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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 11
Matthew 11
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
जब यीशु ल अपड़ा बारह चेलों तैं उपदेश दियेलि छै त तब यीशु भि ऊंका गलील जिला का नगरों मा शिक्षा अर प्रचार कनु कु उख बट्टी चलि गै।
2
यूहन्ना ल बन्दीगृह मा यीशु मसीह का कामों कु समाचार सूंणि अर अपड़ा चेलों तैं वेमा यु पुछणु कु भेजि
3
“क्य तु ही उ मसीह छै, जै तैं भिजणो को वादा परमेश्वर कु करयूँ छो य हम कै दूसरो कु इन्तेजार कैरा।”
4
यीशु ल जवाब दींनि, “जु कुछ तुम सुनणा छा अर दिखणां छा उ सब जै के यूहन्ना मा बोलि द्या।
5
कि अंधा दिखणा छिन अर लूला लंगड़ा हिटणा छिन कोढ़ी शुद्ध कि यु जांणा छिन अर बैहरा सुनणा छिन मुर्दा ज्यूंदा कि यु जांणा छिन अर गरीबों तैं शुभ सन्देश प्रचार सुंणये जांणु च।
6
अर धन्य च उ जु मि पर शक नि करदींनि।”
7
जब यूहन्ना का चेला उख बट्टी चलि गैनी त तब यीशु लुखुं मा यूहन्ना का बारा मा बुल्ण लगि गै “तुम एकांत जंगल मा क्य दिखणु कु गै छा? क्य हवा से हिलण वला निंगला तैं?”
8
तब तुम क्य दिखणु कु गै छा? जैल मंहगा कपड़ा पैरयां छा वे तैं की।
9
त फिर किलै गै छा? क्य कै परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो तैं दिखणु कु? हाँ मि तुम मा बुल्णु छौं कि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्दो से भि बड़ा तैं।
10
यूहन्ना उ मनिख च जु परमेश्वर का वचन जैका बारा मा बतांद कि देखा, मि अपड़ा दूत तैं तेरा अगनैं भिजणु छौं जु तेरा अगनैं तेरा आंणु कु लुखुं तैं तैयार करलो।
11
मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि जु जनन बट्टी जन्मी छिनी ऊंमा बट्टी यूहन्ना बपतिस्मा दींण वला से कुई बड़ो नि हवे पर जु स्वर्ग का राज्य मा छुटो से छुटो च उ वे बट्टी बड़ो च।
12
और तब बट्टी यूहन्ना बपतिस्मा दींण वला ल प्रचार शुरू कैरी, वे बगत बट्टी अब तक स्वर्ग का राज्य जबरदस्ती अगनैं बडणु च अर हिंसक लोग यु पर हमला कना छिन।
13
यूहन्ना तक परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो की सभि किताबों अर मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा यूहन्ना बप्तिस्मा दींणवलों का आंण तक परमेश्वर का राज्य का बारा मा पैली बट्टी बतये गै।
14
अर जु तुम मेरी बातों तैं मनणु चांदा छा, एलिय्याह जु औंण वलो छो उ यु ही च।
15
जै को यु सुनण को मन च, उ ध्यान दे के यूं बातों तैं सुंणौ अर समझ भि ल्यो।
16
“मि यु बगत का लुखुं तैं क्य से सुबारु? उ, ऊं नौंनो का जन छिनी जु बाजारों मा बैठी के एक दुसरा बट्टी बुल्दींनि।”
17
“हम ल तुम कु खुशी का गीत गैनी अर तुम नि नचयां हम रौवे छा अर शोक का गीत गैनी पर तुम ल छाति नि पीटि।”
18
किलैकि यूहन्ना बार-बार उपवास करदो छो अर दाखमधु नि पींदों छो अर उ बुल्दींनि कि वे पर दुष्टात्मा च।
19
पर जब मि मनिख कु नौंनो खांदी-पींदु ऐ अर उ बुल्दींनि “देखा पेटू अर पियक्कड़ मनिख चुंगि लींण वलो अर पापियों कु दगड़िया पर एक मनिख का काम दिखाला की बुद्धिमान वलो कु च।”
20
तब यीशु ल ऊं लुखुं तैं डांटी जु ऊं शहरों मा रौंदा छा जौंमा वेल भौत सा चमत्कार का काम कैरी छा किलैकि ऊंल अपड़ा कामों कु पश्चाताप नि कैरी छो।
21
“हाय खुराजीन शहर अर बैतसैदा नगर का लुखुं जु चमत्कार का काम तुम मा किये गैनी जु उ सूर अर सीदोन शहरों मा किये जांदा त उख का लोग कबारि ही टाट ओड़िके अर अपड़ा मथि छारो छिडकी दीन्दा यु दिखांणु कु की हम ल अपड़ा पापों बट्टी पश्चाताप कैरेली।
22
पर मि तुम मा बुल्णु छौं कि न्याय का जांच का दिन तुमारी दशा से वे सजा जु परमेश्वर सूर अर सीदोन शहर तैं दयालो व वीं सजा से कम हवेलि जु उ तुम तैं दयालो।
23
हे कफरनहूम शहर का लुखुं क्य तु स्वर्ग तक ऊंचो किये जैलि? तु त नरक तक मूड़ि किये जैलि जु चमत्कार का काम त्वे मा किये गैनी जु सदोम शहर मा किये जांदा त उ शहर आज तक बणयुं रौंदु।
24
पर मि तुम मा बुल्णु छौं कि न्याय का जांच का दिन तुमारी दशा से वे सजा जु परमेश्वर सदोम अर सैदा शहर का लुखुं की वीं सजा से कम हवेलि जु उ तुम तैं दयालो।”
25
वे बगत यीशु ल बोलि, हे पिता आसमान अर धरती का प्रभु मि तेरु धन्यवाद करदु कि तिल यूं बातों तैं ज्ञानियों अर समझदार लुखुं बट्टी छिपै के रखि अर जु लोग साधारण लुखुं का जन छिनी ऊं पर प्रगट कैरी।
26
हाँ, बुबा जी त्वे तैं यु ही खूब लगि।
27
“मेरा बुबा ल मि तैं सब कुछ दियुं च अर बुबा का बगैर कुई नौंना तैं नि जंणदु अर न ही कुई बुबा तैं जंणदु च भस नौंनो ही बुबा तैं जंणदु च अर जौं लुखुं तैं नौंनो चुणदो च उ लोग ही बुबा तैं जंणदु च।”
28
हे सब मेनत कन वलो अर बोझ से दबयां लुखुं मि मा आवा, मि तुम तैं विश्राम दयुलु।
29
मेरू जूआ अपड़ा मथि उठै ल्या अर मि बट्टी सीखा किलैकि मि नम्र अर आत्मा मा दीन छौं अर तुम अपड़ा मन मा विश्राम पैल्या।
30
किलैकि मेरू जूआ उठाणु कु सौंगु अर मेरू बोझ हल्को च।
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