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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 6
Matthew 6
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
“सावधान रावा तुम लुखुं तैं दिखौणु कु अपड़ा भले का काम नि कैरा, नथिरी अपड़ा स्वर्गीय बुबा बट्टी कुछ भि प्रतिफल नि पैल्या।”
2
इलै जब तुम दान कैरा त अपड़ा अगनैं तुरै बजै के दिखावा नि कैरा जन कपटि यहूदियों का मिलणा का भवन मा अर गलियों मा करदींनि, इलै की ऊं लुखुं का द्वारा ऊं की प्रशंसा हो, मि तुम मा सच बुल्ण छौं कि उ अपड़ो प्रतिफल पै चुकि गैनी।
3
पर जब तु दान कैर त तेरु दान गुप्त हो जु की लुखुं तैं भि पता नि हो।
4
इलै की तेरु दान गुप्त रौ अर तब तेरु बुबा जु गुप्त मा दिखदो च त्वे तैं प्रतिफल दयाला।
5
जब तु पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैर त कपटि का समान नि हो किलैकि लोग ऊं तैं देखि अर ऊंकी प्रशंसा कैरा इन ही यहूदियों का मिलणा का भवन मा अर सड़कों का मोडो पर खड़ो हवे के ऊं तैं परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन अच्छो लगदु, मि तुम मा सच बुल्ण छौं कि उ अपड़ो प्रतिफल पै चुकि गैनी।
6
पर जब तु पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैर त अपड़ी कोठरी मा जा अर द्वार बन्द कैर के अपड़ा परमेश्वर पिता बट्टी जु गुप्त म च जै तैं आज तक कैल नि देखि परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कर और तब तेरु परमेश्वर पिता जु गुप्त मा बट्टी दिखद, त्वे तैं प्रतिफल दयालो।
7
पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन दफा अन्यजातियों का जन बबड़ट नि कर किलैकि उ समझदींनि कि ऊंका भौत बबड़ट कन ल परमेश्वर ऊंकी सुणलो।
8
इलै तुम ऊं जन नि बंणा किलैकि तुमारो बुबा तुमारा मंगण से पैली ही जंणदो च कि तुमारी क्य जरूरत छिनी।
9
इलै तुम इन कै पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरा करा, हे हमारा बुबा तु जु स्वर्ग मा छै तेरु नौं पवित्र मणै जौ
10
तेरु राज्य औ। तेरी इच्छा जन स्वर्ग मा पूरी हूंदी च उन ही धरती पर भि पूरा हो।
11
हम तैं आवश्यकता का अनुसार हमारी दिन भरै कि रुट्टि दे।
12
और जनकै हम ल अपड़ा अपराधियों तैं माफ कैरी उन ही कै तू भि हमारा पापों तैं माफ कैर।
13
अर हम तैं अजमैश मा नि लौ पर दुष्ट शैतान बट्टी बचौ किलैकि राज्य, अर पराक्रम अर महिमा सदनी तेरी च। आमीन।
14
“इलै जु तुम मनिख्युं का पाप माफ करिल्या जु उ तुमारा विरोध मा करदींनि त तुमारो बुबा जु स्वर्ग मा च उ भि तुमारा पाप माफ करलो।”
15
अर जु तुम मनिख्युं का पापों तैं माफ नि करिल्या त तुमारो बुबा भि तुमारा पापों माफ नि करलो।
16
“जब तुम उपवास कैरा त कपटि का जन तुमारा मुक पर उदासी नि छई रौ किलैकि उ अपड़ो मुक उदास बंणैके रखदींनि इलै की लोग ऊं तैं उपवासि जंणुनु अर लोग ऊकी प्रशंसा करूं मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि उ अपड़ो प्रतिफल पै चुकि गैनी।”
17
पर जब तु उपवास कैरी त अपड़ा मुंड पर तेल लगौ अर मुक धो।
18
कि लोग न पर तेरु परमेश्वर पिता जै तैं तु देख नि सकदी, त्वे तैं उपवासी जांणो। ईं दशा मा तेरु परमेश्वर पिता जु गुप्त मा दिखद कि लोग न पर तेरु परमेश्वर पिता त्वे तैं प्रतिफल दयालो।
19
अफ कु धरती पर धन कठ्ठा नि कैरा जख कीड़ा अर कुरय्यो बिगड़दा छिन अर जख चोर सेंध लगौंदिनि अर चोरी करदींनि।
20
पर भलै कैरी के स्वर्ग मा अफ कु प्रतिफल कठ्ठा कैरा जख न त कीड़ो अर न कुरय्यो बिगड़दो अर जख न चोर सेंध लगौंदिनि अर न चोरी करदींनि।
21
किलैकि तेरु मन हमेशा उखि लग्युं रालो जख तेरु धन च।
22
“आंखा देह कु दिवडा का जन च इलै जु तेरु आंखा खूब छिनी त तेरु सैरी देह भि उज्यलो होलो।”
23
पर जु तेरु आंखा बुरा हूंनु त तेरु सैरी देह भि अंधेरो होलो इलै जु उज्यलो त्वे मा च जु अंधकार हो त उ अंधकार कन बड़ो होलो।
24
कुई मनिख एक ही बगत पर द्वी स्वामियों कि सेवा नि कैरी सकद, किलैकि उ एक बट्टी बैर अर दुसरा बट्टी प्रेम रखलो या एक कु ईमानदार रालो अर दुसरा तैं तुच्छ जंणुलो तुम परमेश्वर अर धन दियूं कि सेवा नि कैरी सकदां।
25
इलै मि तुम मा बुल्णु छौं कि हर रोज यु चिंता नि करयां कि हम क्य खौला अर क्य प्यूला अर न अपड़ा देह कु कि क्य पैरुला क्य प्राण खांणु से अर देह कपड़ोंं से बढ़ि के नि च?
26
आसमान का चलखुडों तैं देखा उ न त बुतदा छिनी अर न लौंदा छिन करदींनि अर न अपड़ा खलियन मा बटोरदिन फिर भि तुमारो स्वर्गीय बुबा ऊं तैं खिलांदु च सच मा तुम चखलो बट्टी भि बढि कै छा।
27
तुम मा बट्टी कुई भि चिंता कैरी कै अपड़ा जीवनकाल म एक छुटा छण तैं भि नि बढ़ै सकद।
28
“कपड़ा कु किलै चिन्ता करदां? एकांत जंगली फूलों पर ध्यान कैरा कि उ कन कै बड़दिन उ न त मेहनत करदींनि न कपड़ा बणौ दींनि।”
29
तब भि मि तुम मा बुल्ण छौं कि राजा सुलैमान भि अपड़ी सैरी धन दौलत मा बट्टी कैका जन भि कपड़ा पैरदो नि छो।
30
इलै जब परमेश्वर जंगली घास तैं इन बड़ौदूं कि ज्वा आज च अर भोल आग मा झोंके जालि सुन्दर कपड़ा पैरान्दो, त हे अल्पविश्वासियों, जरुर तुम्हरी भि देखभाल करलो।
31
“इलै तुम चिन्ता कैरी कै इन नि बुल्यां कि हम क्य खौला य क्य प्यूला या क्य पैरुला।”
32
किलैकि अन्यजाति का लोग यूं सभि चीजों कि खोज मा रौदींनि पर तुमारो स्वर्गीय बुबा जंणदु च कि तुम तैं यूं सभि चीजों कि जरूरत च इलै चिंता नि करयां।
33
इलै पैली तुम परमेश्वर का राज्य अर धर्मी जीवन जींण की कोशिश कैरा त यु सभि चीज तुम तैं मिली जालि।
34
त भोल का बारा मा चिन्ता नि कैरा आज कु आज को दुःख भौत च।
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