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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 7
Matthew 7
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
“दूसरों कु जांच कैरी के न्याय नि कैरा त परमेश्वर भि तुमारो न्याय नि करलो।”
2
किलैकि जन कै तुम दुसरो की जांच कैरी के न्याय करद्यां उन ही कै परमेश्वर तुमारो न्याय करलो अर जै नाप से तुम नपदा छा वे ही नाप से तुम कु भि नपे जालो।
3
तु एक छुट्टा पाप कु अपड़ा दगड़ा विश्वासी कु न्याय किलै कनि छै जु वेकी आँख मा कुछ गंदगी क जन च जब तेरु जीवन मा एक बड़ो पाप च जु तेरा अपड़ा आँखा मा एक लठ्ठे का समान च।
4
जब तेरु खुद का भितर भौत बड़ा भंगार च त त्वे तैं खुद से छुट्टा भंगार वला मनिख की भि मदद कनै कि कोशिश नि कन चयणी च।
5
हे कपटि पैली अपड़ी आंख बट्टी भंगार तैं सुधारी ले, फिर तु साफ रीति ल अपड़ा भैय कि आंख का खोड तैं खूब कै देखि के निकाली सकली अर दूसरों तैं ऊंका छुटा दोषों तैं सुधरण मा मदद कैरी सकली।
6
“उ लुखुं तैं परमेश्वर का सन्देश नि सुंणौ जु यु तैं सुनण नि चंदिनी पर तुम जब इन करद्यां त यु इन होलो जनकै पवित्र वस्तु तैं कुत्तों का अगनैं ढुलण अर जन सुंगरु का अगनैं मोती ढुलण जु भस वे तैं रौंदी दयाला अर फिर तुम पर हमला करला।”
7
“तुम तैं जु चयणु च वे तैं परमेश्वर बट्टी माँगा अर उ तुम तैं दयालो, खुज्येला त पैला, खटखटैल्या त तुम कु खुलै जालो।”
8
किलैकि जु कुई मंगदु च वे तैं मिल्द च अर खुज्योंद च उ पौंदु च अर जु खटखटौंदु च वेको खुलै जालो।
9
तुम मा बट्टी इन कु आदिम च की जु वेको नौंना तैं जु वे बट्टी रुठी मानगो त उ वे तैं ढुंगो दयालो।
10
इन्ही कुई भि आदिम अपड़ा नौंना तैं माछा मांग त वे तैं जहरीला गुरो नि दींद।
11
जब तुम बुरा हवे के अपड़ा नौंना बालों तैं भलि चीज दींण जंणदा छा त तुमारो स्वर्गीय बुबा अपड़ा मंगण वलो तैं भलि वस्तु किलै नि दयाला?
12
ये कारण जु कुछ तुम चांदा छा कि मनिख तुम दगड़ी कैरा, तुम भि ऊंका दगड़ी उन ही कैरा, किलैकि मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था अर परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो का लेखों कु मतलब यु ही च।
13
“तुम परमेश्वर का राज्य मा संगड़ा फाटक ल ही प्रवेश कैरा, किलैकि चौड़ु च उ बट्टो अर सरल च उ फाटक जु विनाश की तरपां लिजांद, अर भौत सैरा लोग यां बट्टी प्रवेश करदींनि।”
14
किलैकि संकुरु च उ फाटक अर कठिन च उ बट्टो जु अनन्त जीवन कु पौंछौदु अर कुछ ही छिन जु वे तैं पौदींनि।
15
“झूठा लुखुं बट्टी जु अपड़ा आप तैं परमेश्वर का संदेश दींणवला बुल्दिन इन लुखुं बट्टी चौकस रावा जु भेडियों जन छिन जु को अफ तैं ढिबरों का खल्डा ल ढक्यूं लुखुं तैं यु विश्वास दिलांणु कु की उ ढिबरा छिन पर उ वास्तव मा भेड़िया छिन जु लुखुं पर हमला करदींनि।”
16
ऊंका कमों बट्टी तुम ऊं तैं पैछांणि लील्या क्य लोग झिबलांण बट्टी अंगूर या कांडो बट्टी बेडू तोड़दिनं?
17
इन कै ही हर एक अच्छो डालो फल लौंदु अर निकम्मों डालो बुरो फल लौंदु।
18
अच्छो डालो बुरो फल नि लै सकद अर न निकम्मों डालो अच्छो फल लै सकद।
19
जु-जु डालो अच्छो फल नि लौंदु उ कटे अर झूठा लोग जु अपड़ा आप तैं परमेश्वर को संदेश दींणवलों बुल्दिन ऊं तैं भि इन ही दण्ड दिये जलो।
20
इन कै ऊंका कामों ल तुम ऊं तैं पैछांणि लील्या।
21
“जु मि कु हे प्रभु”हे प्रभु बुल्द ऊंमा बट्टी हर एक स्वर्ग का राज्य मा भितर नि जांण पालो पर उ ही जु मेरा स्वर्गीय बुबा कि मनसा पर चलदो।
22
न्याय का दिन भौत सी लोग मि बट्टी बुलला हे प्रभु हे प्रभु क्य हम ल तेरु नौं से संदेश नि दे अर तेरा नौं से दुष्टात्मा तैं नि निकाली अर तेरा नौं से भौत सी चमत्कार नि करिनी?
23
तब मि ऊं बट्टी खुलि के बोलि दयुलु मिल तुम तैं कभि नि जांणि। हे अधर्म कन वलो मेरा संमणी बट्टी चलि जा।
24
“इलै जु कुई मेरी यूं बातों तैं सूंणि के मंणदु च उ वे बुद्धिमान मनिख जन होलो जैल अपड़ो घौर पौड़ की नींव पर बंणै।
25
अर बरखा ऐ अर गदेरा ऐनी अर आंधी तुफान ऐ अर वे घौर पर टकरै फिर भि उन ही गिरी किलैकि वेकी नींव पौड़ पर डाली छै।
26
पर जु कुई मेरी यूं बातों तैं सुणदु च अर ऊं पर नि चलदो त उ वे निर्बुद्धि मनिख का जन होलो जैल अपड़ो घौर बल्ला पर बंणै।
27
अर बरखा ऐ अर गदेरा ऐनी अर आंधी तुफान चलि अर वे घौर पर टकरै अर उ गिरि के छत्यानाश हवे गै।”
28
जब यीशु यूं बातों तैं करि चुकि गैनी त इन हवे कि भीड़ वेका उपदेश से चकित हवेनि।
29
किलैकि उ, ऊं तैं मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला जनन, पर बड़ा अधिकारी जन उपदेश दींदु छो।
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