bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Acts 2
Acts 2
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 3 →
1
यहूदियों का पिन्तेकुस्त का त्यौहार का दिन, त सभि चेला एक जगह मा कट्ठा हुयां छा।
2
अर अचानक स्वर्ग बट्टी बड़ा औडल-पौडल जन स्वींस्याट की सी आवाज हवे अर वीं आवाज ल सैरो घौर जख उ कट्ठा हुयां छा गूंजी गै।
3
तब ऊँका समणी इन ज्वाला प्रकट हवे जैको आकार जीभ का जन छो, जु अलग हवे के ऊंमा बट्टी हरेक आदिम पर ए के ठैरदी गै।
4
उ सभि पवित्र आत्मा से भुरे गैनी अर पवित्र आत्मा ल ऊं तैं योग्यता दींनि वेका अनुसार उ बनि-बनि भाषा बुल्ण लगि गैनी।
5
वे बगत आसमान का मूड़ी रौंण वला हर अन्य-जाति को जु पिता परमेश्वर का भय मनणवला कई यहूदी छा जु कि दुनिया का हरेक देश बट्टी त्यौहार मनांण कु अयां छा अर यरूशलेम शहर मा रौंणा छा।
6
जब आवाज हवे त भौत बड़ी भीड़ लगि गै अर लोग हकदक रै गैनी किलैकि हरेक अपड़ी-अपड़ी भाषा मा शिष्यों तैं बुल्द सुणै द्ये।
7
उ लोग बड़ा हकदक हवे के बुल्ण लगि गैनी “देखा यु जु बुल्णा छिनी क्य यु सभि लोग गलील मा रौंण वला नि छिन?
8
त यु क्य हूंणु च, जु हम मा बट्टी हरेक यूं तैं अपड़ी-अपड़ी मातृभाषा मा बात करद सुनणु च?
9
हम मा बट्टी कुछ लोग पारथी क्षेत्र बट्टी छिनी कुछ मादी, एलामी अर मेसोपोटामिया, यहूदिया प्रान्त, कप्प्दूकिया, पुन्तुस, एशिया,
10
अर पंफूलिया प्रदेश, फ्रूगिया प्रदेश अर मिस्र देश कुरेन शहर का नजीक लीबिया देश का कुछ हिस्सा, यूं सभि देशों का यहूदियों ल अर रौंण वला अर रोम शहर मा दिखण वला अन्यजाति,
11
जौनु यहूदी धर्म अपणैयले छो क्रेते अर अरब मुल्क का निवासी हम सभि अपड़ी-अपड़ी भाषा मा यूं बट्टी पिता परमेश्वर का बड़ा चमत्कार का कामों की चर्चा सुंणदां।”
12
अर उ सभि समझी नि सकिनि हकदक हवे के एक हैंका बट्टी बुल्ण लगि गैनी कि “यु क्य हूंणु च”
13
पर हौरु ल ऊं की मजाक बणै के बोलि, “यु त दाखमधु का नशा मा छिन।”
14
पर तब पतरस ऊं ग्यारह प्रेरितों दगड़ी खड़ो हवे अर ऊंची आवाज मा ऊंकु बुल्ण लगि गै, “हे यहूदी भयों अर हे यरूशलेम शहर वासियों तुम मेरी बातों तैं सूंणा।
15
तुम मा बट्टी कुछ लोग इन सुचणा छिनी कि हम लोग नशा मा छा पर हम नि छा किलैकि अभि त सुबेर का नौं बजि च।”
16
जु हम दगड़ी हवे छो यु वे बात की पूर्ति च जु योएल परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला का द्वारा पिता परमेश्वर का वचन मा बुलै गै छो
17
परमेश्वर इन बुल्दो कि “आखिर दिनों मा इन होलो कि मि अपड़ी आत्मा सभि मनिख्युं तैं दयुलु तुम्हरा नौंना अर तुम्हरी नौंनि परमेश्वर की तरपां बट्टी बुलला अर तुम्हरा जवान दर्शन दिखला अर तुम्हरा दाना सयाणा मनिख सुपन्या दिखला
18
ऊं दिनों मा, मि अपड़ा दास, अर दासियों तैं अपड़ा आत्मा दयुलु अर ऊं परमेश्वर का तरपां बट्टी बुलला।
19
मि मथि आसमान मा सैरी शक्ति अर मुड़ी धरती पर चिन्ह दिखौलु यानि ल्वे, आग, अर धुंआ का बादल।
20
प्रभु कु दिन औंण से पैली सूरज अंधेरो हवे जालो अर जून ल्वे का जन हवे जालो। ऊं दिन महान अर तेजस्वी दिन होलो
21
अर जु कुई प्रभु को नौं ल्यालु उ बचै जालो।”
22
“हे इस्राएलियों यु बातों तैं कि नासरत वासी यीशु एक मनिख छो जु परमेश्वर की तरपां बट्टी हूंणु का प्रमाण ऊं सामर्थ का कामों अर चमत्कार का काम अर चिन्हों बट्टी प्रगट च, जु परमेश्वर ल तुमारा बीच वेका द्वारा कैरी के दिखै जै तैं तुम अफ ही जंणदा छा।
23
यु ही यीशु पिता परमेश्वर की ठैरैईं मनसा का अनुसार अर परमेश्वर का हूंण वला पूर्व ज्ञान का अनुसार पकड़वये गै छो अर तुम ल अधर्मियों का हथों ल वे तैं सूली पर चढ़ै कै मरवै दींनि।
24
पर वे तैं पिता परमेश्वर ल मृत्यु का बन्धनों बट्टी छुड़ै के ज्यूँदो कैरी किलैकि मृत्यु वे तैं अपड़ा वश मा रखु यु हवे ही नि सकदो छो।
25
किलैकि राजा दाऊद यीशु बारा मा इन बुल्द, ‘मि प्रभु तैं हमेशा अपड़ा संमणी दिख्दी रयूं किलैकि उ मेरी दैंणी तरपां च मि ऊं लुखुं से नि डरदु जु मि तैं नुकसान पौंछांण चंदींनि।
26
मि आनन्द से भुरे ग्यों अर बुल्दो छों, अर मेरू शहर भि आस मा बणयुं रालो।
27
किलैकि तू मि तैं मुर्दों मा नि रौंण दीलि अर अपड़ा पवित्र जन तैं अधोलोक मा सड़ण भि नि दीलि।
28
तिल मि तैं जीवन को बट्टो बतै अर तू मि तैं अपड़ी उपस्थिति मा रौंण से आनन्द बट्टी भोरि दीलि’
29
हे विश्वासी भयों, मि तुम मा कुलपिता राजा दाऊद का बारा मा तुम बट्टी साहस का दगड़ी बोल सकदु छों कि उ त मोरि गै अर दफनाये भि गै अर वेकी कब्र आज तक भि हमारा इख मौजूद च।
30
पर उ त परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो छो अर जंणदु छो कि पिता परमेश्वर ल सौं खै छै कि मि तेरु कुल बट्टी एक आदिम तैं तेरु सिहासन पर बैठौलु।
31
यु जांणि के भविष्य मा पिता परमेश्वर क्य कन जांणु च, राजा दाऊद ल यीशु मसीह का मुरदों मा बट्टी ज्यून्दा हूंणै की बात कैरी वेल बोलि, कि यीशु तैं न त अधोलोक मा छोड़ी जालो अर न पिता परमेश्वर वेकी देह तैं सड़ण दयालो।
32
परमेश्वर ल यु यीशु ज्यूँदो कैरी जैका हम सभि गवाह छा।
33
यु ही यीशु तैं परमेश्वर ल अपड़ी दैणी तरपां सबसे ऊंची जगह बैठै अर पिता ल जन वे बट्टी करार कैरी छै वे तैं पवित्र आत्मा दे अर वेल उ ही पवित्र आत्मा हम तैं दींनि जन कि आज तुम जु दिखणा अर सुचणा छा।
34
किलैकि राजा दाऊद त स्वर्ग पर नि चैड़ि उ अफी बुल्णु च कि ‘प्रभु परमेश्वर ल मेरा प्रभु बट्टी बोलि कि मेरा दैंणि तरपां बैठ
35
जब तक मि तेरु बैरियों तैं तेरु खुट्टों की चौकी का समान बणै द्यों’
36
इलै इस्राएलियों जांणि ल्या कि पिता परमेश्वर ल यु ही यीशु तैं जै तैं तुम ल सूली पर चड़ै प्रभु और मसीह द्वी वे ठैरे।”
37
जब ऊंल इन सूंणि त ऊंका मन बहुत दुखी गैनी अर उ पतरस तैं अर और प्रेरितों तैं पुछण लगि गैनी कि “हे विश्वासी भयों, अब इन बता कि हम ल क्य कन?”
38
पतरस ल ऊंकु बोलि “तुम मा बट्टी हरेक मन फिरावा अर अपड़ा पापों की माफी कु यीशु मसीह का नौं से बपतिस्मा ल्यावा ज्यां बट्टी तुम पवित्र आत्मा को दान पैल्या।
39
किलैकि य करार तुम कु अर तुम्हरी सन्तान कु अर ऊं सब दूर-दूर तक रौंण वला लुखुं कु भि च ऊं सभियूं कु जौं तैं हमारो परमेश्वर अफ मा बुलांदु।”
40
पतरस ल भौत सैरी बातों से भि गव्है दे-दे के यु बात बार-बार बोलि के उ बट्टी बिनती कैरी, कि अफ तैं ई टेढ़ी जाति बट्टी बचावा।
41
जु कुछ पतरस ल बोलि, जौनु भि वेका संदेश पर विश्वास कैरी ऊंल बपतिस्मा लये अर वे ही दिन करीब तीन हजार लोग ऊं दगड़ी मिली गैनी।
42
उ प्रेरितों बट्टी वचन की शिक्षा पांण मा अर संगति रखण मा उ प्रभु भोज मा सहभागी हूंदा छा अर विश्वासी एक दगड़ी अपड़ो खांणु खांदा छा अर पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना कन मा लौलीन रौंदा छा।
43
यरूशलेम शहर मा सभि लुखुं पर डौर अर हैरानी छै गै, अर भौत सा चमत्कार का काम और चिन्ह प्रेरितों का द्वारा प्रगट हूंदा छा।
44
अर सब विश्वासी लोग एक जगह मा कठ्ठा हूंदा छा अर ऊं की सभि चीज-बस्ति साझा मा छै।
45
उ अपड़ी सम्पति अर चिज्युं बिकै-बिकै के जन जै तैं जरूरत हूंदी छै उन ही सभियूं मा बांटि दींद छा।
46
उ हरेक दिन एक मन हवे के पिता परमेश्वर बट्टी यरूशलेम शहर का मन्दिर मा कट्ठा हूंद छा अर घौर-घौर मा प्रभु भोज लींदा छा अर सच्चा मन दगड़ी रै के खांणु खांदा छा।
47
अर पिता परमेश्वर की बढ़ै करदां छा अर सभि लोग ऊं बट्टी खुश छा अर प्रभु बचै जांणवला लुखुं तैं हरेक दिन मण्डलि मा मिलौंदु छो।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28