bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Luke 5
Luke 5
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 6 →
1
जब भीड़ यीशु पर गिरदि पुड़दी छै अर परमेश्वर का वचन तैं सुंणदि छै अर उ गन्नेसरत कि झील का किनारा पर खड़ो छो त इन हवे।
2
कि ऊंल तलौ का किनारा पर द्वी नाव लगिं देखि अर मछेर ऊंमा बट्टी उतरी के माछा पकड़ण का जाल धुंणा छा।
3
ऊं नाव मा बट्टी एक पर ज्वा शमौन पतरस कि छै वेल वे बट्टी बिनती कैरी कि किनारा बट्टी जरा सी हटै के अगनैं ली जा तब उ नाव पर बैठी के लुखुं तैं उपदेश दींण लगि गै।
4
जब वेल भीड़ का दगड़ी बात पूरी कैरेली छै त शमौन पतरस कु बोलि, “गैहरा पांणी मा ली जा अर माछा पकड़नु कु अपड़ा जाल डाला।”
5
शमौन पतरस ल वे तैं जवाब दींनि, “हे स्वामि हम ल सैरी रात मेहनत कैरी अर कुछ नि पकड़ी फिर भि किलैकि तु मि कु इन कनु कु बुल्णी छै इलै मि जाल डललु।”
6
जब पतरस अर वेका दगड़ियों ल जाल डाली त बिजां माछा घेरिनि अर ऊंका जालो कु फटण कु खतरा लगणु छो।
7
तब ऊंल, अपड़ा दगड़ियों तैं जु दुसरी नाव पर छा इशारा कैरी कि ऐ के हमारी मदद कैरा: अर ऊंल द्वी नाव इख तक भोरि दींनि कि उ डुबण वला छा।
8
यु देखि के शमौन पतरस यीशु का खुट्टों मा गिरि अर बोलि, “हे प्रभु मेरा संमणी बट्टी जा किलैकि मि पापी मनिख छौं।”
9
किलैकि इथग माछा पकड़िणां कारण उ अर वेका दगड़िया भौत हकदक हवे गै छा।
10
अर शमौन पतरस का दगड़िया, याकूब अर यूहन्ना जु जब्दी का नौंनो छो उ भि हकदक रै गै तब यीशु ल ऊंकु बोलि, “मेरा पिछनै चला मि तुम तैं शिष्य बणोलू अर मनिख्युं तैं शिष्य बंणौण सिखौलु।”
11
अर उ नाव तैं किनरा पर लैंनि अर सब कुछ छोड़ी के वेका चेला बंणि के वेका पिछनै चलि गैनी।
12
जब यीशु कै शहर मा छो अर देखा उख कोड़ से भुर्युं एक मनिख छो अर उ यीशु तैं देखि के वेमा बिनती कैरी, अर वेका अगनैं घुंडा टेकि के वेमा बोलि, “हे प्रभु तु जु चै त मि तैं शुद्ध कैरी सकदी छै।”
13
यीशु ल वे पर तरस खै अर हथ रखि, अर वे तैं छवे के बोलि, “मि चांदु छौं कि तु खूब हवे जा” अर वेको कोड़ वे ही बगत ठिक हवे गै।
14
तब वेल वे तैं चितै, “कि कै मा नि बोलि, पर जै के अफ तैं यहूदी याजक तैं दिखौ, अर अपड़ा शुद्ध हूंणा का बारा मा जु कुछ मूसा ल चढ़ावा ठैरे उ सब परमेश्वर तैं बलिदान चढ़ौ, कि ऊंकी संमणी गव्है हवे जौ।”
15
पर यीशु चर्चा और भि फैलदी गै अर भीड़ कि भीड़ यीशु तैं सुनांणु कु अर अपड़ी बिमारियों बट्टी खूब हूंणु कु कट्ठा हवे।
16
पर यीशु एकांत जंगल मा अलग जै के परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनु रौंदु छो।
17
अर एक दिन इन हवे कि उ उपदेश दींणु छो अर फरीसी अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला उख बैठयां छा जु गलील जिला अर यहूदिया प्रान्त का हरेक गौं बट्टी अर यरूशलेम शहर बट्टी ऐ छा अर खूब कनु कु प्रभु कि सामर्थ यीशु का दगड़ी छै।
18
अर देखा भौत लोग एक लकवा का रोगी तैं चार मनिख्युं मा उठवै के यीशु का संमणी रखणों उपाय खुज्योंणा छा।
19
अर जब भीड़ का कारण वे तैं भितर नि लिजै साकी त ऊंल छत मा चढ़ै के अर पठाला हटै दींनि, वीं खाट तैं बीच मा यीशु का संमणी उतार दींनि।
20
यीशु ल ऊंकु विश्वास देखि के वेमा बोलि, “हे मनिख तेरा पाप माफ हवे गैनी।”
21
तब कई मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला अर फरीसी अपड़ा मन मा विचार कन लगि गैनी कि यु मनिख इन कन कै बोलि सकदु? यु त परमेश्वर की बुरै कनु च भस परमेश्वर ही पाप माफ कैरी सकदु।
22
यीशु ल ऊंका मन कि बात जांणि के ऊंमा बोलि, “तुम लोग अपड़ा-अपड़ा मन मा बुरा विचार किलै कना छा?”
23
ठिक क्य च? क्य लकवा का रोगी कु इन बुल्ण कि तेरा पाप माफ हवेनि या इन बुल्ण कि उठ अपड़ी खाट उठै के चल?
24
पर इलै की तुम जांणि जां कि मि मनिख कु नौंनो धरती पर पाप माफ कनु को भि अधिकार रखदु च तब यीशु ल लकवा का रोगी कु बोलि, “मि त्वे कु बुल्णु छौं उठ अपड़ी खाट उठै के घौर चलि जा।”
25
उ तुरंत उठि के ऊं सब का संमणी अर जैं खाट पर उ पुड़यूँ छो वीं तैं उठै के परमेश्वर कि बढ़ै करदु अपड़ा घौर चलि गै।
26
तब सब ईं बात पर भैचक हवे गै छा अर परमेश्वर कि बढ़ै कन लगि गैनी कि आज हम ल भैवचक्क बात दिखिनि।
27
अर यांका बाद यीशु भैर गै अर लेवि नौं कु एक चुंगि लींण वला चुंगि कि चौकि पर बैठयूं देखि अर वे कु बोलि, “मेरा पिछनैं हो ले।”
28
अर उ अपड़ो काम-काज छोड़ी के यीशु का पिछनै हवे गै।
29
अर लेवि ल अपड़ा घौर मा राती कु खांणु-खांण कु वेको बड़ी दावत कैरी अर भौत सा चुंगि लींण वलो अर पापी भि यीशु अर वेका चेलों का दगड़ा मा खांणु कु बैठयां छा एक बड़ी भीड़ छै।
30
अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला ल अर फरीसियों यीशु का चेलों बट्टी यु बोलि के कुड़कुड़ाण लगि गैनी “तुम चुंगि लींण वलो अर पापियों का दगड़ी किलै खांदी पींदा।”
31
यीशु ल ऊं तैं जवाब दींनि, “भला चंगों तैं वैध की जरूरत नि च पर बिमारों तैं च।”
32
किलैकि मि धर्मियों कु न बल्कि पाप से भुरयां लुखुं तैं बुलांण कु अयुं छौं।
33
अर ऊंल यीशु मा बोलि, “यूहन्ना का चेला त बराबर उपवास रखदींनि अर परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कना रदिंन अर उन ही फरीसियों का भि पर तेरा चेला त खांदा पींदा छिन”
34
यीशु ल ऊंमा बोलि, “जब तक ब्योला बरातियों का दगड़ी रौंदु त क्य उ उपवास रखि सकदींनि”
35
पर हां उ दिन आला कि ब्योला ऊंका बीच बट्टी अलग करे जालो त वे बगत उ उपवास रखला।
36
यीशु ल एक और भि मिसाल ऊं तैं दींनि कि “कुई मनिख नया झुलड़ा तैं फाड़ी के पुरणा झुलड़ा मा टल्ला कुई नि लगांदु, जु कुई इन करदु तब नयो झुलड़ा धुणौं का बाद छुटू हवे जांदु, जै बट्टी पुरणा झुलड़ा अर जादा फटि जालो अर उ पुरणा झुलड़ा वे दगड़ी मेल नि खान्दो।
37
अर कुई नई दाखमधु तैं पुरणी छाकल मा कुई नि रखदु नथिरी दाखरस छाकल तैं फाड़ी दयालो अर दाखरस अर मश्क द्वी बरबाद हवे जालि
38
पर नई दाखरस नई चमड़ा कि थैलि मा भुरदिन।
39
कुई मनिख पुरणो दाखरस तैं पीके नयो नि चांदु किलैकि उ बुल्द कि पुरणो ही अच्छो च।”
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 6 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24