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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 15
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
फिर कथग ही मनिख यहूदिया प्रान्त बट्टी ऐ के विश्वासी भैय-बंधों तैं सिखांण लगि गैनी कि जु मूसा की व्यवस्था बट्टी तुम्हरा खतना नि होलो त तुम्हरो उद्धार अर बचाव नि हवे सकदो।
2
जब पौलुस अर बरनबास को ऊंका दगड़ा मा भौत झगड़ा अर बैहस हवे त तब ठैरे गै की पौलुस अर बरनबास अर अन्ताकिया का कुछ विश्वासी यरूशलेम शहर जां अर प्रेरितों अर पुरणा अगुवों का दगड़ी बातचित कैरा।
3
मण्डलि का लुखुं ल ऊं तैं यात्रा कु पैसा अर खांणु दगड़ा मा दींनि। जबकि पौलुस, बरनबास अर विश्वासियों ल फीनीके प्रदेश अर सामरिया प्रान्त बट्टी हवे के यात्रा कैरी, ऊंल विश्वासियों तैं बतै कि कन कै हैंका जगह का अन्यजाति ल सुसमाचार सूंणि के मसीह पर विश्वासी कैरी अर यां बट्टी सभि विश्वासी भयों तैं भौत आनन्दित कैरी।
4
जब यरूशलेम शहर मा पौंछिनी त मण्डलि अर प्रेरित अर पुरणा अगुवों ल ऊं तैं खुशी से मिलणै अर पौलुस अर बरनबास ल बतै की पिता परमेश्वर ल ऊं दगड़ी रै के कन-कन काम कैरी छा।
5
पर फरीसियों का रस्ता मा बट्टी जौं ल भि विश्वास कैरी छो ऊं बट्टी कथगों ल उठि के बोलि कि अन्यजातियों कु खतना कनै की अर मूसा की व्यवस्था मनणै आज्ञा दींण चयणी च।
6
तब प्रेरित अर पुरणा अगुवों ल ईं बात का बारा मा विचार कनु कु कट्ठा हवीनि।
7
तब पतरस ल भौत बातचित का बाद खड़ो हवे के ऊंमा बोलि हे विश्वासी भयों, तुम जंणदा छा की भौत बगत हवेनि की परमेश्वर ल तुम्हरा बीच बट्टी मेरू चुनाव कैरी की मेरा द्वारा अन्यजातियों का लोग शुभ सन्देश को वचन सुणै के विश्वास कैरा।
8
अर मन तैं जंचण वला परमेश्वर ल ऊं तैं भि हमारी तरौं पवित्र आत्मा दे के ऊंकी गव्है दींनि।
9
अर विश्वास का द्वारा परमेश्वर ऊंका मन शुद्ध कैरी के हम मा अर ऊंमा कुछ भेद नि रखि।
10
त फिर, अब तुम किलै परमेश्वर तैं गुस्सा दिलांण छा अर अन्यजाति विश्वासी चेला लुखुं तैं मूसा की व्यवस्था को पालन कनु को भार डलणा छा। जैको पालन हम अर हमारा पूर्वज भि नि कैर सकिनि।
11
इन कन ठिक नि च, हमारो यु निश्चय च कि जीं रीति बट्टी उ प्रभु यीशु की दया बट्टी उद्धार पाला अर बचला; वीं रीति बट्टी हम भि पौला; न की मूसा की व्यवस्था कु पालन कैरी के।
12
तब सैरी सभा सन्ट हवे के बरनबास अर पौलुस की बात सुणन लगि गै की परमेश्वर ल ऊंका द्वारा अन्यजातियों मा कन-कन बड़ा चिन्ह, अर चमत्कार का काम दिखैनी।
13
जब ऊंल बुल्ण बंद कैरी, त याकूब बुल्ण लगि गै, हे विश्वासी भयों, मेरी सूंणा।
14
शमौन पतरस ल समझै, कि परमेश्वर ल पैली-पल अन्यजातियों पर कन दया की नजर कैरी, अर ऊंमा बट्टी अपड़ा लोग हूंणु कु चुणि।
15
अन्यजातियों कु यु बदलौ ऊं बात बट्टी सहमत हुंदा जैका बारा मा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो ल परमेश्वर का वचन मा भौत पैली लिख्युं छों,
16
जै मा परमेश्वर ल बोलि, मि फिर ऐ के राजा दाऊद का राज्य जु वेका दुश्मनो का द्वारा नाश किये गै वे डेरा तैं फिर बंणौलु, अर वेका खन्द्वार तैं फिर बणौलु अर वे तैं खड़ो करुलु।
17
इलै सभि अन्य-जातियों का लोग, जौं तैं मिल अपड़ा लोग हूंण कु बुल्यां छा प्रभु तैं खुज्यां
18
यु प्रभु बुल्द जु दुनिया की शुरुवात बट्टी यूं प्रकट करदी ऐ।
19
इलै की मेरू विचार इन च की अन्य-जातियों मा बट्टी जु लोग परमेश्वर का नजदीक औंदो ऊं तैं दबाव दे के की ऊं तैं सैरी यहूदी व्यवस्था अर रिवाजों कु पालन कन च, हम ऊं तैं दुःख नि द्या।
20
पर हम ऊं तैं एक चिठ्ठी लिखीं कै भेजा, कि उ वे मांस तैं नि खये जै तैं लुखुं ल मूर्तियों तैं चढ़ायूं च अर व्यभिचार अर गौलो घोंटी कै मर्यां जानवरों कु मांस नि खयां अर जानवरों को ल्वे नि खयां।
21
किलैकि मूसा की ईं व्यवस्था को प्रचार कन वला लोग पुरणा बगत बट्टी शहर-शहर मा पये जंदींनि अर उ हर यहूदियों को विश्राम को दिन यहूदियों का मिलणा का भवन मा पढ़ै जांदी छै।
22
तब यरूशलेम शहर मा सैरी मण्डलि सहित प्रेरितों अर पुरणा अगुवों तैं अच्छो लगि कि अफ मा बट्टी कुछ विश्वासी लुखुं तैं चुणि मतलब यहूदा, जु बरसब्बास बुलै जांद, अर सिलास तैं जु विश्वासियों का बीच भौत जादा सम्मानित छो; अर ऊंल पौलुस अर बरनबास का दगड़ी अन्ताकिया शहर मा कलीसिया मा भेजि।
23
अर ऊंल यु चिठ्ठी तैं वेका दगड़ी भेजि “अन्ताकिया शहर, सीरिया अर किलिकिया प्रान्तों मा अन्यजाति विश्वासी भयों कु कि प्रेरितों अर पुरणा अगुवा भयों की तरपां बट्टी प्रणाम!
24
हम ल सूंणि की हम मा बट्टी कुछ लुखुं ल तुम मा ऐ के अर तुम तैं अपड़ी बातों ल घबरै दींनि अर तुम्हरा मन तैं बेचैन कैर दींनि पर हम ल ऊं तैं आज्ञा नि दे छै।
25
इलै हम ल एक मन हवे के ठिक समझी कि हम ल कुछ मनिख्युं तैं चुणि के निर्णय कैरी कि अपड़ा प्रिय भैय बरनबास अर पौलुस का दगड़ी तुम मा भेजि।
26
यु त इन मनिख छिनी जौन अपड़ा प्राण हमारा प्रभु यीशु मसीह का नौं का खतरा मा डलिनि।
27
अर हम ल यहूदा अर सिलास तैं भेजेले जु तुम तैं व्यक्तिगत रूप ल यूं बातों तैं बतै द्याला।
28
पवित्र आत्मा तैं अर हम तैं यु ठिक लगणु च कि यूं खास बातों तैं छोड़ी के तुम पर जादा बोझ नि डाला।
29
कि तुम वे मांस तैं नि खये जै तैं लुखुं ल मूर्तियों तैं बलिदान चढ़ायूं च अर ल्वे बट्टी अर गोला घुटयां वलो का मांस बट्टी अर व्यभिचार बट्टी दूर रावा। यूं बट्टी दूर रावा त तुम्हरो भलो होलो अगनैं बधै। ”
30
फिर ऊं चार आदिम विदा हवे के अन्ताकिया शहर मा पौंछिनी अर भीड़ तैं कट्ठा कैरी के व चिठ्ठी ऊं तैं दे दींनि।
31
अर उ पढ़ी के वे उपदेश कि बात बट्टी भौत आनन्द मगन हवेनि।
32
अर यहूदा अर सिलास ल जु अफ भि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्दो छो भौत बातों ल विश्वासी भयों तैं उपदेश दे के मजबूत कैरी।
33
यहूदा अर सिलास कुछ बगत रै के विश्वासी भयों बट्टी शान्ति का दगड़ी आशीर्वाद दे के विदा हवीनि कि अपड़ा भिजण वलो मा वापिस जां।
34
पर सिलास ल अन्ताकिया शहर मा रौंण कु फैसला कैरी, इलै यहूदा यखुली ही यरूशलेम शहर कु वापिस चलि गै।
35
अर पौलुस अर बरनबास अन्ताकिया मा रुकि गैनी अर भौत लुखुं दगड़ी प्रभु यीशु का वचन की शिक्षा करदी अर शुभ सन्देश प्रचार सुणौंदी रैनी।
36
कुछ बगत बाद पौलुस ल बरनबास मा बोलि कि “जूं-जूं शहरों मा हम ल प्रभु को वचन सुणै छो आवा फिर उख जै के अपड़ा विश्वासी भयों तैं दिखा की उ कन छिन।”
37
तब बरनबास ल यूहन्ना तैं जु मरकुस भि बुलै जांदु छो दगड़ा मा लिजांणु विचार कैरी।
38
पर पौलुस ल वें तैं अफ दगड़ी लिजांण ठिक नि समझी, किलैकि बरनबास ल ऊं तैं पंफूलिया प्रदेश मा छोडे़ले छो अर ऊंका काम मा ऊंको दगड़ी नि दींनि।
39
ऊंका बीच इथग बड़ो घपरौल हवे कि पौलुस अर बरनबास एक दुसरा बट्टी अलग हवे गै; अर बरनबास, मरकुस तैं ले के जहाज मा साइप्रस द्वीप कु चलि गै।
40
पर पौलुस ल सिलास तैं छांटी अर विश्वासी भयों का द्वारा परमेश्वर की कृपा मा सौंपी के अन्ताकिया शहर बट्टी चलि गै।
41
फिर उ पूरा सीरिया अर किलिकिया प्रान्तों मा गै अर मण्डलि का विश्वासियों तैं प्रोत्साहित करदी गै।
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