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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 11
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यीशु कीं जगह मा परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनु छो, अर जब वेल परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरेली छै त वेका चेलों मा बट्टी एक चेला ल वेमा बोलि, हे प्रभु जन यूहन्ना ल अपड़ा चेलों तैं परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन सिखै उन ही तू हम तैं भि सिखै दे।
2
वेल ऊंमा बोलि, जब तुम परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरा त बोला, हे हमारा बुबा तेरु नौं सब लुखुं मा पवित्र मणै जौं अर तेरु राज्य औ।
3
हमारी दिन भरै कि रुट्टि आज हम तैं दे।
4
अर हमारा पापों तैं माफ कैर किलैकि हम भि अपड़ा हरेक अपराधी तैं माफ करदां अर हम तैं शैतान द्वारा अजमैश मा नि लौ।
5
अर यीशु ल ऊंमा बोलि, “तुम मा बट्टी कु च” वेको एक दगड़िया हो, अर उ अधा राती मा बोलि, “हे दगड़िया, मि तैं तीन रुट्टि उधार दे।
6
किलैकि मेरू एक दगड़िया सफर मि मेरा यख अयुं च वे तैं खिलाणु कु मि मा कुछ नि च।
7
अर उ भितर बट्टी जवाब द्यो कि मि तैं दुःख नि दे अब त द्वार भि बंद छिन अर मेरा नौंना मेरा संमणी चारपै मा छिन, इलै मि उठि के त्वे तैं नि दे सकदु?
8
मि तुम मा बुल्णु छौं जु वेको दगड़िया हूंण पर भि वे तैं उठि के नि द्यो, तब भि अपड़ी शर्म छोड़ी के मंगणा का वजह से उ उठि के वेकी जरूरतों का अनुसार वे तैं जरूर दयाला।
9
तुम तैं जु चयणु च वे तैं परमेश्वर बट्टी माँगा अर उ तुम तैं दयालो, खुज्येला त पैला, खटखटैल्या त तुम कु खुलै जालो।
10
किलैकि जु कुई मंगदु च वे तैं मिल्द अर खुज्योंद च उ पौंदु च अर जु खटखटौंदु च वेकु खुलै जालो।
11
तुम मा बट्टी कुई भि आदिम, अपड़ा नौंना तैं रुट्टि मांग त, वे तैं ढुंगो नि द्यों यां जन कुई भि आदिम, अपड़ा नौंना तैं माछा मंगण पर वे तैं गुरो नि दींद।”
12
या अंडा मांगा त उ वे तैं बिच्छी नि दींद
13
जब तुम बुरा हवे के अपड़ा नौंना तैं भलि चीज दींण जंणदा छा, त तुमारो स्वर्गीय बुबा भौत जादा बढ़ि के ऊं तैं पवित्र आत्मा दींणु कु तैयार च जु वे बट्टी मंगदो च?
14
यीशु ल एक गूंगि दुष्टात्मा तैं निकाली जब दुष्टात्मा निकली गै त गूंगो बुल्ण लगि गै अर लुखुं ल अचम्भो कैरी।
15
पर ऊंमा बट्टी कुछ लुखुं ल बोलि, “यु त दुष्टात्माओं कु सरदार शैतान की मदद ल दुष्टात्माओं तैं निकलदु च।”
16
औरों ल वेकी अजमैश कनु कु वे बट्टी स्वर्ग कु एक चमत्कार कु चिन्ह मांगि।
17
यीशु ल ऊंका मन की बात जांणि के ऊंमा बोलि, जु कै राज्य मा क्लेश हूंद त तब उ उजड़ी जांदु अर कै शहर य परिवार मा जैं मा क्लेश हूंद उ बणयुं नि रौंदु।
18
अर जु शैतान अपड़ो ही विरोधी हवे के अफ मा फूट डालो त तब उ कनके बणयुं रै सकदु? किलैकि तुम मेरा बारा मा त बुल्दा छा की यु शैतान की मदद से दुष्टात्मा तैं निकलदु च।
19
ठिक च जु मि शैतान कि मदद से दुष्टात्माओं तैं निकलदु छौं त तुमारी सन्तान कैकी मदद से निकलदी इलै उ ही तुमारो न्याय चुकाला।
20
पर जु मि परमेश्वर कि आत्मा की मदद से दुष्टात्माओं तैं निकलदु त फिर परमेश्वर कु राज्य तुमारा बीच मा ऐ गै।
21
क्य कुई आदिम कै बलिष्ठ का घौर मा घुसि के वेकी सम्पति लूछि सकदु च, जब तक कि उ पैली वे बलिष्ठ तैं बांधि नि ल्यो।
22
पर जब वे बट्टी भि जादा कुई और बलिष्ट चड़ै कैरी कै वे तैं जीति लींदु त वेका उ हथियार जौं पर वेको भरोसो छो लूछि दींदु अर वेकी सम्पति लूटि के बांटि दींदु।
23
जु मि दगड़ी नीच उ मेरा विरोध मा च, अर जु मि दगड़ी नि बटोरदु उ छिलारदु च।
24
जब दुष्टात्मा कै मनिख बट्टी निकली जांदी त व सुखीं जगह मा विश्राम ढुंडदि फिरदी, अर आराम नि पांदी, तब व अपड़ा आप मा बुल्दी, मि जै मनिख बट्टी अयुं छो, ऊखी वापिस लौटि जौलु।
25
अर जब उ औंदु, वे आदिम का जीवन तैं वे घौर का जन पांद, जु झड़युं-सौंप्युं अर सज्युं पांदी।
26
तब दुष्टात्मा जै के अफ बट्टी सात बुरी दुष्टात्मा तैं अफ दगड़ी लौंद अर उ वेमा मनिख मा घुस कर वास करदी, वे मनिख की पिछली दशा पैली दशा से भि बुरी हवे जांद।
27
जब यीशु यूं बातें तैं बुल्णु ही छो, त भीड़ मा बट्टी कीं जनन ल ऊंची आवाज मा बोलि, “धन्य च उ जनन जैल त्वे तैं जन्म दे अर त्वे तैं दूध पीलै।”
28
वेल बोलि, हां पर धन्य छिन उ जु परमेश्वर का वचन तैं सुणदींनि अर मणदींनि।
29
जब भीड़ कट्ठा हूंदी जांणि छै त यीशु बुल्ण लगि गै कि, “यु बगत का बुरा लोग चमत्कार का चिन्ह ढुंडदिनि पर योना परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला का दगड़ा जु हवे वे चिन्ह तैं छोड़ी के कुई और चिन्ह ऊं तैं नि दिये जालो।
30
जन योना नीनवे का लुखुं कु चिन्ह ठैरी उन ही मि मनिख कु नौंनो भि ये युग का लुखुं कु चिन्ह ठैरुलो।
31
दक्षिण देश की राणी न्याय का दिन यु बगत का लुखुं तैं भंगारी ठैरालि किलैकि व राजा सुलैमान का ज्ञान तैं सुनणु कु धरती का एक छोड़ बट्टी ऐ अर देखा इख उ च जु राजा सुलैमान से भि बड़ो च।
32
नीनवे का लुखुं का न्याय का दिन यु बगत का लुखुं दगड़ी खड़ा हवे के ऊं तैं भंगारी ठैराला किलैकि ऊंल त योना कु प्रचार सूंणि के मन फिरै अर देखा इख उ च जु योना से भि बड़ो च।
33
कुई दिवडा बालि के भांडा उन्द नि ढकन्डो अर न खाटि का तौला रखदु पर ब्यांरा पर रखदु इलै की भितर औंण जांणवला उज्यलो पौनु।
34
आंखा देह कु दिवडा का जन च इलै जु तेरा आंखा खूब छिनी त तेरी सैरी देह भि उज्यलो होली पर जब उ बुरी छिन त तेरु देह भि अंधेरो च।
35
इलै सचेत रौ कि जु उज्यलो त्वे मा च उ अंधेरो नि हवे जौ।
36
इलै जु तेरु सैरो देह उजलो हो अर वेकु कुई हिस्सा अंधेरो नि रौ त सभि इन उजलो होलो जन वे बगत हूंद जब दिवडा अपड़ी चमक से त्वे तैं उज्यलो दींदु।
37
जब मसीह यीशु ल अपड़ो उपदेश तैं खत्म कैरी येलि छों, त कै फरीसी ल वे बट्टी बिनती कैरी कि मेरा इख खांणु खा अर उ भितर जै के खांणु खांण कु बैठी।
38
फरीसियों तैं यु देखि के अचम्भो हवे कि उ खांणु खांण से पैली बगैर हथ धुयां अर अशुद्ध हथ रुट्टि खंदींनि।
39
फरीसियों हाय च तुम पर तुम इन भांडा छा जु भैर बट्टी त साफ पर तुमारा मन का भितर बट्टी अंधेर अर दुष्टता भुरीं च।
40
हे निर्बुद्धियों, जैल भैरो कु हिस्सा बणै, क्य वेल भितरो कु हिस्सा नि बणै?
41
अर गरीबों तैं दान दे कै भितर मन बट्टी साफ हवे जावा अर तुम पूरी रीति बट्टी पवित्र हवे जावा।
42
पर हे फरीसियों हाय च तुम पर तुम पुदीना अर सूदाबो को अर सब किस्मै का साग-पातों को दसवां अंश दींदां पर न्याय तैं अर परमेश्वर का प्रेम तैं टालि दींदयां।
43
हे फरीसियों हाय च तुम पर तुम यहूदियों का मिलणा का भवन मा मुख्य आसण बाजारों मा सम्मान का दगड़ी प्रणाम चदयां।
44
हाय च तुम पर किलैकि तुम छिपी कब्रों का समान छा जौं पर लोग चलदा छिन पर नि जणदींनि की कख जांणा छिनी।
45
तब एक मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला ल वे तैं जवाब दींनि कि हे गुरु यूं बातों का बुल्ण से तु हमारी बुरै कनि छै।
46
ऊंल बोलि, हे मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो हाय च तुम पर भि तुम इन बोझ जौं तैं उठौण कठिन च मनिख्युं पर लादी दींदां पर तुम अफ ऊं बोझ तैं अपड़ी अंगुली भि नि सरकौंण चांदा।
47
तुम पर हाय च तुम ऊं परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो कि कब्र बंणौदां छा जौं तैं तुमारा बाप-दादों ल मारि डाली छो।
48
इलै तुम अपड़ा पूर्वजों का कामों की गव्है दींदां छा, अर ऊं कामों बट्टी सहमत भि छा, किलैकि ऊंल ऊं तैं मार डाली अर तुम ऊंकी कब्रों तैं बंणौदा छा।
49
इलै परमेश्वर कि बुद्धि ल भि बोलि, कि मि ऊंमा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो अर प्रेरितों तैं भिजलु अर तुम ऊंमा बट्टी कुछ तैं मारि डलिल्या अर कथगु तैं दुःख दीला।
50
इलै की जथग परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो को ल्वे दुनिया कि उत्पति बट्टी बुगै गै सभियूं कु लेखा ये युग का लुखुं बट्टी लिये जालो।
51
हाबिल कि हत्या का ल्वे से ले के जकर्याह परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला कि हत्या तक जु बेदि अर यरूशलेम शहर का मन्दिर का बीच मा घात किये गैनी मि तुम मा सच बुल्णु छौं ऊंकु लेखा ये ही बगत का लुखुं बट्टी लिये जालो।
52
हाय च तुम मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो पर, तुम लुखुं तैं स्वर्ग का राज्य मा प्रवेश कन से रुकदा छा, न त अफ तैं वे द्वार बट्टी भितर जंदा अर वां बट्टी भितर जांण वलो तैं भि भितर नि जांण दींदां।
53
जब उ उख बट्टी निकलनी त मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसी वेका भौत पिछनै पड़ि गैनी अर छिडण लगि गैनी कि उ भौत सी बातों कि चर्चा कैरा।
54
अर वेकी घात मा लगयां रैनी कि वेका गिच्चा कि कुई बात पकड़नु।
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