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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 10
Luke 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
अर यूं बातों का बाद प्रभु यीशु ल अन्य चेला और मनिख चुणिनि अर जै-जै शहर अर जगह कु जख वेल जांणै की योजना बंणै छै उख ऊं तैं द्वी-द्वी कैरी कै अपड़ा अगनैं भेजि।
2
अर यीशु ल ऊंमा बोलि, “फसह कु त्योहार कु पक्याँ पुंगड़ा त बिजां छिन पर मजदूर कम छिन” इलै पुंगड़ा का स्वामि परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरी कि उ अपड़ा पुंगड़ा लवैइ कनु कु मजदूर भेजि द्यो।
3
जावा देखा मि तुम तैं ढिबरों का समान भेड़ियों का बीच मा भिजणु छौं।
4
इलै न पटुकूं, न झोला, न जुत्ता ल्या, अर न बट्टा मा कै तैं प्रणाम करयां।
5
जैका भि घौर मा जैला त पैली बुल्यां कि यु घौर कु कल्याण हो।
6
परमेश्वर का दगड़ी शान्ति चांण वला मनिख उखी रौंदु च त तुमारो कल्याण वे पर ठैरुलो नथिरी तुम मा वापिस ऐ जालो
7
वे ही घौर मा रावा अर जु कुछ ऊं बट्टी मिलो उ ही खयां अर पियां किलैकि मजदूर तैं अपड़ी मजूरी मिलण चयणी च अर घौर-घौर नि फिरयां।
8
अर जै शहर मा जैला, अर उख का लोग तुम तैं स्वीकार कैरा त जु कुछ तुमारा अगनैं रखै जौं उ ही खैयां।
9
उख बीमारों तैं खूब करयां अर ऊंमा बुल्यां कि परमेश्वर कु राज्य नजदीक ऐ गै।
10
पर जै शहर मा जैला अर उख लोग तुम तैं स्वीकार नि कैरो त वे शहर का लुखुं मा जै के बुल्यां।
11
कि तुमारा शहर कि धूल भि जु हमारा खुट्टों मा लगिं च हम तुमारा संमणी झाड़ी दींदां तब भि यु जांणि जा कि परमेश्वर कु राज्य नजदीक ऐ गै।
12
मि तुम मा बुल्णु छौं कि वे दिन वे शहर कि दशा से सदोम शहर कि दशा सौण जुगुत हवेलि।
13
हाय खुराजीन शहर अर बैतसैदा नगर का लुखुं पर जु चमत्कार का काम तुम मा करे गैनी जु उ सूर अर सीदोन शहर मा करे जांदा त उ टाट ओड़िके अर छारा मा बैठी के भौत पैली बट्टी मन फिरै दींदां।
14
पर न्याय का जांच का दिन तुम्हरी दशा से सूर अर सीदोन शहरों का लुखुं कि दशा सैंण जुगुत हवेलि।
15
अर हे कफरनहूम शहर का लुखुं क्य तु स्वर्ग तक ऊंचो करे जैलि? तु त नरक तक मूड़ी जैलि।
16
जु तुम्हरी सुणदु उ मेरी सुणदु च अर जु तुम तैं तुच्छ जंणदु उ मि तैं तुच्छ जंणदु, उ मेरा भिजण वला तैं भि तुच्छ जंणदु।
17
उ सत्तर चेला खुशी से ऐ के बुल्ण लगि गैनी “हे प्रभु दुष्टात्माओं ल भि हमारी बात मांणी जब हम ल तेरा नौं से आज्ञा दींनि।”
18
वेल ऊं बट्टी बोलि, जब दुष्टात्माओं ल तुम्हरी आज्ञा मांणी, त मिल शैतान तैं अचानक स्वर्ग बट्टी बिजली का जन गिरदा देखि।
19
मिल तुम तैं गुरो अर बिच्छुओं तैं रौंदुणो को, अर शैतान की सैरी सामर्थ पर अधिकार दियूं च अर कै भि चीज बट्टी तुम तैं कुई नुकसान नि होलो।
20
पर आनन्द नि ह्वा किलैकि दुष्टात्माओं तुम्हरी आज्ञाओं तैं मणदी च पर यांसे खुश ह्वा कि तुमारा नौं स्वर्ग मा लिख्यां छिन।
21
वीं बगत यीशु पवित्र आत्मा मा हवे के खुशी से भरि गै अर बोलि, “हे पिता आसमान अर धरती का प्रभु मि तेरु धन्यवाद करदु कि तिल यूं बातों तैं ज्ञानियों अर समझदार बट्टी छिपै के रखि अर बालकों पर प्रगट कैरी हां, हे पिता किलैकि त्वे तैं यु ही अच्छो लगि।”
22
मेरा पिता ल मि तैं सब कुछ सौंपेलि अर कुई नि जंणदु कि नौंनो कु च भस पिता अर पिता कु च यु भि कुई नि जंणदु भस नौंनो अर जै पर नौंनो वे तैं प्रगट कन चौ।
23
तब यीशु ल चेलों कि तरपां फेरी के यखुली मा बोलि, धन्य छिन उ आंखा जु यूं बातों तैं दिखदा छिन।
24
किलैकि मि तुम मा बुल्णु छौं की भौत सा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो ल अर राजाओं ल चै कि जु बात तुम दिख्दां ऊं तैं दिखुनु पर नि देखि अर जौं बातों तैं तुम सुणदा छा ऊं तैं सुणुनु पर नि सुणि।
25
एक दिन जब यीशु लुखुं तैं शिक्षा दींणु छों त एक आदिम मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो उठि अर यु बोलि के यीशु की अजमैश कन लगि गै कि, “हे उत्तम गुरु जी अनन्त जीवन पर मेरू हक हो यांको मि तैं क्य कन चयणु च?”
26
यीशु ल ऊंमा बोलि, कि “मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा क्य लिख्युं च? तु ऊं तैं कन कै समझदी छै?”
27
वेल जवाब दींनि, कि तु अपड़ा प्रभु परमेश्वर तैं अपड़ा सैरा मन अर अपड़ी सैरा प्राण अर अपड़ी सैरी शक्ति अर अपड़ी सैरी बुद्धि का दगड़ी प्रेम रख अर अपड़ा पड़ोसी से अपड़ा समान प्रेम रख।
28
वेल वे बट्टी बोलि, तिल ठिक जवाब दींनि यु ही कैर त वे तैं सदनी को जीवन मिललो।
29
पर वेल यूं तथ्य तैं सही ठैरांणु कु की इच्छा बट्टी यीशु तैं पूछि, त मेरू पड़ोसी को च?
30
यीशु ल एक मिसाल दे के जवाब दींनि, कि एक मनिख यरूशलेम शहर बट्टी यरीहो शहर कु जांणु छो कि इथग मा कि डाकुओं ल वे पर हमला कैरी के वेका कपड़ा अर हर चीज जु वेमा छा वे तैं लुछी दींनि अर मारि पीटि के वे तैं अध्मोरयूँ छोड़ी के चलि गै।
31
अर इन हवे कि वे ही बट्टा बट्टी एक यहूदी याजक जांणु छो पर वे तैं देखि के बगैर वेकी मदद कैरी के चलि गै।
32
उन ही एक लेवि जु यहूदी मंदिर मा काम करदो छो उ वे जगह मा ऐ उ भि वे तैं देखि के बगैर वेकी मदद कैरी के दुसरी तरपां बट्टी अगनैं चलि गै।
33
पर एक सामरी जाति को एक आदिम जख घायल आदिम छो ऊख ऐ निकली, अर वे तैं देखि के तरस खै।
34
अर वेका संमणी ऐ के अर वेका घावों पर जैतून को तेल अर दाखमधु डाली अर फिर वेका घावों पर पट्टी बंधि अर अपड़ी सवारी पर चड़ै के धर्मशाला मा लीगि अर वेकी सेवा टहल कैरी।
35
दुसरा दिन वेल द्वी दीनार द्वी दिन की मजदूरी निकाली के भटियारा तैं दींनि अर बोलि, ये कि सेवा टहल कैरी अर जु कुछ तेरु और लगलो उ मि लौटण पर त्वे तैं दे दयुलु।
36
अब यीशु ल वे तैं पूछि, तेरी समझ मा जै पर डाकुओं का द्वारा हमला किये गै छो यूं तिन्युं मा बट्टी वेको पड़ोसी कु ठैरी?
37
वेल बोलि, उ ही जैल वे पर दया कैरी यीशु ल वेमा बोलि, “जा तू भि इन ही कैर।”
38
प्रभु यीशु अर वेका शिष्य एक दगड़ी यात्रा कन छा अर एक गाँव मा पौंछिनि जब उ उख पौंछिनि त मार्था नौं की एक जनन ल वेको घौर मा स्वागत कैरी।
39
अर मार्था की बैंण मरियम प्रभु का खुट्टा का संमणी बैठी के वेका शिक्षाओं तैं सुंणदि छै।
40
पर मार्था खांणु पकै-पकै के घबरै गै अर वेका संमणी ऐ के बुल्ण लगि गै “हे प्रभु क्य त्वे तैं कुछ भि चिंता नि च कि मेरी बैंण सभि काम कनु कु यखुली च? त वीं कु बोल कि मेरी मदद कैर।”
41
प्रभु यीशु ल वीं तैं जवाब दींनि, मार्था हे मार्था तु भौत बातों की चिंता करदी अर घबरांदि छै।
42
पर एक ही बात की चिंता कन जरूरी च मार्था की बैंण मरियम ल ईं बात तैं खोज्याली अर उ वे बट्टी दूर नि किये जालो।
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