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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Matthew 26
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
जब यीशु ल यु सभि बात बोलेलि छै त तब अपड़ा चेलों मा बुल्ण लगि गै
2
“तुम जंणदा छा कि द्वी दिन का बाद फसह कु त्यौहार च अर मि मनिख कु नौंनो सूली पर चड़ौंणु कु पकड़वाये जौलु।”
3
तब सब प्रधान याजक अर प्रजा का दाना-सयाणा कैफा नौं का महायाजक का चौका मा कठ्ठा हवेनि
4
अर आपस मा विचार कन लगि गैनी कि यीशु तैं धोखा से पकड़ी के मारि दींदां।
5
पर उ बुल्णा छा “त्योहार का बगत मा न कखि इन नि हो कि लुखुं मा हल्ला मचि जौं।”
6
जब यीशु बैतनिय्याह मा शमौन कोढ़ी का घौर मा छो जै तैं यीशु ल खूब कैरी छो।
7
तब एक जनन संगमरमर का भांडा मा कीमती इत्र लै के यीशु का संमणी ऐ अर जब यीशु खांणु कु बैठयूं छो त वीं ल उ इत्र यीशु का मुंड मा खणै दींनि।
8
यु देखि के वेका चेला खिंसे के बुल्ण लगि गैनी “यांको किलै सत्यानाश करे गै?
9
यु त अच्छा दाम मा बेचि के कंगालों मा बंटे सक्योंदु छो।”
10
यु जांणि के यीशु ल ऊंमा बोलि “ईं जनन तैं किलै सतांणा छा? वीं ल मि दगड़ी भलै कैरी।
11
गरीब त तुम दगड़ी सदनी रौदींनि पर मिल तुम दगड़ी सदनी नि रौंण।
12
वीं ल जु मेरा देह पर यु इत्र खणै यु वीं ल मेरा दफनौंणु कु कैरी।
13
मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि जख कखि भि शुभ सन्देश प्रचार करे जालो उख ये कामों को भि जिक्र होलो जु ईंल मि दगड़ी कैरी अर लोग ईं बात तैं याद रखला।”
14
तब यहूदा इस्करियोती ल जु बारह चेलों मा बट्टी एक छो प्रधान याजक मा जै के बोलि,
15
“जु मि वे तैं तुमारा हथ मा पकड़वै द्यो त मि तैं क्य दीला” ऊंल वे तैं तीस चाँदि का सिक्का तोली के दे दींनि।
16
अर उ वे ही बगत बट्टी वे तैं पकड़ाण को ठिक मौका खुज्योंण लगि गै।
17
अखमीरी रुठी का त्यौहार का पैला दिन चेला यीशु का संमणी ऐ के पुछण लगि गैनी “कि तु क्य चांदी की हम कख फसह कु भोज तैयार करयां की हम वे तैं खा सका।”
18
वेल बोलि, “शहर मा फलणा मनिख मा जै के बोला कि गुरु बुल्णु च मेरू बगत नजदीक च मि अपड़ा चेलों का दगड़ा फसह कु त्यौहार मणै साको।”
19
अर चेलों ल यीशु कि बात मांणि अर फसह कु भोज कि तैयारी कैरी।
20
जब रुमुक हवे त तब उ बारह चेलों का दगड़ा मा खांणु कु बैठी।
21
जब उ बैठी कै खांणु खांणा छा त यीशु ल ऊंमा बोलि, “मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि तुम मा बट्टी एक मि तैं पकड़वालो।”
22
ईं बात पर उ भौत दुखी हवेनि अर हरेक चेला वे मा पुछण लगि गैनी “क्य मि नि छौं कखि तु त नि?”
23
वेल जवाब दींनि “जैकु मि दगड़ा मेरा रुट्टि का कटोरा मा हथ डलयूं च उ ही मि तैं पकड़वालो।
24
मि मनिख कु नौंनो त जन वेका बारा मा जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च उ उन ही चलदो पर वे आदिम कु रूंण अर शोक कन च जैका द्वारा मि मनिख कु नौंनो जेंते मरणु कु पकड़वये जालो, वेको जन्म ये दुनिया मा नि हूंद त वे मनिख की स्थिति कु भलो हूंदू।”
25
तब वेका पकड़ौण वला यहूदा ल पूछि गुरु, “क्य मि नि छौं?” वेल बोलि तिल त अफी बोलेलि।
26
जब उ सभि खांणु खांणा छा त तब यीशु ल रुट्टि हथ मा लींनि अर आशीष मागि के तोड़ी अर चेलों तैं दे के बोलि, “ल्या खावा यु मेरी देह च।”
27
फिर वेल कटोरा हथ मा लींनि अर धन्यवाद कैरी अर ऊं तैं दे के बोलि, “तुम सब यु मा बट्टी प्यावा।”
28
किलैकि या प्राण कु मेरू ल्वे च जु भौतों का पापों का माफी की नई प्रतिज्ञा कु बुगाये जांदी।
29
मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि यांका बाद अंगूरों कु रस कभि नि प्यूलु जब तक कि परमेश्वर का राज्य मा नयो नि प्यों।
30
तब यीशु अर वेका चेला परमेश्वर की स्तुति करदींनि अर यरूशलेम शहर बट्टी निकिली के जैतून डाला का डांडा पर चलि गैनी।
31
तब यीशु ल ऊंमा बोलि, “तुम सभि आज की राती मेरा बारा मा अपड़ा विश्वास बट्टी भटकी जैला किलैकि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च मि बखरोला तैं मरुलु अर झुण्ड की ढिबरा तितर-बितर हवे जालि।”
32
जब मि मुर्दों बट्टी ज्यूँदो हवे जौलु त मिल तुम से पैली गलील जिला मा पौंछि जांण।
33
ईं बात पर पतरस ल यीशु कु बोलि, “जु सभि तेरु बानु ठोकर खौनु त खौनु पर मि कभि भि ठोकर नि खौलु।”
34
यीशु ल वेको बोलि, “मि त्वे मा सच बुल्णु छौं कि आज ही राती द्वी बार मैर का बंसण से पैली तिल तीन बार मि तैं पछ्यण बट्टी मुकरी जांण।”
35
पर पतरस ल अर भि जोर दे के बोलि, जु तेरा दगड़ा मि तैं मुरण भि पुड़लो तब भि मि त्वे तैं पछ्यण बट्टी इन्कार नि करुलु इन ही और सभि चेलों भि बोलि।
36
तब यीशु अपड़ा चेलों का दगड़ी गतसमनी नौं का बाग मा ऐ अर वेल अपड़ा चेलों कु बोलि, “इख बैठयां रावा जब तक मि उख जै के पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरो।”
37
अर यीशु पतरस अर जब्दी का नौंना याकूब अर यूहन्ना तैं अफ दगड़ी लीगि अर भौत दुखी अर व्याकुल हूंण लगि गै।
38
तब यीशु ल चेलों कु बोलि, “मेरू मन भौत उदास च इख तक कि मि लगदु मि मुरण वलो छौं तुम इख ठैरा अर बिज्यां रावा।”
39
फिर उ जरासी अगनैं बढ़ि अर भुयां भूमि मा पोड़ी कै पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन लगि गै कि, हे मेरा बुबा जु हवे सैकु त यु दुःख बट्टी बचो जु मि पर आंण वली च आप कु सब कुछ हवे सकदु च फिर भि बुबा तेरी ही इच्छा पूरी हो मेरी न।
40
फिर यीशु ल चेलों का संमणी ऐ के ऊं तैं सियूं देखि त पतरस कु बोलि, “क्य तुम मि दगड़ी एक पल भि बिज्यूं नि रै सैकी?”
41
बिज्यां रावा अर पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना करदी रावा कि तुम अजमैश मा नि पोड़ा आत्मा त तैयार च पर देह कमजोर च।
42
यीशु एक बार फिर से वापिस चलि गै अर उन ही पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरी, “हे मेरा बुबा जु यु मेरा पियां बगैर नि हटि सकदु त तेरी मनसा पूरी हो।”
43
फिर ऐ के चेलों तैं सियूं देखि किलैकि उ भौत थक गै छा अर वेका जगांण पर नि जांणि सकिनि।
44
ऊं तैं छोड़ी के उ फिर चलि गै अर उन ही फिर तिसरी बार पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कैरी।
45
फिर तिसरी बार ऐ के चेलों मा बोलि “अब सिय्यां रावा अर आराम कैरा देखा उ बगत ऐ गै अर मि मनिख कु नौंनो पापी लुखुं का हथ मा पौंछण वलो च।
46
उठा चला देखा मेरू पकड़वाण वलो नजीक ऐ गै।
47
उ इन बुल्णु ही छो कि यहूदा जु बारहों चेलों मा बट्टी एक छो ऐ अर वे दगड़ी प्रधान याजक, मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला अर दाना-सयाणों कि तरपां बट्टी भि जै गैनी अर उ भौत बड़ी भीड़ अर तलवार अर लाठा लै के ऐनी।
48
यहूदा यीशु का पकड़वाण मा मदद कनवळा कु ऊं तैं इन बतायूं छो कि जै तैं मि प्यार से भुकि पीलू उ ही च वे तैं पकड़ी दियां।”
49
यहूदा ऐ अर वेल यीशु का संमणी ऐ के बोलि, “गुरु प्रणाम” अर वेकी भौत भुकि पीनि।
50
यीशु ल वेमा बोलि, “हे दगड़िया जै काम कु तु ऐ छै वे तैं कैर” तब ऊंल नजदीक ऐ के यीशु पर हथ डलिनि अर वे तैं पकड़ी दींनि।
51
यीशु का दगड़ियों म बट्टी एक चेला ल हथ बड़ै के अपड़ी तलवार खींचि के महायाजक का सेवक कु कंदूड़ काटि दींनि।
52
तब यीशु ल वेमा बोलि, “अपड़ी तलवार तैं मियान मा रखि दे किलैकि जु तलवार चलौंदींनि उ सभि तलवार ल नष्ट करे जाला।”
53
क्य तु नि जंणदी कि मि अपड़ा बुबा बट्टी कैरी सकदु छौं अर उ बारह सिपै का झुंडों बट्टी भि जादा स्वर्गदूतों की पलटन तैं मि मा अभि भेजि दयालो।
54
पर परमेश्वर का वचन की उ बात पूरी कनके हवेलि जै मा इन लिख्युं च कि इन ही हूंण जरूरी च?
55
तुरंत यीशु ल भीड़ कु बोलि, “क्य तुम मि तैं डाकु समझी कै पकड़णु अयां छा जु लाठा अर तलवार लीकै अयां छा? मि हर दिन परमेश्वर बट्टी यरूशलेम शहर का मन्दिर मा बैठी के उपदेश दींणु रौंदु छो अर तब तुम ल मि तैं नि पकड़ी।”
56
पर यु इलै हवे कि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो का वचन कि बात पूरी हूंनु “तब सभि चेला वे तैं छोड़ी के भागि गैनी।”
57
तब जौ ल यीशु तैं पकड़ी छो उ यीशु तैं कैफा नौं का महायाजक का घौर मा ली गैनी सभि याजकों अर दाना-सयाणों अर उख मूसा की व्यवस्था तैं सिखांण वला कठ्ठा हवे गैनी।
58
पतरस दूर-दूर हवे कै यीशु का पिछनै महायाजक का चौक का भितर तक सैनिको का दगड़ा मा बैठी गै।
59
प्रधान याजक अर सैरी महासभा का अन्य सदस्य यीशु तैं खत्म कनु कु वेका खिलाफ गवाह खुज्याणा छा पर ऊं तैं गवाह नि मिलिनि किलैकि उख भौत सैरा वेका खिलाफ झूठी गव्है दींणा छा पर जु कुछ ऊंल बोलि उ अन्य गव्है एक जन नि छै तब कुछ लुखुं ल उठि के यीशु का खिलाफ या गव्है दींनि।
61
“हम ल यु तैं इन बुल्द सूंणि, मि यु परमेश्वर का मन्दिर तैं डोल दयुलु अर तीन दिनों मा हैंको बणै दयुलु, जु लुखुं का हथ ल नि बण्यूं होलो।”
62
तब महायाजक ल सभा का बीच मा खड़ो हवे कै यीशु तैं पूछि, “तु कुई जवाब नि दींणि छै यु लोग तेरा खिलाफ क्य बुल्णा छिन”
63
पर यीशु चुप रै तब महायाजक ल वेमा बोलि, “मि त्वे तैं ज्यून्दा परमेश्वर की सौं दींणु कि तु जु परमेश्वर कु नौंनो मसीह छै त हम तैं बतै दे।”
64
यीशु ल वेमा बोलि, “तिल अफी बोलेलि बल्कि मा मि तुम मा इन भि बुल्णु छौं कि अब बट्टी तुम मि मनिख कु नौंनो तैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर कि दैंणि तरपां बैठयूं अर आसमान बट्टी बादलों मा सामर्थ का दगड़ी औंण देखि ल्या।”
65
ईं बात पर महायाजक ल अपड़ा कपड़ा फड़िनि अर बोलि, अब हम तैं और गवाहों कि जरुरत नि च तुम ल परमेश्वर की या बुरै सूंणि च
66
तुम क्य समझदियां छा “लुखुं ल जवाब दींनि कि यु मृत्यु दण्ड का लैक च।”
67
तब ऊंल यीशु का मुक पर थूकि अर वे पर मुक्का मना अर कुछों ल थप्पड़ मारि के बोलि
68
भविष्यवाणि कैर “हे मसीह बतौ” कि कैल त्वे तैं मारि?
69
पतरस भैर चौका मा बैठय्युं छो कि इथग मा एक दासी वेका संमणी ऐ अर वीं ल बोलि, “तू भि यीशु गलीली का दगड़ा मा छै।”
70
वेल सभियूं का संमणी यु बोलि के मना कैरी “मि नि जंणदु कि तु क्य बुंनि छै।”
71
जब उ भैर दयाली मा गै त हैंकी दासी ल वे तैं देखि के ऊंमा जु उख छा बोलि, “यु भि त यीशु नासरत वला का दगड़ा मा छो।”
72
वेल सौं खै के फिर मना कैरी “कि मि वे मनिख तैं नि जंणदु।”
73
जरा देर बाद लुखुं ल जु उख खड़ा छा पतरस मा ऐ के बोलि, “सच मा तू भि ऊंमा बट्टी एक छै किलैकि तेरी बोलि-भाषा तेरु भेद प्रकट कनि च।”
74
तब उ मना कन लगि गै अर सौं सिरगत खांण लगि गै मि वे आदिम तैं नि जंणदु अर तुरंत मैर ल बांग दे दींनि।
75
तब पतरस तैं व बात ज्वा यीशु ल वेमा बोलि छै याद ऐ गै, “कि मैर का बसण से पैली तीन बार मेरा बारा मा तिल मुकरी जांण।” अर तब उ भैर जै के भकोर-भकोर के रूंण लगि गै।
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