bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Luke 24
Luke 24
Marwari Bible
← Chapter 23
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
1
हपतै रै पैलै दिन संवार रा वेगा ही वे लुगाईयां कबर माथै उण सुगंधदार चीजों नै, जिकौ उणौ तैयार कियो हो, लैयनै आई।
2
अर उणौ नै कबर माथै ऊं भाठौ आगौ सिरकयोड़ो देख्यौ।
3
तो वे मांय गी बल्कि उणौ उठै परभु यीसु री लास नीं देखी।
4
जद वे इण बात रै विचार मे ही, की उणौरै खनै चमकता गाभा पैरयोड़ा दो मिनख आयनै ऊभा होया।
5
जद वे डर रै खातर जमीं री तरफ मूंडौ लटकायनै ऊभी ही। उण दोनूं मिनखौ उणौ नै कयौ, “जिकौ जीवतौ है, उणनै थै मुड़दो रै बीच क्यूं सौध री हो?
6
वो एठै कोनीं, पण जी उठया है। याद करौ, जद वो गलील मे ही हा, उणै थौरे ऊं कयौ हो।
7
उणै कयौ हो, ‘म्हैं, मिनख रौ बेटौ, पापियो रै हाथौ मे पकड़ायौ जावैला, अर पछै सूली माथै चढ़ा दियौ जावैला, अर तीजै दिन जी उठैला।’ ”
8
तद उण लुगाईयां नै उणरी बातां याद आई।
9
अर वे कबर ऊं पाछी जायनै उणौनै ऐ सगळी बातां उण इग्यारैह प्रेरितों नै अर सगळौ नै सुणाई।
10
ऐ लुगाईयां ही मरियम मगदलीनी, योअन्ना अर याकूब री मां मरियम। वे अर उणौरै साथै री दूजी लुगाईयां इण बातां नै प्रेरितों ऊं कही।
11
पण उणौरी बातां प्रेरितों नै फालतू जैड़ी लागी, अर उणौ नै इणौरौ विसवास कोनीं करयौ।
12
बल्कि पतरस ऊभौ होयौ अर कबर री तरफ नाह नै आयौ। उणै नीचे झुकनै देख्यौ तो गाभा पड़या देख्यां अर जिकौ कीं होयौ हो, उण ऊं अचूम्बो करतौ होयौ, आपरै घर जातौ रियौ।
13
उण दिन उणरै चेलौ मे ऊं दो, यरुसलेम ऊं कोई सात मील आगौ इम्माऊस नाम रै गांव जा रिया हा।
14
अर वे इण सगळी बातां जिकौ होई ही, आपस मे बातचीत करता जा रिया हा।
15
जद वे उण बातां माथै चरचा अर सोच विचार कर रिया हा, तो यीसु खुद उठै आयनै हाजिर होयौ अर उणौरै साथै साथै चालण लागौ।
16
बल्कि यीसु उणौरै पिछांण मे नीं आयौ।
17
यीसु उणौनै पूछयौ, “चालता चालता एक दूजै ऊं थै कीण बातां री चरचा कर रिया हो?” वे चालता रूक गिया, वे घणा दुखी दिखाई दे रिया हा।
18
ओ सुणनै, उणमे ऊं किलयुपास नाम रै एक मिनख कयौ, “यरुसलेम मे रैवण वाळौ थूं ऐकलौ ही ऐड़ौ मिनख होवैला जिकौ लारले दिनां री बातां बीती है, उणनै कोनीं जांणै।”
19
यीसु उण ऊं पूछयौ, “कुण सी बातां?” उणौ उण ऊं कयौ, “यीसु नासरी रै बारै मे जिकौ परमेसर अर सगळै लोगां रै सांमै ओ दिखा दियौ की वो एक महान भविसयदाता है।
20
परधान याजकौ अर म्हौरै सरदारो नै उणनै मौत री सजा दैणै रै लियै सौंप दियौ। अर उणौ उणनै सूली माथै चढ़ा दियौ।
21
पण म्हौ नै आसा ही, की ओहीज इजरायल नै छुड़ावैला। अर इण सगळी बातां होई नै ओ तीजौ दिन है।
22
अर म्हौरै साथै री कीं लुगाईयां भी म्हौ नै अचूम्बे मे घाल दिया, आज संवार री वे कबर माथै गी ही।
23
बल्कि उणौनै यीसु री लास नीं मिळी, तो ओ कैवती होई आई, ‘म्हौ सरगदूतो रा दरसण करया, जिणौ कयौ, की वो जीवतौ है।’
24
तद म्हौरै साथियो मे ऊं कीं कबर माथै गिया, अर ज्यौ लुगाईयां कयौ हो, वैड़ौ इज पायो, पण उणनै कोनीं देख्यौ।”
25
तद यीसु उणौनै कयौ, “थै किता गैला हो, अर भविसयदाताओ नै जिकौ कीं कयौ, उण माथै विसवास करणै मे किता अकल बायरा हो।
26
कांई मसीह रै लियै ओ जरुरी कोनीं हो, की वो इण दुखौ नै उठायनै आपरी महिमा मे परवेस करै?”
27
तद उणै मूसा ऊं अर सगळै भविसयदाताओ ऊं सरूआत करनै सगळै पवितर सास्तरों मे ऊं, आपरै बारै मे कयोड़ी बातां रौ अरथ, उणौनै समझाया।
28
वे जद उण गांव रै खनै आया, जठै जा रिया हा, यीसु ऐड़ौ व्यवहार कियो, ज्यौ उणनै आगै जावणौ हो।
29
पण उणौ ओ कैहन उणनै रोकयो, “म्हौरै साथै रैह, क्यूंकै सिझ्या होयगी है, अर अबै दिन घणौ ढ़ळ गियो है।” तद वो उणौरै साथै रैवण रै वास्तै मांय आ गियो।
30
जद वो उणौरै साथै खाणौ खाणै बैठौ, तो उणै रोटी लैयनै धन्यवाद कियो, अर उणै तोड़नै उणौनै देवण लागौ।
31
तद उणौरी आंख्यां खुलगी, अर उणौ उणनै पिछांण लियौ, पण वो उणौरी आंख्यां ऊं गायब हो गियो।
32
पछै वे आपस मे कैवण लागा, “जद वो मारग मे अपां ऊं बातां करतौ हो, अर पवितर सास्तरों रौ अरथ अपांनै समझा रियौ हो, तो कांई अपांरै मन मे लाय ज्यूं नीं भड़क उठी ही?”
33
वे उणीज घड़ी उठनै यरुसलेम पाछा जाता रिया, उठै उणौ इग्यारैह प्रेरितों अर दूजा लोग उणरै साथै भेळा मिळिया,
34
जिकौ कैह रिया हा, “परभु, साचांणी मे जी उठया है। उणै समौन नै दिखाई दिया है।”
35
पछै उण दोनूं इम्माऊस मारग मे जिकौ बातां होई ही, वो सगळी बताई, की जद उणै रोटी तोड़ते वगत यीसु नै कीकर पिछांण लियौ।
36
वे ऐ बातां कैह ही रिया हा, की यीसु आप ही उणौरै बीच मे आ ऊभौ होयौ, अर उणौ ऊं कयौ, “थांनै सानति मिळै।”
37
पण वे घबरीज गिया, अर डर गिया, अर समझया, की म्हौ किणी भूत नै देख रिया हो।
38
यीसु उणौ ऊं कयौ, “थै ऐड़ा घबरायोड़ा क्यूं हो? अर थौरे मन मे क्यूं वेम उठै है?
39
म्हारै हाथौ अर पगां नै देखौ, म्हारै हाथ लगाओ। म्हैं वोहीज हूं। क्यूंकै भूत रै हडी मांस कोनीं होवै अर ज्यौ म्हारै मे देख रिया हो, की म्हारै वे है।”
40
ओ कैवतै होयौ उणै हाथ अर पग उणौनै दिखाया।
41
जद आंणंद रै खातर वे अबै भी इण माथै विसवास नीं कर सकै। वे अचूम्बो करता हा, तो यीसु उणौनै कयौ, “कांई थौरे खनै खावण नै कीं है?”
42
उणौ सेकयोड़ी मछली रौ एक टुकड़ों दियौ।
43
अर उणै वो लैयनै उणौनै सांमै खाई।
44
पछै उणै उणौनै कयौ, “ऐ बातां वे है जिकौ म्हैं थौरे ऊं कही ही, जद म्हैं थौरे साथै हो। हरैक बात जिकौ म्हारै बारै मे मूसा री व्यवस्था मे भविसयदाताओ अर भजनो री किताब मे लिख्योड़ौ है, पूरी होणी ही है।”
45
तद उणै पवितर सास्तरों नै समझनै रै लियै उणै उणौरी अकल रा ताळा खोल दिया।
46
अर उणै उणौ ऊं कयौ, “ओ वोहीज है, जिकौ लिख्योड़ौ है की मसीह दुख उठावैला, अर तीजै दिन मरयोड़ौ मे ऊं जी उठैला।
47
अर पापों री माफी रै वास्तै मन फिराव रौ ओ संदेस यरुसलेम ऊं सरू होयनै सगळै देसो मे परचार उणीज रै नाम ऊं कियो जावैला।
48
थै इण सगळी बातां रा गवाई हो।
49
अर अबै म्हारै परम पिता नै म्हारै ऊं जिकौ वायदा किया हा, उणौनै म्हैं थौरे वास्तै भेजूंला। बल्कि थांनै इण नगर मे उण वगत तांई ठैरणौ होवैला, जैड़ी तांई थै सरग री सामरथ नीं पाओ।”
50
यीसु पछै उणौनै बैतनिय्याह तांई बारै लेन गियो। अर उणै आपरौ हाथ उठायनै उणौनै आसीस दी।
51
अर उणौनै आसीस देते ही वो उणौ ऊं न्यारौ हो गियो, अर सरग मे उठा लियौ गियो।
52
अर वे उणनै नमण करनै घणै आंणंद रै साथै यरुसलेम पाछा गिया।
53
अर लगातार मिंदर मे हाजिर होयनै परमेसर री बड़ाई किया करता हा।
← Chapter 23
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24