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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 22
Matthew 22
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यीशु ऊं लुखुं दगड़ी फिर से मिसाल दे के बात कन लगि गै।
2
स्वर्ग का राज्य वीं मिसाल का समान च, एक राजा जैल अपड़ा नौंना को ब्यो कैरी।
3
अर वेल अपड़ा सेवकों तैं भेजि कि ब्यो मा आमंत्रित लुखुं तैं ब्यो का भोज मा बुलौनु पर ऊंल औंण नि चै।
4
फिर वेल और सेवकों तैं यु बोलि के भेजि आमंत्रित लुखुं मा बोला देखा मिल खांणु तैयार कैरेली इलै तुम ब्यो का खांणु मा आवा।
5
अनदेखो कैरी के चलि गै कुई अपड़ा पुंगड़ों तैं, त कुई अपड़ा व्यापार तैं।
6
बकि लुखुं ल जु बचि गै छा ऊंल वेका सेवकों तैं पकड़ी अर ऊंको अनादर कैरी अर ऊं तैं मारि डाली।
7
जब राजा ल यु सूंणि त गुस्सा ऐ गै अर वेल अपड़ी सेना तैं भेजि के ऊं हत्यारुं को नाश कैरी दींनि अर ऊंका शहरों तैं फूंकी दींनि।
8
तब वेल अपड़ा सेवकों मा बोलि ब्यो कु खांणु त तैयार च पर जु लोग बुलै छा उ वे खांणु का लैख नि ठैरिनि।
9
इलै तुम चौराहों मा जाओ अर जथग लोग तुम तैं मिलुनु ऊं सभियूं तैं ब्यो का बड़ा खांणु पर बुलावा।
10
तब ऊं सेवकों ल अर दासों ल सड़कों पर जै के क्य भला क्य बुरा जथग भि लोग मिलिनि ऊं सभियूं तैं कठ्ठा कैरी अर जै घौर मा ब्यो हूंणु छो उ घौर मेहमनों से भुरीं गै।
11
अर जब राजा ल मेहमान लुखुं तैं दिखणु कु भितर ऐ त वेल उख एक आदिम तैं देखि जैका ब्यो कु सै ठिक कपड़ा नि पैरय्यां छा।
12
राजा ल वे तैं पूछि हे दगड़िया तु बगैर ब्यो कु ठिक कपड़ा पैरय्यां इख किलै ऐ? अर वे तैं मनिख्युं न कुछ भि जवाब नि दींनि।
13
तब राजा ल सेवकों मा बोलि येका हथ खुट्टा बंधि के यु तैं भैर अंधेरा मा डाली द्या उख रूंण अर दांतों को पिसंण होलो।
14
किलैकि बुलयां त भौत छिनी पर चुणयां थोड़ा ही छिन।
15
तब फरीसियों ल आपस मा विचार कैरी कि यीशु तैं कैं बात मा फसां।
16
अर ऊंल अपड़ा चेलों तैं हेरोदियों मा यु बुल्णु कु भेजि कि, “हे गुरु हम जंणदा छा कि तुम हमेशा सच बुल्दियां अर परमेश्वर का बारा मा सचै से सिखांदि अर त्वे तैं कैकी कुई परवाह नि च किलैकि तु मनिख्युं का मुक देखि के बात नि करदी।
17
इलै हम तैं बतौ तु क्य समझदी? क्य कैसर तैं कर दींण ठिक च या ठिक नि च।”
18
यीशु ल ऊंका मन की दुष्टता तैं जांणि के बोलि “हे कपटियों तुम मि तैं किलै परखंणा छा?”
19
अर जै पैसा तुम कर मा दिन्दीयां वे पैसा तैं मि मा ल्यावा तब उ वेमा दिन की मजदूरी लैनि।
20
यीशु ल ऊंमा पूछि या आकृति अर यु नौं कैकु च?
21
ऊंल यीशु मा बोलि, “कैसर को तब यीशु ल ऊंमा बोलि जु कैसर कु च वे तैं कैसर तैं द्यावा अर जु परमेश्वर कु च उ परमेश्वर तैं द्यावा।”
22
यु सूंणि के उ भैंचक्क मा पड़ी गैनी अर यीशु तैं छोड़ी के चलि गैनी।
23
वे ही दिन सदूकी जु बुल्दिन, कि मोरि के ज्यून्दो हूंण नि हवे सकद यीशु मा ऐ के पुछण लगि गैनी
24
“हे गुरु मूसा ल बोलि छो कि कुई मनिख जु बगैर सन्तान का मोरि जौं त वेको भैय वेकी घरवलि दगड़ी ब्यो कैरी कै अपड़ा भैय कु वंश पैदा कैर।”
25
अब हमारा इख सात भैय छा अर सबसे बड़ो भैय ब्यो कैरी निसंतान मोरि गै अर सन्तान नि हूंण का कारण से अपड़ी घरवलि तैं अपड़ा भैय कु छोड़िगे।
26
इन ही दुसरा ल अर तिसरा ल भि कैरी अर सातों भैय बट्टी कैकी भि संतान नि हवे।
27
अर सभियूं का बाद व जनन भि मोरि गै।
28
तब मुरयां का ज्यून्दो हूंण पर व ऊं सात का सात मा बट्टी कैकी जनन हवेलि? किलैकि व सातों भैय कि जनन हवे गै छै।
29
यीशु ल ऊंकु बोलि, “तुम परमेश्वर का वचन की सामर्थ तैं नि जंणदा क्य तुम इलै भूल मा नि पुड़यां छा।
30
किलैकि जब उ मुरयां मा बट्टी ज्यून्दो हूंण होलो त ऊंल न त ब्यो कन न ब्यो मा दिये जांण पर स्वर्ग मा स्वर्गदूत कि तरौं होला।
31
मुरयां कु ज्यून्दो हूंण का बारा मा क्य तुम ल यु परमेश्वर का वचन मा नि पैढ़ी जु परमेश्वर ल तुम मा बोलि छो
32
कि मि अब्राहम कु परमेश्वर, इसहाक कु परमेश्वर, याकूब कु परमेश्वर छौं? परमेश्वर मुरयां मनिख्युं कु न बल्कि ज्यूंदों कु परमेश्वर च।”
33
लोग यीशु का उपदेश सूंणि के हकदक रै गैनी।
34
जब फरीसियों ल सूंणि कि यीशु ल सदूकियों को गिच्चो बंद कैरेली त तब उ कठ्ठा हवे गैनी।
35
ऊंमा बट्टी मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो ल जु वेकी अजमैश कनु कु वेमा पूछि
36
हे गुरु मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा बड़ी आज्ञा क्य च?
37
यीशु ल वेमा बोलि या च कि “तु प्रभु अपड़ा परमेश्वर तैं अपड़ा सैरा मन, अर अपड़ा सैरा प्राण, अर अपड़ी सैरी बुद्धि से प्रेम कैरा।
38
या सबसे बड़ी अर पैली आज्ञा च।
39
अर वीं आज्ञा जन एक हैंकी आज्ञा भि च कि तु अपड़ा पड़ोसी से अफ जन प्रेम कैर।
40
यु उ ही द्वी आज्ञा मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा अर परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो को आधार च।”
41
जब फरीसी कठ्ठा छा त यीशु ल ऊंमा पूछि
42
मसीह का बारा मा तुम क्य सुचदियां उ कै को नौंनो च ऊंल वेमा बोलि, “दाऊद कु वंशज च।”
43
यीशु ल ऊंमा पूछि “त दाऊद आत्मा मा हवे के वे तैं प्रभु किलै बुल्द?
44
कि प्रभु ल मेरा प्रभु कु बोलि मेरी दैंणि तरपां बैठ जब तक कि मि तेरा बैरय्युं तैं तेरा खुट्टों तौला नि कैरी द्यो।
45
जब राजा दाऊद ही मसीह कु प्रभु बुल्दो त फिर उ वेको वंशज कनके ठैरी?
46
अर तब वे दिन कै तैं की फिर वे बट्टी कुछ भि पुछणो कु सासो नि हवे।”
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