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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 16
Matthew 16
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फरीसियों ल अर सदूकियों ल संमणी ऐ के यीशु कि अजमैश कनु कु वेकु बोलि “हम तैं स्वर्गीय चमत्कार का चिन्ह दिखौ।”
2
वेल ऊं तैं जवाब दींनि “रुमुक जुग तुम बुल्दा कि मौसम ठिक रालो किलैकि आसमान लाल च।”
3
अर सूबेर बुल्दा कि आज तुफान आलो किलैकि आसमान लाल अर बदल्युं च तुम स्वर्ग का लक्षण देखि के वेको भेद बतै सकदा छा पर बगत का चिन्ह का भेदों तैं किलै नि बतै सकदां?
4
यु युग का बुरा अर व्यभिचारी लोग चमत्कार का चिन्ह ढुंडणा छिन पर योना परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला का चिन्ह तैं छोड़ी के कुई और चिन्ह ऊं तैं नि दिये जालो अर उ, ऊं तैं छोड़ी के चलि गै।
5
चेला झील का पल्या छाला मा पौंछिनी पर उ रुट्टि लिजांण बिसरी गै छा।
6
यीशु ल ऊंमा बोलि, “देखा तुम फरीसियों का अर सदूकियों का खमीर बट्टी सचेत रयां।”
7
उ आपस मा विचार कन लगि गैनी “हम मा रुट्टि नि च इलै उ बुल्णु च।”
8
यु जांणि के यीशु ल ऊंमा बोलि, “हे अधुरा विश्वासियों, तुम आपस मा किलै यु विचार कना छा कि हम मा रुट्टि नि च?”
9
क्य तुम अभि तक नि समझयां? क्य तुम तैं ऊं पाँच हजार मनिख्युं कि पाँच रुट्टि याद नि च अर क्य यु भि याद नि च कि तुम ल टुकड़ों का कथग ठुपरा कठ्ठा करिनी?
10
अर न तुम तैं ऊं चार हजार मनिख्युं कि सात रुट्टि याद छिन अर न यु भि कि तुम ल कथग ठुपरा भोरिके उठै छा?
11
कि तुम अभि तक भि नि समझयां कि मिल तुम मा रुट्टि का बारा मा नि बोलि, पर यु कि तुम फरीसियों ल अर सदूकियों का खमीर बट्टी सचेत रैयां।
12
तब ऊंकी समझ ऐ गै कि यीशु ल रुट्टि का खमीर से न बल्कि फरीसियों कि अर सदूकियों कि झूठी शिक्षा से सचेत रौंणु कु बोलि छो।
13
यीशु कैसरिया अर फिलिप्पी नगर मा ऐ अर अपड़ा चेलों बट्टी पुछण लगि गै “कि लोग मि मनिख कु नौंनो कु क्य बुल्दींनि”
14
ऊंल बोलि “कुछ त यूहन्ना बपतिस्मा दींण वलो बुल्दींनि अर कुछ एलिय्याह अर कुछ यिर्मयाह जु परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला मा बट्टी कुई एक भि बुल्दींनि।”
15
यीशु ल ऊंमा बोलि पर तुम मेरा बारा मा कि सुचदियां की मि कु छो?
16
शमौन पतरस ल जवाब दींनि “तु ज्यूँदो परमेश्वर कु नौंनो मसीह छै।”
17
यीशु ल वे तैं जवाब दींनि, “हे शमौन पतरस योना का नौंना तु धन्य छै किलैकि न मांस अर न ल्वे ल पर मेरा बुबा ल जु स्वर्ग मा च वेल य बात त्वे पर प्रगट कैरी।”
18
अर मि भि त्वे मा बुल्णु छौं कि तु पतरस छै अर तु यु ढुंगा पर अपड़ी मण्डलि बंणौलु अर अधोलोक का फाटक वेको मुकाबला नि कैरी सकला।
19
मि त्वे तैं स्वर्ग राज्य कि चाबी दयुलु: अर जु कुछ तु धरती पर बंधिलि उ स्वर्ग मा बंधे जालो अर जु कुछ तु धरती पर खोलिलि उ स्वर्ग मा खुलै जालो।
20
तब यीशु ल चेलों तैं चितै के बोलि, कि मेरा बारा मा यु कै मा नि बुल्यां की मि मसीह छो।
21
वे बगत बट्टी यीशु अपड़ा चेलों तैं सिखौंण लगि गै, “कि जरूरी च कि मि यरूशलेम शहर कु जौं अर दाना-सयाणों का अर प्रधान याजक अर मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो का हथ से भौत दुःख उठै के मरै जौं अर तिसरा दिन ज्यूँदो हवे जौं।”
22
ईं बात पर पतरस वे तैं अलग मा लिजै के झिड़कंण लगि गै अर बुल्ण लगि गै कि “हे प्रभु परमेश्वर नि कैर कि कभि त्वे दगड़ी इन हो।”
23
वेल पिछनैं फरकि के पतरस तैं झिड़की के बोलि, “हे शैतान मेरा संमणी बट्टी दूर हवे जा त्वे बट्टी मि तैं ठोकर मिलणी च किलैकि तु परमेश्वर का तरपां बट्टी नि सुचणी बल्कि मनिख्युं कि तरपां बट्टी सुचणी छै।”
24
तब यीशु ल अपड़ा चेलों मा बोलि, “जु कुई मि दगड़ी आंण चौ उ अपड़ी इच्छाओं तैं छोड़ी के अर अपड़ी सूली उठै के मेरा पिछनैं औ।”
25
किलैकि जु कुई अपड़ो जीवन बचौण चौ उ वे तैं गवांलू पर जु कुई मेरा बाना अर शुभ सन्देश का बाना अपड़ी आत्मा तैं गवांलू उ अनन्त जीवन तैं पालो।
26
जु मनिख सैरा दुनिया तैं पै ल्यो अर अपड़ा आत्मा तैं ख्वे द्यो य मनिख अपड़ा प्राण का बदला क्य दे सकद?
27
जब मि मनिख कु नौंनो अपड़ा स्वर्गदूतों का दगड़ी अपड़ा बुबा कि महिमा मा आलो वे बगत उ हर एक तैं वेका कामों का अनुसार प्रतिफल दयालो।
28
मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि, “जु इख म खड़ा छिन ऊंमा बट्टी कुई-कुई इन छिन कि जब तक मि मनिख कु नौंनो परमेश्वर का राज्य का सामर्थ का दगड़ा आंण नि दिखला तब तक ऊंल मुरण भि नि च।”
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