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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Luke 4
Luke 4
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु मसीह का यरदन गाड मा बपतिस्मा लींणा का बाद तब पवित्र आत्मा ल तुरंत वे तैं एकांत जंगल कि तरपां भेजि।
2
अर जंगल मा चालिस दिन रात तक शैतान ल वेकी अजमैश कैरी अर दिन मा यीशु ल कुछ नि खै अर जब उ दिन पूरा हवे गैनी त तब वे तैं भूख लगि।
3
अर शैतान ल यीशु मा बोलि, तु जु परमेश्वर का नौंनो छै त ये ढुंगा कु बोल कि रुट्टि बंणि जौं अर साबित कैर कि तू ऊं तैं खै साकि।
4
यीशु ल वे तैं जवाब दींनि कि “परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च मनिख भस रुट्टि से ही ज्यूँदो नि रालो।”
5
तब शैतान वे तैं एक भौत ऊंचा पौड़ पर ली गै अर सैरा जगत का राज्य अर ऊंको धन दौलत तैं दिखै।
6
शैतान ल यीशु कु बोलि, “यु सब धन दौलत अर अधिकार मि तैं सौंप्युं च अर मि जै तैं चौं वे तैं ही दे दींदु।
7
इलै जु तु मि तैं झुकि के प्रणाम कर आराधना कैरेली त मि यु सब कुछ त्वे तैं दे दयुलु।”
8
यीशु ल वे तैं जवाब दींनि “परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च कि तु परमेश्वर अपड़ा परमेश्वर तैं प्रणाम कैर अर भस वेकी आराधना कैर। ”
9
तब शैतान यीशु तैं पवित्र यरूशलेम शहर का मन्दिर का ऊँचा गुमट पर खड़ो कैरी अर शैतान ल यीशु कु बोलि, “जु तु परमेश्वर कु नौंनो छै त अपड़ा आप तैं मूड़ी गिरै के साबित कैर त्वे तैं चोट नि लगली
10
किलैकि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, उ अपड़ा स्वर्गदूतों तैं आज्ञा दयालो अर उ त्वे तैं हथौं-हथ बचै दयाला कखि।
11
इन नि हो कि तेरु खुट्टों मा ढुंगो ल चोट लगो।”
12
यीशु ल वे तैं जवाब दींनि, “परमेश्वर का वचन मा इन लिख्युं च कि तु प्रभु अपड़ा परमेश्वर कि परख नि कैर।
13
जब शैतान ल यीशु कि अजमैश कैरेली छै त तब कुछ बगत कु वेका संमणी बट्टी चलि गै।
14
फिर यीशु आत्मा कि सामर्थ मा हवे के गलील मा ऐ अर वेकी चर्चा अमणी-संमणी का सभि मुल्को मा फैली गै।
15
अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के प्रचार करदी अर सब वेकी बढ़ै करदा छा।
16
अर यीशु अपड़ा घौर नासरत नगर मा ऐ जख उ पले गै छो अर अपड़ी रीति का अनुसार यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन मा परमेश्वर बट्टी यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के परमेश्वर कु वचन पढ़णु कु खड़ो हवे गै।
17
यशायाह परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला की किताब वे तैं दिये गै, अर वेल चाम्रपत्र खोलि के व जगह निकाली जख इन लिख्युं छो,
18
परमेश्वर की आत्मा मि पर च इलै की वेल कंगालों तैं शुभ संदेश सुणौंणु कु मेरू अभिषेक कैरी अर मि तैं इलै भेजि कि कैदियों तैं छुटकारा कु अर अंधों तैं आंखा दींणु कु शुभ सन्देश प्रचार कैर अर दबयां लुखुं तैं छुणौं।
19
अर प्रभु का खुश रौंणो को साल कु प्रचार कैर।”
20
तब वेल चाम्रपत्र बंद कैरी के सेवक का हथ मा दे दींनि अर बैठी गे: अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा सब लुखुं का आंखा वे पर लगयां छा।
21
तब उ ऊंमा बुल्ण लगि गैनी तुमारा सुनण से “आज परमेश्वर का वचन कु यु लेख तुमारा संमणी पूरो हवे गै।”
22
अर सभियूं ल वेकी बढ़ै कैरी अर जु दया कि बात वेका गिच्चा बट्टी निकली छै वां बट्टी हकदक हवे के बुल्ण लगि गैनी “क्य यु यूसुफ को नौंनो नि च? ”
23
यीशु ल ऊंमा बोलि, “तुम मेरा बारा मा ईं मिसाल जरुर दीला कि हे वैद अफ तैं खूब कैर जु कुछ हम ल सूंणि कि कफरनहूम शहर मा क्य कियेगे उन ही इख अपड़ा मुल्क मा भि कैर।”
24
पर यीशु ल ऊंमा बोलि, “मि तुम मा सच बुल्णु छौं कुई भि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो को अपड़ा देश तैं छोड़ी के उंको सब जगह आदर हूंद।”
25
अर मि तुम मा सच बुल्णु छौं मेरी बात सूंणा उ सच छिनी की ऊख भौत विधवा छै कि परमेश्वर की तरपां बट्टी बुल्ण वलो एलिय्याह का दिनों मा जब साढ़े तीन बरसों तक स्वर्ग बंद रै अर बरखा नि हवे कि सैरा इस्राएल का लुखुं का घराना मा बड़ो अकाल पड़ि।
26
पर एलिय्याह तैं इस्राएल मा कै भि विधवा का सीदोन शहर का संमणी सारपत का इलाका मा एक गैर-यहूदी विधवा मा भिजे।
27
अर एलीशा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला का बगत मा इस्राएल का लुखुं का घराना मा भौत कोढ़ी छा पर सीरिया देश का एक गैर-यहूदी नामान तैं छोड़ी के ऊंमा बट्टी कुई शुद्ध नि करे गै।
28
यूं बातों तैं सुंणद ही जथग यहूदियों का मिलणा का भवन मा छा सब गुस्सा मा भरि गैनी।
29
अर उठि के यीशु तैं शहर बट्टी भैर निकाली अर जै डांडा मा ऊंको शहर बस्युं छो वेका डांडा मा ली गै कि यीशु तैं उख बट्टी मूड़ि गिरै कै मार द्या।
30
पर उ ऊंका बीच मा बट्टी निकली के चलि गै।
31
फिर यीशु अर वेका शिष्य गलील का कफरनहूम शहर मा ऐनी, अर यीशु तुरंत यहूदियों का विश्राम का दिन जु परमेश्वर कु पवित्र दिन यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के उपदेश दींण लगि गै।
32
उ यीशु का वेका उपदेश से चकित हवेनि किलैकि वेको वचन अधिकार का दगड़ा मा छो।
33
यहूदियों का मिलणा का भवन मा एक आदिम छो, जै पर दुष्टात्मा लगिं छै।
34
वेल चिल्लै कै बोलि, “हे यीशु नासरी हम तैं त्वे बट्टी क्य काम? क्य तु हम तैं नाश कनु कु अयीं छै? मि त्वे तैं जंणदु छौं कि तु कु छै? तु परमेश्वर को पवित्र नौंनो छै जु परमेश्वर का तरपां बट्टी अईं छै।”
35
यीशु ल दुष्टात्मा तैं झिड़की के बोलि, “चुप रौ अर वेमा बट्टी दूर हो अर निकली जा।” तब दुष्टात्मा वे तैं बीच मा पटकी के बगैर कुई नुकसान पौंछयां वे बट्टी दूर हवे के भैर निकली गै।
36
ईं बात पर सभियूं तैं अचम्भो हवे अर उ आपस मा बुल्ण लगि गैनी “यु कन वचन च? यु त कुई नयो उपदेश च जु बड़ा सामर्थ का दगड़ी दुष्टात्मा तैं भि झिड़की दींणु च अर उ वेकी डांट सूंणि के मनिख्युं बट्टी भैर निकली जांद।”
37
अर वेको नौं तुरंत गलील जिला का अमणी-संमणी का प्रदेश मा हर जगह फैली गै।
38
उ यहूदियों का मिलणा का भवन मा बट्टी उठि के शमौन पतरस का घौर मा ऐनी अर शमौन पतरस कि सास जौर मा पड़ीं छै, अर ऊंल वीं कु यीशु बट्टी बिनती कैरी।
39
वेल वीं का संमणी खड़ो हवे के जौर तैं झिड़की अर वीं को जौर उतरी गै अर व तुरंत उठि के ऊं सभियूं कि सेवा पांणी कन लगि गै।
40
सूरज डुबण का बगत जौं-जौं का इख लोग बनि-बनि किस्मै कि बिमारी मा पुड़यां छा उ सब ऊं तैं वेका संमणी लैनि अर वेल एक-एक पर हथ रखि के ऊं तैं खूब कैरी।
41
अर भौतों मा बट्टी दुष्टात्मा चिल्लांदि अर यु बोलि के निकली गै की, “तु परमेश्वर कु नौंनो छै” पर उ, ऊं तैं खिज्योंदा अर बुल्ण नि दींदु छो किलैकि उ जंणदी छै कि यु मसीह च।
42
जब दिन हवे त उ निकली के एक एकांत जंगल मा गै अर भीड़ कि भीड़ वे तैं खुज्योंदि-खुज्योंदि वेमा ऐ अर यीशु तैं रुकण लगि गैनी कि हमारा संमणी बट्टी नि जा।
43
यीशु ल चेलों मा बोलि, “मि तैं और-और शहरों मा भि परमेश्वर कु राज्य कु शुभ सन्देश प्रचार सुनौंण जरूरी च किलैकि मि इलै भिज्युं छौं।”
44
अर उ गलील जिला बट्टी हवे के यहूदिया प्रान्त मा यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के प्रचार करदी रै।
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