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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 12
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
वे बगत हेरोदेस राजा ल विश्वासियों की मण्डलि मा बट्टी कई लुखुं तैं सतौंणु कु ऊं तैं बन्धी बणै दींनि।
2
ऊंल प्रेरितों मा बट्टी यूहन्ना का भैय याकूब तैं तलवार ल मरवै दींनि,
3
अर जब वेल देखि कि यहूदी यु देखि के खुश हूंदींनि, तब वेल पतरस तैं पकड़ी दींनि; वे दिन अखमीरी रुठी को त्यौहार छो।
4
अर हेरोदेस राजा ल पतरस तैं पकड़ी के जेल मा डाली दींनि, अर वेल चार-चार पहरेदारों तैं चार दल मा देख-रेख मा रख्युं छो, इलै की उ फसह का त्यौहार बाद ऊंको न्याय सभि लुखुं का संमणी कन वलो छो।
5
जेल मा पतरस तैं बन्द रखै गै, पर विश्वासी लुखुं की मण्डलि पतरस कु ध्यान लगै के पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कनी छै।
6
अर जब हेरोदेस राजा, पतरस तैं लुखुं का संमणी लांण वलो छो, वेका पैली रात पतरस जंजीरों बट्टी बंधयूं, अर द्वी सिपैयूं का बीच मा पुडयूं छो अर चौकीदार द्वार पर जेल की रखवली कना छा।
7
तब अचानक प्रभु को एक स्वर्गदूत पतरस का संमणी उख ऐ, अर वे कोठरी मा उज्यालो हवे गै; फिर स्वर्गदूत ल पतरस तैं निंद मा हिलै के उठै अर बोलि, “जल्दी उठ।” अर जन ही पतरस निंद बट्टी जागि, अर वेकी हथों की जंजीर खुली के धरती पर लमडी गै।
8
अर स्वर्गदूत ल पतरस बट्टी बोलि, “अपड़ो कमर बाँध के जुत्ता पैरी।” अर वेल उन ही कैरी, फिर स्वर्गदूत ल वे बट्टी बोलि, “अपड़ो कुर्ता पैरी के मेरा पिछनै हो ले।”
9
जब पतरस वेका पिछनै-पिछनै भैर निकली त, तब वे तैं समझ मा नि ऐ, कि जु कुछ स्वर्गदूत द्वारा किये जांणु छो यु सभि कुछ हकीकत च या सुपिन्यो।
10
जब उ पैली एक अर फिर दुसरा चौकीदार तैं पार कैरी के निकली के लूहा का बणयां द्वार तक पौंछि, जु कि नगर का तरपां छो, तब उ द्वार ऊंकु अफी खुली गै। अर उ निकली के एक गली का अंत तक पौंछिनी, अर तुरंत स्वर्गदूत पतरस तैं छोड़ी के चलि गै।
11
तब पतरस होश मा ऐ अर बोलि, “अब मि तैं विश्वास हवे गै कि पिता परमेश्वर ल अपड़ा स्वर्गदूत तैं भेजि के मि तैं हेरोदेस राजा का हथों छुड़ै दींनि, अर यहूदी अगुवों की उम्मीद तोड़ी दींनि।”
12
अर यु जांणि के कि पिता परमेश्वर ल वे तैं बचैयले, पतरस वे यूहन्ना का, जैको नौं मरकुस भि छो, की ब्वे मरियम का घौर भि ऐ, उख भौत सा विश्वासी कठ्ठा हवे कर प्रार्थना कना छा।
13
जब पतरस ल भैरो को द्वार खट-खटये, तब रूदे नौं की दासी ऐ।
14
अर पतरस की आवाज तैं पहचाणी के खुश हवे के बगैर द्वार खुल्यां भितर ऐ, अर सभियूं तैं बतांण लगि गै कि पतरस द्वार पर खड़ो च।
15
यु सूंणि के ऊंल वे बट्टी बोलि, “तू पागल छै नौंनि।” पर वीं ल और भि जोर दे के बोलि, “मि सच बुल्णु छो, उ पतरस ही च।” पर ऊंल वेकी बात पर विश्वास नि कैरी अर वे बट्टी बोलि, “उ पतरस को स्वर्गदूत होलो।”
16
यु बीच जब पतरस द्वार खट-खटाणु छो, तब ऊंल द्वार खोलि अर पतरस तैं देखि के हैरान हवे गैनी।
17
पर पतरस ल ऊं बट्टी इशारा कैरी के चुप रौंणु कु बोलि, अर बतै कि पिता परमेश्वर ल वे तैं जेल मा बट्टी कन के भैर निकाली। फिर वेल बोलि कि, “तुम याकूब अर विश्वासी भयों तैं खबर भेजि दियां कि मि जेल मा बट्टी भैर ऐ ग्यूं।” येका बाद पतरस उख बट्टी दुसरी जगा चलि गै।
18
सुबेर मा जब जेल का सिपै ल पतरस तैं जेलखना मा नि पै, तब वेमा हड़बड़ाट मचि गै कि पतरस कख गै?
19
तब हेरोदेस राजा ल पतरस तैं खुजांणु को आज्ञा दींनि अर वे तैं सभि जगह जांच कैरी पर नि पै। त वेल पैरादारों बट्टी सवाल जवाब कैरी अर जब उ वेको जवाब नि दे सकिनि तब वेल आज्ञा द्ये कि पैरादारों मरै जौनु; अर उ यहूदिया प्रान्त छोड़ी के कुछ बगत कैसरिया शहर मा बितै।
20
हेरोदेस राजा सूर अर सैदा का लुखुं बट्टी भौत नराज छो, इलै ऊं शहरों का लोग हेरोदेस राजा बट्टी मिलणु कु एक मन से वेमा ऐनी। सबसे पैली वेल बलास्तुस बट्टी मदद मांगी जु राजा को एक मुख्य अधिकारी छो। तब ऊंल हेरोदेस राजा बट्टी समझौता कनु कु बोलि किलैकि राजा का देश बट्टी ऊंका देश को पालन-पोषण हूंदो छो।
21
जै दिन हेरोदेस राजा ल ऊं शहर का लुखुं बट्टी मिलणै की योजना बणै, अर राजवस्त्र पैरी के अपड़ा न्याय आसण पर बैठी के भाषण दींण लगि गै।
22
वेकी बात सूंणि के उख का लोग जोर-जोर से चिलांणा रैनी, “यु कुई आदिम नि च, पर दिबता की आवाज च।”
23
वे ही बगत पिता परमेश्वर का एक स्वर्गदूत ल वे तैं घायल कैरी, किलैकि वेल पिता परमेश्वर की महिमा नि कैरी; वेकी देह मा कीड़ा पुड़ीनि अर उ मोरि गैनी।
24
पर पिता परमेश्वर को वचन बढ़णु अर और भि जादा फैलण लगि गै, अर विश्वासियों की ताकत बढण लगि गै।
25
यहूदिया प्रदेश मा यहूदी विश्वासियों की मदद कनु कु पैसा दींण का बाद, बरनबास अर शाऊल यरूशलेम शहर बट्टी अन्ताकिया शहर कु लौटि ऐनी, अर यूहन्ना जैको नौं मरकुस भि छो ऊं दगड़ी छो।
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