला।
9
जब तुम लड़ै अर लड़ैयूं कि चर्चा सुणल्या त घबरैयां न किलैकि यूं बातों कु हूंण जरूरी च पर वे बगत तुरंत अंत नि होलो।
10
किलैकि एक जाति हैंकी जाति पर अर एक राज्य हैंका राज्य पर राज्य कनु कु चड़ै करलो।
11
अर जब जगह-जगह पर अकाल पोड़लो अर भ्यूंचोळ होला अर महामारी आली अर स्वर्ग मा भयंकर बात अर बड़ा-बड़ा चिन्ह प्रगट होला।
12
पर यूं बातों से पैली उ तुम तैं मेरा नौं कि खातिर पकड़ला, अर सताला, अर अधिकारियों मा सौंपे जाला, अर जेल मा डलवाला अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा राज्यपालों का अर राजाओं का संमणी तुम्हरी अजमैश करे जाली।
13
पर यु तुम कु गव्है दींण कु मौका हो।
14
इलै अपड़ा-अपड़ा मन मा ठाणि कै रख्यां, तुम फिकर नि करयां कि हम ल क्य बुल्ण।
15
किलैकि मि तुम तैं इना बोल, अर बुद्धि दयुलु, कि तुमारा विरोधी सामना खंडन नि कैरी सकला।
16
तुमारा ब्वे-बुबा अर भैय कुटुम्दारी वला अर दगड़िया भि तुम तैं पकड़वाला इख तक कि तुम मा बट्टी कथगों तैं मरवै भि दयाला।
17
अर मेरा चेला हूंणा का खातिर सभि लुखुं ल तुम बट्टी दुश्मनी करला।
18
पर तुमारा मुंड कु एक बाल भि बांको नि होलो।
19
पर तुम अपड़ा धीरज ल, अपड़ा आत्मा तैं बचै कै रखिल्या।
20
जब तुम यरूशलेम शहर तैं सैनिकों ल घिरयूं देखि ल्या त जांणि लियां कि वेको उजड़ण नजीक च।
21
तब जु यहूदिया प्रान्त मा हो, उ डांडों मा भाजि जालो अर जु यरूशलेम शहर मा हो, उ भैर निकली जौ, अर जु गौं मा हो उ वे शहर मा नि जौं।
22
किलैकि यु बदला लींणु को इन दिन होला, जु पवित्र शास्त्र लिखीं सभि बात पूरी हवे जालि।
23
ऊं दिनों मा जननों कु भौत भयानक बगत होलि, जु दुबस्ता अर जु बच्चों तैं दूध पिलांदि होलि, ऊंकु दुखों कु बगत होलि, किलैकि वे बगत देश मा भयानक संकट होलि, अर यूं लुखुं मा भौत मुसिबत ऐ जाली।
24
ऊंल तलवार कु निवलो हवे जांण अर सभि देशों का लुखुं मा गिरफ्तार हवे के पौंछैंये जाला अर जब तक अन्य-जातियों कु बगत पूरो नि होलो तब तक यरूशलेम शहर अन्यजाति ल रौंदे जालो।
25
सूरज अर चांद, अर गैणों मा चिन्ह दिखेला अर धरती म देश-देश अर जाति-जाति का लुखुं कु संकट होलो किलैकि उ समुद्र का घमकण अर बौछट्यूं का स्यूंसाटन घबरै जाला।
26
डैर का कारण अईं दुनिया पर आंण वली बातों कि जुगाल करद-करद लुखुं का ज्यू मा ज्यू नि रांण अर आसमान कि सैरी शक्ति अर चिन्ह हिलैये जाला।
27
तब उ मि मनिख कु नौंनो तैं सामर्थ अर महिमा का दगड़ा बादलों पर औंण दिखला।
28
जब यु बात हूंण लगेलि त सीधु हवे कै अपड़ो मुंड उब उठैयां किलैकि तुमारो छुटकारो नजीक च।
29
तब वेल ऊंमा एक मिसाल भि दींनि बेडु का डाला अर सभि डालो तैं देखा।
30
जनि ऊं पर कुटमणा निकलदींनि त तुम जांणि जणदां कि गर्मी कु मौसम आंण वलो ऐ गैनी।
31
इन ही कै जब तुम यूं बातों हूंण दिखल्या त जांणि लियां कि परमेश्वर कु राज्य नजीक च।
32
मि तुम मा सच बुल्णु छौं जब तक यु सभि बात नि हवेलि तब तक ई पीड़ि कु अंत नि हूंण।
33
आसमान अर धरती टळि जालि पर मेरी बोलि बातों ल कभि भि नि टळण।
34
इलै सचेत रावा इन नि हो कि तुमारा मन खुमारि अर मतवला पन अर यु जीवन कि चिन्ता फिकर सुस्त हवे जौनु अर उ दिन तुम पर फंदा कि तरौं अचाणचक ऐ जौं।
35
किलैकि उ सैरी धरती का सभि रांण वलो पर इन कै ही आलो।
36
इलै बिज्यां रावा अर हर बगत परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कना रावा कि तुम यूं आंण वली बातों, घटनाओं मा बट्टी बचणु कु तागत पांदा, अर मि मनिख कु नौंनो का संमणी खड़ो हूंण लैख बंणि जैला।
37
उ दिन मा यरूशलेम शहर का मन्दिर मा उपदेश दींण रै अर राती कु भैर जैतून डाला का डांडा पर रौंदु छो।
38
अर सुबेर मा सभि लोग वेकी सुनांणु कु यरूशलेम शहर का मन्दिर मा वेमा आंदा छा।
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