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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 18
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यांका बाद पौलुस एथेंस शहर तैं छोड़ी के कुरिन्थुस शहर मा ऐ।
2
उख वे तैं अक्विला नौं को एक यहूदी आदिम मिली जैको जन्म पुन्तुस प्रान्त मा हवे छो; उ अपड़ी घरवलि प्रिस्किल्ला का दगड़ी हाल ही मा इटली देश बट्टी ऐ छो, किलैकि सम्राट क्लौदियुस ल सभि यहूदियों तैं रोम शहर बट्टी निकली जंणै की आज्ञा दे छै, वे कानून का कारण, उ कुरिन्थुस शहर मा ऐनी।
3
पौलुस ऊं बट्टी मिलणै गै उ वे जन ही तम्बु बनांण वला छा पौलुस ल वेका दगड़ी रै के काम कैरी; इलै उ ऊंका दगड़ा मा रै।
4
अर पौलुस हरेक यहूदियों को विश्राम को दिन यहूदियों का मिलणा का भवन मा वाद-विवाद कैरी के यहूदियों अर अन्यजाति (यूनानियों) तैं भि यीशु मसीह पर विश्वास कनु कु समझांदु छो।
5
जब सिलास अर तीमुथियुस मकिदुनिया प्रान्त बट्टी एनि, तब वेल तम्बू बनांण बंद कैरी दींनि अर अपड़ो सैरो बगत परमेश्वर का वचन सुनांण मा लगै दींनि। अर पौलुस यहूदियों तैं गव्है दींद छो कि यीशु ही मसीह च।
6
पर जब यहूदी विरोध अर पौलुस का बेजती कन लगि गैनी, त वेल अपड़ा कपड़ा बट्टी धूल झाड़ि कै वेमा बोलि, “तुम खुद ही वे ल्वे का कारण दण्ड कु जिम्मेदार छा, जु तुम्हरो परमेश्वर की तरपां बट्टी मिलालो मि भंगारी नि छों। अब बट्टी मि अन्यजातियों मा जौलु अर अन्यजातियों का बीच परमेश्वर कु संदेश कु प्रचार करुलु।
7
अर यहूदियों का मिलणा का भवन मा बट्टी चलि के उ तीतुस यूस्तुस नौं का एक अन्यजाति भक्त जु पिता परमेश्वर की आराधना करदु छो अर अन्यजातियों तैं सिखांण कु अयुं छो, जै कु घौर यहूदियों का मिलणा का भवन का बाद छों।”
8
तब यहूदियों का मिलणा का भवन को सरदार क्रिस्पुस ल अपड़ी सैरी कुटुम्दारी समेत प्रभु पर विश्वास कैरी; अर भौत सैरा कुरिन्थ शहर मा रांण वला सूंणि कै विश्वास कन लगि गैनी अर तब ऊंल बपतिस्मा लींनि।
9
अर प्रभु ल राती दर्शन का द्वारा पौलुस बट्टी बोलि, “डैर न, बुल्दी रौ चुप नि रौ;
10
किलैकि मि तेरु दगड़ा मा छौं, अर भि त्वे पर हमला कैरी के तेरु नुकसान नि करलो; किलैकि यु शहर मा भौत लोग छिनी जु मेरा चेला बंणला।”
11
इलै पौलुस वे शहर मा रै के डेढ़ बरस तक परमेश्वर को वचन सिखांदी रै।
12
जब गल्लियों जु अखाया प्रान्त को राज्यपाल छो, त यहूदी लोग कट्ठा हवे के पौलुस पर हावि हवे गैनी, अर वे तैं राज्यपाल का न्याय आसण का संमणी लै के ऐनी।
13
ऊंल बोलि, “यु लुखुं तैं समझांणु च कि पिता परमेश्वर की आराधना इन रीति से कैरा, ज्वा व्यवस्था का अनुसार नि च।”
14
जब पौलुस बुल्ण वलो छो, त गल्लियों ल यहूदियों कु बोलि, “हे यहूदियों, जु यु कुछ अन्यो या बुरै कि बात हूंदी त ठिक छो कि मि तुम्हरी सुणदु।
15
पर जब यु बैहस शब्दों, नौं अर तुम्हरी अपड़ी व्यवस्था का बारा मा च त तुम ही समझा किलैकि मि यूं बातों को न्यायी नि बनांण चांणु छौं।”
16
अर गल्लियों ल आज्ञा दींनि की उ ऊं तैं न्याय आसण का संमणी बट्टी निकल्वै दींनि।
17
तब सभि लुखुं ल यहूदियों का मिलणा का भवन का सरदार सोस्थिनेस तैं पकड़ी के अर वे तैं न्याय आसण का संमणी मारि। पर गल्लियों ल यूं बातों कि कुई भि चिन्ता नि कैरी।
18
यांका बाद पौलुस कुछ बगत तक कुरिन्थुस शहर मा रै, फिर वे विश्वासी भयों बट्टी विदा हवे के नजदीक का किंख्रिया शहर मा चलि गै। उख जै के पौलुस ल यहूदी रीति का अनुसार अपड़ा मुंडन कैरे दींनि, ईं रीति का अनुसार वेल अपड़ी सौं पूरी कैरी। फिर जहाज मा बैठी के सीरिया प्रदेश चलि गै अर प्रिस्किल्ला अर अक्विला तैं अफ दगड़ी ली गै।
19
वेल इफिसुस शहर पौंछि के प्रिस्किल्ला अर अक्विला तैं उख छोड़ी। अर इफिसुस शहर तैं छुड़ण से पैली उ यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के यहूदी लुखुं दगड़ी बातचित कन लगि गै।
20
जब लुखुं ल वे बट्टी पूछि कि, “कुछ दिन और हम दगड़ी रौ” पर वेल नि मांणी।
21
पर इन बोलि के ऊं बट्टी विदा हवे “कि जु परमेश्वर चालो त मि तुम मा फिर से औलु।” तब इफिसुस शहर बट्टी जहाज खोलि के चलि गै;
22
अर कैसरिया शहर मा उतरी के यरूशलेम कु गै अर उख मण्डलियों को दौरा कैरी अर अन्ताकिया नगर मा ऐ।
23
फिर कुछ दिनों तक अन्ताकिया नगर रै के उख बट्टी भि निकली गै अर नगर-नगर यात्रा कैरी के गलातिया प्रदेश अर फ्रूगिया प्रदेश मा सभि चेलों तैं हिम्मत बढ़ौदी गै।
24
अपुल्लोस नौं को एक यहूदी जैको जन्म सिकन्दरिया शहर मा हवे छो, जु जांणकार आदिम छो अर परमेश्वर का वचन तैं अच्छी तरौं से जंणदो छो उ इफिसुस शहर मा ऐ।
25
वेल परमेश्वर का रस्ता पर चलणै की शिक्षा पै छै अर मन लगै के उ यीशु का बारा मा ठिक-ठिक सुणांद अर सिखांदु छो, पर उ भस यूहन्ना का बपतिस्मा का बारा मा ही जंणदो छो।
26
उ यहूदियों का मिलणा का भवन मा निडर हवे के बुल्ण लगि गै, पर प्रिस्किल्ला अर अक्विला वेकी बात सूंणि कै वे तैं अपड़ा इख ली गैनी अर परमेश्वर को रस्ता वे तैं ठिक ढंग से बतै।
27
जब वेल ठांणी दींनि कि पल्या छाला उतरी के अखाया प्रान्त जौं त विश्वासी भयों ल वे तैं जांण कु प्रोत्साहित कैरी चेलों कु लिखीं कि उ वे तैं अच्छी तरौं से मिलुनु, अर वेल उख पौंछि के ऊं लुखुं कि भौत मदद कैरी जौनु पिता परमेश्वर की दया मिलण से विश्वास कैरी छो।
28
अपुल्लोस ल अपड़ी शक्ति अर कौशल का दगड़ी यहूदियों तैं साजा रूप बट्टी खंड़ित कैरी के, परमेश्वर का वचन बट्टी प्रमाण दे के कि यीशु ही मसीह च।
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