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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 23
Matthew 23
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
तब यीशु ल लुखुं कु अर अपड़ा चेलों कु बोलि
2
मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसी अधिकार का दगड़ी मूसा की व्यवस्था की व्याख्या कन की क्षमता रखदा छिन
3
इलै उ तुम मा जु कुछ भि बुलुनु उ न करयां अर न मणयां पर उ जु करदा छिन ऊं तुम नि करयां किलैकि उ उपदेश त दींद छिनी पर पालन नि करदींनि।
4
उ सब प्रकार का कानूनों तैं बतौंदा छिन जु मन मा लुखुं कु कठिन च उ लुखुं बट्टी जबरदस्ती ऊं नियमों कु पालन करवंदा छिन पर उ अफ वे तैं नि मणदींनि अर अफ वे तैं अपड़ी अंगुली बट्टी भि नि सरकौंण चंदींनि।
5
उ अपड़ा सभि काम लुखुं तैं दिखांणु कु करदींनि उ अपड़ा जौं पर परमेश्वर कु वचन हूंद छो त उ ऊं तैं मुंड पर अर हथों पर पैरदा छा अर अपड़ा कपड़ोंं का किनारों तैं बढादिनि।
6
भोज मा उ महत्वपूर्ण जगहों पर बैठण पसंद करदींनि अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा मुख्य-मुख्य आसण चयोंदिनि
7
अर बाजारों मा सम्मान का दगड़ी प्रणाम अर मनिख्युं का बीच ऊं तैं गुरु कहलांण अच्छो लगदु।
8
पर तुम अफ तैं गुरु नि समझयां किलैकि तुमारो एक ही गुरु च अर तुम सभि विश्वासी भयों जन छा।
9
अपड़ा बुबा तैं छोड़ी कै कुई भि धरती मा बुबा का पद तैं आदर नि दींदां किलैकि तुमारो एक ही बुबा च जु कि स्वर्ग मा च।
10
अर अफ तैं गुरु जी भि नि बुल्यां किलैकि तुमारो एक ही गुरु च जु कि मसीह च।
11
जु तुम मा बड़ो हो उ तुमारो सेवक बंणि जौ।
12
जु कुई अफ तैं बड़ो बंणालु उ छुट्टा किये जालो अर जु कुई अफ तैं छुटो बंणालु उ बड़ो बणैये जालो।
13
हे कपटि मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुम पर, तुम लुखुं कु स्वर्ग का राज्य मा प्रवेश कने की अनुमति नि दींदां त अफ वे द्वार बट्टी भितर जंदा अर वां बट्टी भितर जांण वलो तैं भि भितर नि जांण दींदां।
14
हे कपटि मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो हाय च तुम पर विधओं का घौर तैं लुटदा छा अर दिखांणु कु तुम धर्मी छा अर बिजां देर तक परमेश्वर बट्टी प्रार्थना करद्यां इलै तुम तैं जादा दण्ड मिललो।
15
“हे कपटि मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुम पर तुम एक मनिख तैं अपड़ा मत मा लौंणु कु लिये हर जगह यात्रा करदींनि अर जब उ विश्वास करदींनि त वे तैं दुगणा नरक मा जांण का लैक बंणि जंदींनि जु की तुम खुद छा।”
16
“हे अंधा अगुवों हाय च तुम पर भि तुम जु बुल्दा कि जु कुई यरूशलेम शहर का मन्दिर की सौं खौ त कुछ न पर जु कुई यरूशलेम शहर का मन्दिर का सोना कि सौं खौ त वीं सौं से बंधि जालो।”
17
हे मूर्खों अर हे अंधों बड़ो कु च सोना या उ यरूशलेम शहर को मन्दिर ज्यां बट्टी सोना पवित्र हूंद?
18
फिर बुल्दा कि जु कुई वेदी की सौं खौ त कुछ न पर ज्वा भेंट वां मा च जु कुई वांकी सौं खौ त बंधि जालो।
19
हे अंधों कु बड़ो च भेंट या वेदी ज्यांसे भेंट पवित्र हूंदी?
20
इलै जु वेदी की सौं खांदु उ वांकी अर जु कुछ वां मा च वांकी भि सौं खांदु।
21
जु यरूशलेम शहर का मन्दिर की सौं खांदु उ वे परमेश्वर की जु व वेकी अर वे परमेश्वर की जु वे मा रौंदो च की भि सौं खांदु।
22
जु स्वर्ग की सौं खांदु उ परमेश्वर का सिहासन की अर वां मा बैठण वला कि भि सौं खांदु।
23
“हे कपटि, मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुम पर तुम पुदीना अर सौंफ अर जीरा कु दसवां अंश दींदां त छैं छा पर तुम ल नियमशास्त्र कि गहरी गम्भीर बातों तैं जन न्याय अर कृपा अर विश्वासयोग्य हूंण अर अपड़ा दशमांश दींणु चयणु च इलै की इन अन्य महत्वपूर्ण चीजों की उपेक्षा नि कैरा।”
24
हे अंधा अगुवों, तुम छुटा नियमों का पालन कन का बारा मा त भौत सावधान छा जन कि तुम मच्छर तैं त छांणि दींदां, पर ऊंट तैं निगलि जंदियां।
25
“हे कपटि, मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुम पर तुम इन भांडा छा जु भैर बट्टी त साफ पर भितर बट्टी भि गंदा अर उ इन छा की अफ तैं अच्छा लुखुं का जन दिखोंदा छिन धर्मी पर इलै तुमारा दिलों मा तुम लोभ अर स्वार्थ च।”
26
हे अंधा फरीसी पैली अपड़ा लालची अर स्वार्थी हूंण बंद कैर दींण चयणु च तब तुम उ ही कैर पैला जु पवित्र च यु एक इन थाली का जन हूंण जु भैर अर भितर द्वीयूँ जहग साफ हो।
27
“हे कपटि, मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुम पर तुम चुना फिरीं कब्रों जन छा ज्वा मथि बट्टी त सुंदर दिखेंदि पर भितर बट्टी मुर्दों का हडगूं ल अर सब प्रकार कि गंध से भरीं च।”
28
अर इन कै तुम भि भैरी-भैर त लुखुं का संमणी बड़ा धर्मी दिखेन्द्यां पर भितर बट्टी अधर्म अर कपट से भुरयां छा।
29
“हे कपटि, मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो अर फरीसियों हाय च तुमारा पूर्वजों न जु परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो तैं तुम ल मारि छो ऊंकी कब्रों तैं सजदां अर धर्मी लुखुं का कब्रों तैं सम्मनित करदा छा
30
अर बुल्दा जु हम अपड़ा बाप-दादों का दिनों मा रांदा त परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो का ल्वे मा ऊंका साझा नि हूंद।”
31
वंशज से त उ खुद का खिलाफ गव्है दींदां छा कि तुम परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो का हत्यारो का वंशज छा।
32
तुम वे बुरै तैं पूरो कन वला छा जै तैं तुमारा बाप-दादों ल शुरू कैरी छो।
33
हे गुरो का जन जहर रखण वलो लुखुं तुम नरक का दण्ड से कनके बचिल्या?
34
इलै देखा मि तुम मा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो तैं अर बुद्धिमानों तैं अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो तैं भिजणु छौं अर तुम ऊंमा बट्टी कुछ तैं मारि डलिल्या अर सूली पर चड़ैल्या अर कुछ तैं अपड़ा परमेश्वर बट्टी यहूदियों का मिलणा का भवन मा कोड़ा मरिल्या अर एक शहर बट्टी हैंका शहर मा भगौंदी रैल्या।
35
ज्यां बट्टी धर्मी हाबिल से ले के बिरिक्याह का नौंना जकर्याह तक जै तैं तुम ल परमेश्वर बट्टी यरूशलेम शहर का मन्दिर अर वेदी का बीच मा ल्वे बुगै के मारि डालेल छो सभि धर्मी लुखुं की हत्या धरती मा कैरी उ सब तुम तैं भंगारी ठैरे जाला।
36
मि तुम मा सच बुल्णु छौं यु सभि हत्याओं की सजा इन पीढ़ी का लुखुं पर ऐ पोड़िलि।
37
“हे यरूशलेम शहर का लुखुं तु परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो तैं मारि डलदि अर जु त्वे मा भिजे गैनी ऊं पर ढुंग्यो करदी। कथग बगत मिल चै कि जन मुर्गी अपड़ा बच्चों तैं अपड़ा पंखों का तौला सुरक्षित करदा उन ही मि भि तेरा नौंनो तैं कठ्ठा कैरी दियूं पर तुम ल इन नि चै।
38
देखा मन्दिर घौर तुम कु खन्द्वार छुड़े जांणु च।
39
किलैकि मि तुम मा बुल्णु छौं कि अब बट्टी जब तक तुम नि बोलिल्या कि धन्य च उ जु प्रभु का अधिकार का दगड़ी च तब तक तुम मि तैं फिर कभि नि देखि ल्या।”
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