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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 9
Luke 9
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु ल बारह चेलों तैं अफ मा बुलै के ऊं तैं सब दुष्टात्मा अर बिमारियों तैं दूर कने सामर्थ अर अधिकार दींनि।
2
अर बारह चेलों तैं परमेश्वर का राज्य कु प्रचार कनु कु अर बिमारों तैं खूब कनु कु भेजि।
3
यीशु ल ऊं बट्टी बोलि, “बट्टा कु कुछ नि रख्यां न लाठो, न झोला, न रुट्टि, न रुप्या, अर न द्वी-द्वी कुर्ता।”
4
अर जब तुम कै घौर मा जा उखि रावा अर उख बट्टी विदा ह्वा।
5
जु कुई तुम तैं स्वीकार नि कैरो अर तुम्हरी नि सुणो त उख बट्टी निकली कै अपड़ा खुट्टों की धूल उखि झाड़ी दियां कि ऊं पर गव्है हो।
6
अर उ निकली के गौं-गौं शुभ सन्देश प्रचार सुंणौदि अर हर कखि लुखुं तैं खूब करदी फिरदी रैनी।
7
अर देश का चौथाई कु राजा हेरोदेस यु सब सूंणि के घबरै गै किलैकि कथगों ल बोलि, कि यूहन्ना मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो हवे गै।
8
अर कथगों ल यु बोलि, “एलिय्याह दिखेगे और ल यु कि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो मा बट्टी कुई एक पुरणो च जु ज्यूँदो हवे गै।”
9
पर राजा हेरोदेस ल बोलि, “यूहन्ना को मुंड मिल कटवै छो अब यु कु च जैका बारा मा इन बात सुनणु छो अर वेल वे तैं दिखणें इच्छा कैरी।”
10
फिर बारह प्रेरितों ल वापिस लौटि के जु कुछ ऊंल कैरी अर सिखै छो सब यीशु तैं बतै अर वेल ऊं तैं अलग कैरी कै बैतसैदा नगर मा लीगि।
11
यु जांणि के भीड़ वेका पिछनैं चलण लगि गै अर उ खुशी से वे बट्टी मिली अर ऊं बट्टी परमेश्वर का राज्य कि बात कन लगि गे: अर जु खूब हूंण चांणा छा ऊं तैं खूब कैरी।
12
जब शाम हवे गै त बारह चेला ल वेमा ऐ के बुल्ण लगि गैनी भीड़ तैं विदा कैर कि चारों तरपां का गौं अर बस्तियों मा जै के रौंणु कु जगह अर खांणु कु इंतजाम कैरो किलैकि हम इख एकांत जंगल म छा।
13
यीशु ल ऊंकु बोलि, “तुम ही ऊं तैं खांणु कु द्या” ऊंल बोलि, हम मा पाँच रुट्टि अर द्वी माछों तैं छोड़ी के और कुछ नि च पर हाँ जु हम जै के यूं सब लुखुं कु खांणु मोल ल्यां त हवे सकदु च उ लोग पाँच हजार बैखुं का लगभग छा।
14
यीशु ल अपड़ा चेलों मा बोलि, “ऊं तैं पचास-पचास कैरी के पांति मा बैठै द्या।”
15
ऊंल इन ही कैरी अर सभियूं तैं बैठै दींनि।
16
यीशु ल ऊं पाँच रुट्टियुं तैं अर द्वी माछों तैं अपड़ा हथ मा लींनि अर स्वर्ग जनै देखि के परमेश्वर कु धन्यवाद कैरी अर रुट्टि द्वी टुकड़ों मा तोड़ी-तोड़ी के चेलों तैं दींद गैनी कि उ लुखुं तैं परोसुनु।
17
अर सभि खै के तृप्त हवे गैनी त चेलों ल बचयां टुकड़ों से बारह भुरयां ठुपरा भरिके उठैनि।
18
जब उ एकांत मा परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनु छो अर चेला वे दगड़ी छा त वेल ऊं बट्टी पूछि कि लोग मि कु क्य बुल्दींनि?
19
ऊंल जवाब दींनि, यूहन्ना बपतिस्मा दींण वलो अर कुई-कुई एलिय्याह अर कुई यु कि पुरणा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला मा बट्टी कुई ज्यूँदो हवे गै।
20
वेल ऊंमा पूछि, पर तुम मेरा बारा मा कि सुचदियां? पतरस ल जवाब दींनि, “परमेश्वर कु मसीह।”
21
तब यीशु ल ऊं तैं चितै के बोलि, कि यु कै मा नि बुल्यां।
22
अर वेल बोलि, “मि मनिख कु नौंनो कु जरूरी च कि उ भौत दुःख उठौ अर लुखुं का दाना-सयाणों, प्रधान याजक अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो वे तैं तुच्छ जांणि के मारि दयूंनु अर उ तीन दिन का बाद फिर ज्यूँदो हवे जालो।”
23
वेल सभियूं बट्टी बोलि, “जु कुई मेरा पिछनैं आंण चौ उ अपड़ी इच्छाओं तैं छोड़ी के अर अपड़ो सूली उठै के मेरा पिछनैं हवे जौं।”
24
किलैकि जु कुई अपड़ो जीवन बचौण चौ उ वे तैं गवांलू पर जु कुई मेरा बाना अर शुभ सन्देश का बाना अपड़ा आत्मा तैं गवांलू उ अनन्त जीवन तैं पालो।
25
जु मनिख सैरा दुनिया तैं पै ल्यो अर अपड़ा प्राण अर आत्मा तैं ख्वे द्यो त वे तैं क्य फैदा होलो?
26
जु कुई मि अर मेरी बातों सै शर्मालो, मि मनिख कु नौंनो भि जब अपड़ी अर पिता कि अर पवित्र स्वर्गदूतों कि महिमा सहित आलो त तब मि भि ऊंको इन्कार कैरी दयुलु।
27
मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि जु इख म खड़ा छिन ऊंमा बट्टी कुई-कुई इन छिन कि जब तक परमेश्वर का राज्य तैं सामर्थ का दगड़ा आंण नि दिखला तब तक ऊंल मुरण भि नि च।
28
यूं बातों का बाद कुई आठ दिन बाद यीशु ल पतरस, याकूब अर यूहन्ना तैं अपड़ा दगड़ा मा लींनि अर परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनु कु पौड़ पर गै।
29
जब उ परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनु छो त वेको चेहरा कु रूप बदलिगे अर इख तक की वेका कपड़ोंं कु भि एक अलग रूप छो उ चमकदार अर सफेद हवे गै छा।
30
अर देखा मूसा का दगड़ा एलिय्याह दिखै जु यीशु का दगड़ा बातचित कना छा।
31
यु महिमा सहित दिखै अर वेका मरणे कि चर्चा कना छा जु यरूशलेम शहर मा हूंण वलो छो।
32
पतरस अर वेका दगड़िया निंद मा भुरयां छा अर जब ढंग ल चेत मा ऐनी त ऊंकी महिमा कु प्रकाश अर ऊं द्वी मनिख्युं तैं जु वे दगड़ी खड़ा छा देखि।
33
जब उ वेका संमणी बट्टी जांण गैनी त पतरस ल यीशु कु बोलि, “हे गुरु हमारो इख रांण अच्छो च हम इख तीन डेरा बणौला एक त्वे कु, एक मूसा कु, अर एक एलिय्याह कु।” उ जंणदु नि छो कि क्य बुल्णु च।
34
उ यु बुल्णु ही छो कि इथग मा एक बादल ल ऊं तैं घेरि कै ढकै दींनि अर जब उ वे बादल बट्टी घिरण लगि गैनी त डौर गैनी।
35
अर वे बादल बट्टी परमेश्वर की आवाज सूंणि, “यु मेरू प्रिय नौंनो च ये कि सूंणा।”
36
यु वचन हूंदी ही यीशु यखुली पये गे: अर उ चुप रै अर जु कुछ देखि छो वांकि कुई भि बात ऊं दिनों मा कै मा नि बोलि।
37
अर दुसरा दिन जब उ पौड़ बट्टी उतरिनि त एक बड़ी भीड़ ऊं बट्टी मिलणु कु ऐ।
38
अर देखा भीड़ मा बट्टी एक आदिम ल चिल्लै कै बोलि, “हे गुरु मि त्वे बट्टी बिनती कनु छौं कि मेरा नौंना पर दया कैर किलैकि उ मेरू एक ही नौंनो च।”
39
अर देख एक दुष्टात्मा वे तैं पकड़दी च अर उ बिजां चिल्लांदु अर व वे तैं इन मरोड़ि दींद कि उ वेका गिच्चा बट्टी झाग निकलण लगि जांदु अर वे तैं कुचलिके बड़ी मुश्किल से छुड़द।
40
अर मिल तेरा चेलों बट्टी बिनती कैरी छै कि वे तैं निकाला पर उ नि निकाली सकिनि।
41
यीशु ल ऊं तैं जवाब दे के बोलि, हे अविश्वासी लुखुं मि कब तक तुम दगड़ी रौलु अर तुमारी सौलु? अपड़ा नौंना तैं इख ले के औ।
42
उ औंणु ही छो कि दुष्टात्मा ल वे तैं पटकी के मरोड़ि पर यीशु ल दुष्टात्मा तैं झिड़की अर नौंना तैं खूब कैरी कै वेका पिता तैं सौंपी दींनि।
43
तब सब लोग परमेश्वर कि बड़ी सामर्थ से चकित हवेनि पर जब सब लोग ऊं सब कामों से जु यीशु ल कैरी छा अचम्भो कना छा त वेल अपड़ा चेलों मा बोलि।
44
यु बात तुमारा कंदुडू मा पोड़ि रौनु किलैकि “मि मनिख कु नौंनो” मनिख्युं का हथ से पकड़वे जौलु।
45
पर या बात चेलों की समझ मा नि ऐ, जु यीशु बुल्दो छो अर य वे बट्टी छिपी रै के उ वीं तैं नि जंणन पौनु अर उ ईं बातों का बारा मा वेमा पुछण से डरदा छा।
46
फिर ऊंमा यु बहस हूंण लगि गै कि हम मा बड़ो कु च?
47
पर यीशु ल ऊंका मन का विचार जांणि दींनि अर एक बच्चा तैं ऊंका नजीक मा खड़ो कैरी।
48
अर ऊं बट्टी बोलि, “जु कुई मेरा नौं से यु बच्चों तैं अपणांदु उ मि तैं अपणांदु।” उ मेरा भिजण वला तैं अपणांदु किलैकि जु तुम मा बट्टी सबसे छुटो से छुटो च उ ही बड़ो च।
49
तब यूहन्ना ल वेकु बोलि, “गुरु हम ल एक मनिख तैं तुमारा नौं की सामर्थ से दुष्टात्मा तैं निकलण देखि अर हम वेको मना कना रां किलैकि उ हम जन तेरु चेला नि च।”
50
यीशु ल बोलि, “वेकु मना नि कैरा किलैकि जु हमारो दुश्मन नि च उ हमारो दगड़िया ही च।”
51
जब वेका मथि उठौण का दिन पूरा हूंण पर छा जु वेल यरूशलेम शहर जांणो कु विचार पक्को कैरी छो।
52
अर वेल अपड़ा अगनैं दूत भिजिनि उ सामरी जाति का गौं मा गैनी कि वेकु जगह तैयार कैरो।
53
पर ऊं लुखुं ल वे तैं औंण नि दींनि किलैकि उ यरूशलेम शहर कु जांणा छा।
54
यु देखि के वेका चेला याकूब अर यूहन्ना ल बोलि, “हे प्रभु क्य तु चाँदि छै कि हम आज्ञा द्यां कि स्वर्ग बट्टी आग गिरि के ऊं तैं भस्म कैरी द्यो।”
55
पर वेल पलटी के ऊं तैं झिड़की अर बोलि, तुम नि जंणदा कि तुम कन आत्मा का छा किलैकि मनिख कु नौंनो लुखुं का प्राण तैं नाश कनु कु न पर बचौंणु कु ऐ।
56
अर उ कै और गौं मा चलि गैनी।
57
जब उ बट्टा मा जांणु छो त कैल वेमा बोलि, जख-जख तु जैलि मि तेरा पिछनैं औलु।
58
यीशु ल वेमा बोलि, “स्यालुं का उडियार अर आसमान का चलखुडों का बसेरा हूंदींनि मि मनिख कु नौंनो कु रौंणु कु भि घौर नि च जख उ सै साको।”
59
वेल दुसरा कु बोलि, मेरा पिछनैं हवेलि वेल बोलि “हे प्रभु पैली मि जांणि दे कि अपड़ा बुबा तैं खडै द्यों”
60
यीशु ल वेमा बोलि, “जु लोग आत्मिक रीति बट्टी मुरयां छिन ऊं तैं अपड़ा मुर्दा खडयोण दे पर तु जै के परमेश्वर कि राज्य को शुभ संदेश कु प्रचार सुंणौ।”
61
एक हैंका ल भि बोलि, हे प्रभु मि तेरा पिछनैं औलु पर पैली मि तैं जांण दे कि अपड़ा घौर का लुखुं से विदा ल्यो।
62
यीशु ल वेमा बोलि, जु कुई अपड़ो हथ हौल पर रखि के पिछनैं दिखदो, उ परमेश्वर का राज्य का लैख नि च।
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