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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 9
Matthew 9
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर यीशु नाव पर चढ़ी के छाला पर गै अर अपड़ा शहर मा ऐ।
2
अर देखा कथग ही लोग एक लकवा का रोगी तैं चार मनिख खाटलो मा उठवै के वेका संमणी लैनि यीशु ल ऊंका विश्वास तैं देखि के बोलि, “हे नौंना ढाडस रख तेरा पाप माफ हवे गैनी।”
3
ईं बात पर कई मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वलो ल सोचि “यु त परमेश्वर की बुरै कनु च भस परमेश्वर ही पाप माफ कैरी सकदु?”
4
यीशु ल ऊंका मन की बात जांणि के बोलि, तुम लोग अपड़ा-अपड़ा मन मा बुरा किलै कना छा?
5
सौंगु क्य च? इन बुल्ण कि तेरा पाप माफ हवेनि या इन बुल्ण कि उठ अर चल फिर?
6
ज्यां बट्टी तुम जांणि जां कि, “मि मनिख कु नौंनो धरती पर पाप माफ कनु कु भि अधिकार रखदु छों तब वेल लकवा का रोगी कु बोलि मि त्वे कु बुल्णु छौं उठ अपड़ी खाट उठै के घौर चलि जा।”
7
अर उ उठि के अर अपड़ी खाट उठै के अर सभियूं का संमणी बट्टी निकली अपड़ा घौर चलि गै।
8
सब लोग जु वे तैं दिखणा छा उ ईं बात पर सब भैचक हवे गै छा अर परमेश्वर की बड़ै कन लगि गैनी कि जैल मनिख्युं तैं इन अधिकार दींनि।
9
उख बट्टी अगनैं बढ़ि के यीशु ल मत्ती नौं का एक मनिख तैं चुंगि की चौकी पर बैठय्युं देखि, अर वेकु बोलि मेरा पिछनैं हवे ले अर उ अपड़ो काम-काज छोड़ी के वेका पिछनै हवे गै।
10
जब यीशु अर वेका चेला वेका घौर मा खांणु-खांण कु बैठिनि अर भौत सा चुंगि लींण वलो अर पापी भि यीशु अर वेका चेलों का दगड़ा मा खांणु कु बैठयां छा।
11
यु देखि के फरीसियों ल यीशु का चेलों मा बोलि, “तुमारो गुरु चुंगि लींण वलो का अर पापियों का दगड़ी खांणु किलै खांदु”
12
यीशु ल यु सूंणि के ऊंमा बोलि, “भला चंगों तैं वैध की जरूरत नि च पर बिमारों तैं च।
13
इलै तुम जै के यांको मतलब सीखी ल्या मि बलिदान न पर दया चांदु छौं किलैकि मि धर्मियों कु न बल्कि पापियों तैं बुलांण कु अयुं छौं।”
14
तब यूहन्ना का चेलों ल यीशु का संमणी ऐ के बोलि, “क्य बात च कि हम अर फरीसी उपवास रखदां पर तेरा चेला उपवास नि रखदींनि।”
15
यीशु ल ऊंमा बोलि, “जब तक ब्योला बरातियों का दगड़ी रौंदु त क्य उ उपवास रखि सकदींनि? पर हां उ दिन आला कि ब्योला ऊंका बीच बट्टी अलग करे जालो त वे बगत उ उपवास रखला।
16
नया कपड़ा कु टल्ला पुरणा कपड़ा पर कुई नि लगांदु नथिरी उ टल्ला वामु बट्टी कुछ खींचि दयालो अर नयो पुरणा बट्टी इन कै उ और भि जादा फटि जालो।
17
अर लोग नई दाखमधु तैं पुरणी छाकल मा कुई नि रखदु नथिरी दाखमधु छाकल तैं फाड़ी दयालो अर दाखमधु अर मश्क द्वी बरबाद हवे जालि पर नई दाखमधु नई चमड़ा कि थैलि मा भुरदिन अर उ द्वी बचि रंदिन।”
18
यीशु ऊं बट्टी यूं बातों तैं बुल्णु ही छो कि एक आदिम जु यहूदी सभा को सरदारों मा बट्टी एक छो यीशु मा ऐ के प्रणाम कैरी अर बोलि, “मेरी छुटी नौंनि मुरण वली च तु ऐ के वीं तैं छू, कि व खूब हवे के ज्यूंदी रौ।”
19
यीशु उठि के अपड़ा चेलों समेत वेका पिछनै हवे के चलि गै।
20
अर देखा एक जनन जै तैं बारह बरस बट्टी ल्वे बंगणौ को रोग छो वीं ल यीशु का पिछनै बट्टी ऐ के वेका चौला का किनारा तैं छवे।
21
किलैकि व अपड़ा मन मा बुल्दी छै “जु मि वेका चौला का किनारा तैं भि छवे दयुलु त मेरू उद्धार हवे जालो।”
22
यीशु ल फरकि के वीं तैं देखि अर बोलि, “हे नौंनि, तेरु भरोसो छो की मि त्वे तैं खूब कैर सकदु इलै तु पूरा ढंग से खूब हवे गै” त तब व जनन वे बगत ही बची गै।
23
जब यीशु वे सरदार का घौर मा पौंछि त बंसुरी बजौण वलो अर भौत लुखुं तैं रूंण अर चिल्लांण देखि
24
तब यीशु ल बोलि, हटि जावा नौंनि मुरीं नीच पर सीणी च यु सूंणि के लोग वेको ठट्टा कन लगि गैनी।
25
पर जब भीड़ छंटे गै त वेल भितर जै के नौंनि को हथ पकड़ी अर व ज्यूंदी हवे गै।
26
अर ईं बात की चर्चा वे सैरा देश मा फैली गै।
27
जब यीशु उख बट्टी अगनैं बड़ी त द्वी अंधा वेका पिछनै यु चिल्लांदि ऐनी कि “हे यीशु, राजा दाऊद की संतान हम पर दया कैरा।”
28
जब उ घौर मा पौंछिनी त तब उ अंधा ऊंका संमणी ऐनी अर यीशु ल ऊंमा बोलि “क्य तुम तैं विश्वास च कि मि त्वे तैं खूब कैर सकदु छौं” ऊं अन्धो ल यीशु मा बोलि, हाँ प्रभु हम तैं विश्वास च की आप हम तैं खूब कैर सकदा छा।
29
तब वेल ऊंका आंखा छवे के बोलि, तुम विश्वास करदयां की मि खूब कैर सकदो ई ले तुम ल खूब हवे जांण।
30
अर उ दिखण लगिनि यीशु ल ऊं तैं चितै के बोलि, खबरदार तुम के तैं नि बतयां की मिल तुम तैं खूब कैरी।
31
पर ऊंल निकली के सैरा देश मा वेकी हाम फैलै दींनि।
32
जब उ दुई अंधा मनिख भैर जांणा छा त कुछ लोग यीशु का संमणी एक मनिख लैनि जु बोल नि सकदा छा किलैकि वेमा एक दुष्टात्मा लगि छै।
33
अर जब यीशु ल दुष्टात्मा तैं वे मनिख बट्टी भैर निकाली दींनि त गूंगो मनिख बुल्ण लगि गै ईं बात पर भीड़ भैंचक हवे के बुल्ण लगि गै “कि इस्राएल का लुखुं का घराना मा पैली इन कभि नि दिखै गै।”
34
पर फरीसियों ल बोलि, “कि यु दुष्टात्मा का सरदार शैतान की मदद ल दुष्टात्मा तैं निकलदु च।”
35
अर तब यीशु अर वेका चेला गलील जिला का भौत शहरों मा हवे के गैनी अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा वचन की शिक्षा दींद अर परमेश्वर का राज्य को शुभ सन्देश प्रचार करदी अर लुखुं कि सभि बिमारी अर कमजोरि तैं दूर करदी।
36
जब वेल भीड़ तैं देखि त वे तैं लुखुं पर तरस खै किलैकि उ, ऊं ढिबरों का जन छिनी जौं को कुई देखभाल कन वलो चरवाहा नि छो जु कि घबरैंया सी अर हरच्यां सी छा।
37
तब वेल अपड़ा चेलों बट्टी बोलि, जन कि पुंगड़ा मा बिजां फसल हूंदी इन भि लोग छिनी जु परमेश्वर का सन्देश तैं सुनणु कु तैयार छिन पर परमेश्वर का राज्य का बारा मा बातोण वला लोग कम छिन।
38
इलै फसल का स्वामि पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरा कि उ अपड़ा पुंगड़ा मा काम कनु कु मजदूर तैं भेजि द्यो।
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