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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 19
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
जब अपुल्लोस कुरिन्थुस शहर मा छो, त पौलुस दूर का प्रदेशों बट्टी हवे के इफिसुस शहर मा ऐ। अर उख वे तैं कुछ चेला उख मिलिनि।
2
ऊंकु बोलि, “क्य तुम ल विश्वास करदी बगत पवित्र आत्मा पै” ऊंल वेमा बोलि, “हम ल त पवित्र आत्मा का बारा तक नि सूंणि।”
3
पौलुस ल ऊंमा बोलि, “त फिर तुम ल कन कै बपतिस्मा लींनि?” ऊंल बोलि, “हम ल उ ही बपतिस्मा लींनि जु यूहन्ना दींदो छो।”
4
पौलुस ल बोलि, “यूहन्ना ल ऊं लुखुं तैं बपतिस्मा द्ये जैल पाप कन बंद कैर द्ये अर परमेश्वर की तरपां मुड़ी गैनी, पर वेल इस्राएल का लुखुं बट्टी बोलि, कि ऊं यीशु पर विश्वास कैरा जु वेका बाद आलो।”
5
इन सूंणि के ऊंल प्रभु यीशु का नौं मा बपतिस्मा लींनि।
6
जब पौलुस ल ऊं पर हथ रखि त पवित्र आत्मा ऊं पर ऐ गै अर उ बनि-बनि भाषा बुल्ण लगि गैनी अर भविष्यवाणी कन लगि गैनी।
7
यु सभि लगभग बारह आदिम छा।
8
अर तब पौलुस यहूदियों का मिलणा का भवन मा जै के तीन महीना तक निडर हवे के बुल्दी रै अर परमेश्वर का राज्य का बारा मा बातचित कनु रै अर यकीन दिलौंण की कोशिश कनु रै।
9
पर जब कुछ लुखुं ल ढीट हवे के वेको विश्वास कन से मना कैरी द्ये बल्कि लुखुं का संमणी प्रभु का रस्ता की शिक्षा तैं बुरो बुल्ण लगि गैनी, त वेल ऊं तैं छोड़ी दींनि अर चेलों तैं अफ दगड़ी ली गै। अर रोज उ विश्वासियों का दगड़ी तुरत्रुस कि पाठशाला मा विचार-विमर्श करदु छो।
10
द्वी बरसों तक इन ही हूंणु रै इलै इख तक कि एशिया प्रदेश का रांण वला चै उ यहूदी छा, चै अन्यजाति (यूनानियों) का छा सभियूं ल प्रभु कु वचन सूंणि।
11
परमेश्वर पौलुस का द्वारा सामर्थ का भौत बड़ा-बड़ा चमत्कार का काम दिखांदु छो।
12
इख तक कि रुमाल अर सांफा वेकी देह पर छवे के बीमारों पर डलदा छा, अर लोग अपड़ी बिमारियों बट्टी खूब हवे जांदा छा; अर दुष्टात्माएँ वेमा बट्टी निकली जांदी छै।
13
पर कुछ यहूदी मनिख जु दुष्टात्माएँ तैं भैर निकळदा छा, इन कन लगि गैनी कि जौं मा दुष्टात्मा हो ऊं पर प्रभु यीशु कु नौं बुल्ण लगि गैनी, “यीशु का नौं मा, जैको प्रचार पौलुस करदु, मि तुम तैं भैर आंणै की आज्ञा दींदो छों।”
14
स्क्किवा नौं का एक यहूदी जु प्रधान याजक कु मुखिया छो वेका सात नौंना भि इन ही कना छा।
15
पर दुष्टात्मा ल ऊं तैं जवाब दे, “यीशु तैं मि जंणदी छौं, अर पौलुस तैं भि मि जंणदी छौं पर तुम कु छा?”
16
अर वे मनिख ल जै पर दुष्टात्मा लगि छै ऊं पर झपटी कै, अर ऊं तैं अपड़ा वश मा कैरी के, ऊं पर इन हमला कैरी, कि उ नंगी अर घायल हवे के वे घौर बट्टी निकली भगिनि।
17
अर ई बात इफिसुस शहर का रांण वला सभि यहूदी अर अन्यजाति (यूनानियों) भि जांणि गैनी अर ऊं सभियूं पर डौर छै गै अर यीशु का नौं की बढ़ै कैरी।
18
जौं ल विश्वास कैरी छो ऊंल ऊंमा बट्टी भौत लुखुं ल ऐ के खुलाआम अपड़ा बुरा कामों तैं मांणी लींनि।
19
जादु-टोणा कन वलो मा बट्टी भौतों ल अपड़ी-अपड़ी पोथि कट्ठा करिनि अर सभियूं का संमणी फूंकी दींनि। अर जब ऊं पोथि कु मोल जुड़ै गै, त तब उ पच्चास हजार चांदी का सिक्कों का बराबर निकली।
20
इन कै प्रभु को वचन दूर-दूर तक फैलणु रै अर वेको एक सामर्थ को प्रभाव छो।
21
जब यु बात हवे गैनी त पौलुस ल मकिदुनिया प्रान्त अर अखाया प्रान्त का विश्वासियों बट्टी मिलणा का बाद यरूशलेम शहर जांणो को फैसला कैरी। अर बोलि, “मि तैं यरूशलेम जांणा का बाद रोम शहर जांण भि जरुरी च।”
22
इलै अपड़ी सेवा कन वलो मा बट्टी तीमुथियुस अर इरास्तुस तैं मकिदुनिया प्रान्त ऊंल अपड़ा अगनैं भेजि द्ये अर अफ कुछ बगत एशिया प्रान्त का इफिसुस नगर मा ही रै गै।
23
वे बगत प्रभु का रस्ता की शिक्षा का बारा मा भौत घपरौल हवे।
24
उख एक सुनार छो जैको नौं दिमेत्रियुस छो उ एक यूनानी देवी अरतिमिस का मन्दिर को चांदी का जन ढांचा बणांदु छो। उ यु तैं बंणवै कै अर बेचि कै भौत लाभ कमौदो छो।
25
दिमेत्रियुस ल अपड़ा कारीगरों तैं बुलै अर इन चीजों कु कारीगरों तैं कट्ठा कैरी के बोलि, “हे भयों तुम जंणदा छा की यु काम ल हम तैं कथग रुप्या मिलदींनि।
26
तुम देखदां अर सुणदा छा की भस इफिसुस शहर ही मा न, पर एशिया प्रान्त का सभि गौ मा यु बोलि-बोलि के यु पौलुस ल भौत लुखुं तैं समझै अर भरमै भि च की जु हथों की कारीगरी छिन उ ईश्वर नि छिनी।
27
इलै अब भस ईं बात कि डौर नि च की हमारो यु काम खत्म हवे जालो बल्कि महान देवी अरतिमिस को मन्दिर सुद्दी मणै जालो अर जै तैं सैरो एशिया प्रान्त मा अर दुनिया भर मा आराधना करदा छा वेको महत्व भि जांदु रालो।”
28
सभि कारीगर इन सूंणि के गुस्सा से भारी गैनी अर चिल्लै चिलै कि बुल्ण लगि गैनी इफिसुस वासियों कि अरतिमिस देवी महान च।
29
शहर का दुसरा और लुखुं ल चिल्लांण की आवाज तैं सूंणि अर जै के भीड़ मा मिली गै अर शहर मा घपरौल मचि गै। अर लुखुं ल गयुस अर अरिस्तर्खुस, मकिदुनिया प्रान्त का रौंण वलो तैं जु पौलुस का दगड़िया छा ऊं तैं पकड़ी दींनि अर एक दगड़ी रंगशाला मा दौड़ि गैनी।
30
जब पौलुस भि रंगशाला मा भितर जै कै लुखुं बट्टी बात कन चांणु छो त दुसरा चेलों ल वे तैं जांण नि दींनि।
31
इख तक की आसिया प्रदेश का कुछ अधिकारियों ल भि जु पौलुस का दगड़िया छा ऊंल भि बोलि, अर बिनती कैरी, “कि रंगशाला का भितर जै कै अपड़ी जान तैं खतरा मा नि डलण चयणु च।”
32
रंगशाला का भितर, सभि लोग चिल्लांणा छा, कि कुई एक चीज अर कुई कुछ और। सभि कुछ गड़बड़ छा, अर भौत लोग त इन जंणदा भि नि छा कि उ किलै कट्ठा हुयां छा।
33
भीड़ मा बट्टी कुछ यहूदियों ल सिकन्दर तैं भीड़ का संमणी धकै द्ये अर चिलै आज्ञा दींण लगि गैनी, अर सिकन्दर ल हथ बट्टी चुप रौंण कु सनकै के लुखुं का संमणी समझणु कु यत्न कैरी की यु क्य हूंणु च।
34
पर जब ऊंल जांणेले छो, कि यहूदी लोग (मसीही लुखुं का जन मूर्तिपूजा नि करदा छा) त सभि का सभि एक आवाज मा लगभग द्वी घण्टा तक चिलांणा रैनी कि इफिसुस वासियों कि अरतिमिस देवी की जय हो।
35
तब नगर का अध्यक्ष ल लुखुं तैं चुप कैरी के बोलि, “हे इफिसुस वासियों, दुनिया का सभि लोग जंणदु च कु कि इफिसुस शहर की महान देवी अरतिमिस का मन्दिर की लोग देखभाल कना छिनी अर व स्वर्ग बट्टी गिरी छै।
36
इलै जब यूं बातों को विरोध भि नि हवे सकदो त ठिक च कि तुम चुप रा अर बगैर सुचयां समझयां कुछ नि कैरा।
37
किलैकि तुम यूं मनिख्युं तैं ले के अयां छा जु न मन्दिर तैं लुटण वला छिनी अर न हमारी देवी की बुरै कन वला छिनी।
38
जु दिमेत्रियुस अर वेका दगड़िया कारीगरों तैं कै बट्टी झगड़ा हो त उ कचहरी मा जै सकदु च, ऊंको मुकदमा कु न्याय कनु कु लोग; ऊख मा एक दुसरा पर भंगार लगै सकदा छिनी।
39
पर जु तुम कै दुसरी बात का बारा मा पुछणां छा त पंचयती मा फैसला करे जालो।
40
मि तैं डौर च कि हम रोमी सरकार द्वारा हंगामा शुरू कना का भंगार लगै जांणा का खतरा मा छा। यांको कुई कारण नि च, त हम ईं भीड़ का कठ्ठा हूंणो को कुई जवाब नि द्ये सकलो।”
41
अर इन बोलि कि वेल सभा तैं विदा कैरी दींनि।
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