bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Luke 18
Luke 18
Marwari Bible
← Chapter 17
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 19 →
1
पछै यीसु उणौनै ओ बताणै रै वास्तै की वे हमेसां पराथना करता रैवै अर निरास नीं होवै, आ दिस्टांत कथा सुणाई।
2
वो बोल्यौ, “किणी नगर मे एक न्याव करणैवाळौ होयौ करतौ हो। वो नीं तो परमेसर ऊं डरतौ हो अर नीं ही लोगां री परवा करतौ हो।
3
“उणीज नगर मे एक विधवा भी रैवती ही। अर वां उणरै खनै बार बार आवती अर कैवती, ‘म्हारौ न्याव चुकायनै म्हनै दुसमन ऊं बचा।’
4
उणै घणै दिनां तांई तो कोनीं मान्यौ पण आखरी मे उणै आपरै मन मे सौच्यौ, ‘नीं तो म्हैं परमेसर ऊं डरूं हूं अर नीं लोगां री परवा करूं हूं।
5
तौभी इण विधवा नै म्हारा कांन खा लिया है, इण वास्तै म्हैं देखूंला की उणनै न्याव मिळ जावै ताकी आ म्हारै खनै बार बार आयनै कठैई म्हनै ही थका नीं दैवै।’ ”
6
परभु कयौ, “सुणौ, उण दुस्ट न्याव करणैवाळै कांई कयौ हो?
7
इण वास्तै कांई परमेसर आपरै चुणयोड़े लोगां ऊपर ध्यांन कोनीं दैला की उणनै जिकौ रात दिन याद करता रैवै है, न्याव मिळै? कांई वो उणरी मदद करनै मे जेज लगावैला?
8
म्हैं थौरे ऊं कैवूं हूं, वो तुरत उणरौ न्याव चुकावैला। तौभी म्हैं, मिनख रौ बेटौ, जद आवैला, तो कांई म्हैं धरती माथै विसवास पाऊंला?”
9
यीसु उण लोगां रै वास्तै भी जिकौ अपणै आप नै तो नेक मांनता हा, अर किणी औरो नै कीं नीं समझता हा, आ दिस्टांत कथा सुणाई,
10
“मिंदर मे दो मिनख पराथना करणै गिया, एक फरीसी हो अर दूजौ चुंगी लेवणवाळौ।
11
वो फरीसी न्यारौ ऊभौ होयनै पराथना करणै लागौ, ‘हे परमेसर, म्हैं थौरो धन्यवाद करूं हूं, की म्हैं दूजै लोगां रै ज्यौ डाकू, ठग अर व्यभिचारी कोनीं हूं अर नीं इण चुंगी लेवणवाळै रै ज्यूं हूं।
12
म्हैं हपतै मे दो बार उपवास राखूं हूं, अर अपणी सगळी कमाई रौ दसवो हिस्सो दांन देवूं हूं।’
13
पण चुंगी लेवणवाळौ आगौ ऊभौ होयनै सरग री तरफ आंख उठाणी भी नीं चाही, बल्कि आपरी छाती ठोक ठोकनै कैवतौ, ‘हे परमेसर, म्हारै पापी ऊपर दया कर।’
14
“म्हैं थौरे ऊं कैवूं हूं, की वो फरीसी कोनीं पण चुंगी लेवणवाळौ मिनख नेक ठैरायौ अर आपरै घर गियो, क्यूंकै जिकौ कोई अपणै आप नै मोटो बणावैला, वो छोटौ कियो जावैला। अर जिकौ अपणै आप नै छोटौ बणावैला, वो मोटो कियो जावैला।”
15
पछै लोग आपरै टाबरां नै उणरै खनै लावण लागा, की वो उण माथै हाथ राखै। अर चेलौ ओ देख्यौ तो उणौनै हाका करिया।
16
बल्कि यीसु टाबरां नै आपरै खनै बुलाया अर चेलौ ऊं कयौ, “इण टाबरां नै म्हारै खनै आवण दो, इणौनै रोको मती, क्यूंकै परमेसर रौ राज ऐड़ौ रौ ही है।
17
म्हैं थौरे ऊं साची कैवूं हूं, की जिकौ कोई परमेसर रै राज नै टाबर री तरैह स्वीकार नीं करैला, वो उणमे कदैई परवेस नीं कर पावैला।”
18
पछै किणी यहूदी नेता यीसु नै पूछयौ, “हे उतम गुरु, अनत जीवन रौ अधिकार पावण रै वास्तै म्हनै कांई करणौ चाहीजै?”
19
यीसु उण ऊं कयौ, “थूं म्हनै उतम क्यूं कैवै है? कैवल परमेसर नै छोड़नै और कोई भी उतम कोनीं है।
20
थूं आग्याओं नै तो जांणै है, ‘व्यभिचार नीं करणौ, हत्या नीं करणी, चोरी नीं करणी, झूठी गवाई नीं देणी, अपणै माता अर पिता रौ आदर करणौ।’ ”
21
वो यहूदी नेता बोल्यौ, “म्हैं इण सगळी बातां नै अपणै बाळपणाऊ मांनतौ आयौ हूं।”
22
ओ सुणनै, यीसु उण ऊं कयौ, “अजी भी एक बात है जिणरी थारै मे कमी है। थारै खनै जिकौ कीं है, सगळौ बेच दे अर पछै जिकौ मिळै वो कंगालो नै बांट दे, अर थनै सरग मे धन मिळैला। पछै आयनै म्हारै लारै हो जा।”
23
जद उण यहूदी नेता ओ सुण्यौ तो वो घणौ दुखी होयौ, क्यूंकै उणरै खनै घणीहारी जायदाद ही।
24
यीसु जद ओ देख्यौ की वो घणौ दुखी है तो उणै कयौ, “उण लोगां रै वास्तै जिकौ धनवान है, परमेसर रै राज मे परवेस करणौ घणौ मुसकिल है।
25
हां, किणी ऊंट रै लियै सूई रै नाके मे ऊं निकळ जावणौ मुसकिल है, व्यौंही किणी धनवान रौ परमेसर रै राज मे परवेस कर पाणौ मुसकिल है।”
26
वे लोग जिणौनै ओ सुण्यौ, बोल्या, “पछै भला उद्धार किणरौ होवैला?”
27
यीसु कयौ, “ऐ बातां जिकौ मिनखौ ऊं तो नामुमकिन है, परमेसर रै लियै मुमकिन है।”
28
पतरस कयौ, “देख, म्हौरै खनै जिकौ कीं हो, थारै लारै चालनै रै लियै म्हौ वो सगळौ कीं त्याग दियौ है।”
29
तद यीसु उण ऊं कयौ, “म्हैं थौरे ऊं साची कैवूं हूं, ऐड़ौ कोई कोनीं जिणै परमेसर रै राज रै खातर घर या लुगाई या भाइयो या माता पिता या औळाद नै छोड़ दिया हो,
30
अर इण जुग मे कई गुणा घणौ नीं मिळै अर आवणवाळै काल मे वो अनत जीवन नै नीं पा सकै।”
31
पछै यीसु उण बारैह चेलौ नै एक तरफ ले जायनै उणौनै कयौ, “सुणौ, म्हौ यरुसलेम जा रिया हो। अर जिती बातां म्हैं, मिनख रै बेटे, रै बारै मे भविसयदाताओ रै जरियै लिखी है वे सगळी पूरी होवैला।
32
हां, वो दूजी जातियो रै हाथौ सौपयो जावैला, उणरी हंसी उडाई जावैला, अर उणरी बेजती की जावैला, अर उण माथै थूकयौ जावैला।
33
पछै उणरै कोड़ा ठोकेला, अर मार दैला, अर वो तीजै दिन जी उठैला।”
34
अर उणौनै इण बातां मे ऊं कोई बात नीं समझी। अर आ बात उणौ ऊं लुकयोड़ी रही, वे समझ नीं सकया की वो कीण बारै मे बता रियौ हो।
35
जद यीसु यरीहो नगर रै नजीक पूगा, तो एक आंधौ सड़क रै कांठै बैठौ भीख मांग रियौ हो।
36
जद आंधे भीड़ रै चालनै री आवाज सुणी तो उणै पूछयौ, “कांई हो रियौ है?”
37
लोगां उण ऊं कयौ, “यीसु नासरी एठै ऊं जा रियौ है।”
38
तद आंधौ ओ कैवतै होयौ हेलौ करनै कयौ, “हे दाऊद री औळाद यीसु, म्हारै माथै दया कर।”
39
वे जिकौ आगै चाल रिया हा उणौ इणनै चुप रैवण रौ कियो। बल्कि वो और घणौ जोर ऊं हेलौ करनै लागौ, “हे दाऊद री औळाद, म्हारै माथै दया कर।”
40
तद यीसु रुकनै आग्या दी “उणनै म्हारै खनै लाओ।” अर जद उणनै नैड़ौ लाया, तो यीसु उण ऊं पूछयौ,
41
“थूं कांई चावै है? म्हैं थारै लियै कांई करूं?” आंधे कयौ, “हे परभु, म्हैं देखण लागू।”
42
यीसु कयौ, “देखण लाग। थारै विसवास थनै सावळ करयौ है।”
43
अर वो तुरत देखण लागौ। अर परमेसर री महिमा करतौ यीसु रै लारै वहीर हो गियो, अर सगळै लोगां ओ देख्यौ तो परमेसर री स्तुति करनै लागा।
← Chapter 17
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 19 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24