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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 22
Luke 22
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
बगैर खमीर कि रुटि कु त्योहार जैकु फसह कु त्यौहार बुल्दा छा नजीक छो।
2
अर प्रधान याजक अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला लोग ईं बात कि फिराक मा छा कि यीशु तैं कनके खत्म कैरी दयुला, पर उ लुखुं बट्टी डरदा छा।
3
तब शैतान यहूदा मा समै जै कु इस्करियोती बुल्दा छा अर बुरा चेलों मा गणेंदु छो।
4
उ गै अर वेल प्रधान याजक अर पैरादारों का मुखियों का दगड़ा बातचित कैरी कि यीशु तैं कनके ऊंका हथ मा पकड़वालो।
5
उ खुश हवेनि अर वे तैं रुप्या दींण कि करार कैरी।
6
वेल मांणी दींनि, अर उ मौका खुज्योंण लगि गैनी कि जब भीड़ नि हो, त यीशु तैं ऊंका हथ मा पकड़वै द्यो।
7
तब अखमीरी की रुट्टि का त्यौहार कु दिन ऐ जै मा फसह कु भोज को ढिबरो कु बलिदान करे जांदु छो।
8
अर यीशु ल पतरस अर यूहन्ना कु बोलि, “जावा अर हमारा खांण कु बगैर फसह कु भोज तैयार कैरा।”
9
तब ऊंल यीशु तैं पूछि, “कि तु क्य चांदी की हम कख फसह कु खांणु तैयार करयां की हम वे तैं खा सका।”
10
तब यीशु ऊंमा बोलि, “शहर मा जांदी बगत तुम तैं एक मनिख पांणी कु घड़ा उठै कै मिललो। जै घौर मा उ जालो तुम वेका पिछनै चलि ज्यां।”
11
अर वे घौर का मालिक मा बुल्यां, “गुरु जी कु तुम कु बुल्युं च; कि उ खांणु खांण वलो भितर कु च जै मा मि अपड़ा चेलों का दगड़ा फसह कु भोज खै साको।”
12
उ अफी तुम तैं एक बड़ो सी सज्यूं-धज्यूं ऐंच कु कमरा दिखै दयालो उख हम कु तैयारी करयां।
13
ऊं जै कै जन यीशु ल बुल्युं छो, ऊं नि पै, अर उख फसह कु भोज खै।
14
जब बगत ऐ गै त उ बारह प्रेरितों का दगड़ा खांणु खांण बैटि गै।
15
अर यीशु ल ऊंकु बोलि, “मेरी भौत इच्छा छै की मि दुःख झिलण अर मुरण से पैली फसह कु भोज कु त्यौहार कु खांणु तुम दगड़ा खौलु।”
16
किलैकि मि तुम कु बुल्णु छौं कि जब तक उ परमेश्वर का राज्य मा पूरो नि फसह कु त्यौहार कु खांणु तब तक दुबरा खौंलु।
17
तब वेल अंगूरों कु रस कटोरा लींनि अर धन्यवाद दींनि अर बोलि, “यु तैं ल्या अर आपस मा बांटि द्या।”
18
किलैकि मि तुम मा सच बुल्णु छौं, जब तब परमेश्वर कु राज्य नि आलो तब तक मि अंगूरों को रस अब बट्टी कभि नि प्यूलु।
19
फिर वेल रुटि लींनि अर धन्यबाद कैरी कै तोड़ी अर ऊं तैं इन बोलि दींनि “यु मेरू बदन च ज्वा तुम कु दियेणी च मेरी याद मा इन ही करयां।”
20
ईं रीति बट्टी यीशु ल खांणु का बाद अंगूरों कु रस कु कटोरा लै, अर यीशु ल चेलों कु बोलि, “यु अंगूरों को रस मेरू ल्वे च मेरू ल्वे भौत सा लुखुं कु बलिदान का रूप मा बुगै जांदु जु तुम कु नई प्रतिज्ञा च। ”
21
पर देखा, मेरा पकड़वाण वला कु हथ मि दगड़ा मेज पर च।
22
किलैकि मि मनिख कु नौंनो का बारा मा जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, पर वे मनिख कु हाय च, जैका द्वारा मि मनिख कु नौंनो पकड़वै जांदु छों।
23
तब यु सूंणि के आपस मा पूछताछ कन लगि गैनी, “हम मा इन कु होलो जैल यु काम कन।”
24
ऊंमा इन बहस भि हवे गै; कि हम मा बट्टी बड़ो कु च?
25
तब यीशु ल ऊंकु बोलि, “अन्यजातियों का राजा का ऊं पर प्रभुता करदा छिन, अर जु ऊं पर अधिकार चलौंदींनि ऊंकु भलै कन वला बुल्दो।”
26
पर तुम इन नि हुयां; बल्कि जु कुई बढि के महान हूंण त सबसे नम्र अर छुटो अर सभियूं कि सेवा टहल कन वलो बणो।
27
किलैकि बड़ो कु च, उ जु खांणु पर बैठयूं च य उ जु सेवा करदो? क्य उन च जु खांणु पर बैठयूं च? पर मि तुमारा बीच नौकर कि तरौं छौं।
28
पर तुम ही छयां, जु मेरी अजमैश मा सदनी मेरा दगड़ा रयां।
29
अर जन मेरा बुबा ल मि कु एक राज्य ठैरयूं च, उन ही मि भि तुम कु एक राज्य ठैरांणु छौं।
30
कि तुम मेरा राज्य मा मेरी मेज पर खयां पियां सिंहासनों मा बैठी के इस्राएल का लुखुं का बारह गोत्र कु न्याय करिल्या।
31
शमौन, हे शमौन पतरस, शैतान ल परमेश्वर बट्टी तुम सभियूं की अजमैश कने की अनुमति मांगी च, अच्छा तैं बुरा बट्टी अलग कने, जन एक किसान ग्यूं का बीज तैं झाड़ बट्टी अलग करद।
32
पर मिल त्वे कु परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरी कि तेरु विश्वास मि बट्टी चलि न जा अर जब तु पापों बट्टी पश्चाताप किये त अपड़ा विश्वासी भयों तैं भि मि पर विश्वास कनु कु मजबूत किये।
33
पतरस ल यीशु कु बोलि, “हे प्रभु मि तुमारा दगड़ा जेल मा जांणु कु बल्कि मुरण कु भि तैयार छौं।”
34
यीशु ल वेकु बोलि, “हे पतरस मि त्वे कु बुल्णु छौं, कि आज ही राती मैर का बंसण से पैली तिल तीन बार मुकरी जांण, की मि वे तैं नि जंणदो।”
35
फिर यीशु ल ऊंकु बोलि, जब मिल तुम तैं बटुवा, अर झोला, अर जुता मिल तुम तैं सुसमाचार प्रचार कनु कु बिगर भेजि छो त क्य तुम तैं कै चीज कि घटि हवे वेल बोलि, कै भि वस्तु की कमी नि होलि,
36
ऊंल यीशु कु बोलि, “पर अब जै मा बटुवा हो उ वे तैं ले ल्यो अर उन ही झोला भि रखु अर जै मा तलवार नि हो उ अपड़ा चोला बेचि कै मोल ली ल्यो।
37
किलैकि मि तुम मा बुल्ण छौं कि परमेश्वर का वचन मा मेरा बारा मा लिख्युं च उ पूरो हो, की उ अपराधियों का दगड़ी गिणे गै, यूं बातों को मि पूरो हूंण जरूरी च, किलैकि मेरा बारा मा लिखीं बातों को पूरो हूंण जरूरी च।”
38
ऊंल बोलि, “हे प्रभु, देखा इख द्वी तलवार छिन यीशु ल ऊं तैं जवाब दींनि भौत छिन।”
39
तब उ निकली के अपड़ी रीति का अनुसार जैतून डाला का डांडा पर गैनी अर चेला ऊंका पिछनै हवे गैनी।
40
वीं जगह पौंछि के यीशु ल ऊंकु बोलि, “परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरा कि तुम अजमैश मा नि पुड़यां।”
41
अर यीशु ऊं बट्टी अलग एक थोड़ी दूरी पर गै, अर घुंडा टेकि कै परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन लगि गै।
42
“हे मेरा बुबा जु तु चहै त यु दुःख बट्टी बचो जु मि पर आंण वली च आप कु सब कुछ सम्भव च फिर भि बुबा तेरी ही इच्छा पूरी हो मेरी न।”
43
तब स्वर्ग बट्टी एक स्वर्गदूत ऊं तैं दिखै जु ऊं तैं सामर्थ दींणु छो।
44
उ भौत संकट मा दुखी हवे कै और भि दुख ल परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन लगि गैनी अर ऊंकु पसिना जन ल्वे कि बड़ी-बड़ी बुन्दौं जन धरती मा पोड़णू रै।
45
तब उ परमेश्वर बट्टी प्रार्थना बट्टी उठिनि अर अपड़ा चेलों मा ऐ अर उदास हवे कै चेलों तैं सियूं देखि।
46
अर यीशु ल ऊंकु बोलि, सिणा किलै छयां? उठा परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरा कि अजमैश मा नि पुड़यां।
47
जब यीशु बुल्णु ही छो, कि यहूदा जु बारहों चेलों मा बट्टी एक छो अर यहूदा एक बड़ी भीड़ के अगनैं-अगनैं ऊंका दगड़ी आंणु छो, उ यीशु का संमणी ऐ कि उ यीशु की भुकि पै।
48
यीशु ल वेमा बोलि, हे यहूदा क्य तु भुकि प्ये कै मि मनिख कु नौंनो तैं पकड़वौंणी छै
49
ऊंका दगड़ियों ल जब देखि कि क्य हूंण वलो च त बोलि, “हे प्रभु क्य हम ल तलवार चलाण?”
50
अर ऊंमा बट्टी एक चेला ल हथ बड़ै के अपड़ी तलवार खींचि के महायाजक कु सेवक कु दैंणु कंदूड़ काटि दींनि।
51
यां पर यीशु न बोलि, “अब भस भि कैरा अर वेको कंदूड़ छवे कै खूब कैरी दींनि।”
52
तब यीशु ल प्रधान याजक यरूशलेम शहर का मन्दिर का पैरादारों का मुखियों अर दाना-सयाणों कु जु ऊं पर चड़ी कै ऐ गै छा यीशु ल भीड़ कु बोलि क्य तुम मि तैं डाकु समझी कै पकड़णु अयां छा जु लाठा अर तलवार लीकै अयां छा?
53
जब मि यरूशलेम शहर का मन्दिर मा हरेक दिन तुमारा दगड़ा छो तब तुम ल मि पर हथ नि डाली पर यु तुमारो बगत च अर अंधेरा कु अधिकार च।
54
फिर उ यीशु तैं पकड़ी के प्रधान याजक का घौर ली गै, महायाजक का चौक का भितर तक चलि गै, अर पतरस दूर-दूर हवे कै वेका पिछनै-पिछनै जाणों छो।
55
अर पतरस मंदिर का सिपैयूं का दगड़ा आग तपण बैठी गै।
56
तब एक नौकराणि वेकी तरपां इखरोड़ि देखि कै बुल्ण लगि गै “यु भि त यीशु का दगड़ी छो।”
57
पर पतरस इन बोलि, कै इन्कार कैरी दींनि “हे नारी मि वे तैं नि जंणदु।”
58
थोड़ा देर का बाद कै दुसरा ल भि वे देखि कै बोलि, तू भि त ऊंमा बट्टी छै पतरस ल बोलि, “हे मनिख मि नि छौं।”
59
कुछ घंटा का बाद एक अर मनिख बुल्ण लगि गै, “पक्की बात च यु भि त ऊंमा बट्टी एक च, किलैकि यु गलीली च।”
60
पतरस ल बोलि, “हे मनिख मि नि जंणदु कि तु क्य बुल्णी छै” उ बुल्णु गै छो कि मैर ल बांग दे दींनि।
61
तब प्रभु यीशु ल धूमके पतरस तैं देखि, “अर पतरस तैं प्रभु यीशु की उ बात याद ऐ जु वेल बोलि छो आज मैर का बांग दींण ऐ पैली तिल तीन बार मेरू इन्कार कन।”
62
अर तब उ भैर जै के भकोर-भकोर के रूंण लगि गै।
63
जौं मनिख्युं कु यीशु पकड़यूं छो उ वेकी मजाक उड़ै कै पिटण लगि गैनी।
64
अर ऊंका आँखों तैं ढकै कै ऊंकु बोलि, “भविष्यवाणि कैर बतौ ति त्वे तैं कैल मारि”
65
अर ऊंल भौत सैरी और भि बुरै कि बात ऊंका विरोध मा बुलिनि।
66
जब दिन कु बगत हवे त दाना-सयाणों अर प्रधान याजकों अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला लोग कठा हवेनि अर यीशु तैं अपड़ी महासभा मा लै कै पूछि।
67
“जु तु परमेश्वर कु नौंनो मसीह छै त हम मा बोलि दे” यीशु ल ऊंकु बोलि, “जु मि तुम मा बुललु त तुम यकीन नि करिल्या”
68
जु मि तुम तैं पुछलु, त तुम ल जवाब नि दींनि।
69
पर अब तुम “मि मनिख कु नौंनो तैं सामर्थ का दगड़ी सर्वशक्तिमान परमेश्वर कि दैंणि तरपां बैठयूं दिखल्या।”
70
यां पर सभियूं ल बोलि, “त क्य तु परमेश्वर कु नौंनो छै?” यीशु ल ऊंकु बोलि, “तुम अफी बुल्णा छयां किलैकि मि छौं।”
71
तब ऊंल बोलि, “अब हम तैं और गवाहों कि जरुरत नि च? किलैकि हम ल वेका गिच्चा बट्टी सूणेलि।”
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