bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Luke 4
Luke 4
Marwari Bible
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 5 →
1
यीसु पवितर आतमा ऊं भरयोड़ा यरदन ऊं पाछा आयगा, अर पवितर आतमा उणनै सुनी जगा मे लैयगी।
2
उठै चाळीस दिन तांई सैतान यीसु री परीकसा लेतो रियौ। उण दिनां मे यीसु कीं नीं खायौ। जद चाळीस दिन निकळगा तो उणनै भूख लागी।
3
तो सैतान उणनै कयौ, “जे थूं परमेसर रौ बेटौ है, तो इण भाठै ऊं कैह, की रोटी बण जाए।”
4
यीसु जबाब दियौ, “पवितर सास्तर मे लिख्योड़ौ है, ‘मिनख सिरफ रोटी ऊं इज जीवतौ कोनीं रैवैला।’ ”
5
तो सैतान उणनै ऊपर एक ऊंची जगा माथै लेन गियो अर उणनै पलभर मे जगत रा सगळा राज दिखाया।
6
अर यीसु ऊं कयौ, “ऐ सगळा राज पाट अर धन दौलत म्हैं थनै दे दूंला, क्यूंकै ऐ म्हनै सूंपयोड़ा है। अर म्हैं जिणनै चावूं उणनै दे सकूं हूं।
7
इण वास्तै, जे थूं म्हनै झुकनै परणाम करै, तो ऐ सगळौ थारौ हो जावैला।”
8
यीसु सैतान नै कयौ, “पवितर सास्तर मे लिख्योड़ौ है, की थूं अपणै परभु परमेसर नै परणाम कर अर सिरफ उणरी सेवा कर।”
9
तो सैतान यीसु नै यरुसलेम मे ले जायनै मिंदर रै ऊंचै कोने माथै ऊभौ करयौ। अर उणनै कयौ, “जे थूं परमेसर रौ बेटौ है तो अठै ऊं नीचे कूद जा।
10
क्यूंकै लिख्योड़ौ है, ‘परमेसर सरगदूतो नै आग्या दैला, की वे थारी रकसा करै।
11
सरगदूत थनै हाथो हाथ उठा दैला, ऐड़ौ नीं होवैला की थारै पगां मे भाठै री लाग जावै।’ ”
12
यीसु जबाब दियौ, “सास्तर मे ओ भी लिख्योड़ौ है, ‘थूं अपणै परभु परमेसर री परीकसा मत लैजै।’ ”
13
जद सैतान सगळी तरैह री परीकसा कर ली, तो कीं घड़ी रै वास्तै उणरै खनै ऊं जातौ रियौ।
14
पछै यीसु पवितर आतमा री सामरथ पायनै पाछा गलील आया, अर उणरी चरचा आजू बाजू सगळै देस मे फैलगी।
15
यीसु उण ही पराथना घरो मे उपदेस देवण लागौ। अर सगळा उणरी सौभा करनै लागा।
16
पछै यीसु नासरत आया जठै उणरौ पालण पोसण होयौ हो। अर आपरी रीत रै अनुसार सब्त रै दिन वो यहूदी पराथना घर मे गिया। जद वो पढ़नै रै वास्तै ऊभौ होयौ।
17
तो यसायाह भविसयदाता री किताब उणनै पढ़ानै वास्तै दी। उणै जद किताब खोलनै, वो जगा निकाळी जठै ओ लिख्योड़ौ हो,
18
“परभु री आतमा म्हारै माथै है, क्यूंकै वे कंगालो नै सुभ संदेस सुणाणै रै वास्तै म्हारौ अभिसेक करयौ है। अर म्हनै इण वास्तै भेज्यौ है, की कैदियो नै छुटकारै रौ, अर आंधौ नै आंख्यां ऊं दिस्टी पावण रौ सुभ संदेस रौ परचार करूं अर दबयोड़ौ नै छुड़ाऊ।
19
अर परभु रै दया रै वगत रौ हेलौ पाड़ू।”
20
पछै उणै किताब बंद करनै सेवक नै पाछी दे दी, अर बैठगा। पराथना घर मे सगळै लोगां री आंख्यां उणनै निहार रही ही।
21
तो यीसु उणौनै कैवण लागौ, “आज थौरे सुणतै होयौ सास्तर रौ ओ वचन पूरौ होयौ।”
22
हरैक उणरी सौभा कर रिया हा। उणरै मूंडै ऊं जिकौ बड़िया वचन निकळ रिया हा, उण माथै सगळा अचूम्बो करता हा। वे कैवण लागा, “कांई ओ यूसुफ रौ बेटौ कोनीं है?”
23
यीसु उणौनै कयौ, “पको ही थै म्हनै आ कावत सुणाओला, ‘अरै वैद, खुद अपणै आप नै सावळ कर। अर थूं जिकौ कफरनहूंम मे करयौ अर जिणरै बारै मे म्हैं सुण्यौ हो, उण करमो नै अठै अपणै खुद रै नगरी मे भी कर।’ ”
24
अर यीसु उणौनै कयौ, “म्हैं थौरे ऊं साची साची कैवूं हूं, कोई भविसयदाता कदैई आपरै नगर मे मांन नीं पावैला।
25
अर म्हैं थौरे ऊं साची कैवूं हूं, एलियाह रै वगत जद साढ़ै तीन साल तांई बरसात नीं होई, अर पूरा देस में घणौ अकाळ पड़ियौ, तो उण वगत इजरायल मे घणी ही विधवाओं ही।
26
पण एलियाह नै उण किणी रै खनै कोनीं भेज्यौ, पर सिरफ सैदा नगरी रै खनै वाळै नगर सारफत मे एक विधवा खनै भेज्यौ।
27
अर इण ज्यूं एलिसा भविसयदाता रै वगत इजरायल मे घणा ही कोढ़ी हा, पर सीरिया देस रा नामान नै छोड़नै उणमे ऊं किणी रौ कोढ़ नीं झाड़ियौ।”
28
ऐ बातां सुणनै पराथना घर मे बैठा सगळा रीस ऊं भरगा।
29
वे यीसु नै नगर ऊं बारै भाखर री चोटी माथै लेन गिया जिण भाखर माथै वो नगर बसयोड़ौ हो, ताकी उणनै उण भाखर माथै ऊं नीचे फेंक दे।
30
बल्कि यीसु उणौरै बीच मे ऊं निकळनै चुपचाप चाल दिया।
31
पछै यीसु गलील देस रै कफरनहूंम नगर मे आया अर यहूदियो रै आराम रै दिन यीसु पराथना घर मे जायनै परमेसर रा वचन सिखावण लागा।
32
लोग उणरा उपदेस सुणनै अचूम्बो करता हा, क्यूंकै उणरा वचन अधिकार रै साथै हा।
33
पराथना घर मे एक आदमी हो, उणमे एक दुस्ट आतमा ही।
34
वो चिलायनै कयौ, “हे नासरत रा यीसु, थूं म्हौरै ऊं कांई चावै? कांई थूं म्हौरौ नास करणौ चावै? म्हैं थनै जांणूं हूं, थूं कुण है? थूं परमेसर रौ पवितर मिनख है।”
35
यीसु हाका करनै उणनै कयौ, “चुप रैह अर उण मे ऊं निकळ जा।” तद दुस्ट आतमा उणनै पटक नै बिना नुकसाण करिया निकळगी।
36
इण माथै सगळा लोग अचूम्बो करयौ, अर आपस मे बातां करनै कैवण लागा, “ओ कैड़ौ वचन है? यीसु अधिकार अर सामरथ रै साथै दुस्ट आतमा नै भी आग्या दैवै है, अर वे बारै निकळ जावै।”
37
यीसु री ऐ बातां आजू बाजू रै सगळै इलाके मे फैलगी।
38
यीसु पराथना घर ऊं उठनै समौन रै घर मे गिया। अर समौन री सासु नै ताव छड़योड़ौ हो, अर समौन उणरै वास्तै यीसु ऊं विणती करी, की उणनै सावळ करौ।
39
यीसु उणरै खनै ऊभौ होयनै ताव नै हाका करिया अर ताव उतरगो। समौन री सासु तुरत उठनै उणरी सेवा करनै लागी।
40
उण इज दिन सांझ रै वगत सूरज डूबगो, तो लोग बिमारों नै जिणौनै अलग अलग बीमारी ही, यीसु रै खनै लाया। अर यीसु एक एक रै माथै हाथ राखनै उणौनै सावळ करिया।
41
उणमे ऊं घणौ मे ऊं दुस्ट आतमा हाका करती अर ओ कैवती निकळी, “थूं परमेसर रौ बेटौ है।” यीसु उणौनै हाका करता अर बोलणै भी नीं देतो हो, क्यूंकै दुस्ट आतमा जांणती ही, की ऐ परमेसर रा मसीह है।
42
जद दिन उगौ तो यीसु निकळनै एक एकांत जगा माथै गिया अर भीड़ उणनै ढ़ूंढ़ती होई उणरै खनै आई, अर उणनै रोकनै लागी के, “म्हौरै खनै ऊं मत जाओ।”
43
पर यीसु भीड़ ऊं कयौ, “म्हनै दूजै नगरो मे भी परमेसर रा राज रौ सुभ संदेस सुणाणौ जरुरी है। क्यूंकै म्हैं इण वास्तै ही भेज्यौड़ौ हूं।”
44
अर यीसु गलील रै पराथना घरो मे उपदेस देता रिया।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24